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बिहार में नई सरकार का मेगा ऐलान: 2030 तक 1 करोड़ युवाओं को नौकरी और रोजगार, बनेगा पूर्वी भारत का टेक-हब

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पटना 25 नवंबर। बिहार की नई सरकार ने राज्य के युवाओं के लिए अब तक का सबसे बड़ा रोजगार प्लान लागू करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपने X अकाउंट पर लिखा है कि अगले 5 वर्षों (2025-30) में बिहार में 1 करोड़ युवाओं को सरकारी नौकरी और रोजगार दिया जाएगा। इससे पहले सात निश्चय–2 के तहत वर्ष 2020 से 2025 के बीच 50 लाख युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराया जा चुका है। अब इस पहल को और विस्तार देते हुए सरकार रोजगार, नवाचार और तकनीक आधारित विकास की नई दिशा स्थापित करने जा रही है।

बिहार बनेगा ग्लोबल ‘Back-end Hub’ और ‘Global Work Place’

राज्य सरकार ने कहा कि उद्योग और तकनीक आधारित सेवाओं को बढ़ावा देने के लिए बिहार को एक ग्लोबल बैक-एंड हब और ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके लिए बिहार से जुड़े राष्ट्रीय एवं वैश्विक उद्यमियों से सुझाव लेकर विस्तृत नीतियां तैयार की जाएंगी। अर्थशास्त्रियों और विशेषज्ञों की मदद से उद्योगों की नई कार्ययोजना तैयार होगी।

बिहार बनेगा पूर्वी भारत का पहला Technology Hub

सरकार ने कहा कि बिहार की सबसे बड़ी शक्ति यहां की युवा आबादी है। इसी मानव संसाधन को तकनीक आधारित विकास की दिशा में उपयोग करते हुए बिहार को पूर्वी भारत के तकनीकी केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके तहत निम्न हाई-टेक परियोजनाएं स्थापित की जाएंगी—

  • डिफेंस कॉरिडोर
  • सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग पार्क
  • ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC)
  • मेगा टेक सिटी
  • फिनटेक सिटी

इन परियोजनाओं को लागू कर राज्य में उद्योगों का जाल बिछाया जाएगा।

चीनी उद्योग में नई क्रांति

राज्य में नई चीनी मिलों की स्थापना और पुरानी बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के लिए नई नीति तैयार की गई है। इससे ग्रामीण इलाकों में कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा और बड़े पैमाने पर युवाओं को रोजगार प्राप्त होगा।

‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना

राज्य में नई तकनीक अपनाने और शहरों को स्मार्ट बनाने के उद्देश्य से ‘बिहार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस मिशन’ की स्थापना की जाएगी। यह मिशन उद्योग, प्रशासन और शहरी विकास में आधुनिक AI तकनीक का उपयोग सुनिश्चित करेगा।

रोजगार और उद्योगों पर निगरानी के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित

मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समिति गठित की गई है, जो राज्य में उद्योगों के प्रोत्साहन, रोजगार योजनाओं के क्रियान्वयन और औद्योगिक निवेश की निगरानी का कार्य करेगी।

“जो काम हम शुरू करते हैं, उसे पूरा करते हैं”

सरकार का कहना है कि पिछले वर्षों में बिहार में औद्योगिकीकरण की गति बढ़ी है। अब राज्य में औद्योगिक कॉरिडोर, मजबूत पावर सप्लाई, बेहतर जल प्रबंधन और कुशल मानव संसाधन जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। नई सरकार का दावा है कि आने वाले वर्षों में उद्योग लगाने और रोजगार बढ़ाने की गति दोगुनी होगी।

भवन निर्माण विभाग के नए मंत्री विजय कुमार चौधरी सक्रिय मोड में; पदभार संभालते ही की ताबड़तोड़ समीक्षा, दिए पारदर्शी व गुणवत्ता आधारित निर्माण के निर्देश

