Bhagalpur News: भागलपुर के मॉडल सदर अस्पताल को स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में एक बड़ी और ऐतिहासिक सौगात मिली है। अस्पताल में आने वाले गंभीर रूप से बीमार मरीजों के बेहतर इलाज के लिए 4 बेड का अत्याधुनिक आईसीयू (ICU) वार्ड पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है और अब इसकी सेवा भी विधिवत शुरू कर दी गई है।
इस नए आईसीयू वार्ड का भव्य उद्घाटन भागलपुर के सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार, सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू सहित कई वरिष्ठ चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों की गरिमामयी मौजूदगी में फीता काटकर किया गया। इस सुविधा के शुरू होने से जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक नया बल मिला है।
अब नहीं काटना पड़ेगा मायागंज का चक्कर: सिविल सर्जन
उद्घाटन के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए सिविल सर्जन डॉ. अशोक कुमार ने इस पहल को सदर अस्पताल के लिए मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि:
- इससे पहले सदर अस्पताल में जब भी कोई क्रिटिकल (गंभीर) मरीज आता था, तो यहाँ पर्याप्त जीवन रक्षक उपकरण और आईसीयू न होने के कारण उसे मजबूरी में जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (मायागंज अस्पताल) रेफर करना पड़ता था।
- रेफर होने की इस प्रक्रिया में कई बार मरीजों का कीमती समय बर्बाद हो जाता था और उनकी जान पर बन आती थी।
- लेकिन अब, इस 4 बेड के आईसीयू वार्ड के चालू हो जाने से गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों को तत्काल सदर अस्पताल परिसर में ही विश्वस्तरीय आपातकालीन इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
24 घंटे डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की रहेगी तैनाती
मरीजों की सुरक्षा और समय पर इलाज को सुनिश्चित करने के लिए अस्पताल प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। सदर अस्पताल प्रभारी डॉ. राजू ने बताया कि नए आईसीयू वार्ड की मॉनिटरिंग के लिए 24 घंटे डॉक्टरों और विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों (नर्सिंग स्टाफ) की रोस्टर के अनुसार तैनाती कर दी गई है। आपातकालीन स्थिति या आधी रात को भी मरीज के आने पर उसे तुरंत लाइफ-सपोर्ट और क्रिटिकल केयर मिल सकेगा।
आम जनता और गरीब मरीजों को मिलेगी बड़ी राहत
मॉडल सदर अस्पताल में इस सुविधा के शुरू होने से भागलपुर और इसके आस-पास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले हजारों गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें निजी अस्पतालों की महंगी आईसीयू फीस देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। स्थानीय लोगों ने भी प्रशासन के इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि इससे सदर अस्पताल पर आम जनता का भरोसा और ज्यादा मजबूत होगा।


