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जेपी जयंती पर अश्विनी चौबे का एक दिवसीय उपवास, लोकतंत्र की शुचिता और आत्मशुद्धि का देंगे संदेश

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पटना: लोकनायक जयप्रकाश नारायण की जयंती (11 अक्टूबर 2025) पर पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता अश्विनी कुमार चौबे लोकतांत्रिक शक्ति की मजबूती, राजनीति में शुचिता और आत्मशुद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक दिवसीय उपवास करेंगे। यह उपवास पटना के कदमकुआं स्थित जेपी के आवास पर रखा जाएगा।

अखिल भारतीय संपूर्ण क्रांति संगठन, जेपी सेनानी मंच और लोकतंत्र सेनानी मंच के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों से 1974 के जेपी आंदोलन और आपातकाल के भुक्तभोगी सेनानी शामिल होंगे। इस दौरान नई पीढ़ी के साथ जेपी आंदोलन के संकल्प को दोहराने पर विशेष बल दिया जाएगा।

चौबे ने कहा कि “50 वर्ष पूर्व जिन मूल्यों को लेकर संपूर्ण क्रांति का बिगुल देशभर में बजाया गया था, आज वही प्रेरणा हमें भ्रष्टाचार और कुरीतियों के विरुद्ध लोकतंत्र को सुदृढ़ बनाने की ओर ले जाती है। आने वाली युवा पीढ़ियों को यह जिम्मेदारी उठानी होगी।” उन्होंने अपील की कि जेपी के अनुयायी, दिवंगत सेनानियों के परिजन और लोकतंत्र प्रहरी इस अवसर पर बड़ी संख्या में भाग लें। इसी दिन भावी कार्यक्रमों का भी आह्वान किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि जेपी आंदोलन को राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर सहित देश के बड़े साहित्यकारों और कवियों ने विशेष बल प्रदान किया था। आज एक बार फिर वैसी ही चेतना जगाने की जरूरत है।

इससे पहले 7 अक्टूबर की शाम को चौबे, दिनकर स्मृति न्यास के संरक्षक के रूप में प्रेमचंद्र रंगशाला पटना में राष्ट्रकवि दिनकर की जयंती समारोह में शामिल होंगे। इस अवसर पर रश्मिरथी का भव्य नाट्य मंचन किया जाएगा। सुप्रसिद्ध निर्देशक मुजीब खान के निर्देशन में मुंबई और देश के अन्य हिस्सों से आए कलाकार इसे प्रस्तुत करेंगे।

लक्ष्मीपुर होल्ट स्टेशन का डीआरएम निरीक्षण, बरौनी एक्सप्रेस के ठहराव की मांग को मिला समर्थन

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भागलपुर/पीरपैंती: लक्ष्मीपुर होल्ट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों और स्थानीय लोगों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए मालदा डिविजन के डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने शनिवार को  व्यापक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और स्टेशन कर्मियों को दिशा-निर्देश दिए ताकि यात्रियों को स्वच्छ और आरामदायक माहौल मिल सके।

डीआरएम ने स्टेशन परिसर में हरियाली बढ़ाने के लिए वृक्षारोपण कराने का भी निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने अडानी पावर प्लांट के लिए प्रस्तावित रेलवे लाइन की जानकारी ली और अधिकारियों से भौतिक नक्शे के माध्यम से निर्माण कार्य की प्रगति पर चर्चा की। निरीक्षण कार्यक्रम में मालदा डिविजन के दर्जनों वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे और तकनीकी बिंदुओं पर डीआरएम के साथ विचार-विमर्श किया।

स्थानीय लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा था बरौनी एक्सप्रेस 13031/13032 का लक्ष्मीपुर हॉल्ट पर ठहराव। इस संबंध में स्थानीय लोजपा (रामविलास) प्रखंड अध्यक्ष सौरभ कुमार साह ने डीआरएम से मुलाकात कर ठहराव की मांग की और लिखित आवेदन सौंपा। सौरभ साह ने बताया कि लक्ष्मीपुर हॉल्ट भोरंग सहित आसपास के कई क्षेत्रों से जुड़ा हुआ है और बरौनी एक्सप्रेस का ठहराव यहां होने से स्थानीय यात्रियों को सीधा लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि पहले बरौनी पैसेंजर ट्रेन का ठहराव यहां होता था, लेकिन एक्सप्रेस बनने के बाद यह सुविधा बंद हो गई, जिससे क्षेत्रवासियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