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पटना: बिहार सरकार के भवन निर्माण विभाग में नए जोश और बदलाव की उम्मीदें तब तेज हो गईं जब विभाग के नए मंत्री विजय कुमार चौधरी सोमवार को अचानक विभाग पहुंचे और पदभार ग्रहण के साथ ही ताबड़तोड़ समीक्षा बैठक की। सचिव कुमार रवि सहित वरिष्ठ पदाधिकारियों, अभियंताओं और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ देकर नए मंत्री का स्वागत किया। स्वागत के तुरंत बाद मंत्री ने अधिकारियों और अभियंताओं से सीधे संवाद कर उनके दायित्वों, चल रहे प्रोजेक्ट्स और निर्माण कार्यों की मौजूदा स्थिति की विस्तृत जानकारी ली।

बैठक में विभाग के सचिव कुमार रवि ने विभाग की कार्यप्रणाली, योजनाओं और बड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी पीपीटी के माध्यम से प्रस्तुत की। विशेष रूप से उन्होंने बीते वर्षों में विभाग द्वारा निर्मित बापू टावर, राजगीर खेल परिसर, बुद्ध सम्यक दर्शन संग्रहालय, स्मृति स्तूप, पंचायत सरकार भवन, प्रखंड कार्यालय, आवासीय विद्यालय सहित अन्य महत्वपूर्ण भवन निर्माण परियोजनाओं का ब्योरा दिया।

मंत्री विजय कुमार चौधरी ने स्पष्ट कहा कि उनकी प्राथमिकता गुणवत्ता के साथ समय पर निर्माण कार्य पूर्ण कराना होगी। उन्होंने निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित मल्टी-लेवल समीक्षा की जाए ताकि किसी भी प्रोजेक्ट में देरी या लापरवाही न हो।

मंत्री ने अधिकारियों को चेतावनी के साथ व्यवस्था सुधार की उम्मीद भी जताई कि “सरकारी भवन सिर्फ निर्माण नहीं, बिहार की पहचान होते हैं, इसलिए हर प्रोजेक्ट में श्रेष्ठ गुणवत्ता दिखनी चाहिए।”

इस मौके पर विभाग के सभी वरिष्ठ अधिकारी, अभियंता और कर्मचारी मौजूद रहे। नए मंत्री की सक्रियता ने संकेत दे दिया है कि अब विभाग में कामकाज की रफ्तार तेज होगी और निर्माण को लेकर सख्त निगरानी रहेगी।

हाजीपुर को बड़ा औद्योगिक हब बनाने की तैयारी: CM नीतीश कुमार ने औद्योगिक इकाइयों का किया निरीक्षण, रोजगार बढ़ाने के निर्देश

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पटना/हाजीपुर: बिहार के औद्योगिक विकास को नई रफ्तार देने की दिशा में आज एक अहम कदम देखने को मिला। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को हाजीपुर औद्योगिक क्षेत्र का दौरा किया और यहां संचालित विभिन्न प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने उत्पादन प्रक्रियाओं, रोजगार की स्थिति और निवेश विस्तार जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अधिकारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि “उद्योगों के विस्तार से अधिक से अधिक रोजगार सृजन सुनिश्चित हो, इसमें किसी प्रकार की कोताही नहीं बरती जाए।”

तीन बड़ी इकाइयों का निरीक्षण

औद्योगिक क्षेत्र भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री ने सबसे पहले न्यू जील सीजनल वियर प्राइवेट लिमिटेड का निरीक्षण किया। उन्होंने कंपनी में तैयार किए जा रहे परिधान, मशीनरी और वहां कार्यरत कर्मचारियों से संवाद कर सुविधाएं एवं कार्यस्थल की स्थिति की जानकारी ली। इसके बाद मुख्यमंत्री कॉम्पीटेंस एक्सपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड पहुंचे, जहां विभिन्न प्रकार के जूतों के निर्माण और निर्यात से जुड़े बाजार, कच्चे माल और उत्पादन क्षमता पर विस्तृत जानकारी ली।

