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भागलपुर में फैशन का नया ठिकाना, तिलकामांझी में “किलर शोरूम” का भव्य उद्घाटन, ग्राहकों के लिए विशेष ऑफर की सौगात

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Bhagalpur News: त्योहारों के मौसम में भागलपुरवासियों के लिए खुशखबरी, दरअसल तिलकामांझी में रविवार को “किलर शोरूम” का भव्य शुभारंभ हुआ। जिसका उद्घाटन महर्षि मेंही आश्रम के रमेश बाबा ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद किया। इस अवसर पर इलाके में लोगों की भारी भीड़ उमड़ी और उद्घाटन के साथ ही ग्राहकों में जबरदस्त उत्साह देखा गया।

शोरूम के प्रोपराइटर संतोष कुमार ने बताया कि ग्राहकों की सुविधा और पसंद को ध्यान में रखते हुए तिलकामांझी स्थित होली फैमिली हॉस्पिटल के पास इस शोरूम की शुरुआत की गई है। उन्होंने कहा कि “किलर शोरूम” में हर उम्र और अवसर के लिए फैशनेबल कपड़ों की पूरी रेंज उपलब्ध है। त्योहारों के मौके पर खास ऑफर के तहत ग्राहकों को बड़ी छूट दी जा रही है जिसमें

  • ₹4000 की खरीदारी पर ₹500 की छूट
  • ₹7000 पर ₹1000 की छूट
  • ₹11000 पर ₹1500 की छूट
  • और ₹14000 की खरीदारी पर ₹2000 की छूट

संतोष कुमार ने कहा कि सभी कपड़े पूरी तरह से नए कलेक्शन के हैं, जो आने वाले त्योहारों और पारिवारिक आयोजनों के लिए एकदम उपयुक्त हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे शोरूम में आकर इन विशेष ऑफर्स का लाभ उठाएं।

उद्घाटन समारोह में रमेश बाबा ने कहा कि “किलर शोरूम” के उद्घाटन से इलाके के व्यापार और रोजगार को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने शोरूम मालिक को आशीर्वाद देते हुए उज्जवल भविष्य की कामना की।

उद्घाटन कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने कपड़ों की क्वालिटी और डिज़ाइन की सराहना की। “किलर शोरूम” ने अपने आधुनिक फैशन कलेक्शन और ग्राहक-हितैषी ऑफर्स के साथ भागलपुर में खरीदारी का नया ट्रेंड सेट करने का संदेश दिया है।

भागलपुर में Wecs एक्सपो मेले में उमड़ी भीड़, तीसरे दिन हुई 8.5 लाख की बिक्री

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भागलपुर, 14 अक्टूबर:  भागलपुर के सैंडीस कंपाउंड में आयोजित पांच दिवसीय WECS एक्सपो मेला महिलाओं के उद्यम और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गया। WECS एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस मेले में देशभर से सैकड़ों महिला उद्यमियों ने हिस्सा लिया। एमएसएमई के सहयोग से आयोजित इस मेले के तीसरे दिन खरीदारों की भीड़ उमड़ पड़ी और कुल बिक्री का आंकड़ा 8.5 लाख रुपये तक पहुंच गया।

मेले का उद्घाटन करते हुए अतिथियों ने WECS एसोसिएशन की इस पहल की सराहना की और इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में बड़ा कदम बताया। एसोसिएशन की अध्यक्ष कल्पना कुमारी ने कहा, “यह देखकर गर्व होता है कि महिलाएं आज न केवल अपने उत्पाद बना रही हैं बल्कि उन्हें बड़े मंचों पर सफलतापूर्वक प्रस्तुत भी कर रही हैं। ऐसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास और आर्थिक सशक्तिकरण को नई दिशा देते हैं।”

सचिव ममता कुमारी ने बताया कि आज के कवि सम्मेलन में भागलपुर के प्रतिष्ठित कवियों की रचनाओं ने दर्शकों का मन मोह लिया। वहीं, उपाध्यक्ष रुमा वर्मा ने कहा कि लोगों की भारी उपस्थिति ने आयोजन को यादगार बना दिया है। उन्होंने अगले वर्ष मेले को और बड़े स्तर पर आयोजित करने की घोषणा की।

कोषाध्यक्ष माला गुप्ता ने बताया कि मेले में इको-फ्रेंडली ज्वेलरी, हस्तशिल्प उत्पाद, डिजाइनर ब्लाउज जैसे आकर्षक स्टॉल विशेष रूप से महिलाओं के बीच लोकप्रिय रहे। साथ ही हेल्थ सेमिनार के माध्यम से महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी किया गया।

