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दुर्गा पूजा पर बुनकरों को 5 करोड़ का ऑर्डर, भागलपुर की सिल्क साड़ियां बिखेरेंगी रौनक

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भागलपुर, 06 सितंबर: सिल्क नगरी भागलपुर के बुनकरों के लिए इस बार दुर्गा पूजा खुशियां लेकर आई है। विदेशी ऑर्डर फिलहाल ठप रहने के बीच देशभर के महानगरों से करीब 5 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने से बुनकरों में उत्साह है। कोलकाता, दिल्ली, मुंबई समेत कई शहरों से आई इस डिमांड ने बुनकरों को बड़ी राहत दी है।

जानकारी के अनुसार, कोलकाता से सबसे अधिक मांग मस्राइज कटवर्क साड़ियों और बाटिक प्रिंट साड़ियों की आई है। मस्राइज कटवर्क हल्की और आकर्षक साड़ियां होती हैं, जिनकी कीमत 1300 से 4000 रुपये तक रहती है। वहीं बाटिक प्रिंट साड़ियां 800 से 3000 रुपये तक बिकती हैं। खासकर दक्षिण भारत में मस्राइज कटवर्क और कोलकाता में बाटिक प्रिंट की डिमांड ज्यादा रहती है।

स्थानीय सिल्क कारोबारी संजीव कुमार ने बताया कि एक-एक बुनकर को 300 से अधिक साड़ियों का ऑर्डर मिला है। ऐसे में सभी बुनकर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं ताकि आने वाले 5 से 7 दिनों के भीतर समय पर ऑर्डर भेजा जा सके। उनका कहना है कि यह ऑर्डर बुनकरों के लिए आर्थिक संबल साबित होगा और सिल्क नगरी की पहचान को देशभर में और मजबूती देगा।

भागलपुर की सिल्क साड़ियों की खासियत यह है कि इनमें पारंपरिक बुनाई और आधुनिक डिजाइन का सुंदर मेल देखने को मिलता है। यही वजह है कि इनकी मांग हमेशा बनी रहती है। दुर्गा पूजा जैसे बड़े अवसर पर इन साड़ियों की बिक्री में इजाफा होना तय है।

भागलपुर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाई गई अनंत चतुर्दशी, भगवान विष्णु के अनंत रूप की हुई पूजा

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भागलपुर, 06 सितंबर: भागलपुर जिले में आज अनंत चतुर्दशी का पर्व पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही मंदिरों और घरों में भक्तों की भीड़ उमड़ी और श्रद्धालुओं ने स्नान-ध्यान कर भगवान विष्णु के अनंत रूप की पूजा-अर्चना की। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भाद्रपद मास की शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को अनंत चतुर्दशी या अनंत चौदस कहा जाता है। इस दिन भगवान श्रीहरि विष्णु की विशेष पूजा का विधान है।

अनंत चतुर्दशी का महत्व केवल भगवान विष्णु की पूजा से ही नहीं, बल्कि गणेशोत्सव से भी जुड़ा है। इसी दिन दस दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव का समापन होता है। भक्त भगवान विष्णु की आराधना कर अपने हाथों में 14 गांठों वाला ‘अनंत सूत्र’ या ‘रक्षासूत्र’ बांधते हैं। इसे धारण करना जीवन में सुख-शांति, समृद्धि और सभी कष्टों से मुक्ति का प्रतीक माना जाता है।

भागलपुर के विभिन्न मंदिरों में आज सुबह से ही पूजा-पाठ का सिलसिला चलता रहा। भक्तों ने व्रत रखकर पूरे विधि-विधान के साथ अनंत भगवान की पूजा की। शहर के पंडित अशोक झा ने बताया कि अनंत चतुर्दशी की पूजा में भगवान विष्णु के शेषनाग स्वरूप की आराधना की जाती है। उन्होंने कहा कि पूर्ण श्रद्धा और निष्ठा से इस व्रत को करने पर जीवन में आने वाली कठिनाइयाँ दूर होती हैं और परिवार में सुख-समृद्धि आती है।

अनंत सूत्र का विशेष महत्व इस पर्व को और भी खास बनाता है। पंडितों के अनुसार अनंत सूत्र में 14 गांठें होती हैं, जो जीवन के 14 लोकों और विष्णु के अनंत स्वरूप का प्रतीक मानी जाती हैं। इसे दाहिने हाथ में पुरुष और बाएं हाथ में महिलाएं धारण करती हैं।