अंत में मुख्यमंत्री ब्रिटानिया इंडस्ट्रीज लिमिटेड पहुंचे, जहां अधिकारियों ने बताया कि यहां विश्वस्तरीय बिस्कुट एवं कुकीज़ तैयार होती हैं, जिनका वितरण न सिर्फ देशभर में बल्कि विदेशों में भी किया जाता है।

रोजगार और निवेश पर विशेष जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि हाजीपुर का औद्योगिक क्लस्टर बिहार का मजबूत औद्योगिक स्तंभ बन सकता है, बशर्ते निवेश और उत्पादन क्षमता में निरंतर वृद्धि हो। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जो भी औद्योगिक इकाइयां विस्तार या नए निवेश में रुचि दिखा रही हैं, उन्हें हर संभव सरकारी सहयोग प्रदान किया जाए।

गौरतलब है कि हाजीपुर औद्योगिक क्लस्टर में 9 औद्योगिक क्षेत्र स्थापित हैं, जहां 289 औद्योगिक इकाइयों को अब तक भूमि आवंटित की जा चुकी है। 304.11 एकड़ भूमि आवंटन के लिए उपलब्ध भी है, जो भविष्य में बड़े निवेशकों को आकर्षित कर सकती है। क्षेत्र में ब्रिटानिया, कॉम्फेड, गोदरेज एग्रोवेट, अनमोल इंडस्ट्रीज, सोन बिस्कुट लिमिटेड जैसी दिग्गज कंपनियों के संचालन से स्थानीय रोजगार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ विधायक सिद्धार्थ पटेल, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह, जिलाधिकारी वर्षा सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

पटना के पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात रंजन को मिला इंटरनेशनल सम्मान — कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन फेलोशिप

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Patna News: पटना के प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात रंजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की प्रतिष्ठा एक नई ऊँचाई पर पहुंचा दी है। कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन (CMA) द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित फेलोशिप अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हैदराबाद में आयोजित CMA के वार्षिक सम्मेलन में प्रदान किया गया, जिसका मुख्य विषय एआई आधारित आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ और डिजिटल हेल्थकेयर का विस्तार था।

इस समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। अवसर पर उपस्थित कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जे. ए. जयलाल ने सार्वजनिक रूप से बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डॉ. रंजन के काम को “असाधारण और प्रेरणादायक” बताते हुए विशेष रूप से सराहा।

उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किया गया योगदान, कैंसर जागरूकता अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती जांच सुविधाओं का विस्तार—ये सभी कार्य सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट मिसाल हैं।

डॉ. प्रभात रंजन, डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर, पटना के निदेशक होने के साथ-साथ बिहार में आधुनिक प्रयोगशाला परीक्षण, कैंसर स्क्रीनिंग, ग्रामीण कैंप और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम की पहल करने वाले प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल हैं।

सम्मान मिलने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. रंजन ने इसे “बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र, मरीजों और मेडिकल कर्मियों के नाम समर्पित” किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल रोगों का पता लगाना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाना, आधुनिक सुविधाएँ पहुँचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक विश्वसनीय बनाना है।

उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वह अत्याधुनिक डिजिटल पैथोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच प्रणाली को बिहार में और तेजी से लागू करने की दिशा में कार्य करेंगे, जिससे ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों तक उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच सके।

इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान ने न केवल बिहार के चिकित्सा क्षेत्र को नई पहचान दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि समर्पण और नवाचार के दम पर कोई भी राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बन सकता है।

IFFI-2025 में बिहार की फिल्म नीति की गूंज: प्रोड्यूसर्स के लिए बड़ा आकर्षण बनी ‘वन विंडो क्लियरेंस’ व्यवस्था

