Bhagalpur News: भागलपुर जिले के पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट क्षेत्र में पुनर्वास की समस्या को लेकर आदिवासी समाज ने मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में विस्थापित परिवार पावर प्लांट के मुख्य गेट पर जमा हो गए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आवाजाही पूरी तरह ठप कर दी।
“जमीन गई, अब घर भी नहीं मिल रहा सही”
प्रदर्शनकारी ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पावर प्लांट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन और गांव का त्याग किया है। इसके बदले प्रबंधन द्वारा जो पुनर्वास केंद्र बनाया जा रहा है, वहां सुविधाएं न के बराबर हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि:
”मैनेजमेंट द्वारा विस्थापितों के लिए जो घर बनाए जा रहे हैं, वे हमारी जरूरतों के हिसाब से बहुत छोटे हैं। कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई सुनने वाला नहीं था, इसलिए हमें गेट जाम करना पड़ा।”
प्रशासन ने कराया पुनर्वास स्थल का निरीक्षण
हंगामे की खबर मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) अभिमन्यु कुमार और अंचलाधिकारी (CO) चंद्रशेखर भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल को निर्माणाधीन पुनर्वास स्थल का मुआयना कराया और भरोसा दिलाया कि फिलहाल उपलब्ध घरों में शिफ्ट हों, जिसके बाद भविष्य में अन्य मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जाएगा।
राजनीतिक गरमाहट: विधायक ने घेरा प्रबंधन को
स्थानीय विधायक मुरारी पासवान ने भी आंदोलनकारियों का समर्थन करते हुए प्रबंधन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि विस्थापितों को रहने योग्य जमीन नहीं दी जा रही है और उनकी समस्याओं के समाधान में मनमानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हक की लड़ाई सड़क से सदन तक लड़ी जाएगी।
चेतावानी के साथ टला फिलहाल का संकट
प्रशासनिक आश्वासन के बाद मुख्य गेट से जाम तो हट गया है, लेकिन आदिवासी समाज ने स्पष्ट कर दिया है कि यह आंदोलन खत्म नहीं हुआ है। यदि तय समय सीमा के भीतर उनकी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया गया, तो पूरे पावर प्लांट क्षेत्र में काम ठप कर दिया जाएगा।