पूरे जिले में धार्मिक आस्था और भक्ति का अद्भुत माहौल देखने को मिला। मंदिरों में भक्तों की कतारें लगीं और कई जगह भजन-कीर्तन तथा प्रसाद वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बताया कि इस दिन की पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और सभी विपत्तियाँ दूर हो जाती हैं।

अनंत चतुर्दशी का पर्व भागलपुर में आस्था और अध्यात्म का अनोखा संगम बना रहा। भक्तों ने पूरे उल्लास और भक्ति भाव से भगवान विष्णु का स्मरण कर अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

2 करोड़ की ठगी मामले में कहलगांव विधायक पवन यादव को हाईकोर्ट का नोटिस

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भागलपुर: कहलगांव से भाजपा विधायक पवन कुमार यादव मुश्किलों में घिरते नज़र आ रहे हैं। करीब दो करोड़ रुपये की कथित ठगी और धोखाधड़ी के मामले में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें नोटिस जारी किया है। यह मामला एक प्रोजेक्ट (कंस्ट्रक्शन कंपनी) से जुड़ा है, जिसके अधिकारियों द्वारा अदालत में याचिका दायर की गई थी।

मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि कहलगांव विधायक और उनके करीबी लोगों पर कंपनी से धोखाधड़ी करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। याचिकाकर्ता ने अपने बयान में कहा है कि विधायक और उनके प्रतिनिधियों ने परियोजना से जुड़े ठेकेदार से अनुचित आर्थिक लाभ उठाया।

बताया जा रहा है कि यह मामला 2017 का है, जब मुंगेर जिले में एक प्रोजेक्ट के काम के दौरान आर्थिक लेन-देन में गड़बड़ी हुई थी। कंपनी के अधिकारियों ने कहा कि विधायक के दबाव में अनुबंधित राशि का बड़ा हिस्सा हड़प लिया गया। इस संबंध में पहले मुंगेर की निचली अदालत ने आदेश पारित किया था, लेकिन हाईकोर्ट ने फिलहाल उस आदेश पर रोक लगा दी है और पूरे मामले की सुनवाई शुरू कर दी है।

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि विधायक पवन यादव समेत अन्य आरोपितों को इस मामले में जवाब देना होगा। याचिकाकर्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने यह माना कि मामला गंभीर प्रकृति का है और विस्तृत जांच की आवश्यकता है।

इस बीच, विधायक पवन यादव ने अपने ऊपर लगे आरोपों को बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि यह राजनीतिक साजिश का हिस्सा है और वे अदालत में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।

गौरतलब है कि चार सितंबर को पटना हाईकोर्ट ने इस मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक सुनवाई जारी रहेगी। अब अगले चरण की सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि विधायक पर लगे आरोप कितने मजबूत हैं और अदालत आगे क्या रुख अपनाती है।

इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा और उसके नेताओं की “दोहरी नीति” से जोड़ा है, वहीं समर्थक इसे पूरी तरह से राजनीतिक षड्यंत्र करार दे रहे हैं। फिलहाल, सभी की निगाहें आने वाली अदालत की तारीख पर टिकी हुई हैं।

जमुई पुलिस ने अवैध वसूली गिरोह का किया पर्दाफाश, 4 गिरफ्तार

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जमुई: बिहार पुलिस की सक्रियता और अपराध पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत जमुई जिले में बड़ी सफलता हाथ लगी है। गिद्धौर थाना क्षेत्र में सक्रिय एक अवैध वसूली गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए 4 अपराधियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक विधि-विरुद्ध बालक को निरुद्ध किया गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक जमुई को शुक्रवार सुबह लगभग 4:30 बजे गुप्त सूचना मिली कि गिद्धौर थाना क्षेत्र में कुछ युवक ट्रक चालकों से डरा-धमका कर अवैध वसूली कर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की और गिरोह के सदस्यों को दबोच लिया।

पूछताछ में यह बात सामने आई कि आरोपी मारुति कार पर फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर (BR01PM3588) लगाकर रात के अंधेरे में ट्रक चालकों को रोककर उनसे जबरन वसूली करते थे। पुलिस ने छापेमारी के दौरान अपराधियों के पास से 5 मोबाइल फोन, एक मारुति सुजुकी एक्सएल 6 कार, सोने की चेन और अंगूठी भी बरामद की है।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ पूर्व से ही कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और इनके नेटवर्क की भी जांच में जुटी है।

इस कार्रवाई से जमुई पुलिस ने एक बार फिर स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर सख्ती से अमल किया जा रहा है। लगातार निगरानी और त्वरित कार्रवाई के कारण ट्रक चालकों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