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गोवा/बिहार, 23 नवंबर। 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) में रविवार को बिहार देश के फिल्म निर्माताओं के लिए सबसे आकर्षक चर्चा का केंद्र रहा। ‘जड़ से जुड़ाव: बिहार में सिनेमा का उदय’ विषय पर आयोजित नॉलेज सीरीज में बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (बिहार फिल्म निगम) के प्रबंध निदेशक और कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव प्रणव कुमार (IAS) ने स्पष्ट कहा कि “बिहार में फिल्म नीति केवल छवि बदलने के लिए नहीं, बल्कि फिल्म संस्कृति स्थापित करने के उद्देश्य से बनाई गई है।”

कार्यक्रम में अभिनेत्री व प्रोड्यूसर नीतू चंद्रा, इम्पा अध्यक्ष व प्रोड्यूसर अभय सिन्हा, अभिनेता विनीत कुमार तथा निर्माता-अभिनेता विकास कुमार उपस्थित रहे। संचालन फिल्म इन्फॉर्मेशन के एडिटर कोमल नाहटा ने किया।

प्रणव कुमार ने बताया कि बिहार में वन विंडो क्लियरेंस, शूटिंग के लिए अनुदान, हर जिले में नोडल अधिकारी, फिल्म–वेब सीरीज–टीवी सीरियल–डॉक्यूमेंट्री को बढ़ावा देने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान लागू किए गए हैं। राज्य के सभी जिलों में शूटिंग लोकेशन का डेटाबेस तैयार कर लिया गया है, जिसे जल्द VR मोड में देखने की सुविधा उपलब्ध होगी। इससे बिना रेकी किए भी लोकेशन का चयन आसान हो जाएगा।

उन्होंने कहा कि बिहार में सुरक्षा से जुड़ी चिंताएं अब सिर्फ भ्रांतियां हैं। यहां शूटिंग कर चुके निर्माताओं ने हमेशा सकारात्मक अनुभव साझा किए हैं। राजगीर में फिल्म सिटी बनाने की योजना, वैनिटी वैन व फिल्मी संसाधन एक छत के नीचे उपलब्ध कराने की परियोजना पर भी काम चल रहा है।

इम्पा अध्यक्ष अभय सिन्हा ने कहा कि नई फिल्म नीति से उन्हें अब तक की सबसे बड़ी खुशी मिली है। उन्होंने घोषणा की कि अगले महीने एक साथ तीन फिल्मों की शूटिंग वह बिहार में शुरू करेंगे, साथ ही उन्होंने 40,000 से अधिक प्रोड्यूसर्स से बिहार में फिल्म बनाने की अपील की। उन्होंने राज्य में सेंसर बोर्ड ऑफिस खोलने, और सिंगल स्क्रीन थियेटर में भोजपुरी फिल्मों को अनिवार्य स्क्रीनिंग देने की वकालत की।

सीआईडी फेम अभिनेता विकास कुमार ने कहा कि वह शूटिंग के अलावा, कलाकारों के लिए बिहारी भाषा कोचिंग मुहैया कराने को भी तैयार हैं। अभिनेता विनीत कुमार ने कहा कि फिल्म के लिए विशेष गांव विकसित किए जाएं, ताकि रोजगार और वास्तविकता आधारित सिनेमा दोनों को गति मिले।

नीतू चंद्रा ने कहा कि बिहार की पहचान उसकी स्थानीय भाषाओं—मगही, भोजपुरी, बज्जिका, मैथिली—से ही हो सकती है, और इन्हीं से बिहार को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी।

राज्यस्तरीय अंडर-19 क्रिकेट में सेमीफाइनल मुकाबले तय, भागलपुर और तिरहुत की धमाकेदार शुरुआत | दरभंगा की 10 विकेट से ऐतिहासिक जीत

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Bhagalpur News: खेल विभाग, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण एवं जिला प्रशासन भागलपुर के संयुक्त तत्वावधान में भागलपुर के सैनडिस्क कंपाउंड में 17 नवंबर से जारी राज्यस्तरीय अंडर-19 बालक क्रिकेट प्रतियोगिता अपने निर्णायक चरण में पहुंच गई है। लीग मैचों के समापन के साथ ही चार टीमों ने सेमीफाइनल में प्रवेश किया है। ये टीमें हैं — भागलपुर प्रमंडल, तिरहुत प्रमंडल, दरभंगा प्रमंडल और मगध प्रमंडल।

