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CM नीतीश कुमार ने किया पटना समाहरणालय का निरीक्षण, विकास कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश

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Patna News: मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने सोमवार को Patna Collectorate परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया और यहां चल रहे विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने समाहरणालय भवन के पांचवें तल पर स्थित मीटिंग हॉल, उप विकास आयुक्त जिला परिषद कार्यालय तथा अनुमंडल पदाधिकारी सदर कार्यालय का भी मुआयना किया। इसके साथ ही उन्होंने समाहरणालय भवन के सभी तल का निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान Collectorate Ghat से Sabhyata Dwar तक बनने वाली सड़क निर्माण परियोजना का भी जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस सड़क का निर्माण कार्य जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि इस सड़क के बन जाने से छठ पर्व के दौरान व्रतियों को पूजा-अर्चना में काफी सुविधा होगी, साथ ही मॉर्निंग वॉक करने वाले लोगों को भी लाभ मिलेगा और कलेक्टेरियट घाट की भव्यता में और वृद्धि होगी।

निरीक्षण के क्रम में मुख्यमंत्री ने समाहरणालय परिसर में निर्माणाधीन वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) कार्यालय के कार्य को भी शीघ्र पूरा करने का निर्देश दिया। इसके अलावा उन्होंने डबल डेकर पुल का निरीक्षण कर शेष बचे कार्यों को जल्द पूरा करने का निर्देश दिया और अधिकारियों से कहा कि Patna Metro Rail Corporation के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य को तेजी से पूरा किया जाए, ताकि मेट्रो कनेक्टिविटी और बेहतर हो सके।

गौरतलब है कि वर्ष 2017 में मुख्यमंत्री की निश्चय यात्रा के दौरान पुराने समाहरणालय परिसर के जर्जर भवनों का निरीक्षण करने के बाद इन्हें तोड़कर नए समाहरणालय भवन के निर्माण का निर्णय लिया गया था। गंगा नदी के किनारे स्थित पुराने परिसर में ही इन जीर्ण-शीर्ण भवनों को हटाकर आधुनिक सुविधाओं से युक्त नया समाहरणालय भवन तैयार किया गया है।

नए समाहरणालय भवन का कुल निर्मित क्षेत्रफल 28,388 वर्गमीटर है, जो पुराने भवन की तुलना में काफी अधिक है। परिसर में जिला पदाधिकारी कार्यालय के साथ जिला परिषद कार्यालय-सह-जिला विकास भवन और अनुमंडल पदाधिकारी सदर कार्यालय का भी निर्माण किया गया है। इस भवन के निर्माण में पर्यावरण संरक्षण का भी विशेष ध्यान रखा गया है।

समाहरणालय परिसर में जल शोधन संयंत्र (वाटर ट्रीटमेंट प्लांट), सीवर ट्रीटमेंट प्लांट और 40 किलोवाट का सौर ऊर्जा संयंत्र भी स्थापित किया गया है। साथ ही परिसर में 204 चारपहिया वाहनों के लिए खुली पार्किंग और बेसमेंट में 240 वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप पुराने समाहरणालय भवन के ऐतिहासिक स्तंभों को भी सुरक्षित रखकर परिसर में प्रदर्शित किया गया है, जो भवन की विरासत को दर्शाता है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव Deepak Kumar, सचिव Kumar Ravi, सचिव Chandrashekhar Singh, विशेष कार्य पदाधिकारी Gopal Singh तथा जिलाधिकारी Tyagarajan SM सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे l

अफवाहों के बीच गैस लेने उमड़ी भीड़, दाऊदबाट गैस एजेंसी पर लंबी कतारें; प्रशासन ने 22 मजिस्ट्रेट किए तैनात

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के Daudbat इलाके में रसोई गैस को लेकर सोमवार सुबह अचानक भारी भीड़ उमड़ पड़ी। स्थानीय गैस एजेंसी के बाहर सुबह से ही लोगों की लंबी कतारें लग गईं और उपभोक्ता घंटों तक अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई लोगों ने बताया कि बुकिंग कराने के बावजूद समय पर गैस सिलेंडर नहीं मिलने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