गोराडीह प्रखंड में शिक्षक दिवस पर शिक्षकों का सम्मान और वृक्षारोपण कार्यक्रम

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भागलपुर, 5 सितंबर। शिक्षक दिवस के अवसर पर गोराडीह प्रखंड कार्यालय परिसर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) गोराडीह ने किया। इस दौरान भारत के महान शिक्षाविद् एवं देश के द्वितीय राष्ट्रपति डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को श्रद्धांजलि दी गई। उनके चित्र पर बीडीओ द्वारा माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि हासिल करने वाले आठ शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों के योगदान को न केवल विद्यार्थियों बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया गया। सम्मानित शिक्षकों ने भी इस अवसर पर अपने विचार साझा किए और विद्यार्थियों को शिक्षा को जीवन का आधार मानने की प्रेरणा दी।

इस मौके पर प्रखंड कार्यालय परिसर में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। बीडीओ ने कहा कि शिक्षा और पर्यावरण, दोनों ही समाज के भविष्य को सुरक्षित बनाने में समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। शिक्षक जहाँ ज्ञान और संस्कार देकर समाज को दिशा दिखाते हैं, वहीं वृक्षारोपण जीवन को सुरक्षित रखने का संदेश देता है।

शिक्षक दिवस के इस अवसर पर प्रखंड स्तर पर आयोजित कार्यक्रम ने न केवल शिक्षकों के योगदान को सम्मानित किया बल्कि नई पीढ़ी को शिक्षा और पर्यावरण संरक्षण का महत्व भी समझाया। कार्यक्रम में प्रखंड के अधिकारी, कर्मचारी और स्थानीय लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

बिहार में महिलाओं की आर्थिक आज़ादी की नई पहल: 7 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना

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पटना: बिहार में महिलाओं को आत्मनिर्भर और उद्यमी बनाने की दिशा में एक नई पहल की जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 7 सितंबर को मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना की औपचारिक शुरुआत करेंगे। इसके तहत न सिर्फ महिलाओं को आर्थिक सहयोग दिया जाएगा, बल्कि उन्हें रोजगार शुरू करने और विस्तार करने के अवसर भी मिलेंगे।

योजना का उद्देश्य

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के प्रत्येक परिवार की एक महिला को स्वरोजगार से जोड़ना है। सरकार का मानना है कि जब महिलाएँ आर्थिक रूप से सशक्त होंगी, तो समाज और राज्य दोनों का विकास सुनिश्चित होगा।

योजना के तहत हर पात्र महिला को पहली किस्त के रूप में 10,000 रुपये सीधे उनके खाते में भेजे जाएंगे। इसके बाद रोजगार शुरू करने पर उन्हें 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त सहयोग भी उपलब्ध कराया जाएगा।

आवेदन प्रक्रिया और कार्यान्वयन

योजना के क्रियान्वयन की ज़िम्मेदारी ग्रामीण विकास विभाग को सौंपी गई है। 7 सितंबर से ग्राम संगठन स्तर पर आवेदन की प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं, नगर निकाय क्षेत्रों की महिलाओं के लिए एक विशेष वेब पोर्टल लॉन्च किया जाएगा, ताकि शहरी क्षेत्रों की महिलाएँ भी आसानी से आवेदन कर सकें।

जीविका मॉडल की सफलता

मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि बिहार सरकार ने वर्ष 2006 में “जीविका” मॉडल की शुरुआत की थी। आज इसकी सफलता पूरे देश में मिसाल बनी हुई है। वर्तमान में राज्य में 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित हो चुके हैं, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख से अधिक महिलाएँ जुड़ी हुई हैं।

इन समूहों ने महिलाओं को संगठित कर स्वरोजगार की दिशा में प्रेरित किया है। बैंकिंग सेवाओं से जुड़ने और उद्यमिता अपनाने की वजह से आज 38 लाख से अधिक महिलाएँ लखपति दीदी के रूप में अपनी पहचान बना चुकी हैं।

महिलाओं की भागीदारी और अपेक्षाएँ

हाल ही में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में 60 हजार से अधिक गाँवों की 1 करोड़ 55 लाख महिलाएँ शामिल हुईं। इस संवाद में महिलाओं ने सरकार की योजनाओं पर संतोष जताया, साथ ही रोजगार के अवसर और ऋण पर ब्याज दर घटाने की अपेक्षा भी रखी। राज्य सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए ब्याज दर में कमी की घोषणा पहले ही कर दी थी।