लीग का अंतिम मुकाबला: दरभंगा की शानदार जीत

आज खेले गए अंतिम लीग मैच में दरभंगा प्रमंडल ने मुंगेर प्रमंडल को 10 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। मुंगेर ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी का फैसला किया, लेकिन यह निर्णय उनके पक्ष में नहीं गया। मजबूत गेंदबाजी के सामने मुंगेर की टीम पूरे 20 ओवर में 9 विकेट खोकर केवल 102 रन ही बना सकी, जो इस टूर्नामेंट के औसत स्कोर से भी काफी कम रहा।

दरभंगा के गेंदबाजों ने प्रभावी प्रदर्शन किया। अंकित कुमार ने 4 ओवर में 20 रन देकर 2 विकेट हासिल किए, जबकि रंजन कुमार, अमित कुमार, मनीष कुमार, कृष कुमार और सरफराज ने 1-1 विकेट चटकाया। मुंगेर की ओर से विकास कुमार ने 40 गेंदों पर 34 नाबाद रन की पारी खेली, जबकि उनके अलावा कोई भी बल्लेबाज टिक नहीं सका।

ओपनर्स की अटूट साझेदारी

लक्ष्य का पीछा करने उतरी दरभंगा टीम के सलामी बल्लेबाज ऋषभ कुमार और आदित्य राज ने मुंगेर के गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। ऋषभ कुमार ने 32 गेंदों पर 42 नाबाद रन बनाए, जबकि आदित्य राज ने 48 गेंदों पर 48 रन की नाबाद पारी खेलते हुए अपनी टीम को 10 विकेट से जीत दिलाई। इस प्रदर्शन के लिए आदित्य राज को मैन ऑफ द मैच चुना गया।

यह टूर्नामेंट में पहली 10 विकेट से दर्ज की गई जीत रही।

सेमीफाइनल की रूपरेखा

पहला सेमीफाइनल— तिरहुत बनाम दरभंगा (सुबह 8:00 बजे)
दूसरा सेमीफाइनल— भागलपुर बनाम मगध (दोपहर 12:00 बजे)

भागलपुर की टीम ने अपने सभी मैच (पटना, दरभंगा, मुंगेर) जीतकर पूल-ए में शीर्ष स्थान प्राप्त किया, जबकि मगध ने दो जीत के साथ रनर-अप का स्थान हासिल किया।

मैच संचालन और उपस्थिति

मैच के अंपायर मनोज गुप्ता (भागलपुर) और नीरज कुमार (पटना) थे। स्कोरर की भूमिका में अंकित राज और रोहित कुमार रहे। चयनकर्ता के रूप में धनंजय कुमार, शैलेंद्र कुमार और नवीन भूषण शर्मा उपस्थित रहे। जिला क्रिकेट संघ से आनंद कुमार मिश्रा, जयशंकर ठाकुर, आलोक कुमार, सुबीर मुखर्जी, जयंत राज, संजीव कुमार समेत कई खेल हस्तियां मौजूद थीं।

रविवार को होने वाले सेमीफाइनल मुकाबलों को लेकर दर्शकों में उत्साह देखा जा रहा है और उम्मीद है कि भागलपुर के क्रिकेट प्रेमियों की भारी भीड़ मैदान में उमड़ेगी।

जेपी गंगा पथ के सौंदर्यीकरण और नए एमएलए आवास का सीएम नीतीश ने किया निरीक्षण, जल्द नवनिर्वाचित विधायकों को मिलेगा डुप्लेक्स बंगला

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Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने रविवार को राजधानी पटना में विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस क्रम में उन्होंने दारोगा राय पथ स्थित नवनिर्मित एमएलए डुप्लेक्स बंगले का निरीक्षण किया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने जेपी गंगा पथ के सौंदर्यीकरण कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