डीआरएम मनीष कुमार गुप्ता ने इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रेलवे की प्राथमिकता हमेशा यात्रियों की सुविधा है और उनकी बातों पर विचार किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान स्टेशन पर बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे और उन्होंने डीआरएम से अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा किया।

भागलपुर में दर्दनाक हादसा: ससुराल जा रहे युवक को तेज रफ्तार पिकअप ने कुचला, पत्नी और बच्ची पर टूटा दुखों का पहाड़

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Bhagalpur News:  सड़क पर दौड़ती रफ्तार ने एक और घर की खुशियां छीन लीं। नवादा थाना क्षेत्र के मुरादपुर चौक पर शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में 25 वर्षीय युवक प्रमोद कुमार की मौके पर ही मौत हो गई। प्रमोद अपनी ससुराल जा रहे थे, तभी तेज रफ्तार पिकअप ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयावह थी कि मौके पर ही उनकी जान चली गई। घटना के बाद पिकअप चालक वाहन सहित फरार हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका तक नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत परिजनों को खबर दी और घायल अवस्था में प्रमोद को मायागंज अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मृतक की पहचान रजौन थाना क्षेत्र के हथौड़ा गांव निवासी प्रमोद कुमार के रूप में हुई है। वह बाहर एक निजी फैक्ट्री में मजदूरी का काम करते थे और करीब छह साल पहले खैरा गांव में उनकी शादी हुई थी। प्रमोद एक पांच साल की बेटी के पिता थे। हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।

प्रमोद की पत्नी रूबी देवी ने रोते हुए बताया कि उनके पति ससुराल जाने के लिए घर से बाइक पर निकले थे। देर होने पर जब उन्होंने फोन किया, तो किसी और ने कॉल रिसीव कर सड़क हादसे की जानकारी दी। रूबी देवी जब घटनास्थल पर पहुंचीं तो पति को पहले ही अस्पताल भेजा जा चुका था, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के बाद से रूबी देवी और उनकी छोटी बच्ची का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रमोद मेहनती और मिलनसार युवक थे, जिनकी अचानक मौत ने पूरे गांव को स्तब्ध कर दिया है।

फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार पिकअप चालक की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

तेज़ रफ्तार का कहर: मिठाई लाने निकले छात्र की दर्दनाक मौत, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

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Bhagalpur News: सड़क पर दौड़ती तेज़ रफ्तार फिर एक मासूम जिंदगी को लील गई। सनहौला थाना क्षेत्र के महेशपुर गांव के शब्बा चौक निवासी 20 वर्षीय छात्र नरेश महतो की सड़क हादसे में मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, नरेश घर से मिठाई लाने निकला था और पैदल सड़क पर जा रहा था, तभी तेज रफ्तार से आ रही एक मोटरसाइकिल ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर लगते ही नरेश गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़ा। स्थानीय लोगों की मदद से परिजनों ने उसे तुरंत भागलपुर के मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया। वहां डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज लगातार तीन दिनों तक चला, लेकिन आखिरकार नरेश ने दम तोड़ दिया। उसकी मौत की खबर मिलते ही पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा और गांव का माहौल मातम में बदल गया।

मृतक नरेश महतो सात भाइयों में छठे नंबर पर था और पढ़ाई के साथ-साथ घर का सहारा भी माना जाता था। उसके अचानक चले जाने से परिवार पूरी तरह टूट चुका है। परिजनों ने दोषियों को सख्त सजा दिलाने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई न जाएं।

घटना की सूचना मिलते ही सनहौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने बताया कि जिस मोटरसाइकिल सवार ने नरेश को टक्कर मारी थी, उसे बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल मामले की जांच चल रही है।