अब नई योजना के माध्यम से महिलाओं को और अधिक सहयोग मिलेगा, जिससे वे छोटे-बड़े स्तर पर स्वरोजगार कर सकेंगी और अपने परिवार की आमदनी बढ़ा सकेंगी।

आत्मनिर्भर बिहार की दिशा में बड़ा कदम

इस योजना से लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ होगा। रोजगार शुरू करने से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में नए अवसर पैदा होंगे, पलायन की समस्या कम होगी और स्थानीय स्तर पर ही आय के स्रोत उपलब्ध होंगे।

ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री हमेशा से महिलाओं को विकास का केंद्र मानते रहे हैं। “सशक्त महिला, समृद्ध बिहार” की परिकल्पना इसी सोच का परिणाम है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना से राज्य की महिलाएँ आर्थिक स्वतंत्रता की ओर बढ़ेंगी और बिहार आत्मनिर्भरता की दिशा में और मजबूत कदम बढ़ाएगा।

बिहार में स्वास्थ्य क्रांति: हर ज़िले में खुलेगा मेडिकल कॉलेज, कुल संख्या पहुँचेगी 42

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पटना: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार सरकार ने स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाया है। मंत्रिमंडल ने हाल ही में सात नए सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने की मंजूरी दी है। इसके साथ ही सरकार ने राज्य के प्रत्येक ज़िले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के अपने वादे को पूरा कर लिया है।

सात नए मेडिकल कॉलेजों की मंजूरी

कैबिनेट द्वारा जिन सात मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति मिली है, वे किशनगंज, कटिहार, रोहतास, शिवहर, लखीसराय, अरवल और शेखपुरा में स्थापित किए जाएंगे। इन कॉलेजों के चालू होने के बाद बिहार के हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल उपलब्ध होगा, जिससे चिकित्सा शिक्षा के साथ-साथ स्थानीय लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ भी मिल सकेंगी।

वर्तमान स्थिति

इस समय बिहार में 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल कार्यरत हैं। इनमें पटना के पीएमसीएच, एनएमसीएच, आईजीआईएमएस, ईएसआईसी (बिहटा) और एम्स प्रमुख हैं। अन्य बड़े कॉलेजों में दरभंगा का डीएमसीएच, गया का एएनएमएमसीएच, भागलपुर का जेएलएनएमसीएच, मुज़फ्फरपुर का एसकेएमसीएच, बेतिया, मधेपुरा, पूर्णिया, नालंदा, समस्तीपुर और सारण के सरकारी मेडिकल कॉलेज शामिल हैं।

इसके अलावा केंद्र सरकार द्वारा संचालित एम्स पटना और ईएसआईसी बिहटा जैसे संस्थान भी कार्यरत हैं। कुल मिलाकर राज्य में फिलहाल 15 मेडिकल कॉलेज काम कर रहे हैं।

निर्माणाधीन कॉलेज और भविष्य की योजना

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, राज्य के विभिन्न जिलों में 20 मेडिकल कॉलेज निर्माणाधीन हैं। इनमें जमुई, बक्सर, सीवान, आरा, वैशाली, बेगूसराय, मधुबनी, सीतामढ़ी, सुपौल, मुंगेर और दरभंगा का दूसरा एम्स प्रमुख हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नवंबर 2024 में दरभंगा में एम्स की आधारशिला रखी थी।

जब ये 20 निर्माणाधीन कॉलेज और हाल ही में घोषित सात नए कॉलेज चालू हो जाएंगे, तो राज्य में मेडिकल कॉलेजों की कुल संख्या बढ़कर 42 हो जाएगी। यह संख्या 2005 में मात्र छह थी, जब नीतीश कुमार ने पहली बार मुख्यमंत्री पद संभाला था।

निजी मेडिकल कॉलेज और उन्नयन की योजनाएँ

राज्य में सरकारी मेडिकल कॉलेजों के साथ-साथ नौ निजी मेडिकल कॉलेज भी कार्यरत हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुँच और मज़बूत हुई है। इसके अलावा सरकार ने पुराने छह मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड करने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है।

सबसे बड़े प्रोजेक्ट के तहत पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) का पुनर्विकास किया जा रहा है। लगभग 5540 करोड़ रुपये की लागत से इसे 5462 बिस्तरों वाला अत्याधुनिक अस्पताल बनाया जा रहा है। इस वर्ष मई में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पीएमसीएच के 1117 बिस्तरों वाले नवनिर्मित ट्विन टावर का उद्घाटन किया। पूरी योजना मार्च 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सा शिक्षा की तस्वीर बदल देगा। ग्रामीण इलाकों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचेंगी और छात्रों को राज्य में ही डॉक्टर बनने का अवसर मिलेगा।