आधुनिक सुविधाओं से लैस नया एमएलए आवास

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित आवास के विभिन्न हिस्सों का विस्तृत निरीक्षण किया और भवन में उपलब्ध कराई गई सुविधाओं की जानकारी ली। अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि सभी डुप्लेक्स आवासों में संबंधित विधानसभा क्षेत्र और निर्वाचन संख्या अंकित कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने भवन निर्माण गुणवत्ता और परिसर की सुंदरता की सराहना करते हुए कहा—

“नवनिर्मित विधायक आवास बेहद उत्कृष्ट है। जल्द ही सभी नवनिर्वाचित विधायकों को उनके विधानसभा क्षेत्र संख्या के आधार पर इन आवासों का आवंटन कर दिया जाएगा।”

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि आवासीय परिसर के सौंदर्यीकरण, पार्किंग, स्वच्छता और सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखा जाए।

जेपी गंगा पथ के सौंदर्यीकरण पर CM का जोर

एमएलए आवास निरीक्षण के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने जेपी गंगा पथ के सौंदर्यीकरण कार्य का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों से निर्माण कार्य की प्रगति रिपोर्ट मांगी और सड़क के किनारे विकसित किए जा रहे पार्क, हरियाली, लाइटिंग और सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के निर्देश दिए।

सीएम ने कहा—

“जेपी गंगा पथ के निर्माण से लोगों को आवागमन में काफी सुविधा मिली है। अब इसके सौंदर्यीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि यह पटना की पहचान बने।”

उन्होंने विशेष तौर पर पार्कों की सुरक्षा के लिए रेलिंग निर्माण पर जोर देते हुए कहा कि इससे लोगों के घूमने–फिरने और मॉर्निंग वॉक के दौरान सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें शामिल थे—

  • मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार
  • मुख्यमंत्री के सचिव कुमार रवि
  • मुख्यमंत्री के सचिव डॉ. चन्द्रशेखर सिंह
  • पटना प्रमंडल के आयुक्त अनिमेष परासर
  • पटना जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एस.एम.
  • नगर आयुक्त यशपाल मीणा
  • वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के शर्मा
    साथ ही अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।

पटना की बदलती तस्वीर

राजधानी में लगातार जारी अधोसंरचना और शहरी सौंदर्यीकरण कार्यों के साथ, पटना आधुनिक और सुरक्षित शहर की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। नए एमएलए आवास और आकर्षक जेपी गंगा पथ इस बदलती तस्वीर की झलक दिखा रहे हैं।

मुस्ताक अली ट्रॉफी 2025–26: बिहार टीम घोषित, भागलपुर के भानु कुमार की एंट्री ने बढ़ाया स्थानीय खिलाड़ियों का हौसला

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Sports News: मुस्ताक अली ट्रॉफी 2025–26 के लिए बिहार क्रिकेट टीम की घोषणा होते ही क्रिकेट जगत में उत्साह और सरगर्मियां तेज हो गई हैं। बिहार क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा जारी 15 सदस्यीय टीम में इस बार कई नए चेहरों को मौका दिया गया है। टीम की कमान साकिब उल गनी संभालेंगे, जबकि वैभव सुर्यान्शी उपकप्तान की जिम्मेदारी निभाएंगे। इस सूची में सबसे ज्यादा चर्चा जिस खिलाड़ी की हो रही है, वह हैं भागलपुर के युवा क्रिकेटर भानु कुमार, जिनका पहली बार बिहार सीनियर टीम में चयन हुआ है।