गांव के लोगों ने इस घटना को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए प्रशासन से सड़कों पर रफ्तार पर अंकुश लगाने की अपील की। ग्रामीणों ने कहा कि अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के कारण हादसे होते रहते हैं, लेकिन सख्त कार्रवाई न होने से लोग लापरवाह बने रहते हैं।

भागलपुर में फूटा शिक्षकों का गुस्सा, बकाया वेतन को लेकर शिक्षा विभाग के खिलाफ आमरण अनशन शुरू

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में लंबे समय से वेतन नहीं मिलने से नाराज शिक्षकों का धैर्य आखिर टूट गया। शनिवार को जिला प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठ गए। उनका आरोप है कि महीनों से वेतन लंबित होने के कारण वे गंभीर आर्थिक संकट में हैं और परिवार चलाना मुश्किल हो गया है।

शिक्षकों ने बताया कि किसी का चार महीने तो किसी का छह महीने तक का वेतन बकाया है। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों ने अब तक कोई ठोस पहल नहीं की है। प्रदर्शनकारी शिक्षकों ने कहा कि लगातार ज्ञापन देने और अनुरोध करने के बावजूद जब उनकी बात नहीं सुनी गई, तो अब मजबूर होकर अनशन का रास्ता अपनाना पड़ा है।

अनशन पर बैठे शिक्षकों ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर आज ही निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और उग्र रूप दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि “हम पढ़ाई छोड़कर सड़कों पर उतरना नहीं चाहते, लेकिन अधिकारियों की लापरवाही और असंवेदनशीलता ने हमें यह कदम उठाने को मजबूर कर दिया है।”

वेतन भुगतान में हो रही देरी के कारण शिक्षकों के बीच गहरा असंतोष व्याप्त है। कुछ शिक्षकों ने बताया कि किराया, बच्चों की फीस और रोजमर्रा के खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार जहां एक ओर शिक्षा सुधार की बात करती है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के मूलभूत अधिकारों की अनदेखी की जा रही है।

अनशन स्थल पर पहुंचे शिक्षक नेता मुकेश आनंद ने कहा, “हमारे धैर्य की परीक्षा अब काफी हो चुकी है। जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं हो जाता, हम आंदोलन जारी रखेंगे।” उन्होंने राज्य सरकार से हस्तक्षेप कर तुरंत वेतन भुगतान की मांग की।

इस दौरान जिला शिक्षा कार्यालय के बाहर शिक्षकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। नारों और पोस्टरों के साथ शिक्षकों ने अपने हक की लड़ाई को मजबूती से उठाया। प्रशासन की ओर से देर शाम तक कोई प्रतिनिधि बातचीत के लिए नहीं पहुंचा था, जिससे शिक्षकों में रोष और बढ़ गया।

शिक्षक संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो यह आंदोलन राज्यव्यापी रूप लेगा और शिक्षा व्यवस्था पूरी तरह ठप हो जाएगी।

बिहार में शिक्षा और रोजगार का नया अध्याय, मुख्यमंत्री बोले, “हर हाथ को काम, हर युवा को सम्मान”

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पटना। बिहार के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद की किरण जगाते हुए मुख्यमंत्री ने शनिवार को राज्य सरकार की विभिन्न महत्वाकांक्षी योजनाओं का ब्योरा पेश किया और कहा कि “बिहार अब ठहरने नहीं, तरक़्क़ी करने के रास्ते पर है।” उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार को राज्य के विकास का मजबूत आधार बताते हुए कहा कि अब तक लाखों युवाओं को नौकरी और रोजगार से जोड़ा जा चुका है तथा 25 लाख छात्र–छात्राओं को छात्रवृत्ति वितरित की गई है।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने हाल ही में बिहार में 19 नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना को मंजूरी दी है, जिससे राज्य के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के अवसर मिलेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि बिहार को शिक्षा और युवा सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व सहयोग मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2015 से “सात निश्चय योजना” के तहत युवाओं को छात्र क्रेडिट कार्ड, स्वयं सहायता भत्ता और कौशल विकास जैसी योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है। वहीं “सात निश्चय–2” के तहत वर्ष 2020 से 10 लाख नौकरियां और 10 लाख रोजगार सृजन का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें अब तक 50 लाख से अधिक युवाओं को रोजगार और नौकरी का अवसर प्रदान किया जा चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले पांच वर्षों में एक करोड़ युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा।

