Bhagalpur News: भागलपुर के विकास और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को एक नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणाओं का बड़ा पिटारा खोला है। भागलपुर वासियों के लिए यह खबर किसी बड़े उत्सव से कम नहीं है, क्योंकि इसमें यातायात की सबसे बड़ी समस्या ‘विक्रमशिला पुल’ से लेकर शहर के सौंदर्यीकरण और औद्योगिक क्रांति तक का पूरा खाका तैयार किया गया है। इन मेगा प्रोजेक्ट्स के धरातल पर उतरने से न केवल भागलपुर बल्कि पूरे अंग प्रदेश के विकास को एक नई और तेज रफ्तार मिलने जा रही है।
विक्रमशिला पुल की मरम्मत को मिले ₹126 करोड़, 30 नवंबर तक का अल्टीमेटम
भागलपुर की लाइफलाइन कहे जाने वाले विक्रमशिला पुल की स्थिति को लेकर मुख्यमंत्री काफी गंभीर दिखे। उन्होंने बताया कि पुल की संवेदनशीलता को देखते हुए पूर्व में सेना (BRO टीम) की मदद लेकर एक अस्थायी वैकल्पिक व्यवस्था शुरू कराई गई थी ताकि यातायात प्रभावित न हो। अब इसके स्थायी समाधान के लिए राज्य सरकार ने 126 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि पथ निर्माण विभाग को उपलब्ध करा दी है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में अल्टीमेटम देते हुए कहा कि 30 नवंबर 2026 से पहले हर हाल में मरम्मत का काम पूरा कर पुल को आम जनता के लिए पूरी तरह से सुचारू कर दिया जाए, ताकि लोगों को आने-जाने में कोई असुविधा न हो।
मुंबई की तर्ज पर बनेगा ‘भागलपुर मरीन ड्राइव’
शहरवासियों को एक और शानदार सरप्राइज देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया कि मुंबई के प्रसिद्ध मरीन ड्राइव की तर्ज पर भागलपुर में भी गंगा नदी के किनारे ‘मरीन ड्राइव’ का निर्माण कराया जाएगा। यह प्रोजेक्ट भागलपुर के इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा। इससे न केवल शहर का पर्यटन और सौंदर्य बढ़ेगा, बल्कि शहर के भीतर लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
पीरपैंती में ₹70,000 करोड़ का निवेश, पैदा होंगे बंपर रोजगार
औद्योगिक और आर्थिक मोर्चे पर भागलपुर को आत्मनिर्भर बनाने के लिए पीरपैंती थर्मल पावर प्लांट को लेकर मुख्यमंत्री ने सबसे बड़ा ऐलान किया। उन्होंने बताया कि इस पावर प्लांट की क्षमता को बड़े पैमाने पर विस्तार दिया जा रहा है।
- पहले की निर्धारित क्षमता: 2400 मेगावाट (MW)
- नया विस्तार प्रयास: 1600 मेगावाट (MW) अतिरिक्त
- कुल क्षमता लक्ष्य: 4000 मेगावाट (MW)
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि इस मेगा परियोजना के दोनों चरण (Phases) पूरे होने पर क्षेत्र में करीब 70 हजार करोड़ रुपये का ऐतिहासिक निवेश होगा।
”पीरपैंती का यह पावर प्लांट भागलपुर समेत पूरे बिहार के औद्योगिक परिदृश्य को बदलकर रख देगा। इस महा-परियोजना से न केवल बिजली उत्पादन में रिकॉर्ड बढ़ोतरी होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।”
— सम्राट चौधरी, मुख्यमंत्री, बिहार