इस सफल आयोजन में एसोसिएशन की टीम—सह सचिव सुशीला प्रसाद, प्रीति सिंह, नीलम सिंह, जिला अध्यक्ष पुष्पम झा, सचिव उलूपी झा, कोषाध्यक्ष सुमन पंडित और सीईओ लीना कुमारी की भूमिका महत्वपूर्ण रही।


भागलपुर के सचिन कुमार को रणजी टीम में मिली जगह, जिले में खुशी की लहर

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भागलपुर, 12 अक्टूबर:  भागलपुर जिले के युवा क्रिकेटर सचिन कुमार ने अपनी प्रतिभा और मेहनत के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (BCA) ने रणजी ट्रॉफी 2025-26 के लिए राज्य टीम की घोषणा कर दी है, जिसमें सचिन कुमार को भी शामिल किया गया है। यह चयन न सिर्फ उनके लिए बल्कि पूरे भागलपुर जिले के लिए गर्व का क्षण बन गया है।

सचिन कुमार ने हाल ही में आयोजित सीनियर हेमन ट्रॉफी में अपने शानदार प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा था। बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में उन्होंने अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई थी। लंबे समय से ग्राउंड लेवल पर निरंतर अच्छा प्रदर्शन करने के बावजूद उनका चयन नहीं हो पा रहा था, लेकिन इस बार उनकी लगन और मेहनत रंग लाई।

बिहार रणजी टीम का पहला मुकाबला 15 अक्टूबर को अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ पटना के मौइन-उल-हक स्टेडियम में खेला जाएगा। इस मैच में सचिन कुमार के खेलने की संभावना जताई जा रही है, जिससे भागलपुर के क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह चरम पर है।

भागलपुर जिला क्रिकेट संघ के सचिव डॉ. जय शंकर ठाकुर ने सचिन के चयन पर बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा, “सचिन ने अपनी लगन, अनुशासन और लगातार मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। हमें उम्मीद है कि वह बिहार टीम के लिए शानदार प्रदर्शन करेंगे।”


भागलपुर में हवाई अड्डा की दीवार पर चुनावी प्रचार, कांग्रेस पर एफआईआर दर्ज

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भागलपुर, 12 अक्टूबर: बिहार विधानसभा आम चुनाव 2025 की कड़ी तैयारियों के बीच भागलपुर में आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है। भागलपुर हवाई अड्डा की चहारदीवारी पर कांग्रेस पार्टी के चुनावी प्रचार संबंधी दीवार लेखन पाए जाने पर स्थानीय प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई की।

जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिलाधिकारी भागलपुर, डॉ. नवल किशोर चौधरी ने समीक्षा भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सरकारी कार्यालयों से 24 घंटे, सरकारी परिसरों से 48 घंटे और सार्वजनिक स्थानों से 72 घंटे के भीतर सभी प्रकार के चुनावी बैनर-पोस्टर हटाने थे। राजनीतिक दलों को पहले ही चेतावनी दी जा चुकी थी कि निर्देश का पालन न होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

इस आदेश के बावजूद हवाई अड्डा की दीवार पर पार्टी का प्रचार देखा गया, जिसके बाद अंचलाधिकारी जगदीशपुर, सतीश कुमार ने तिलका मांझी थाना में कांग्रेस पार्टी के अज्ञात कार्यकर्ता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। मामला एफआईआर संख्या 231/25, दिनांक 11.10.2025 के तहत दर्ज हुआ।

जिला प्रशासन ने बताया कि चुनावी आचार संहिता का उल्लंघन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। सभी राजनीतिक दलों से अनुरोध किया गया है कि वे सार्वजनिक स्थानों पर बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के चुनावी प्रचार से बचें।

बिहार चुनाव 2025: NDA में सीट बंटवारा तय, बीजेपी-जदयू में बराबरी की हिस्सेदारी, छोटे दलों में खींचतान तेज

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पटना, 12 अक्टूबर: लंबे इंतजार और राजनीतिक मंथन के बाद आखिरकार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए सीट बंटवारे का फार्मूला तय कर लिया है। सूत्रों के अनुसार भाजपा और जदयू को बराबर— 101-101 सीटें, जबकि चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) को 29 सीटें, जीतन राम मांझी की हम पार्टी और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी (RLSP) को 6-6 सीटें दी गई हैं।