कार्यक्रम के दौरान शिक्षा के क्षेत्र में बिहार की प्रगति पर एक विशेष फिल्म भी प्रदर्शित की गई। छात्र क्रेडिट कार्ड और स्वयं सहायता भत्ता योजना के लाभार्थियों ने मंच साझा कर अपने अनुभव सुनाए। उन्होंने कहा कि इन योजनाओं से आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को उच्च शिक्षा का मार्ग सुगम हुआ है।

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री, मंत्रीगण और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने अंत में कहा—“बिहार के युवा हमारे भविष्य हैं। सरकार का लक्ष्य है कि हर योग्य युवा को शिक्षा, कौशल और रोजगार का अवसर मिले। यही विकसित बिहार की दिशा में हमारा सबसे बड़ा कदम है।”

कहलगांव: 1058 एकड़ भूमि पर उद्योग नहीं, किसानों में आक्रोश, अब मुख्यमंत्री से लगाई गुहार

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के कहलगांव अनुमंडल स्थित रमजानीपुर गांव के समीप बिहार इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (BIDA) द्वारा अधिग्रहित की गई 1058 एकड़ भूमि पर आज तक कोई उद्योग स्थापित नहीं हो सका है। इस अधिग्रहण को कई वर्ष बीत जाने के बावजूद उद्योग न लग पाने से ग्रामीणों और किसानों में गहरा आक्रोश है। किसान मुआवजे में हुई विसंगति का विरोध कर रहे हैं और अब उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार तथा बिहार सरकार के उद्योग मंत्री से मुलाकात कर इस जमीन पर शीघ्र उद्योग स्थापित करने की मांग की है।

किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर इस क्षेत्र में उद्योग लगे तो न सिर्फ बेरोजगारी दूर होगी, बल्कि पलायन की समस्या पर भी लगाम लगेगी। वर्तमान में इस इलाके के अधिकांश मजदूर रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर पलायन कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कहलगांव जैसे औद्योगिक संभावनाओं वाले क्षेत्र को लंबे समय से उपेक्षित रखा गया है, जबकि यहां उद्योग लगाने के लिए सभी जरूरी संसाधन मौजूद हैं।

स्थानीय बुद्धिजीवियों का तर्क है कि कहलगांव में एनटीपीसी पावर प्लांट होने के कारण 24 घंटे निर्बाध बिजली की सुविधा उपलब्ध है। वहीं गंगा नदी का पानी और ललमटिया कोल माइंस से मिलने वाला कोयला उद्योगों के लिए अतिरिक्त लाभ साबित हो सकता है। इसके अलावा, सीमेंट उद्योग के लिए यहां भरपूर मात्रा में रॉ मटेरियल मौजूद है। यही कारण है कि यहां कृषि आधारित उद्योग, खाद्य प्रसंस्करण इकाइयां, सीमेंट कारखाना अथवा अन्य प्रकार के उत्पादन केंद्र आसानी से स्थापित किए जा सकते हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि अधिग्रहित जमीन पर शीघ्र औद्योगिक इकाइयां लगाई जानी चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार का अवसर मिले और क्षेत्र आर्थिक रूप से सशक्त हो सके। फिलहाल, मुख्यमंत्री और उद्योग मंत्री से हुई मुलाकात के बाद उम्मीद जगी है कि सरकार इस दिशा में ठोस कदम उठाएगी।

