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भीखनपुर में रेलवे अंडरपास निर्माण पर बवाल, ग्रामीणों का विरोध तेज, सांसद अजय मंडल पहुंचे मौके पर

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के भीखनपुर इलाके में रेलवे गुमटी नंबर एक पर बनाए जा रहे अंडरपास को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों ने अंडरपास के मौजूदा डिजाइन पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा है कि रेलवे द्वारा तैयार की गई योजना पूरी तरह गलत है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस डिजाइन पर ही काम आगे बढ़ाया गया तो करीब दो हजार से अधिक लोगों की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होगी। लोगों को न केवल आने-जाने में परेशानी होगी बल्कि उनके घरों और दुकानों के अस्तित्व पर भी संकट मंडरा जाएगा।

ग्रामीणों ने इस मुद्दे पर भीखनपुर बचाओ संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलन शुरू कर दिया है। मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटकर विरोध दर्ज करा रहे हैं। इसी बीच आज भागलपुर के सांसद अजय मंडल भी विरोध स्थल पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और आपत्तियों को सुना। सांसद ने मालदा डीआरएम से मोबाइल पर बात की और इस पूरे मामले की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि रेलवे के मौजूदा डिजाइन में खामियां हैं और इसमें बदलाव होना चाहिए ताकि जनता की परेशानी कम हो।

सांसद अजय मंडल ने कहा कि अंडरपास का निर्माण जनता की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखकर होना चाहिए। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे स्थानीय लोगों के सुझावों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन में जरूरी सुधार करें।

आपको बता दें कि हाल ही में पूर्वी रेलवे ने इस इलाके को अतिक्रमण मुक्त कराया था, जिसके बाद अंडरपास निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है। लेकिन मौजूदा विवाद ने निर्माण कार्य पर सवाल खड़ा कर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वे विकास कार्य के विरोधी नहीं हैं, लेकिन किसी भी कीमत पर अपनी रोजमर्रा की जिंदगी और सुरक्षा से समझौता नहीं करेंगे। अब देखना यह होगा कि रेलवे ग्रामीणों की मांगों पर कितना अमल करता है और अंडरपास निर्माण की दिशा किस रूप में आगे बढ़ती है।

बिहार में शराबबंदी की खुली पोल, कचरे के ढेर पर लुढ़का मिला शराबी

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भागलपुर, 18 सितंबर:  बिहार में 2016 से लागू पूर्ण शराबबंदी एक बार फिर सवालों के घेरे में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर लागू हुई शराबबंदी का उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाना था, लेकिन हकीकत अलग ही तस्वीर बयां कर रही है। ताज़ा मामला भागलपुर जिले से सामने आया है, जहां एक शराबी शराब के नशे में कचरे के ढेर पर लुढ़का मिला।

मिली जानकारी के अनुसार, वीडियो में दिख रहा शख्स भवानीपुर थाना क्षेत्र के मधुरापुर निवासी विपिन पोद्दार है। वीडियो में साफ दिख रहा है कि वह पूरी तरह से नशे की हालत में है और कचरे के ढेर पर गिरा हुआ है। इतना ही नहीं, उसने खुद शराब पीने की पुष्टि भी की है। यह दृश्य न केवल शराबबंदी की सफलता पर सवाल खड़े करता है बल्कि शराब की उपलब्धता और उसकी खपत को भी उजागर करता है।

बिहार में शराबबंदी कानून के तहत न तो शराब पीने की अनुमति है और न ही बेचने की, ऐसा करने पर कड़ी कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके बावजूद, आए दिन शराबबंदी की धज्जियां उड़ाती घटनाएं सामने आती रहती हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसे मामले यह दर्शाते हैं कि शराब की सप्लाई चेन अब भी सक्रिय है और प्रशासन इसे रोकने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाया है। लोगों का सवाल है कि जब शराब पर पूर्ण प्रतिबंध है, तो आखिर यह शराबी शराब कैसे पी रहा है और किस चैनल से शराब की आपूर्ति हो रही है।

भागलपुर की यह घटना एक बार फिर बिहार सरकार की शराबबंदी नीति पर बहस को जन्म देती है। यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कानून के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।