कुछ उपभोक्ताओं ने यह भी शिकायत की कि गैस वितरण के दौरान मोबाइल पर OTP नहीं आने की वजह से सिलेंडर प्राप्त करने में काफी दिक्कत हो रही है। कई लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिलने से खाली हाथ लौटते दिखाई दिए, जिससे लोगों में नाराजगी भी देखने को मिली।

हालांकि गैस एजेंसी से जुड़े HP Gas के डिस्ट्रीब्यूटर ने गैस की कमी की खबरों को पूरी तरह अफवाह बताया है। उनका कहना है कि मिडिल ईस्ट में चल रहे युद्ध की खबरों के कारण लोगों में डर का माहौल बन गया है और बड़ी संख्या में लोग एक साथ गैस लेने पहुंच रहे हैं। इसी वजह से एजेंसी पर अनावश्यक भीड़ बढ़ गई है। उन्होंने उपभोक्ताओं से धैर्य रखने और अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क हो गया है। संभावित आपूर्ति संकट और जमाखोरी को रोकने के लिए Bhagalpur अनुमंडल क्षेत्र में 22 मजिस्ट्रेट की तैनाती की गई है। इन दंडाधिकारियों की निगरानी में गैस गोदामों से सिलेंडरों का वितरण कराया जा रहा है। साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया है।

इस संबंध में सदर एसडीओ Vikas Kumar ने बताया कि सभी दंडाधिकारियों को संबंधित गैस एजेंसियों पर पहुंचकर अपनी निगरानी में गैस वितरण सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया है। उन्होंने कहा कि आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और जरूरत के अनुसार सभी उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और अनावश्यक भीड़ न लगाएं, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक सुचारु रूप से गैस की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

 

स्वच्छ सर्वेक्षण के तहत सुल्तानगंज में निकली भव्य स्वच्छता जागरूकता रैली, गंगा घाट पर सफाई कर दिया स्वच्छता का संदेश

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के Sultanganj नगर परिषद द्वारा Swachh Survekshan 2025–2026 के तहत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा दिवस के अवसर पर एक भव्य स्वच्छता जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस रैली का उद्देश्य शहरवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक करना और गंगा को साफ-सुथरा रखने का संदेश देना था।

रैली की शुरुआत नगर परिषद कार्यालय परिसर से की गई, जिसमें नगर सभापति राज कुमार गुड्डू, प्रशिक्षु एएसपी सयाम रजा, पुलिस पदाधिकारी, वार्ड पार्षद, नगर परिषद के कर्मचारी, एनसीसी कैडेट्स तथा सरकारी और गैर-सरकारी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। रैली शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होते हुए लोगों को स्वच्छता का संदेश देती हुई आगे बढ़ी।

इस दौरान प्रतिभागियों ने स्वच्छता से जुड़े नारे लगाए और लोगों से अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की अपील की। रैली का समापन नमामि गंगा घाट पर किया गया, जहां उपस्थित लोगों ने गंगा घाट की सफाई कर स्वच्छता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दिखाई।

नगर परिषद सुल्तानगंज के सभापति राज कुमार गुड्डू ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्वच्छ सर्वेक्षण 2025–2026 के तहत शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की भागीदारी से ही शहर को स्वच्छ बनाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने घरों और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई बनाए रखें और गंगा नदी को प्रदूषण से बचाने में सहयोग करें।

इस मौके पर इंस्पेक्टर मृत्युंजय कुमार, वार्ड पार्षद नवीन कुमार बन्नी, सुभाष कुमार, रीना देवी, संजय चौधरी सहित नगर परिषद के कई जनप्रतिनिधि और कर्मचारी मौजूद रहे। साथ ही नगर परिषद के प्रधान सहायक राजीव रंजन चौधरी और कर्मी क्रांति कुमारी सहित कई अन्य पदाधिकारी और कर्मियों ने भी कार्यक्रम में सक्रिय भूमिका निभाई।