भागलपुर को मिला नए केंद्रीय विद्यालय का तोहफा, सांसद अजय मंडल ने जताया आभार

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भागलपुर। शिक्षा के क्षेत्र में भागलपुर के लिए ऐतिहासिक सौगात आई है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में देशभर में 57 नए केंद्रीय विद्यालय खोलने को मंजूरी दी गई। इसमें बिहार को भी बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य में कुल 19 नए केंद्रीय विद्यालय खुलेंगे, जिससे 18 जिलों के विद्यार्थियों को लाभ मिलेगा। खास बात यह है कि भागलपुर भी इसमें शामिल है और अब यहां दूसरा केंद्रीय विद्यालय स्थापित होगा।

अभी तक जिले में केवल कहलगांव स्थित एक केंद्रीय विद्यालय संचालित हो रहा है, लेकिन अब भागलपुर मुख्यालय में भी नए केंद्रीय विद्यालय की स्थापना होगी। इससे शहर और आसपास के हजारों छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर मिलेगा। केंद्रीय विद्यालय अपने अनुशासन, उत्कृष्ट शिक्षण पद्धति और राष्ट्रीय स्तर की पहचान के लिए जाने जाते हैं।

भागलपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना की यह पहल अचानक नहीं हुई है। वर्ष 2020 में स्थानीय सांसद अजय कुमार मंडल ने संसद में यह मुद्दा उठाया था। इसके बाद उन्होंने लगातार केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से मुलाकात कर पत्राचार किया और भागलपुर में विद्यालय खोलने की मांग की। साथ ही जिला प्रशासन से आग्रह किया कि विद्यालय के लिए उपयुक्त भूमि उपलब्ध कराई जाए। सांसद के इन सतत प्रयासों का ही परिणाम है कि आज यह सपना साकार हो रहा है।

सांसद अजय मंडल ने इस ऐतिहासिक सौगात के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, “भागलपुर के लिए यह एक स्वर्णिम अवसर है। केंद्रीय विद्यालय खुलने से शिक्षा का स्तर और ऊँचा होगा तथा यहां के छात्र-छात्राओं को अब शहर में ही राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्राप्त होगी। यह भागलपुर के उज्जवल भविष्य की दिशा में बड़ा कदम है।”

भागलपुर में केंद्रीय विद्यालय की स्थापना से न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि शिक्षा का वातावरण भी और सुदृढ़ होगा। अभिभावकों में भी इस फैसले को लेकर खुशी है क्योंकि उन्हें अब अपने बच्चों को दूर भेजने की जरूरत नहीं होगी। आने वाले समय में विद्यालय की शुरुआत की प्रक्रिया तेज़ी से पूरी की जाएगी।

CM नीतीश कुमार ने पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन और कन्या विवाह मंडप का किया शिलान्यास

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Bhagalpur News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य में पंचायती राज और सामाजिक बुनियादी ढांचे को नई मजबूती देने की दिशा में ऐतिहासिक पहल की। उन्होंने 1870 करोड़ रुपए की लागत से बने 829 पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन तथा 1823 करोड़ रुपए की लागत से 663 नए पंचायत भवनों का शिलान्यास किया। इसके साथ ही 500 करोड़ रुपए की लागत से मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना अंतर्गत 1000 विवाह मंडपों का शिलान्यास किया गया। इसका सीधा प्रसारण भागलपुर के समीक्षा भवन में आयोजित कार्यक्रम में दिखाया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि भागलपुर जिले में 27 पंचायत सरकार भवनों का उद्घाटन किया गया है। इनमें पीरपैंती प्रखंड के 06, सन्हौला के 05, जगदीशपुर के 03, शाहकुंड के 03, गोराडीह के 02, सुल्तानगंज के 02, नारायणपुर के 02 तथा नाथनगर, इस्माइलपुर, बिहपुर और कहलगांव के 01-01 भवन शामिल हैं। वहीं, 08 पंचायत भवनों का शिलान्यास भी हुआ, जिनमें सुल्तानगंज के 03 और अन्य प्रखंडों के एक-एक भवन शामिल हैं।

डॉ. चौधरी ने कहा कि पंचायत सरकार भवन गांवों के प्रशासनिक कार्यों को सुचारू बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे और ग्रामीण जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर सुविधा मिल सकेगी।

