Bihar News: बिहार के शैक्षणिक और बुनियादी ढांचे के इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है। मुख्यमंत्री
सम्राट चौधरी ने आज भागलपुर के गोराडीह स्थित नवस्थापित डिग्री कॉलेज (कासिल परिसर) से राज्यभर के 211 नए डिग्री कॉलेजों में पठन-पाठन कार्य का भव्य शुभारंभ किया। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही बिहार के हर प्रखंड में गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा सुनिश्चित करने का संकल्प अब जमीन पर उतरने लगा है।
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा:
”आज का दिन बिहार के लिए गौरव का क्षण है। शिक्षा ही हमारे राज्य की समृद्धि का सबसे बड़ा आधार बनेगी। हम बिहार को एक बार फिर वैश्विक ज्ञान और नवाचार (Innovation) का केंद्र बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
1. शिक्षा के क्षेत्र में महाक्रांति: भागलपुर को AI और मुजफ्फरपुर को आर्किटेक्चर यूनिवर्सिटी की सौगात
मुख्यमंत्री ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था को भविष्य के अनुकूल बनाने के लिए कई बड़े ऐलान किए:
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय: तकनीक के इस आधुनिक युग में बिहार के युवाओं को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए भागलपुर में एक अत्याधुनिक AI एवं कंप्यूटर साइंस विश्वविद्यालय स्थापित किया जाएगा।
- आर्किटेक्चर एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय: मुज़फ्फरपुर में विशेष रूप से इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजाइनिंग शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए इसकी स्थापना होगी।
- निजी क्षेत्र को बढ़ावा: बिहार की उच्च शिक्षा को नई गति देने के लिए 4 नए निजी विश्वविद्यालयों को भी मंजूरी दी गई है।
प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय की होगी घर वापसी
बिहार की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन विक्रमशिला विश्वविद्यालय को आधुनिक स्वरूप में पुनर्स्थापित करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। इसके लिए लगभग 220 एकड़ भूमि हस्तांतरित की जा चुकी है और सरकार का लक्ष्य अगले एक वर्ष के भीतर विक्रमशिला विश्वविद्यालय को पूरी तरह स्थापित करने का है।
2. इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प: मरीन ड्राइव, रोप-वे और 2 नए एयरपोर्ट
भागलपुर और आसपास के क्षेत्रों को कनेक्टिविटी का बड़ा हब बनाने के लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है:
- गंगा मरीन ड्राइव: मुंगेर से भागलपुर तक 83 किलोमीटर लंबी गंगा मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है, जिसका विस्तार आगे सबौर से लेकर राजमहल बॉर्डर तक किया जाएगा।
- विक्रमशिला सेतु: लंबे समय से क्षतिग्रस्त विक्रमशिला सेतु को 30 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरी तरह चालू करने का सख्त निर्देश दिया गया है।
- बटेश्वरधाम रोप-वे: कहलगांव के प्रसिद्ध बटेश्वरधाम मंदिर तक श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शानदार रोप-वे का निर्माण कराया जाएगा।
- डबल एयरपोर्ट: भागलपुर क्षेत्र के विकास को नई उड़ान देने के लिए दो नए एयरपोर्ट विकसित किए जाएंगे, जिसमें सुल्तानगंज में प्रस्तावित एयरपोर्ट भी शामिल है।
3. उद्योग और रोजगार: सिल्क सिटी में ₹70,000 करोड़ का निवेश और 400 एकड़ का औद्योगिक क्षेत्र
बिहार के युवाओं के पलायन को रोकने के लिए सरकार ने रोजगार सृजन का बड़ा खाका खींचा है:
- औद्योगिक गलियारा: भागलपुर में लगभग 400 एकड़ क्षेत्र में नया औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया जाएगा, जिससे हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।
- पीरपैंती पावर प्लांट: पीरपैंती में 2400 मेगावाट का विशाल पावर प्लांट लगने जा रहा है, जिसकी क्षमता को आगे चलकर 1600 मेगावाट और बढ़ाया जाएगा। इस पूरी परियोजना में 70,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश होगा।
- प्रवासियों से अपील: मुख्यमंत्री ने राज्य से बाहर रह रहे लोगों से अपील की कि वे बिहार लौटें। राज्य सरकार उन्हें उद्योग लगाने के लिए जमीन, बिजली और पानी जैसी तमाम बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
4. महिला सशक्तिकरण और सुशासन पर बड़ा दांव
- मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना: इस योजना के तहत अब तक 1 करोड़ 81 लाख महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सहायता राशि भेजी जा चुकी है। शेष बची सभी पात्र महिलाओं के खातों में 25 जुलाई तक पैसे ट्रांसफर कर दिए जाएंगे।
- ससमय शिकायत निवारण: ‘सहयोग शिविर’ के माध्यम से अब तक आए 6 लाख आवेदनों में से साढ़े पांच लाख मामलों का त्वरित निष्पादन किया जा चुका है।
5. अपराधियों और कामचोर डॉक्टरों को सख्त चेतावनी
मंच से जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य विभाग को लेकर बेहद कड़े तेवर दिखाए:
“अपराधी चाहे किसी भी जाति या वर्ग का हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है। उन्हें या तो भागलपुर जेल जाना होगा या बिहार छोड़ना होगा। स्पीडी ट्रायल के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया जा रहा है।”
साथ ही, स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर मुख्यमंत्री ने आदेश दिया कि 15 अगस्त के बाद कोई भी सरकारी डॉक्टर मरीजों को बेवजह बाहर के अस्पतालों में रेफर नहीं कर पाएगा। अनुमंडल और जिला अस्पतालों में ही इलाज सुनिश्चित करना होगा और कोताही बरतने वाले डॉक्टरों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गरिमामयी उपस्थिति
इस ऐतिहासिक शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उच्च शिक्षा एवं विधि मंत्री संजय सिंह टाइगर, सांसद अजय कुमार मंडल, विधान परिषद और विधानसभा के स्थानीय सदस्य, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, भागलपुर की जिलाधिकारी अलंकृता पाण्डेय सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं भारी संख्या में आमजन उपस्थित थे।