JLNMCH में कैंसर जागरूकता कार्यक्रम, लोगों को बताए गए शुरुआती लक्षण और बचाव के उपाय

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Bhagalpur News: भागलपुर स्थित Jawaharlal Nehru Medical College and Hospital (जेएलएनएमसीएच) में कैंसर के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम Bihar Cancer Care Organization की ओर से आयोजित किया गया, जिसमें चिकित्सकों और समाजसेवियों ने लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षण, बचाव और समय पर जांच के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

कार्यक्रम का उद्घाटन संगठन के सचिव Naveen Jha सहित कई चिकित्सकों ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि कैंसर के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है, क्योंकि जानकारी के अभाव में कई मरीजों में बीमारी का पता काफी देर से चलता है, जिससे इलाज कठिन हो जाता है।

संगठन के सचिव नवीन झा ने बताया कि बिहार कैंसर केयर ऑर्गेनाइजेशन का मुख्य उद्देश्य समाज के हर वर्ग तक कैंसर के बारे में सही जानकारी पहुंचाना और मरीजों को समय पर उचित मार्गदर्शन देना है। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से लगातार जन-जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, जिसके तहत ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को कैंसर के शुरुआती लक्षणों की पहचान करना सिखाया जा रहा है।

उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि शरीर में किसी भी तरह के असामान्य बदलाव या लक्षण को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यदि समय रहते जांच कराई जाए तो कैंसर का इलाज संभव है और मरीज सामान्य जीवन जी सकता है।

कार्यक्रम में मौजूद चिकित्सकों ने भी कहा कि कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए नियमित स्वास्थ्य जांच, संतुलित जीवनशैली और जागरूकता बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि शुरुआती अवस्था में कैंसर का पता चलने पर इलाज की सफलता की संभावना काफी बढ़ जाती है।

बिहार में जमीन सर्वे होगा हाईटेक: एआई तकनीक से तेज और पारदर्शी होंगे बंदोबस्त कार्य

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Patna News: बिहार में जमीन से जुड़े सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों को आधुनिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने रविवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि अब राज्य में भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त कार्यों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया जाएगा। इससे जमीन से जुड़े मामलों में पारदर्शिता बढ़ेगी, कार्यों की गति तेज होगी और आम लोगों को बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक तकनीक को अपनाकर राजस्व प्रशासन को अधिक प्रभावी और भरोसेमंद बनाया जा रहा है। एआई आधारित प्रणाली लागू होने से सर्वेक्षण कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करना आसान होगा और त्रुटियों की संभावना भी कम होगी।

जिलों में बनेगा एआई सेल

इस दिशा में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय की ओर से राज्य के सभी बंदोबस्त पदाधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निदेशक Suharsh Bhagat द्वारा जारी पत्र के अनुसार, प्रत्येक जिले के बंदोबस्त कार्यालय में विशेष एआई सेल का गठन किया जाएगा।

इस सेल की अध्यक्षता संबंधित बंदोबस्त पदाधिकारी करेंगे। इसके अलावा इसमें आईटी प्रबंधक, विशेष सर्वेक्षण सहायक बंदोबस्त पदाधिकारी (आईटी/इंजीनियरिंग), विशेष सर्वेक्षण कानूनगो और विशेष सर्वेक्षण अमीन सदस्य के रूप में शामिल होंगे। यह समिति जिले में एआई तकनीक के उपयोग की संभावनाओं पर काम करेगी और सर्वेक्षण कार्यों को तकनीक के माध्यम से बेहतर बनाने की योजना तैयार करेगी।

हर शनिवार होगी बैठक

निर्देश के मुताबिक, एआई सेल की बैठक हर शनिवार दोपहर 3 बजे से 5 बजे के बीच बंदोबस्त कार्यालय में आयोजित की जाएगी। इस बैठक में एआई के उपयोग से जुड़े निर्णय लिए जाएंगे, कर्मियों को प्रशिक्षण के लिए नामित किया जाएगा और एआई पाठ्यक्रम को लागू करने की प्रक्रिया तय की जाएगी।