साथ ही, मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना अंतर्गत भागलपुर में 21 विवाह मंडपों का शिलान्यास किया गया। इनमें गोराडीह के 08, जगदीशपुर के 05, पीरपैंती के 02 तथा सुल्तानगंज, खरिक, नाथनगर, इस्माइलपुर, बिहपुर और कहलगांव के एक-एक विवाह मंडप शामिल हैं। जिलाधिकारी ने कहा कि इन मंडपों से ग्रामीण क्षेत्रों में शादी-विवाह और अन्य पारिवारिक व सामाजिक कार्यक्रमों के आयोजन में बड़ी सहूलियत मिलेगी।

इस मौके पर भागलपुर के सांसद अजय मंडल और गोपालपुर विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने भी संबोधित किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के इस कदम को ग्रामीण विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

कार्यक्रम में जिला परिषद अध्यक्ष मिथुन यादव, उपाध्यक्ष डॉ. प्रणय कुमार, उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार, अपर समाहर्ता दिनेश राम समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।

ग्रामीण विकास को नई दिशा देने वाली यह पहल न केवल पंचायतों को सशक्त बनाएगी बल्कि गांवों में सामाजिक-सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी मजबूत आधार तैयार करेगी।

औरंगाबाद पुलिस की बड़ी कार्रवाई : 72 घंटे में बेबुल खान उर्फ पिंटू हत्याकांड का खुलासा, पांच आरोपी गिरफ्तार

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औरंगाबाद, 30 सितंबर: औरंगाबाद पुलिस ने मात्र 72 घंटे के भीतर मदनपुर थाना क्षेत्र में हुए बहुचर्चित बेबुल खान उर्फ पिंटू हत्याकांड का सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पूरे इलाके में राहत की भावना देखी जा रही है।

कैसे हुआ खुलासा?

26 सितंबर 2025 को मदनपुर थाना प्रभारी को सूचना मिली कि गढ़हुमुआं टोली स्थित महगुलामू कुएं में एक अज्ञात शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर प्रारंभिक जांच की। पहचान में पाया गया कि मृतक मो. इरफान आलम का पुत्र बेबुल खान उर्फ पिंटू है।

दरअसल, मृतक के भाई मो. इरफान आलम ने 25 सितंबर को अपने भाई पिंटू के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके आधार पर पुलिस ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की।

SIT की कार्रवाई और गिरफ्तारियां

जांच में जुटी SIT टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस पूछताछ में अपना गुनाह कबूल किया। उन्होंने बताया कि मृतक पिंटू के साथ उनके बीच पैसों के लेनदेन और व्यक्तिगत रंजिश का विवाद था। इसी विवाद को लेकर 22 सितंबर की शाम आरोपियों ने मिलकर पिंटू को सुनियोजित तरीके से बुलाया और उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को कुएं में फेंक दिया गया ताकि वारदात छुपाई जा सके।

गिरफ्तार आरोपी

  1. छोटू कुमार (पिता-स्व. ललन प्रसाद), मदनपुर
  2. गुड्डू उर्फ इब्राहिम (पिता-रामखेलावन मियां), मदनपुर
  3. उज्जैन मियां उर्फ खान (पिता-स्व. निलो मियां), मदनपुर
  4. संजय मियां (पिता-गुल्ली मियां), मदनपुर
  5. रहमत मियां उर्फ बड़कन (पिता-शौकत मियां), मदनपुर

सभी को पुलिस ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

पुलिस की बड़ी उपलब्धि

औरंगाबाद पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने हर संभव संसाधनों का इस्तेमाल किया। तकनीकी जांच, मोबाइल लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी।

इस सफलता को लेकर जिले में पुलिस की सराहना हो रही है। लोगों का कहना है कि तेज़ कार्रवाई ने जहां मृतक परिवार को न्याय की उम्मीद दी है, वहीं अपराधियों को भी कड़ा संदेश मिला है कि कानून से बचना आसान नहीं है।