भागलपुर में दिव्यांगजन खेल प्रतियोगिता, खिलाड़ियों ने दिखाया जज्बा और हुनर

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भागलपुर, 18 सितंबर: भागलपुर के सैंडिश कंपाउंड मैदान में आज जिला स्तरीय राष्ट्रव्यापी दिव्यांगजन खेल प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। इस प्रतियोगिता में भागलपुर जिले से करीब 150 और बांका जिले से 50 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। मैदान में उतरे इन खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा और जज्बे से न केवल खेल का प्रदर्शन किया बल्कि यह भी साबित कर दिया कि दिव्यांगता उनके आत्मविश्वास और सपनों के सामने कोई बाधा नहीं है।

प्रतियोगिता की शुरुआत सुबह से ही उत्साहपूर्ण माहौल में हुई। दर्शकों और अधिकारियों की मौजूदगी में दिव्यांग खिलाड़ियों ने ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स से लेकर विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया। खिलाड़ियों की लगन और मेहनत देखकर उपस्थित सभी लोग प्रभावित हुए।

इस अवसर पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार और जिला खेल पदाधिकारी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन दिव्यांग खिलाड़ियों के आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं और उन्हें राज्य व राष्ट्रीय स्तर तक अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं। अधिकारियों ने यह भी आश्वासन दिया कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान कर उन्हें आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहयोग दिया जाएगा।

कार्यक्रम में उपस्थित दर्शकों और अभिभावकों ने भी दिव्यांग खिलाड़ियों के जज्बे को सराहा। मैदान में उनकी खेल भावना और जीतने की चाह देखकर हर कोई भावुक हो उठा। प्रतियोगिता केवल खेल तक सीमित नहीं रही बल्कि यह समाज को एक बड़ा संदेश देने का मंच भी बनी। संदेश यह कि दिव्यांगजन किसी से कम नहीं हैं और सही अवसर मिलने पर वे भी हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

भागलपुर में विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू, डीएम ने स्ट्रांग रूम का किया निरीक्षण

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भागलपुर, 18 सितंबर:  बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में चुनाव संबंधी कार्यों की शुरुआत हो गई है। इसी क्रम में आज भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने अधिकारियों के साथ जीरो माइल स्थित महिला आईटीआई कॉलेज का निरीक्षण किया। यही वह स्थान है जहां चुनाव के दौरान स्ट्रांग रूम बनाया जाता है।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने कॉलेज परिसर का बारीकी से जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को स्ट्रांग रूम की सुरक्षा, निगरानी व्यवस्था और आवागमन की सुविधा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि स्ट्रांग रूम तक पहुंचने का मार्ग पूरी तरह सुरक्षित और सुगम होना चाहिए ताकि मतपेटियों की आवाजाही में किसी प्रकार की बाधा न आए।

इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों से यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरों की व्यवस्था, पर्याप्त बिजली आपूर्ति और सुरक्षा बलों की तैनाती की स्पष्ट योजना बनाई जाए। उन्होंने साफ निर्देश दिया कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

निरीक्षण के दौरान एसडीएम विकास कुमार सहित निर्वाचन कार्य से जुड़े अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। जिलाधिकारी ने सभी को जिम्मेदारी के साथ चुनावी कार्यों को समय पर पूरा करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव लोकतंत्र का सबसे बड़ा पर्व है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

डीएम ने यह भी बताया कि आने वाले दिनों में प्रशासनिक स्तर पर लगातार बैठकें होंगी और प्रत्येक प्रखंड स्तर पर चुनावी तैयारियों की समीक्षा की जाएगी। उन्होंने भरोसा जताया कि भागलपुर में चुनाव शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न होंगे।

डिलीवरी के बाद महिला की मौत, परिजनों ने लगाया डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप

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खगड़िया, 18 सितंबर: खगड़िया जिले के अलौली थाना क्षेत्र अंतर्गत सनोखर वार्ड नंबर 1 में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। 38 वर्षीय रवीना देवी, पत्नी सुशील कुमार की डिलीवरी के बाद मौत हो गई। इस घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और डॉक्टरों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है।

परिजनों के मुताबिक, 15 सितंबर को रवीना देवी को अचानक लेबर पेन हुआ, जिसके बाद उन्हें परिजन तत्काल अलौली सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर उनकी डिलीवरी कराई गई। डिलीवरी के बाद महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती चली गई। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें खगड़िया सदर अस्पताल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि मृतका ने एक पुत्र को जन्म दिया है। इसके पहले से ही उसके चार पुत्र हैं, जिनमें सबसे बड़ा बेटा महज आठ वर्ष का है। इस दर्दनाक घटना से पूरा परिवार सदमे में है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर भेजा गया है।