भागलपुर का गौरव और संघर्ष की मिसाल बने भानु कुमार
इशाकचक, इश्वरनगर निवासी भानु कुमार की कहानी संघर्ष और संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है। एक साल पहले पढ़ाई पर ध्यान देने के लिए उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली थी और नागपुर चले गए थे। इसी दौरान परिवार और अनुभवी खिलाड़ियों के प्रोत्साहन ने उनका आत्मविश्वास लौटाया और वे फिर से मैदान में लौटे। भानु ने बताया कि उनके पिता स्व. देवेंद्र प्रसाद सिन्हा, मां पूजा सिन्हा, भाई ज्ञान कुमार वर्मा और मामा ओमप्रकाश वर्मा हमेशा उनके सपनों के साथ खड़े रहे। वरिष्ठ खिलाड़ियों संजिव चौधरी और शैलेन्द्र मणि संदेश ने उन्हें यकीन दिलाया कि वह बड़ी क्रिकेट खेल सकते हैं। भावुक भानु ने चयन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा—
“यह केवल चयन नहीं, मेरे जीवन की नई शुरुआत है।”

बिहार के मुकाबलों की समय-सारणी जारी
जारी कार्यक्रम के अनुसार बिहार के मुकाबले इस प्रकार होंगे—

  • 26 नवंबर — चंडीगढ़ से
  • 28 नवंबर — मध्य प्रदेश से
  • 30 नवंबर — जम्मू–कश्मीर से
  • 2 दिसंबर — महाराष्ट्र से
  • 4 दिसंबर — गोवा से
  • 8 दिसंबर — उत्तर प्रदेश से

टीम मैनेजर नंदन कुमार सिंह ने खिलाड़ियों से अनुशासन और टीम समन्वय बनाए रखने की अपील की है। युवा ऊर्जा, नए चेहरों और उत्साहजनक शुरुआत के साथ बिहार इस बार मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद के साथ मैदान में उतरने जा रहा है।

IFFI-2025 में चमका ‘बिहार फिल्म पवेलियन’! निवेशकों की लगी कतार, फिल्मों की धरती बनने को तैयार बिहार

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Bihar News: गोवा में आयोजित 56वें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया के तीसरे दिन बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम (कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार सरकार) का पवेलियन फिल्मकारों, निवेशकों, प्रोड्यूसरों और कलाकारों के आकर्षण का केंद्र बना रहा। बिहार में फिल्म शूटिंग और निवेश की संभावनाओं को लेकर उद्योग जगत में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। पवेलियन का विधिवत उद्घाटन कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सचिव सह निगम के प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार (IAS) और महाप्रबंधक रूबी (IAS) सहित बॉलीवुड अभिनेता मनोज जोशी, अभिनेता दर्शन कुमार, अभिनेत्री नीतू चंद्रा, अभिनेता विकास कुमार, निर्देशक राव देवेन्द्र सिंह, IMPPA अध्यक्ष अभय सिन्हा और निर्माता सागर श्रीवास्तव की उपस्थिति में हुआ।

बिहार फिल्म नीति से बढ़ा आकर्षण, ‘वन विंडो सिस्टम’ बना सहारा

प्रबंध निदेशक प्रणव कुमार ने बताया कि राज्य में शूट होने वाली फिल्मों को अनुदान, वन विंडो सिस्टम, और सरकारी सहयोग जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। उन्होंने कहा—

“बिहार कला, संस्कृति और रचनात्मक उद्योगों के लिए अपार संभावनाओं वाला राज्य है। यह मंच बिहार की सकारात्मक छवि को वैश्विक स्तर पर मजबूती देता है।”

मनोज जोशी बोले– ‘बिहार ही भारत की जड़ है’

उद्घाटन के बाद अभिनेता मनोज जोशी ने बिहार की तारीफ करते हुए कहा—

“भारत का विस्तार बिहार से हुआ। यह फिल्मकारों के लिए स्वर्ग जैसा है। मैं बिहार में फिल्म उद्योग विकास के लिए प्रतिबद्ध हूँ।”

दर्शन कुमार ने बताया ‘जन्नत जैसा अनुभव’

अभिनेता दर्शन कुमार ने बाल्मीकि नगर में अपने 40 दिनों के शूट अनुभव को याद करते हुए कहा—