नीतीश कुमार ने कई बार कहा है कि उनकी सरकार का लक्ष्य हर ज़िले में एक मेडिकल कॉलेज खोलने का है। अब यह सपना साकार होने की ओर है, जिससे बिहार देश के स्वास्थ्य मानचित्र पर एक नई पहचान बनाएगा।

राजगीर राज्य खेल अकादमी को मिलेगी एशियाई हॉकी महासंघ की मान्यता, अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ भी करेगा समर्थन

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Patna: बिहार के लिए खेल जगत से एक बड़ी उपलब्धि सामने आई है। पाटलिपुत्र खेल परिसर, पटना में आयोजित विचार गोष्ठी “ग्रासरूट टू ग्लोरी – ऑल अबाउट हॉकी” में अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ (FIH) के अध्यक्ष डॉ. तैयब एकराम ने घोषणा की कि राज्य खेल अकादमी राजगीर को एशियाई हॉकी महासंघ मान्यता देगा और अंतर्राष्ट्रीय हॉकी महासंघ इसका समर्थन करेगा। यह घोषणा बिहार ही नहीं, पूरे देश के लिए गौरव का क्षण है।

कार्यक्रम का आयोजन खेल विभाग और बिहार राज्य खेल प्राधिकरण की ओर से किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने की। इसमें महिला हॉकी के विकास, खेल विज्ञान व तकनीकी की भूमिका, प्रशिक्षकों की महत्ता, बुनियादी स्तर पर मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र और हॉकी के पुनरुद्धार में सरकारों की भूमिका जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए।

डॉ. तैयब एकराम ने इस अवसर पर कहा कि भारत और एशिया में प्रशिक्षकों की कोई कमी नहीं है, लेकिन जरूरी है कि उनकी पहचान कर उन्हें आर्थिक सहयोग और अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिभा खोज की पहल सराहनीय है, लेकिन केवल ग्रासरूट से टॉप तक ही नहीं बल्कि टॉप से नीचे तक सोच और खेल दर्शन में बदलाव की आवश्यकता है, तभी वास्तविक प्रतिभाएं सामने आएंगी।

बिहार सरकार की खेल नीतियों की सराहना

श्री रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि बिहार सरकार खिलाड़ियों के सर्वांगीण विकास को लेकर प्रतिबद्ध है। यही कारण है कि आज बिहार खेल के क्षेत्र में नई ऊँचाइयाँ छू रहा है। सरकार द्वारा खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी, पुरस्कार और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा प्रेरणा योजना के तहत युवा खिलाड़ियों को खेल किट, पोषण और प्रशिक्षण खर्च के लिए तीन लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। उन्होंने बताया कि इस बार हीरो एशिया कप में कई बच्चे बॉल बॉय और बॉल गर्ल्स के रूप में शामिल हैं, और आने वाले समय में यही बच्चे भारत का नेतृत्व भी कर सकते हैं।

महिला हॉकी पर जोर

भारतीय महिला टीम की पूर्व खिलाड़ी प्रीतम रानी ने युवा खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने ग्रासरूट स्तर पर काम करने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया।

हॉकी इंडिया महासचिव का संदेश

हॉकी इंडिया के महासचिव भोला नाथ सिंह ने कहा कि यह पहली बार है जब किसी अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंट के दौरान इस तरह का कॉनक्लेव आयोजित किया गया। उन्होंने खिलाड़ियों को संदेश देते हुए कहा कि सच्चे मन और मेहनत के साथ खेलें, तभी सफलता संभव है।

हीरो एशिया कप की पृष्ठभूमि

ज्ञात हो कि हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर खेल परिसर में पहली बार किया जा रहा है। आज अवकाश होने के कारण कोई मैच नहीं था, इसलिए इस अवसर पर यह विचार गोष्ठी आयोजित की गई।

राजगीर खेल अकादमी को मिलने वाली अंतर्राष्ट्रीय मान्यता न केवल बिहार बल्कि पूरे देश के लिए गौरव का विषय है। यह पहल निश्चित रूप से बिहार में हॉकी और अन्य खेलों के विकास को नई दिशा देगी।

महज 5 घंटे में पुलिस ने किया बड़ा खुलासा, नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को किया गिरफ्तार