प्रशिक्षण पूरा करने वाले कर्मियों को परीक्षा के बाद प्रमाण-पत्र भी दिया जाएगा, ताकि वे एआई आधारित टूल्स का प्रभावी उपयोग कर सकें।

1 अप्रैल 2026 से शुरू होगा एआई का प्रयोग

सरकार ने 1 अप्रैल 2026 से बंदोबस्त कार्यों में एआई आधारित टूल्स के प्रारंभिक उपयोग का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए संबंधित कर्मियों में जागरूकता बढ़ाने और उन्हें चरणबद्ध तरीके से प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया है।

निदेशालय ने स्पष्ट किया है कि यह पहल केंद्र सरकार के इंडिया एआई मिशन और राज्य में चल रहे बिहार एआई मिशन के अनुरूप की जा रही है, ताकि राजस्व प्रशासन को अधिक पारदर्शी, दक्ष और तकनीक-आधारित बनाया जा सके।

त्रुटियों की पहचान और मॉनिटरिंग होगी आसान

एआई तकनीक के उपयोग से भूमि सर्वेक्षण और बंदोबस्त से जुड़े कार्यों की गति तेज होगी। साथ ही निर्णय प्रक्रिया अधिक सटीक होगी और संभावित त्रुटियों या अनियमितताओं की पहचान भी आसानी से की जा सकेगी। इससे तय समय सीमा के भीतर सभी कार्यों की मॉनिटरिंग करना भी सरल होगा।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि एआई आधारित व्यवस्था लागू होने से आम लोगों को जमीन से जुड़े मामलों में सरल, त्वरित और पारदर्शी सेवाएं मिलेंगी। यह पहल मुख्यमंत्री Nitish Kumar के सात निश्चय–3 कार्यक्रम के तहत ‘ईज ऑफ लिविंग’ के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राज्य सरकार का मानना है कि एआई तकनीक के प्रयोग से राजस्व प्रशासन और भूमि प्रबंधन प्रणाली में बड़ा बदलाव आएगा, जिससे आने वाले समय में बिहार में जमीन से जुड़े विवादों और प्रक्रियाओं को काफी हद तक सरल बनाया जा सकेगा।

 

120 साल पुरानी मढ़ौरा चीनी मिल फिर से चालू होने की उम्मीद, तमिलनाडु के निवेशकों ने किया निरीक्षण

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Patna News: सारण जिले में वर्षों से बंद पड़ी ऐतिहासिक मढ़ौरा चीनी मिल को पुनर्जीवित करने की दिशा में बिहार सरकार की पहल अब जमीन पर दिखने लगी है। रविवार को तमिलनाडु के निवेशकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मढ़ौरा स्थित इस बंद पड़ी चीनी मिल का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान निवेशकों ने मिल परिसर की मौजूदा स्थिति, उपलब्ध आधारभूत संरचनाओं और मशीनरी का जायजा लिया तथा क्षेत्र के गन्ना किसानों से बातचीत कर उनकी समस्याओं और संभावनाओं को समझने का प्रयास किया।

राज्य सरकार की सात निश्चय–3 योजना के तहत ‘समृद्ध उद्योग–सशक्त बिहार’ के लक्ष्य को साकार करने के लिए बंद पड़ी चीनी मिलों को फिर से चालू कराने और राज्य में नई चीनी मिलें स्थापित करने की दिशा में तेजी से काम किया जा रहा है। इसी पहल के तहत तमिलनाडु के प्रतिष्ठित एसएनजे ग्रुप ऑफ कंपनीज के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एस. एन. जयमुरुगन, अध्यक्ष सेल्वा कुमार, उपाध्यक्ष श्री कृष्ण तथा ग्रुप ऑडिटर बिमलेंद्र मिश्रा ने गन्ना उद्योग विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर मढ़ौरा चीनी मिल का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने मिल परिसर में मौजूद भवनों, गोदामों और अन्य आधारभूत संरचनाओं की स्थिति का आकलन किया। साथ ही क्षेत्र के किसानों से मुलाकात कर गन्ना उत्पादन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की और खेतों में जाकर गन्ना फसल की वर्तमान स्थिति का भी अवलोकन किया। निवेशकों ने किसानों से उत्पादन, लागत और विपणन से जुड़ी चुनौतियों के बारे में भी जानकारी ली।

