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बिहार में भ्रष्टाचार पर CM सख्त: निगरानी विभाग की समीक्षा, पारदर्शी प्रशासन के लिए कड़े निर्देश

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पटना, 27 नवंबर: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज राज्य में सुशासन और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक की। 1 अने मार्ग स्थित ‘संकल्प’ में आयोजित बैठक में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग और निगरानी विभाग के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं और कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित करते हुए तेजी से क्रियान्वयन किया जाए।

बैठक में मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से विभागीय कार्यों की अद्यतन जानकारी प्रस्तुत की। मुख्यमंत्री ने इस समीक्षा पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार को समाप्त करने के लिए निगरानी विभाग को और अधिक संवेदनशील और सशक्त भूमिका निभानी होगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार न्याय के साथ विकास के सिद्धांत पर कार्य कर रही है और इसके लिए जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आम जनता को सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ जल्दी और पारदर्शी तरीके से मिलना चाहिए।

बैठक में मौजूद अधिकारी

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग एवं निगरानी विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी, मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह, विशेष सचिव निलेश रामचंद्र देवरे और अरविंद कुमार वर्मा उपस्थित रहे।

आने वाली प्रक्रिया

  • निगरानी विभाग की कार्रवाई और तेज होगी
  • भ्रष्टाचार के मामलों में त्वरित जांच और दंडात्मक कार्रवाई
  • सरकारी योजनाओं की निगरानी और पारदर्शिता होगी मजबूत
  • आम नागरिकों को योजनाओं का सीधा लाभ देने पर जोर

यह बैठक बिहार में पारदर्शिता और जवाबदेही वाले प्रशासन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिससे स्पष्ट संदेश गया है कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार पर किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगी।

CM महिला रोजगार योजना से बड़ी राहत: बिहार की 10 लाख महिलाओं को 28 नवंबर को मिलेगा 10-10 हजार रुपए का लाभ

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Patna News: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत बिहार सरकार महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य की 10 लाख महिलाओं के खातों में 28 नवंबर 2025 को सीधे 10-10 हजार रुपये की राशि भेजी जाएगी। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को रोजगार, स्वावलंबन और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूत करना है।

सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस योजना में ग्रामीण क्षेत्रों की 9 लाख 50 हजार और शहरी क्षेत्रों की 50 हजार महिलाएं शामिल की गई हैं। यह सभी महिलाएं जीविका समूह से जुड़ी हुई हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार इस राशि को डीबीटी (डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर) के माध्यम से सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजेंगे। अब तक इस योजना के तहत 1.40 करोड़ से अधिक राशि सीधे खातों में भेजी जा चुकी है।

रोजगार योजना के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों प्रकार से आवेदन लिए गए थे। ग्रामीण क्षेत्रों की कई महिलाओं ने ऑफलाइन आवेदन दिए, जबकि शहरी क्षेत्रों की महिलाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई। जो महिलाएं पहले से जीविका समूह से जुड़ी थीं, उन्हें स्वतः लाभार्थी सूची में शामिल किया गया है।

अब आने वाले दिनों में जीविका समूह से जुड़ी अधिक महिलाओं के खातों में 10-10 हजार रुपये भेजे जाने की योजना पर भी सरकार काम कर रही है। अभी तक कुल 13 लाख से अधिक महिलाओं ने इस योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन किया है।

सरकार का दावा है कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक मजबूती देने के साथ छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। वहीं, लाभार्थी महिलाओं में इस घोषणा को लेकर उत्साह देखने को मिल रहा है।

बैकुंठपुर में जमीन मालकिन से 10 लाख की रंगदारी! दबंगों पर झूठे केस में फंसाने की धमकी का आरोप

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Bhagalpur News: सुलतानगंज थाना क्षेत्र के बैकुंठपुर गांव में जमीन विवाद ने रंगदारी और जान से मारने की धमकी का रूप ले लिया है। गांव के मनोज कुमार की पत्नी एवं जमीन की मालकिन शोभा देवी ने दबंग राजेन्द्र साह और उसके परिवार पर 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगने, घर पर कब्जा जमाने और पति-देवर की हत्या करने की धमकी देने का सनसनीखेज आरोप लगाया है।