हालांकि, सीटों के इस बंटवारे से छोटे दलों में असंतोष की लहर है। मांझी ने नाराजगी जताते हुए कम से कम 15 सीटों की मांग की है, जबकि कुशवाहा ने इसे “असंतुलित वितरण” बताया है। दूसरी ओर, चिराग पासवान ने गठबंधन की एकजुटता का संदेश देते हुए कहा कि “NDA में कोई मतभेद नहीं, सभी दल पीएम मोदी के नेतृत्व में एकजुट हैं।”

अब गठबंधन के सामने चुनौती यह है कि सीटों के बंटवारे के बाद उम्मीदवार चयन को लेकर किसी तरह का विवाद न उभरे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह फार्मूला बीजेपी और जदयू के बीच संतुलन तो बनाए रखता है, लेकिन छोटे दलों की नाराजगी आगे जाकर गठबंधन के लिए सिरदर्द बन सकती है।

पत्रकारिता में सूचिता जरूरी, WJAI सही दिशा में अग्रसर – अश्विनी चौबे

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नई दिल्ली। डिजिटल पत्रकारिता के बदलते युग में सच्चाई और पारदर्शिता को बनाए रखना आज की सबसे बड़ी जरूरत है — यही संदेश “डिजिटल भारत समिट 2025” में गूंजता रहा। राजधानी दिल्ली के द्वारका सेक्टर-13 स्थित रेडिसन ब्लू होटल में वेब जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (WJAI) द्वारा आयोजित इस भव्य आयोजन में देशभर के डिजिटल पत्रकार, मीडिया विशेषज्ञ और सामाजिक क्षेत्र की प्रतिष्ठित हस्तियाँ एक मंच पर जुटीं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रहे पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सुनील गावस्कर, जिनकी मौजूदगी ने समारोह की गरिमा बढ़ा दी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अश्विनी चौबे ने कहा कि “पत्रकारिता में सूचिता और पारदर्शिता सबसे अहम है। डिजिटल मीडिया लोकतंत्र की नई आवाज़ है, जो जनता की नब्ज़ को समझती है। WJAI ने पत्रकारों को एक सशक्त मंच प्रदान किया है, जो न केवल अधिकारों की रक्षा कर रहा है बल्कि पत्रकारिता के मूल्यों को भी जीवित रखे हुए है।”

इस अवसर पर WJAI के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल ने कहा कि संगठन भारत में डिजिटल पत्रकारिता को औपचारिक पहचान और मजबूती दे रहा है। उन्होंने बताया कि WJAI देश का पहला संगठन है जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के “Digital Media Ethics Code 2021” के तहत SRB (Self Regulatory Body) – Web Journalists Standard Authority (WJSA) के रूप में पंजीकृत हुआ है। उन्होंने कहा कि अब देशभर के सैकड़ों डिजिटल पोर्टल WJAI से जुड़ चुके हैं, जिन्हें कानूनी, नैतिक और पेशेवर सहायता प्रदान की जा रही है।

सम्मेलन के दौरान डॉ. लीना (राष्ट्रीय उपाध्यक्ष), डॉ. अमित रंजन (राष्ट्रीय महासचिव), मधुप मणि पिक्कू (प्रदेश प्रभारी) समेत कई पदाधिकारियों ने डिजिटल पत्रकारिता के भविष्य पर अपने विचार रखे।

कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पत्रकारों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और मीडिया पेशेवरों को सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वालों में जी.डी. ज्ञानी, भास्कर झा, हिमांशु गुप्ता, अमित सिंह, कुणाल कुमार, रौशन कुमार श्रीवास्तव, पंकज प्रसून, शैलेन्द्र झा, रेखा करकोटी समेत कई नाम शामिल रहे।

समारोह ने यह संदेश दिया कि आने वाला समय डिजिटल पत्रकारिता का है — जहां पत्रकार केवल खबरें नहीं, बल्कि जनसरोकार की आवाज़ बनेंगे। WJAI के इस आयोजन ने डिजिटल मीडिया को एक नई पहचान और दिशा दी है, जो न केवल तकनीकी रूप से सक्षम है बल्कि नैतिक रूप से भी मज़बूत पत्रकारिता की ओर अग्रसर है।

भागलपुर से बसपा की दांव – रेखा दास को दिया टिकट, बदल सकती हैं समीकरण

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Bhagalpur News: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 की गर्माहट के बीच अब बसपा (बहुजन समाज पार्टी) ने भी अपने पत्ते खोल दिए हैं। पार्टी ने भागलपुर विधानसभा (संख्या 156) से रेखा दास को अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। रेखा दास अनुसूचित जाति समाज से आती हैं, लेकिन यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित नहीं है, फिर भी बसपा ने सामाजिक समीकरण साधने के इरादे से यह रणनीतिक दांव चला है।