रवीना देवी की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बच्चा होने के बाद जब उनकी बेटी की हालत गंभीर थी, तब डॉक्टरों ने केवल पानी की बोतल चढ़ाई। समय रहते सही इलाज नहीं किया गया, जिसकी वजह से उसकी जान चली गई। परिजनों ने साफ कहा है कि यह मौत चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही का परिणाम है।

घटना के बाद ग्रामीणों और मृतका के परिजनों में आक्रोश है। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, अस्पताल प्रबंधन ने मामले पर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

भागलपुर साइबर थाना की बड़ी कारवाई: नकली सर्टिफिकेट बनाने वाले कैफे का भंडाफोड़, छह गिरफ्तार

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भागलपुर, 17 सितंबर: भागलपुर साइबर थाना ने घंटाघर चौक के पास स्थित चंद्रलोक कॉम्प्लेक्स में संचालित एक साइबर कैफे में नकली शैक्षणिक प्रमाणपत्र बनाकर बेचने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस को 16 सितंबर को सूचना मिली कि उस कैफे में कंप्यूटर के माध्यम से जाली प्रमाणपत्र तैयार किए जा रहे हैं। त्वरित जांच और छापेमारी में कुल छह लोगों को गिरफ्तार कर कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व जाली दस्तावेज बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक सूचना के बाद एक वरिष्ठ अधिकारी ने सादे कपड़ों में भेजे गए एंट्री पर कैमरा सहित छानबीन की व्यवस्था की। जांच के दौरान कैफे संचालक ने आम ग्राहक बनकर आए अधिकारी को तुरंत जालि प्रमाणपत्र तैयार कर दिए और इसके एवज में 500 रुपये शुल्क लिया। इस पर विशेष टीमें गठित कर वीडियो ग्राफी सहित तलाशी अभियान चलाया गया।

तलाशी के दौरान पुलिस ने विभिन्न विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों के 29 नकली प्रमाणपत्र, 15 विश्वविद्यालय मोहर, 6 CPU, 3 लैपटॉप, 7 मॉनिटर तथा नकद राशि ₹40,700 बरामद की। बरामद सामग्री से स्पष्ट हुआ कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर जालसाज़ी कर रहा था और कई अभ्यर्थियों को गलत दस्तावेज दे चुका था। घटना के संबंध में साइबर थाना में कांड संख्या 80/25 दर्ज की गई है।

पुलिस ने बताया कि छापेमारी और गिरफ्तारी विशेष छापेमारी दल के निर्देशन में नगर पुलिस अधीक्षक व पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में की गई। कार्रवाई में साइबर थाना के पदाधिकारियों व सशस्त्र बल की टीम शामिल थी। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने गैरकानूनी दस्तावेज बनाने की भूमिका स्वीकार की है, जबकि मामले की आगे की जांच जारी है।

पुलिस उपाधीक्षक (साइबर) ने कहा, “हम शैक्षणिक मानकों और प्रमाणिकता से समझौता करने वाले किसी भी गिरोह को बर्दाश्त नहीं करेंगे। फर्जी दस्तावेज बनवाने व उपयोग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह के संदिग्ध सौदे या नकली दस्तावेज बनाने वालों की जानकारी तुरंत साइबर थाना को दें।

इस कार्रवाई में गिरफ्तार लोगों के नाम और अन्य विवरण प्राथमिकी में दर्ज हैं और आगे की कानूनी प्रक्रिया के अनुसार पेश किए जा रहे हैं। पुलिस ने बताया कि बरामद प्रमाण-पत्रों की जांच संबंधित विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों से कराई जा रही है ताकि यह पता चल सके कि कितने अभ्यर्थियों को जालसाजी के जरिए लाभ पहुंचाया गया।

धधकती आग में राख हुई एम्बुलेंस, ग्रामीणों की बहादुरी से बचीं जानें – हादसे ने खोली ग्रामीण सड़कों की पोल

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भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत इस्माइलपुर थाना क्षेत्र के भिट्ठा गांव में बुधवार की देर रात एक बड़ा हादसा टल गया। जर्जर ग्रामीण सड़क पर हुए इस हादसे ने न सिर्फ सरकारी व्यवस्था की हकीकत सामने ला दी, बल्कि यह भी दिखाया कि ग्रामीणों की तत्परता और साहस किस तरह कई जिंदगियों को बचा सकता है।