पीड़िता द्वारा थाना में दिए गए लिखित आवेदन के अनुसार, शोभा देवी के पति मनोज कुमार ने उनके नाम पर जमीन के साथ निर्मित मकान की खरीदारी की थी। जमीन निबंधन होने के बाद राजेन्द्र साह और उसके परिजनों ने कथित रूप से जबरन घर में घुसकर कब्जा जमा लिया। जब घर खाली करने की मांग की गई तो उन लोगों ने 10 लाख रुपये की रंगदारी की मांग करते हुए झूठे मामले में फंसाने और परिवार की हत्या करने की धमकी दी।

शोभा देवी का कहना है कि दबंगों की दहशत से उनका परिवार दहशत में है, घर में प्रवेश तक नहीं कर पा रहा। उन्होंने अविलंब कानूनी कार्रवाई और सुरक्षा की मांग की है।

पुलिस ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा है कि आवेदन प्राप्त हो चुका है और यह जमीनी विवाद से जुड़ा मामला प्रतीत हो रहा है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच में जुट गई है और आरोपों की पड़ताल की जा रही है।

इस घटना ने इलाके में तनाव बढ़ा दिया है। ग्रामीणों में भी दहशत और नाराजगी का माहौल है। पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है, जबकि पुलिस की कार्रवाई अब इस विवाद का अगला कदम तय करेगी l

भागलपुर जाम पर प्रशासन सख्त: विक्रमशिला सेतु पर ओवरटेकिंग करने वालों की लाइसेंस होगी रद्द, ओवरलोडिंग पर ₹10,000 जुर्माना तय

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर और आसपास के सड़कों पर लगातार बढ़ रहे ट्रैफिक जाम की समस्या अब जिला प्रशासन की प्राथमिकता सूची में आ चुकी है। बुधवार की शाम समीक्षा भवन में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी की अध्यक्षता में जाम की समस्या पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें विक्रमशिला सेतु, खगड़िया–कुर्सेला पथ तथा कहलगांव–भागलपुर मार्ग पर पिछले दो दिनों से लग रहे लंबे जाम पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में यातायात को लेकर कड़े दंड, संरचनात्मक सुधार और स्थायी समाधान पर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक में नवगछिया एसपी, नगर एसपी, उप विकास आयुक्त, नगर आयुक्त, जिला परिवहन पदाधिकारी, राष्ट्रीय उच्च पथ-31 एवं 80 के कार्यपालक अभियंता तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, मुंगेर/भागलपुर प्रमंडल के निदेशक सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

ओवरलोडिंग और ओवरटेकिंग पर बड़ी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिया कि विक्रमशिला सेतु से 1–2 किलोमीटर पहले ही भारी वाहनों की ओवरलोडिंग जांच अनिवार्य की जाए। साथ ही सेतु पर ओवरटेक करने वाले वाहनों पर भारी जुर्माना लगाने और ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई सख्ती से लागू की जाएगी।

सेतु पर जगह-जगह यह चेतावनी साइनबोर्ड लगाने का निर्देश दिया गया—

“आप सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में हैं। ओवरटेकिंग करने पर आप पर जुर्माना लगाया जाएगा तथा आपका ड्राइविंग लाइसेंस निरस्त किया जा सकता है।”

इसके साथ ही ओवरलोडिंग वाले वाहनों पर ₹10,000 का जुर्माना तय किया गया। जिला परिवहन पदाधिकारी को बस यूनियन के साथ MoU तैयार करने का भी आदेश दिया गया।

टूटे वाहनों से जाम अब नहीं

राष्ट्रीय उच्च पथ-80 के कार्यपालक अभियंता को विक्रमशिला पुल के दोनों छोर पर स्थायी क्रेन लगाने, ब्रेकडाउन वाहनों को तुरंत हटाने और तीन शिफ्ट में क्रेन ऑपरेटर की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया। उनके संपर्क नंबर भी संबंधित विभागों से साझा किए जाएंगे।

खनिज विभाग के जप्त ट्रकों को हटाने का आदेश

जिला खनिज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि नवगछिया की ओर पिछले 50–52 खड़े भारी वाहनों को आज रात तक सड़क से हटाकर अन्यत्र भेजा जाए, ताकि यातायात सुचारू रह सके।

वैकल्पिक मार्गों को जल्द करें चालू

राष्ट्रीय उच्च पथ-31 के कार्यपालक अभियंता को सुलतानगंज–मुंगेर मार्ग को भारी वाहनों के लिए जल्द चालू करने तथा घोगा–मिर्जा चौकी एवं घोगा–भागलपुर पथ को शीघ्र तैयार करने का आदेश दिया गया।