बसपा के इस फैसले को राजनीतिक हलकों में बड़ा कदम माना जा रहा है। भागलपुर शहर पारंपरिक रूप से भाजपा और कांग्रेस के बीच मुकाबले के लिए जाना जाता है, लेकिन रेखा दास के मैदान में उतरने से समीकरणों में नया मोड़ आ सकता है। वह लंबे समय से सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और शहर की दलित बस्तियों में उनकी सक्रियता के कारण एक सशक्त चेहरा मानी जाती हैं।

स्थानीय स्तर पर माना जा रहा है कि रेखा दास का नाम बसपा की कोशिशों का हिस्सा है — ताकि शहर की महिला और दलित वोट बैंक में सेंध लगाई जा सके। वहीं, विरोधी पार्टियों में इस घोषणा के बाद हलचल तेज हो गई है। रेखा दास ने नामांकन की तैयारी शुरू कर दी है और कहा है कि “भागलपुर की जनता परिवर्तन चाहती है, बसपा उसे सम्मान और आवाज देगी।”

अब देखना दिलचस्प होगा कि बसपा का यह प्रयोग परंपरागत वोटों की दिशा कितनी बदल पाता है और क्या रेखा दास भागलपुर की सियासत में तीसरे मोर्चे का चेहरा बन पाती हैं।

नाथनगर विधानसभा: सिद्दीकी की वापसी या नया खेल, जनता किसे चुनेगी?

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बिहार चुनाव 2025: नाथनगर विधानसभा सीट पर 2025 का चुनाव समीकरण धीरे-धीरे साफ होने लगा है। आरजेडी के मौजूदा विधायक अली अशरफ सिद्दीकी की सेहत अब पूरी तरह ठीक है, लेकिन सवाल यह है कि क्या पार्टी उन्हें फिर से मैदान में उतारेगी या किसी नए चेहरे को मौका दिया जाएगा। क्षेत्र के राजनीतिक जानकारों के अनुसार, यदि सिद्दीकी जी को टिकट मिलता है तो मुस्लिम और यादव वोट बैंक आरजेडी के पक्ष में मजबूत रहेगा।

वहीं, एनडीए के लिए यह सीट चुनौतीपूर्ण है। जदयू के पुराने नेता लक्ष्मीकांत मंडल या स्थानीय विकास कार्यों से जुड़े महेश यादव की उम्मीदवारी पर चर्चा जोरों पर है। जदयू चाहती है कि यादव वोट और अन्य समाजों का संतुलन बनाए रखकर आरजेडी को कड़ी टक्कर दी जाए।

चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी भी इस सीट पर अपनी भूमिका निभाने को तैयार है। हालांकि LJP ने अभी तक उम्मीदवार घोषित नहीं किया है, लेकिन उनके छोटे-मोटे समीकरण से चुनाव की दिशा प्रभावित हो सकती है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह सीट जातीय समीकरण और स्थानीय विकास मुद्दों से तय होगी। मुस्लिम वोट आरजेडी के पक्ष में और यादव वोट जदयू के पक्ष में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

मतदाता वर्ग की नजरें अब आरजेडी और जदयू पर टिकी हैं। सिद्दीकी की वापसी से आरजेडी समर्थक उत्साहित हैं, जबकि जदयू और एनडीए के लिए यह मुकाबला जीतने का सुनहरा मौका है। छोटे दलों की रणनीति और गठबंधन समीकरण भी निर्णायक साबित हो सकते हैं।

नाथनगर का यह चुनाव केवल उम्मीदवार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जनता के वोट बैंक, जातीय समीकरण और गठबंधन राजनीति की कसौटी भी है। अगले कुछ हफ्तों में जो भी निर्णय होगा, वही तय करेगा कि 2025 में नाथनगर की जनता किसे अपना विधायक बनाएगी।

कहलगांव विधानसभा में टिकट की जंग तेज़, कौन बनेगा जनता का उम्मीदवार?