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Bhagalpur News: भागलपुर ज़िले के गोपालपुर थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मानसिक रूप से अस्वस्थ नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म किया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सक्रियता और तत्परता का परिचय देते हुए महज 5 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

पीड़िता की मां ने गोपालपुर थाना में दर्ज कराई गई शिकायत में बताया कि उनकी नाबालिग पुत्री घर में अकेली थी। इसी दौरान पड़ोसी बादल कुमार (पिता–अरुण मंडल, साकिन–अम्हिया बाजार, थाना–गोपालपुर, जिला–भागलपुर) ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

पुलिस ने मामला संज्ञान में लेते हुए गोपालपुर थाना कांड संख्या–276/25 दर्ज किया। इस मामले में धारा 65(1) बीएनएस और 4/6 पॉक्सो एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नवगछिया ने एक विशेष टीम गठित की और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी का निर्देश दिया।

टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सघन छापेमारी अभियान चलाया और मात्र 5 घंटे के भीतर आरोपी बादल कुमार को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने अपने अपराध को स्वीकार भी कर लिया है।

वहीं, पीड़िता को चिकित्सीय जांच के लिए भेजा गया है और धारा–183 बीएनएसएस के तहत आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष और तेज़ जांच सुनिश्चित की जाएगी।

इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। स्थानीय लोग गुस्से में हैं और दोषी को कठोर सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं। आमतौर पर ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर सवाल उठते हैं, लेकिन इस बार गोपालपुर थाना क्षेत्र की पुलिस ने अपनी फुर्ती से भरोसा कायम किया है।

फिलहाल आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है और कोर्ट से उसे कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया जारी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि किसी भी हाल में पीड़िता और उसके परिवार को न्याय दिलाया जाएगा।

जिलाधिकारी ने ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ अंतर्गत कार्यशाला का किया शुभारंभ

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भागलपुर: भागलपुर जिला में आदि कर्मयोगी अभियान के अंतर्गत आयोजित जिला स्तरीय कार्यशाला का शुभारंभ जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने तप्त सुधा होटल में दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह और सहायक समाहर्ता जतिन कुमार ने भी सहयोग किया।

जिलाधिकारी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस अभियान को केवल कागजों पर नहीं, बल्कि जमीन पर उतारने की आवश्यकता है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जनजातीय समुदाय के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे।

आदि कर्मयोगी अभियान, जनजातीय कार्य मंत्रालय, भारत सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। इसका लक्ष्य है—

  • समुदाय आधारित नियोजन
  • संस्थागत क्षमता निर्माण
  • बहुस्तरीय प्रशिक्षण
  • विभिन्न विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर जनजातीय क्षेत्रों का समग्र विकास

इस अभियान के तहत स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, ग्रामीण विकास, वन, पंचायती राज और पेयजल एवं स्वच्छता जैसे आठ विभागों को नोडल बनाया गया है। इन विभागों के माध्यम से जनजातीय समुदाय को योजनाओं से लाभान्वित करने की कार्ययोजना बनाई गई है।

जिलाधिकारी ने कहा कि ग्राम और पंचायत स्तर पर विभागीय कर्मचारियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि योजनाओं का क्रियान्वयन जनजातीय रीति-रिवाजों और सांस्कृतिक वास्तविकताओं के अनुरूप हो। इसके लिए स्थानीय संगठनों, युवाओं और नागरिक समाज का सहयोग भी लिया जाएगा।

अभियान का अंतिम लक्ष्य है—

  • प्रखंड एवं ग्राम स्तर पर उत्तरदायी शासन समूहों का गठन
  • प्रत्येक जनजातीय ग्राम में सरकारी योजनाओं की उपलब्धता और पारदर्शिता
  • शिकायत निवारण के लिए मजबूत तंत्र की स्थापना

भागलपुर जिला में इस अभियान के तहत पीरपैंती, कहलगांव और सन्हौला प्रखंड के 62 जनजातीय बाहुल्य गांवों को शामिल किया गया है। जिला स्तरीय कार्यशाला के बाद प्रखंड और ग्राम स्तरीय कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा।

इसके लिए BMTs (प्रखंड स्तरीय मास्टर प्रशिक्षक) को प्रशिक्षित कर 15 सितंबर 2025 से पहले प्रत्येक गांव में कार्यशालाएं आयोजित करने का निर्देश दिया गया है। कार्यशालाओं के बाद Village Action Plan तैयार होगा, जिसे संबंधित विभाग समयबद्ध तरीके से लागू करेंगे।

अभियान का उद्देश्य 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में जनजातीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना है।