एनटीपीसी देगा सीसीटीवी और क्रेन

जिलाधिकारी ने एनटीपीसी, कहलगांव को सीएसआर फंड से विक्रमशिला सेतु पर सीसीटीवी कैमरे एवं एक क्रेन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया, जिस पर संस्था ने 15 दिसंबर तक सीसीटीवी की राशि उपलब्ध कराने की पुष्टि की।

बैठक में एसी-डीसी बिल और निर्वाचन से संबंधित लंबित भुगतान को लेकर भी आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए।

शाहकुंड में संदिग्ध हालात में युवक की लाश मिली, हत्या की आशंका तेज; पुलिस ने मोबाइल बरामद कर शुरू की तफ्तीश

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के शाहकुंड थाना क्षेत्र में बुधवार की सुबह एक सनसनीखेज मामला सामने आया, जब गड़ैया पोखर पचरुखी के पास एक युवक का शव संदिग्ध हालात में बरामद हुआ। शव सड़क किनारे मिलने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और मौके पर भारी संख्या में स्थानीय लोग इकट्ठा हो गए। सूचना के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और घटना स्थल को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

मृतक की पहचान शाहकुंड थाना क्षेत्र के खैरा गांव निवासी मो. राजा, पिता मो. अजीम, उम्र लगभग 25 वर्ष के रूप में की गई। पुलिस ने बताया कि मो. राजा की गुमशुदगी को लेकर उसकी मां नसीमा खातून द्वारा 23 नवंबर 2025 को शाहकुंड थाना में आवेदन दिया गया था। इसी आधार पर थाना कांड संख्या-213/25, धारा 137(2)/140(3) बीपीएमएससी के तहत अज्ञात के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक नगर, पुलिस उपाधीक्षक विधि-व्यवस्था, FSL टीम व डॉग स्क्वॉयड टीम ने संयुक्त रूप से घटना स्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच में हत्या की आशंका को देखते हुए पुलिस ने मृतक का मोबाइल फोन बरामद कर लिया है और इसे केस की अहम कड़ी माना जा रहा है। संदिग्ध लोगों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।

शव को पोस्टमार्टम के लिए जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, भागलपुर भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच तेज गति से जारी है और अपराधियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।

भागलपुर में देर रात DJ बजाने पर बड़ी कार्रवाई, दो संचालकों पर FIR; पुलिस ने जब्त किया सामान

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भागलपुर, 26 नवंबर। देर रात DJ बजाने वालों पर भागलपुर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद रात 10 बजे के बाद तेज आवाज में DJ बजाने की शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने बबरगंज चौक और मंदरोड़ा चौक (रामसर चौक) में छापेमारी कर DJ बंद कराया। इस दौरान पुलिस ने न सिर्फ DJ जब्त किया, बल्कि दो DJ संचालकों के खिलाफ थाना स्तर पर मुकदमा भी दर्ज कर लिया।

मामला 25 नवंबर की रात का है, जब बबरगंज थाना और तातारपुर थाना क्षेत्र में शादी समारोह में DJ देर रात बजता पाया गया। स्थानीय लोगों ने तेज आवाज से हो रही परेशानी की शिकायत पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने DJ बंद कराया और DJ पिकअप वाहन समेत अन्य उपकरण जब्त कर लिए।

पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बबरगंज थाना कांड संख्या 308/2025 एवं तातारपुर थाना कांड संख्या 154/25 के तहत DJ संचालकों और वाहन चालकों पर प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के DJ या लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

भागलपुर पुलिस का सख्त निर्देश

पुलिस ने सभी DJ/लाउडस्पीकर ऑपरेटरों और विवाह भवन संचालकों को चेतावनी देते हुए निर्देश दिया है कि रात 10 बजे के बाद किसी भी प्रकार के DJ का संचालन न किया जाए। नियम उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीधे प्राथमिकी दर्ज कर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

BIT मेसरा, पटना में ‘IMPACT 2025’ की तैयारी पूरी; वैश्विक एआई विशेषज्ञ होगा एक मंच पर, बिहार बनेगा इनोवेशन हब