जानकारी के मुताबिक, भिट्ठा गांव से नवगछिया की ओर जा रही एम्बुलेंस में बाइक दुर्घटना के घायल युवक को लेकर जेएलएनएमसीएच भागलपुर ले जाया जा रहा था। रास्ते में एम्बुलेंस सड़क पर बने गहरे गड्ढे में फंस गई और अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। पलटते ही वाहन में शॉर्ट सर्किट हुआ और देखते ही देखते एम्बुलेंस धधकती आग की लपटों में घिर गई। कुछ ही मिनटों में वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गया।

मौके पर हालात अफरातफरी भरे थे। एम्बुलेंस में फंसे चालक और घायल युवकों की स्थिति गंभीर हो गई थी। ऐसे वक्त में वहां मौजूद ग्रामीणों ने अदम्य साहस दिखाते हुए जलती हुई गाड़ी से सभी को बाहर निकाल लिया। ग्रामीणों की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ा जनहानि का खतरा टल गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और अग्निशमन विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन तब तक एम्बुलेंस राख में तब्दील हो चुकी थी।

इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण सड़कों की बदहाली को उजागर कर दिया है। भिट्ठा गांव से नवगछिया को जोड़ने वाली यह सड़क लंबे समय से जर्जर है। लोगों का कहना है कि आए दिन इन टूटी-फूटी सड़कों और गड्ढों की वजह से हादसे हो रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी मौसम आते ही विकास के वादे तो किए जाते हैं, लेकिन गांव की सड़कें अब भी मौत का सबब बनी हुई हैं।

ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस सड़क की तत्काल मरम्मत कराई जाए ताकि भविष्य में ऐसे हादसे दोबारा न हों। उनका कहना है कि अगर उस रात ग्रामीण साहस नहीं दिखाते तो यह हादसा कई परिवारों के लिए असहनीय त्रासदी साबित हो सकता था।

भागलपुर में सड़क हादसा: ठेला चलाकर परिवार पालने वाले बासुकी ठाकुर की मौत, गांव में छाया मातम

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कजरैली थाना क्षेत्र के सलेमपुर गांव के पास गुरुवार की सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। हादसा इतना भीषण था कि गांव के मेहनतकश परिवार का सहारा छिन गया। घटना के बाद से गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है।

जानकारी के अनुसार सुबह के समय एक तेज रफ्तार ट्रक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से जोरदार टक्कर मार दिया। हादसे में कजरैली गांव निवासी बासुकी ठाकुर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने उन्हें तुरंत मायागंज अस्पताल भागलपुर भेजा, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

जैसे ही यह खबर गांव में पहुंची, परिजनों और परिचितों के बीच कोहराम मच गया। मृतक के परिजन बिलख-बिलख कर रो रहे थे। गांव के लोग भी इस दर्दनाक घटना से गमगीन हो उठे।

बताया जाता है कि बासुकी ठाकुर मेहनत-मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। वे कजरैली बाजार में ठेले पर छोले-भटूरे बेचकर परिवार का पेट पालते थे। उनकी अचानक हुई मौत से परिवार की आर्थिक स्थिति पर बड़ा संकट खड़ा हो गया है। परिजनों का कहना है कि बासुकी ही घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य थे। अब उनके जाने से बच्चों और पत्नी के भविष्य पर गहरी चिंता छा गई है।

स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा और सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क पर लगातार तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाने के कारण ऐसे हादसे बढ़ रहे हैं। वे क्षेत्र में सड़क सुरक्षा को लेकर कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

गांव के लोगों ने बासुकी ठाकुर को ईमानदार और मेहनती इंसान बताया। उनके अनुसार बासुकी हमेशा परिवार और समाज की मदद के लिए तैयार रहते थे। उनकी असमय मौत ने सभी को गहरे सदमे में डाल दिया है।

फिलहाल पुलिस ने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश में छापेमारी की जा रही है। प्रशासनिक स्तर पर भी पीड़ित परिवार को राहत देने पर विचार किया जा रहा है।