गौरतलब है कि सारण जिले में स्थित मढ़ौरा चीनी मिल का इतिहास काफी पुराना रहा है। इसकी स्थापना वर्ष 1904 में ब्रिटिश शासनकाल के दौरान हुई थी और इसे बिहार ही नहीं बल्कि देश की शुरुआती चीनी मिलों में गिना जाता है। 1990 के दशक में आर्थिक कारणों से यह मिल बंद हो गई थी, जिसके बाद धीरे-धीरे इसके अधिकांश उपकरण और संरचनाएं जर्जर हो गईं। अब राज्य सरकार की पहल से इस ऐतिहासिक मिल के फिर से चालू होने की उम्मीदें जगने लगी हैं।

निरीक्षण के दौरान सहायक ईखायुक्त वेदव्रत कुमार और ईख पदाधिकारी कोमर कानन भी उपस्थित रहे। अधिकारियों का मानना है कि यदि निवेशकों की रुचि और सरकारी प्रयास सफल होते हैं, तो मढ़ौरा चीनी मिल का पुनरुद्धार न केवल क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा, बल्कि हजारों किसानों और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा।

विशेषज्ञों के अनुसार, मढ़ौरा चीनी मिल का पुनर्जीवन बिहार के चीनी उद्योग को नई दिशा दे सकता है। राज्य सरकार की योजना है कि बंद पड़ी चीनी मिलों को पुनः चालू करने के साथ-साथ आने वाले समय में 25 नई चीनी मिलों की स्थापना भी की जाए, जिससे गन्ना उत्पादन और चीनी उद्योग दोनों को मजबूती मिल सके।

मढ़ौरा चीनी मिल का यह निरीक्षण बिहार में औद्योगिक निवेश को बढ़ावा देने और राज्य के पारंपरिक चीनी उद्योग को फिर से मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम माना जा रहा है।

भागलपुर में रमजान के मौके पर पूर्व विधायक अजीत शर्मा की इफ्तार पार्टी, सैकड़ों रोजेदार हुए शामिल

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Bhagalpur News: पवित्र रमजान के अवसर पर भागलपुर के पूर्व विधायक एवं Indian National Congress के वरिष्ठ नेता Ajit Sharma द्वारा शहर के होटल वैभव के जलसा सभागार में भव्य इफ्तार पार्टी का आयोजन किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में रोजेदार, सामाजिक कार्यकर्ता और शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में आए सभी रोजेदारों का स्वागत करते हुए अजीत शर्मा ने कहा कि रमजान का महीना इबादत, सब्र और इंसानियत का पैगाम देने वाला पवित्र महीना है। उन्होंने कहा कि इस पाक महीने में रोजेदारों पर खुदा की रहमत बरसती है और लोग पूरी श्रद्धा के साथ रोजा रखकर इबादत करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि रमजान हमें आपसी भाईचारा, मोहब्बत और सामाजिक एकता का संदेश देता है। इस अवसर पर उन्होंने देश और समाज की खुशहाली, शांति और सभी लोगों के स्वस्थ जीवन के लिए दुआ की। उन्होंने उम्मीद जताई कि खुदा हमारे मुल्क और यहां के लोगों की हमेशा हिफाजत करता रहेगा।

अजीत शर्मा ने कहा कि इफ्तार पार्टी जैसे आयोजन सामाजिक सद्भाव और आपसी सौहार्द का प्रतीक होते हैं, जहां सभी लोग एक साथ बैठकर इफ्तार करते हैं और भाईचारे का संदेश देते हैं।