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पटना, 26 नवंबर 2025। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और स्मार्ट टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिहार एक बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (BIT) मेसरा, पटना कैंपस 5–6 दिसंबर 2025 को IMPACT 2025 – इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन इंटेलिजेंट मशीन प्रोसेसेज़ एंड एआई-सेंट्रिक टेक्नोलॉजीज़ का आयोजन करने जा रहा है। यह आयोजन न सिर्फ तकनीकी शोध को मजबूत करेगा, बल्कि बिहार को एआई रिसर्च की वैश्विक मानचित्र पर नई पहचान देगा।

संस्थान के निदेशक डॉ. आनंद कुमार सिन्हा ने बताया कि IMPACT 2025 “वैश्विक शोध सहयोग, इंडस्ट्री–अकादमिक इंटरैक्शन और इनोवेशन के लिए बहुपयोगी प्लेटफॉर्म” साबित होगा। बिहार में उन्नत अनुसंधान और टेक–ड्रिवेन एप्लीकेशन के विस्तार को यह सम्मेलन नई दिशा देगा।


✨ अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ होंगे मुख्य आकर्षण

सम्मेलन में दुनिया के प्रतिष्ठित संस्थानों से एआई शोधकर्ता और टेक विशेषज्ञ शामिल होंगे, जिनमें प्रमुख नाम हैं:

  • डॉ. इयान च्यू, सिंगापुर
  • डॉ.-इंग. सियान लुन लाउ, मलेशिया
  • डॉ. श्रीपर्णा साहा, IIT पटना
  • काम्या खट्टर, सीनियर एडिटर, स्प्रिंगर नेचर
  • डॉ. दीतिप्रिया सिन्हा, NIT पटना

ये वक्ता डीप लर्निंग, नैचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग, सस्टेनेबल एआई मॉडल, इंटेलिजेंट सिस्टम्स और स्मार्ट निर्णय तकनीकों पर व्याख्यान और केस स्टडी प्रस्तुत करेंगे।


🧠 CSE विभाग होगा आयोजन की कमान संभालने वाला

BIT पटना के कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग के संयोजक इस आयोजन का संचालन करेंगे:

  • डॉ. अयन कुमार दास
  • डॉ. ज्ञानेंद्र तिवारी
  • डॉ. अमित प्रकाश

सम्मेलन में तकनीकी पेपर प्रस्तुतियाँ, कार्यशालाएँ, पैनल डिस्कशन, विषय–आधारित सेशन और स्टार्ट–अप इंटरैक्शन आयोजित किए जाएँगे। इसमें देश–विदेश के शोधकर्ता, उद्योग विशेषज्ञ, विद्यार्थी और टेक इनोवेटर्स भाग लेंगे।


📚 Scopus Indexed Springer ICT Series में होंगे शोध–पत्र प्रकाशित

आयोजकों ने बताया कि कठोर समीक्षा प्रक्रिया के बाद चयनित शोध–पत्रों को Springer ICT Book Series (Scopus Indexed) में प्रकाशित किया जाएगा। यह बिहार के उभरते शोधकर्ताओं और संस्थानों को विश्वस्तरीय मंच प्रदान करेगा।


🏛 बिहार को मिलेगा तकनीकी बढ़ावा, पर्यटन भी होगा आकर्षण

इस आयोजन से बिहार के शैक्षणिक वातावरण, रिसर्च कल्चर और टेक इंडस्ट्री को गति मिलने की उम्मीद है। प्रतिभागियों के लिए नालंदा, राजगीर और बोधगया जैसे ऐतिहासिक स्थलों के भ्रमण की व्यवस्था भी की गई है, जिससे शोध के साथ सांस्कृतिक पर्यटन का अनुभव भी जुड़ सके।


कार्यक्रम विवरण:
📍 स्थान: BIT मेसरा, पटना कैंपस
📅 तारीख: 5–6 दिसंबर 2025
🌐 वेबसाइट: impact2025.bitmesra.ac.in
💻 सबमिशन पोर्टल: Microsoft CMT


CM नीतीश ने किया दानापुर-बिहटा एलिवेटेड रोड व शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल का निरीक्षण, निर्माण कार्य को तय समय सीमा में पूरा करने का सख्त निर्देश

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पटना, 26 नवंबर। बिहार में सड़क और पुल निर्माण के बड़े प्रोजेक्ट अब अंतिम चरण में तेजी पकड़ रहे हैं। बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दानापुर–बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर और शेरपुर–दिघवारा गंगा पुल के निर्माण कार्यों का स्थल निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि दोनों महत्वाकांक्षी परियोजनाओं को निर्धारित समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए, ताकि यातायात को नई गति और राज्य के विकास को नई दिशा मिल सके।