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बिहार चुनाव 2025: कहलगांव विधानसभा सीट पर इस बार सियासी पारा चढ़ा हुआ है। 2020 में भाजपा के पवन कुमार यादव ने कांग्रेस को शिकस्त देकर जीत हासिल की थी, लेकिन अब हालात बदल चुके हैं। महागठबंधन के भीतर सीट को लेकर घमासान मचा है — राजद, कांग्रेस और जदयू तीनों ही कहलगांव को अपनी रणनीति का अहम हिस्सा मान रहे हैं।

सूत्रों के मुताबिक राजद से रजनीश यादव का नाम चर्चा में है। पार्टी अब इस सीट को कांग्रेस से वापस लेने की तैयारी में है। राजद के स्थानीय नेताओं का कहना है कि इस बार कहलगांव से यादव समीकरण के बूते बड़ी जीत संभव है। वहीं कांग्रेस खेमे से प्रवीण सिंह कुशवाहा और सुभानंद मुकेश दावेदारी पेश कर चुके हैं। कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “कहलगांव हमारी परंपरागत सीट रही है, इसे छोड़ना पार्टी कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर डालेगा।”

दूसरी ओर भाजपा एक बार फिर पवन यादव पर भरोसा जताने के मूड में है। पवन यादव ने पिछले कार्यकाल में विकास योजनाओं, सड़क और बिजली परियोजनाओं को लेकर जनता के बीच मजबूत पकड़ बनाई है। उन्होंने कहा, “जनता का आशीर्वाद हमारे साथ है, विकास की राजनीति ही हमारी पहचान है।”

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि राजद और कांग्रेस के बीच सीट बंटवारे पर सहमति नहीं बनती, तो त्रिकोणीय मुकाबला तय है। भाजपा, राजद और कांग्रेस — तीनों ही अपने-अपने जनाधार को साधने में जुटे हैं।

कुल मिलाकर, कहलगांव की लड़ाई इस बार सिर्फ वोटों की नहीं, अस्तित्व और जनाधार की जंग बनने जा रही है। अब देखना दिलचस्प होगा कि 2025 के रण में कौन बाजी मारेगा — विकास, जातीय समीकरण या गठबंधन की एकता?

रिपोर्ट –  विजय सिन्हा

भागलपुर विधानसभा सीट पर सस्पेंस बरकरार, भाजपा में टिकट को लेकर मचा घमासान – कौन बनेगा भगवा चेहरा?

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Bhagalpur News: भागलपुर विधानसभा सीट पर इस बार भाजपा में टिकट की दावेदारी को लेकर सियासी तापमान चरम पर है। भाजपा के लिए यह सीट “प्रतिष्ठा की लड़ाई” बन चुकी है, क्योंकि कांग्रेस के अजीत शर्मा लगातार तीन बार जीत दर्ज कर चुके हैं। ऐसे में पार्टी इस बार ऐसा उम्मीदवार उतारना चाहती है जो न सिर्फ सशक्त जनाधार रखता हो बल्कि कांग्रेस के गढ़ में सेंध भी लगा सके।

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के मुताबिक टिकट के लिए कई बड़े नाम रेस में हैं — रोहित पाण्डेय, अर्जित शाश्वत चौबे, डा. प्रीति शेखर, और बंटी यादव। इन सभी ने पटना से लेकर दिल्ली तक संगठन के दरवाज़े खटखटाए हैं। भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने इन दावेदारों की विनिंग पोटेंशियल, जनसंपर्क, और स्थानीय समीकरण के आधार पर फीडबैक जुटाया है।

रोहित पाण्डेय की दावेदारी को सबसे मजबूत माना जा रहा है। संगठन के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता के रूप में उनकी पकड़ ज़मीनी स्तर पर मजबूत है। वहीं अर्जित शाश्वत चौबे, पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे के पुत्र होने के नाते राजनीतिक पहचान और संसाधनों के दम पर मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं।

सूत्र बताते हैं कि भाजपा नेतृत्व जातीय समीकरणों, मुस्लिम-पिछड़ा वोट बैंक, और महिला मतदाताओं के प्रभाव को ध्यान में रखकर अंतिम निर्णय लेगा। भागलपुर सीट पर जीत का अंतर पिछले चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में रहा है, इसलिए भाजपा इस बार “विनिंग कैंडिडेट” के फार्मूले पर चल रही है।

भाजपा के जिलाध्यक्ष ने भी संकेत दिए हैं कि “पार्टी इस बार ऐसा चेहरा उतारेगी जो जनता के बीच अपनी मजबूत पकड़ रखता हो और कांग्रेस को सीधी टक्कर दे सके।”

अब सबकी निगाहें भाजपा मुख्यालय पर टिकी हैं — आखिर भागलपुर से भगवा झंडा फहराने का जिम्मा इस बार किसके हाथ में होगा, यह तय करेगा पार्टी का टिकट वितरण।