इस अवसर पर बिहार प्रदेश कांग्रेस के प्रतिनिधि डॉ. अभय आनंद, नगर अध्यक्ष सोइन अंसारी, डॉ. मौलाना तारिक अनवर, हाजी मोनाजीर, हाजी इम्तियाज, सैफ बिन मल्लिक, पार्षद जाबिर अंसारी, सैफुल्लाह अंसारी, बिपिन बिहारी यादव, बाबर अंसारी, इरशाद फतेहपुरी, जुम्मन अंसारी, मो. कलाम उद्दीन, इंटक के ई. रवि कुमार, डॉ. अभिषेक चौबे, डॉ. राकेश साह, राकेश सिन्हा, रविंद्रनाथ यादव, अभिमन्यु यादव और बंटी दास सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।

इफ्तार पार्टी के दौरान सभी ने एक साथ रोजा खोला और आपसी भाईचारे व सौहार्द का संदेश दिया।

भागलपुर में समृद्धि यात्रा की तैयारियां तेज, डीएम-एसएसपी ने बैजानी में कार्यक्रम स्थल का किया निरीक्षण

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Bhagalpur News: मुख्यमंत्री Nitish Kumar की प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने अधिकारियों की टीम के साथ जगदीशपुर प्रखंड के बैजानी गांव में चिन्हित जन-संवाद स्थल का विस्तृत निरीक्षण किया।

पंडाल, मंच और विभागीय स्टॉल की जांच

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल पर बनाए जा रहे पंडाल, मंच और विभिन्न विभागों के स्टॉल के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। जिलाधिकारी ने पंडाल निर्माण से जुड़े संवेदक को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरे किए जाएं।

उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों की उपस्थिति संभावित है, इसलिए सभी आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की व्यवस्था समय रहते सुनिश्चित की जाए।

सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान

जिलाधिकारी और एसएसपी ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, पेयजल, शौचालय, बैरिकेडिंग, पार्किंग स्थल और यातायात व्यवस्था की तैयारियों का भी निरीक्षण किया। इसके साथ ही हेलीपैड निर्माण की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ सभी व्यवस्थाएं जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया।

विवाह मंडप योजना का होगा शिलान्यास

प्रस्तावित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री Nitish Kumar बैजानी गांव में मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना के अंतर्गत बनने वाले विवाह मंडप का शिलान्यास करेंगे। इसके अलावा वे गांव के विशाल तालाब का भी अवलोकन करेंगे।

इस मौके को लेकर जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है, ताकि कार्यक्रम का सफल और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।

कई अधिकारी रहे मौजूद

निरीक्षण के दौरान उप विकास आयुक्त प्रदीप कुमार सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र सिंह, सहायक समाहर्ता जतिन कुमार सहित विभिन्न विभागों के कई अधिकारी मौजूद रहे।

 

नीतीश कुमार के स्वागत में भागलपुर तैयार, समृद्धि यात्रा से पहले एनडीए की बड़ी रणनीति

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Bhagalpur News: मुख्यमंत्री Nitish Kumar की 17 मार्च को प्रस्तावित समृद्धि यात्रा को लेकर भागलपुर में राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। इसी क्रम में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की एक महत्वपूर्ण तैयारी बैठक जिला अतिथि गृह सभागार में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जदयू जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने की, जिसमें एनडीए के विभिन्न घटक दलों के नेता, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए।

कार्यक्रम की रूपरेखा पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में समृद्धि यात्रा के कार्यक्रम की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। नेताओं ने कार्यक्रम को सफल और भव्य बनाने के लिए कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारियों, जनभागीदारी, स्वागत व्यवस्था और प्रचार-प्रसार से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श किया।

नेताओं ने निर्णय लिया कि एनडीए के सभी घटक दल आपसी समन्वय और सहयोग के साथ मिलकर कार्यक्रम को ऐतिहासिक बनाने की दिशा में काम करेंगे।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकास की चर्चा

बैठक को संबोधित करते हुए जदयू जिलाध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता ने कहा कि मुख्यमंत्री Nitish Kumar के नेतृत्व में बिहार विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। वहीं वरिष्ठ नेता सुड्डू साईं ने कहा कि समृद्धि यात्रा राज्य सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है।

उन्होंने सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ऊर्जा और समर्पण के साथ कार्यक्रम की तैयारियों में जुट जाएं और अधिक से अधिक लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करें।