निरीक्षण के दौरान दानापुर-बिहटा एलिवेटेड कॉरिडोर को लेकर मुख्यमंत्री ने निर्माण प्रगति की विस्तार से जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि निर्माण कार्य तेजी से हो रहा है और किसी तरह की बाधा सामने नहीं आ रही। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि परियोजना पूरी होने के बाद बिहटा से कोईलवर तक यातायात बेहद सुगम हो जाएगा। पटना शहर को भी एनएच-922 और कोईलवर पुल से बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। यह परियोजना रिंग रोड (कन्हौली मोड़) और एम्स गोलंबर से एनएच-139 जुड़ाव को मजबूत करेगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह कॉरिडोर बिहटा के प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए विशेष कनेक्टिविटी प्रदान करेगा, जिससे बिहार की एयर कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक क्षमता को नई उड़ान मिलेगी।

इसके बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शेरपुर-दिघवारा गंगा पुल के कार्यों की समीक्षा की। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की ओर से सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा चुके हैं और निर्माण तेज गति से जारी है। सीएम ने उस स्थान का भी निरीक्षण किया जहां जेपी गंगा पथ की कनेक्टिविटी इस नए पुल से जोड़ी जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पुल ना सिर्फ पटना की ट्रैफिक लोड को कम करेगा, बल्कि पटना शहर को बायपास करते हुए छपरा, हाजीपुर, गोपालगंज तथा सीवान की ओर जाने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध कराएगा। इससे समय, ईंधन और परिवहन लागत में कमी आएगी।

उन्होंने जोर देकर कहा कि इन दोनों परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के लोगों को सुविधाजनक और वैकल्पिक सड़क नेटवर्क मिलेगा। “हम लगातार निरीक्षण करते रहे हैं। समय पर कार्य पूरा करें, यही पहली प्राथमिकता है,” सीएम ने स्पष्ट निर्देश दिया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, सचिव अनुपम कुमार, पथ निर्माण विभाग के सचिव संदीप कुमार आर. पुदुकलकट्टी, विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, पटना DM डॉ. त्यागराजन एस.एम., SSP कार्तिकेय के. शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बिहार में मीठी क्रांति की शुरुआत: नीतीश सरकार का बड़ा फैसला, बंद पड़ी चीनी मिलें फिर होंगी चालू, ग्रामीण अर्थव्यवस्था में आएगी नई जान

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पटना 25 नवंबर। बिहार में नई नीतीश सरकार ने अपने पहले ही कैबिनेट बैठक में वह फैसला किया है जिसका इंतजार गन्ना किसान वर्षों से कर रहे थे। राज्य में बंद पड़ी चीनी मिलों को दोबारा चालू करने, गन्ना उद्योग को पुनर्जीवित करने और इसे नई औद्योगिक पहचान देने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। यह कदम न केवल किसानों की आय बढ़ाएगा, बल्कि बिहार को एक बार फिर देश के प्रमुख चीनी उत्पादक राज्यों की कतार में खड़ा करेगा।

सूत्रों के अनुसार, सरकार ने 9 पुरानी बंद मिलों को रिवाइव करने और कुल 25 चीनी मिलों के लिए पुनर्गठन कार्ययोजना तैयार करने की मंजूरी दी है। इन मिलों में चीनी उत्पादन के साथ-साथ एथेनॉल उत्पादन की भी संभावना तलाशने का प्रस्ताव है, जिससे राज्य में नई औद्योगिक ऊर्जा पैदा होगी और रोजगार के बड़े अवसर खुलेंगे।


किसानों की आय बढ़ेगी, उद्योग को नई रफ्तार

सरकार का मानना है कि जब मिलें चालू होंगी, तो गन्ना किसानों को मंडी का बेहतर और स्थायी विकल्प मिलेगा, समय पर भुगतान सुनिश्चित होगा और गन्ने की खेती एक लाभकारी व्यवसाय बनेगी। ग्रामीण पट्टी में रोजगार और बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे गांव से पलायन की समस्या में भी कमी आ सकती है।


चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में बनेगी हाई-लेवल कमेटी

कैबिनेट के निर्णय के अनुसार, बंद चीनी मिलों को चालू करने और नए प्रोजेक्ट्स के क्रियान्वयन हेतु मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। यह समिति निवेश, निजी-साझेदारी, तकनीकी अध्ययन और व्यावहारिक क्रियान्वयन की रूपरेखा तय करेगी।