विश्व बांस दिवस पर समस्तीपुर की कुमारी किरण द्वारा बांस शिल्प प्रदर्शनी का आयोजन

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पटना। भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद, क्षेत्रीय कार्यालय पटना और भारतीय डाक, बिहार सर्किल के संयुक्त प्रयास से पहली बार 18 सितंबर 2025 को विश्व बांस दिवस मनाया जाएगा। इस अवसर पर समस्तीपुर की बांस शिल्प कलाकार  कुमारी किरण द्वारा बांस से निर्मित हस्तशिल्प उत्पादों और कलाकृतियों की विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। प्रदर्शनी 18 से 25 सितंबर तक प्रधान डाकघर, पटना (जीपीओ) में लगी रहेगी।

कुमारी किरण की कला में बिहार की परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम देखने को मिलता है। उनके शिल्प में फूलों, ज्यामितीय आकृतियों और स्थानीय सांस्कृतिक प्रतीकों का समावेश है। प्रदर्शनी में बांस से बने लैंपशेड, बैग और अन्य पारंपरिक व नए उत्पादों को आम लोगों के लिए प्रस्तुत किया गया।

इस अवसर पर मुख्य उद्घाटन मुख्य पोस्ट मास्टर जनरल श्री मौजफ्फर अहमद (भा. डा. से.) द्वारा किया जाएगा। साथ ही निदेशक मुख्यालय बिहार सर्किल श्री पवन कुमार और क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती स्वधा रिजवी समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहेंगे।

प्रदर्शनी का उद्देश्य बांस के महत्व को उजागर करना और इसके सांस्कृतिक, सामाजिक एवं आर्थिक योगदान के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। क्षेत्रीय निदेशक श्रीमती स्वधा रिजवी ने कहा, “बांस केवल परंपरा का प्रतीक नहीं है, बल्कि यह हमारे पर्यावरण और हरे भविष्य की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान देता है।”

विश्व बांस दिवस के माध्यम से यह प्रयास किया गया है कि आम लोगों को बांस शिल्प और इसके विविध उपयोगों से जोड़कर इसके महत्व को समझाया जा सके। प्रदर्शनी स्थानीय शिल्पकारों के सम्मान और उनके कौशल को बढ़ावा देने का भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है।

भागलपुर में शिक्षा विभाग ने अनुकंपा आश्रितों को सौंपा नियुक्ति पत्र, 79 लिपिक और 4 परिचारी बने सिस्टम का हिस्सा

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Bhagalpur News: भागलपुर में आज का दिन कई परिवारों के लिए भावुक और ऐतिहासिक रहा। शिक्षा विभाग की ओर से अनुकंपा आश्रितों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए। यह विशेष आयोजन समाहरणालय परिसर स्थित समीक्षा भवन में हुआ, जहां जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कुल 79 लिपिक और 4 परिचारी को नियुक्ति पत्र सौंपे। सभी की नियुक्ति जिले के माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में की जाएगी।

नियुक्ति पत्र वितरण के मौके पर जिलाधिकारी ने सभी नवनियुक्त कर्मचारियों को कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ कार्य करने की सीख दी। उन्होंने कहा कि शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बेहद बड़ी है और यह केवल नौकरी नहीं बल्कि समाज की सेवा का माध्यम है। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नए कर्मचारी पूरे मनोयोग से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देंगे।

कार्यक्रम का माहौल भावुक हो गया जब कई आश्रितों ने नियुक्ति पत्र पाकर अपनी आँखों से खुशी के आँसू छलकाए। अपनों को खोने के बाद नौकरी मिलने पर उन्होंने कहा कि यह अवसर उनके लिए बड़ी राहत है, लेकिन साथ ही यह उनके खोए हुए प्रियजनों की याद दिलाकर दिल को भारी भी कर गया। एक आश्रित ने कहा, “आज हमारे जीवन का सबसे बड़ा दिन है, लेकिन यह खुशी अपनों की कमी के कारण अधूरी है।”

इस मौके पर उपस्थित अन्य अधिकारियों ने भी नवनियुक्त कर्मियों को शुभकामनाएँ दीं और उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊर्जा के साथ काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि इस अवसर से न सिर्फ आश्रितों का जीवन बदलेगा बल्कि इससे विद्यालयों की कार्यप्रणाली और शिक्षा व्यवस्था में भी सुधार आएगा।

कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि अनुकंपा नियुक्तियाँ केवल रोजगार का साधन नहीं बल्कि यह सरकार की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण का प्रमाण है। यह उन परिवारों के लिए उम्मीद की किरण है, जिन्होंने अपनों को खो दिया लेकिन अब इस अवसर के जरिए समाज में अपनी नई पहचान बना पाएंगे।