कार्यकर्ताओं को सौंपी गई जिम्मेदारियां

बैठक के दौरान कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल की व्यवस्था, स्वागत द्वार निर्माण, प्रचार-प्रसार, जनसंपर्क अभियान और लोगों की भागीदारी बढ़ाने की जिम्मेदारी सौंपी गई। नेताओं ने कहा कि भागलपुर में होने वाला यह कार्यक्रम एनडीए की एकजुटता और संगठनात्मक शक्ति का प्रतीक बनेगा।

बड़ी संख्या में नेता और कार्यकर्ता रहे मौजूद

बैठक में सांसद अजय मंडल, पूर्व सांसद कहकशां परवीन, पूर्व विधायक लक्ष्मीकांत मंडल, भाजपा जिलाध्यक्ष संतोष कुमार, लोजपा जिलाध्यक्ष सुबोध पासवान, महानगर जिलाध्यक्ष संजय शाह सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे।

इसके अलावा विभिन्न प्रकोष्ठों के जिला अध्यक्ष, पार्टी पदाधिकारी और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने बैठक में भाग लिया और 17 मार्च को आयोजित होने वाली समृद्धि यात्रा को पूरी तरह सफल बनाने का संकल्प लिया।

नेताओं और कार्यकर्ताओं ने विश्वास जताया कि बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होकर मुख्यमंत्री Nitish Kumar के विकास कार्यों के प्रति अपना समर्थन प्रकट करेंगे और बिहार के विकास की इस यात्रा को आगे बढ़ाने में योगदान देंगे।

 

नाथनगर के पास मालगाड़ी की चपेट में आईं तीन भैंसें, एक घंटे तक बाधित रहा रेल परिचालन

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Bhagalpur News: भागलपुर–जमालपुर रेलखंड पर रविवार को एक बड़ा हादसा सामने आया, जब नाथनगर के पास रेलवे ट्रैक पार कर रही तीन भैंसें मालगाड़ी की चपेट में आ गईं। हादसा इतना भीषण था कि तीनों भैंसों की मौके पर ही कटकर मौत हो गई, जिससे रेल ट्रैक पर करीब एक घंटे तक रेल परिचालन बाधित रहा।

घटना Nathnagar के समीप पश्चिम केविन के पास पुरानी सराय गांव के नजदीक हुई। बताया जा रहा है कि भागलपुर से सुल्तानगंज की ओर जा रही मालगाड़ी जैसे ही इस इलाके में पहुंची, उसी समय तीन भैंसें अचानक रेलवे ट्रैक पार करने लगीं और ट्रेन की चपेट में आ गईं।

मौके पर ही हुई तीनों भैंसों की मौत

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार भैंसें पुरानी सराय की ओर से नाथनगर की दिशा में रेलवे लाइन पार कर रही थीं। इसी दौरान तेज रफ्तार मालगाड़ी आ गई। ट्रेन को देखकर भैंसें घबरा गईं और भागने लगीं, लेकिन इससे पहले ही वे ट्रेन की चपेट में आ गईं। टक्कर इतनी जोरदार थी कि तीनों भैंसों की मौके पर ही मौत हो गई और उनके अवशेष ट्रैक तथा मालगाड़ी के नीचे फंस गए।

एक घंटे तक बाधित रहा रेल परिचालन

घटना की सूचना मिलते ही Railway Protection Force और रेलवे के कर्मचारी मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद करीब एक घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के दौरान ट्रैक से भैंसों के अवशेष हटाए गए। इसके बाद ही अप और डाउन दोनों लाइन पर ट्रेन परिचालन दोबारा शुरू किया जा सका।

पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे

स्थानीय लोगों के अनुसार बीते वर्ष भी इसी इलाके में रेलवे ट्रैक पर दस भैंसों के कटने से मौत हो चुकी है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने रेलवे ट्रैक के आसपास पशुओं की सुरक्षा और निगरानी को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

फिलहाल ट्रैक को पूरी तरह साफ कर दिया गया है और रेल परिचालन सामान्य हो गया है। रेलवे प्रशासन ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही है।