Bhagalpur News: भागलपुर और उत्तर बिहार को जोड़ने वाली ‘लाइफलाइन’ विक्रमशिला सेतु पर लगा ग्रहण अब जल्द ही छंटने वाला है। सेतु के क्षतिग्रस्त होने के बाद पैदा हुए संकट को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह एक्शन मोड में आ गई है। गुरुवार को बिहार के पथ निर्माण मंत्री इंजीनियर कुमार शैलेंद्र ने विभागीय अधिकारियों के साथ पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से का पैदल निरीक्षण किया और चल रहे मरम्मत कार्यों की बारीकी से समीक्षा की।
युद्ध स्तर पर काम, BRO की टीम तैनात
निरीक्षण के दौरान मंत्री कुमार शैलेंद्र ने बताया कि पुल की मरम्मत का काम किसी चुनौती से कम नहीं है, इसलिए इसे सैन्य दक्षता वाली टीम BRO (Border Road Organization) को सौंपा गया है। मौके पर 3.25 मीटर चौड़ा अस्थायी बेली ब्रिज बनाया जा रहा है। मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि काम की गुणवत्ता में कोई समझौता न हो और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।
मुख्यमंत्री की सीधी नजर, आम लोगों को मिलेगी राहत
मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए कहा:
”मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में सरकार इस मामले पर पल-पल की अपडेट ले रही है। हम जानते हैं कि पुल बंद होने से भागलपुर की जनता को कितनी परेशानी हो रही है। नाव का सफर जोखिम भरा है और महंगाई भी बढ़ रही है, इसलिए हमारी प्राथमिकता सबसे पहले यातायात बहाल करना है।”
दो चरणों में होगा कायाकल्प
सरकार ने विक्रमशिला सेतु के लिए टू-स्टेप फॉर्मूला तैयार किया है:
- पहला चरण: बेली ब्रिज के माध्यम से छोटे और हल्के वाहनों को रास्ता देना ताकि जाम और नाव की समस्या खत्म हो।
- दूसरा चरण: क्षतिग्रस्त हिस्से को ‘ट्रस तकनीक’ (Truss Technology) से स्थायी रूप से मजबूत करना, ताकि भविष्य में भारी वाहनों का परिचालन भी सुरक्षित तरीके से हो सके।
महंगाई और जोखिम भरे सफर से मिलेगी मुक्ति
पिछले कुछ दिनों से सेतु बाधित होने के कारण आवश्यक वस्तुओं की सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे फल, सब्जी और अन्य सामानों की कीमतें बढ़ गई हैं। इसके अलावा, लोग जान जोखिम में डालकर नाव से गंगा पार कर रहे हैं। मंत्री के इस भरोसे के बाद भागलपुरवासियों ने राहत की सांस ली है कि 15 दिनों के भीतर स्थिति सामान्य होने की दिशा में पहला बड़ा कदम उठा लिया जाएगा।