सकरी और रैयाम मिलों पर विशेष फोकस

सरकार ने विशेष रूप से सकरी (दरभंगा) और रैयाम (समस्तीपुर) की परिसंपत्तियों के पुनर्मूल्यांकन का आदेश दिया है, ताकि जल्द से जल्द इन मिलों में उत्पादन शुरू कराया जा सके और इन्हें एथेनॉल प्लांट से भी जोड़ा जा सके। इससे बिहार को नई ऊर्जा-आधारित इंडस्ट्री में बड़ा आर्थिक लाभ मिलेगा।


‘बदलते बिहार’ के औद्योगिक विकास की दिशा में बड़ा कदम

नीतीश सरकार का यह कदम कृषि-आधारित उद्योग को बढ़ावा देने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और युवाओं के लिए रोजगार सृजन की दिशा में गेम-चेंजर साबित हो सकता है। आने वाले समय में बिहार न केवल चीनी उत्पादन में आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि एथेनॉल और बायो-एनेर्जी सेक्टर में भी अग्रणी भूमिका निभाएगा।

अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी से बिहार की खेल कमान तक: श्रेयसी सिंह बोलीं — अब हर गांव से निकलेंगे ओलंपियन

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पटना। बिहार के खेल इतिहास में मंगलवार का दिन यादगार बन गया। पाटलिपुत्र खेल परिसर, कंकड़बाग के इंडोर स्टेडियम में बिहार के खेल जगत ने अंतर्राष्ट्रीय निशानेबाज़ और नव नियुक्त खेल मंत्री सुश्री श्रेयसी सिंह का भव्य अभिनंदन किया। बिहार ओलंपिक एसोसिएशन, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण, विभिन्न खेल संघों, प्रशिक्षकों, खिलाड़ियों और खेल पदाधिकारियों द्वारा किया गया यह स्वागत न केवल सम्मान का पल था, बल्कि बिहार के खेल भविष्य की नई शुरुआत भी साबित हुआ।

सुबह पदभार ग्रहण करने के बाद शाम को श्रेयसी सिंह खिलाड़ियों और खेल अधिकारियों के बीच पहुंचीं। भावनात्मक और प्रभावी संबोधन में श्रेयसी ने अपने सफर को साझा करते हुए कहा—
“एक खिलाड़ी से खेल मंत्री बनने की खुशी जितनी है, उससे कहीं अधिक इस जिम्मेदारी का एहसास है। खिलाड़ियों के संघर्ष, जरूरतों और सपनों को मैं बहुत करीब से जानती हूं, और मैं इस पद पर रहकर उनके हर सपने को पूरा करने के लिए 100 प्रतिशत प्रयास करूंगी।”

उन्होंने कहा की बिहार को अंतर्राष्ट्रीय खेल शक्ति बनाना उनका लक्ष्य है। खेल प्रतिभा की खोज और उन्हें वैश्विक स्तर पर ले जाने के लिए उन्होंने बड़ा फैसला भी किया।
“नेशनल गेम्स की तरह बिहार में हर दो साल पर ‘बिहार स्टेट गेम्स’ आयोजित किए जाएंगे। इस वर्ष जनवरी-फरवरी से इसकी शुरुआत होगी, ताकि गांव-गांव की प्रतिभा विश्व मंच तक पहुँच सके।”

कार्यक्रम में बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह सीईओ रवीन्द्रण शंकरण ने कहा—
“बिहार देश का पहला राज्य है, जिसने एक महिला खिलाड़ी को खेल मंत्री बनाया है। बिहार इतिहास लिखता नहीं, रचता है। श्रेयसी सिंह के आने से खेल जगत में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।”

कॉमनवेल्थ में स्वर्ण पदक, अनेक अंतर्राष्ट्रीय उपलब्धियों और अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित श्रेयसी सिंह देश की पहली ऐसी खिलाड़ी हैं जिन्होंने जनप्रतिनिधि रहते हुए भी ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। खेल मंत्री के रूप में उनकी नियुक्ति ने इसे और भी ऐतिहासिक बना दिया है।

बिहार ओलंपिक एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय कुमार ने मंत्री को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में निदेशक रविंद्र नाथ चौधरी ने स्वागत किया और उपनिदेशक हिमांशु सिंह ने धन्यवाद ज्ञापन दिया।