डीएम अलंकृता पाण्डेय ने अधिकारियों को दिया सख्त निर्देश, 2 नवंबर तक होगा प्रस्तावित स्थलों का संयुक्त निरीक्षण; अवैध खनन और ओवरलोडिंग वाले रास्तों पर प्रशासन की विशेष नजर, छठ पूजा से पहले सड़कों की मरम्मत पूरी करने का अल्टीमेटम।
Bhagalpur News: भागलपुर जिले की ग्रामीण सड़कों और पुलों को ओवरलोडेड भारी वाहनों से होने वाले नुकसान से बचाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। अब निर्धारित भार क्षमता से अधिक वजन वाले भारी वाहनों के परिचालन पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए संवेदनशील मार्गों पर हाईट बैरियर (ऊंचाई प्रतिबंधक अवरोधक) लगाए जाएंगे। वहीं, आगामी छठ पूजा को देखते हुए जिले की सभी संबंधित सड़कों को भी समय रहते दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है।
इसको लेकर शनिवार, 31 अक्टूबर को भागलपुर समाहरणालय स्थित समीक्षा भवन में जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों एवं पुलों पर निर्धारित क्षमता से अधिक भारी वाहनों के परिचालन को रोकने तथा छठ पूजा से पहले सड़क मरम्मत कार्य पूरा कराने को लेकर विस्तार से समीक्षा की गई।
ओवरलोडेड वाहनों के रास्तों की होगी पहचान, प्रशासन करेगा संयुक्त निरीक्षण
बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिया कि हाईट बैरियर लगाने के लिए चिह्नित किए जाने वाले सभी संभावित स्थलों का संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण किया जाए। केवल कागजी रिपोर्ट के आधार पर स्थानों का चयन नहीं होगा, बल्कि अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे।
निरीक्षण के दौरान विशेष रूप से उन रास्तों की पहचान की जाएगी, जहां से अवैध खनन और ओवरलोडेड वाहनों का परिचालन होता है। इसके साथ ही बालू घाटों, अन्य खनन स्थलों और ग्रामीण कार्य विभाग की सड़कों के बीच संपर्क मार्गों की भी जांच की जाएगी।
प्रशासन का उद्देश्य ऐसे संवेदनशील रास्तों को चिह्नित करना है, जहां से निर्धारित भार क्षमता से अधिक वजन वाले ट्रक और अन्य भारी वाहन गुजरते हैं। इन मार्गों पर हाईट बैरियर लगाने की संभावनाओं का आकलन किया जाएगा, ताकि ग्रामीण सड़कों और पुलों को समय से पहले क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके।
वैध खनन और आम लोगों के आवागमन में नहीं होगी परेशानी
जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि हाईट बैरियर लगाने के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि वैध खनन गतिविधियों, बालू घाटों के संचालन और आम नागरिकों के आवागमन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़े।
उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रस्तावित स्थल की आवश्यकता, उपयुक्तता और व्यावहारिकता का सही तरीके से आकलन किया जाए। इसके लिए जिला खनिज विकास पदाधिकारी और अपर जिला परिवहन पदाधिकारी के साथ समन्वय स्थापित कर हाईट बैरियर लगाने के लिए उपयुक्त स्थानों का अंतिम चयन किया जाएगा।
2 नवंबर तक निरीक्षण पूरा करने का अल्टीमेटम
जिलाधिकारी ने संयुक्त निरीक्षण की प्रक्रिया 2 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से पूरी करने का निर्देश दिया है। अधिकारियों को स्पष्ट अनुशंसा के साथ विस्तृत प्रतिवेदन जिला परिवहन कार्यालय, भागलपुर में जमा करना होगा।
इसके बाद प्राप्त रिपोर्ट के आधार पर जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की जाएगी। समिति से आवश्यक अनुमोदन प्राप्त होने के बाद हाईट बैरियर अधिष्ठापन की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छठ पूजा से पहले चमकेंगी सड़कें, जर्जर रास्तों की होगी मरम्मत
बैठक में छठ पूजा की तैयारियों को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छठ महापर्व के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु विभिन्न घाटों तक पहुंचते हैं। ऐसे में सड़कों का सुरक्षित और सुगम होना बेहद जरूरी है।
इसे देखते हुए जिले की सभी संबंधित सड़कों को छठ पूजा से पहले अनिवार्य रूप से मोटरेबल यानी आवागमन योग्य बनाने का निर्देश दिया गया है। जिन सड़कों की स्थिति खराब है, जहां गड्ढे बने हुए हैं या सड़कें जर्जर होकर आवागमन के लिए अनुपयुक्त हो गई हैं, वहां तत्काल मरम्मत कार्य शुरू कराया जाएगा।
ग्रामीण कार्य विभाग के सभी संबंधित कार्यपालक अभियंताओं को अपने-अपने कार्यक्षेत्र की सड़कों का नियमित निरीक्षण करने और मरम्मत कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा कराने का निर्देश दिया गया है।
अब दफ्तर में बैठकर नहीं चलेगा काम, अधिकारी खुद करेंगे सड़क का निरीक्षण
जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि केवल कार्यालय में बैठकर योजनाओं और मरम्मत कार्यों की समीक्षा करना पर्याप्त नहीं है। संबंधित पदाधिकारियों को खुद क्षेत्र में जाकर सड़कों की वास्तविक स्थिति देखनी होगी।
अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि मरम्मत कार्य केवल कागजों पर पूरा न दिखे, बल्कि जमीन पर उसकी गुणवत्ता और उपयोगिता भी दिखाई दे। सड़क मरम्मत की प्रगति और कार्य की गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन किया जाएगा।
प्रशासन की कोशिश है कि छठ पूजा के अवसर पर श्रद्धालुओं, व्रतियों और आम नागरिकों को आवागमन में किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समय पर काम पूरा करने का निर्देश दिया गया है।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में प्रभारी पदाधिकारी, जिला गोपनीय शाखा, जिला खनिज विकास पदाधिकारी, अपर जिला परिवहन पदाधिकारी, ग्रामीण कार्य विभाग के कार्यपालक अभियंता, संबंधित कार्य प्रमंडलों एवं प्रखंडों के वरीय पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
कुल मिलाकर, भागलपुर जिला प्रशासन ने एक तरफ ओवरलोडेड वाहनों पर नियंत्रण के लिए हाईट बैरियर लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी है, तो दूसरी तरफ छठ पूजा से पहले सड़कों को दुरुस्त करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। अब देखना होगा कि अधिकारियों को दी गई समय-सीमा के भीतर ये निर्देश धरातल पर कितने प्रभावी साबित होते हैं।