“यहाँ के लोग प्यार से देशी अंडे व गाय का दूध तक देते थे। अगली फिल्मों की शूटिंग भी बिहार में ही करूंगा।”

स्थानीय भाषाओं में फिल्मों को बढ़ावा: नीतू चंद्रा

अभिनेत्री नीतू चंद्रा ने कहा—

“भोजपुरी, मैथिली, मगही फिल्मों को दर्शकों का प्यार मिलना जरूरी है। तभी बिहार का फिल्म उद्योग मजबूत होगा।”

निवेश की बढ़ती संभावनाएँ

  • ओटीटी प्लेटफॉर्म स्टेज ने बिहार की फिल्मों की रिलीज़ पर सहयोग की दिशा में बात बढ़ाई।
  • बंगाली निर्देशक परमिता मुंशी ने जनवरी 2026 में बिहार में वेब सीरीज शूट की सहमति दी।
  • फिल्म संपादक असीम सिन्हा ने कहा— “बिहार में पोस्ट-प्रोडक्शन के नए अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।”

बिहार—फिल्मों की नई कर्मभूमि!

बिहार, अपनी संस्कृति, लोकेशन, सरकारी सहयोग और अनुदान नीति के साथ अब फिल्म निर्माण का उभरता हुआ हब बनता दिखाई दे रहा है। IFFI-2025 में मिला यह सम्मान स्पष्ट कर रहा है—
आने वाले समय में बिहार में ‘शूटिंग ही शूटिंग’ होगी!

बिहार में विभागों का बंटवारा घोषित: नीतीश के पास चार अहम मंत्रालय, समाज कल्याण से लेकर शिक्षा तक 27 मंत्रियों के बीच जिम्मेदारी तय

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पटना, 21 नवंबर 2025 — बिहार मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए मुख्यमंत्री एवं सभी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कर दिया। अधिसूचना संविधान अनुच्छेद 166(3) और कैबिनेट नियमों के तहत जारी की गई, जिसके बाद नए मंत्रियों की कार्यसूची पूरी तरह तय मानी जाएगी।

सबसे बड़ी जिम्मेदारी खुद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पास रखी गई है। उन्हें सामान्य प्रशासन, निगरानी, मंत्रिमंडल सचिवालय और निर्वाचन जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। इसके अलावा वे वे सभी विभाग देखेंगे जिन्हें किसी अन्य मंत्री को आवंटित नहीं किया गया है।

उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को गृह विभाग मिला है, जबकि दूसरे उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा को राजस्व एवं भूमि सुधार और खान एवं भू-तत्व विभाग सौंपा गया है। वहीं विजय कुमार चौधरी अब जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जनसंपर्क और भवन निर्माण संभालेंगे।

तीसरी अहम जिम्मेदारी ऊर्जा से लेकर कर व्यवस्था तक विजेंद्र प्रसाद यादव को मिली है। उन्हें ऊर्जा, वित्त, योजना एवं विकास, मध निषेध उत्पाद एवं निबंधन और वाणिज्य-कर विभाग दिए गए हैं।

स्वास्थ्य की कमान मंगल पांडेय के हाथ में गई है जबकि शिक्षा मंत्रालय सुनील कुमार को सौंपा गया है। उद्योग विभाग डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल के हाथों में और कृषि राम कृपाल यादव को दिया गया है।

अल्पसंख्यक कल्याण मो. जामा खान, श्रम संसाधन संजय सिंह ‘टाइगर’, पर्यटन अरुण शंकर प्रसाद, खेल व आईटी श्रेयसी सिंह, सहकारिता डॉ. प्रमोद कुमार और पंचायत राज दीपक प्रकाश को मिला है।

सरकार की यह नई संरचना प्रशासनिक मजबूती के साथ आने वाले कार्यकाल की प्राथमिकताओं का संकेत देती है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि नया मंत्रिपरिषद विकास की रफ्तार को किस दिशा में ले जाता है।