5 थानों की पुलिस का एक साथ धावा, 3 महिलाओं और संचालकों समेत 15 दबोचे गए; पश्चिम बंगाल से यूपी तक जुड़े हैं तार
Bihar News: आर्केस्ट्रा के नाम पर मासूम बच्चियों को फंसाकर उनका सौदा करने वाले बड़े गिरोह पर मधुबनी पुलिस ने अब तक का सबसे बड़ा प्रहार किया है। 14-15 सितंबर की आधी रात को जब पूरा शहर सो रहा था, तब पुलिस की स्पेशल टीमों ने 5 थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी कर आर्केस्ट्रा संचालकों के होश उड़ा दिए।
इस ताबड़तोड़ कार्रवाई में पुलिस ने न सिर्फ 40 नाबालिग बालिकाओं को शोषण के नर्क से आजाद कराया, बल्कि आर्केस्ट्रा संचालकों और धंधे में शामिल 12 पुरुषों व 3 महिलाओं समेत कुल 15 आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।
आधी रात को 5 इलाकों में एक साथ पड़ा छापा
कमजोर वर्ग पटना और मिशन मुक्ति फाउंडेशन (NGO) के गुप्त इनपुट पर एसएसपी मधुबनी के निर्देश पर यह महा-ऑपरेशन शुरू हुआ। साइबर थाना डीएसपी की अगुवाई में एएचटीयू (AHTU), महिला थाना, मानवाधिकार और चाइल्डलाइन की टीमों ने एक साथ 5 थाना इलाकों में रेड मारी:
- बासोपट्टी थाना
- अरेर थाना
- बेनीपट्टी थाना
- खजौली थाना
- लौकहा थाना
अचानक हुई इस कार्रवाई से मौके पर भगदड़ मच गई। पुलिस ने सभी 40 नाबालिग बच्चियों को सुरक्षित अपनी कस्टडी में लेकर महिला थाना पहुंचाया।
इंटरस्टेट ह्यूमन ट्रैफिकिंग नेटवर्क का पर्दाफाश
जांच में खुलासा हुआ है कि मासूम बच्चियों को बहला-फुसलाकर आर्केस्ट्रा में लाने वाला यह गिरोह बिहार के बाहर उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैला हुआ है।
सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी:
- इरफान आलम (शिकारपुर, पश्चिमी चंपारण)
- राहुल सिंह (चौतरवा, पश्चिमी चंपारण)
- नंदलाल प्रसाद (बेतिया, पश्चिमी चंपारण)
- अजय कुमार (बेतिया, पश्चिमी चंपारण)
- श्याम कुमार यादव (हरलाखी, मधुबनी)
- समरशिल (हरिंगघाटा, नादिया, पश्चिम बंगाल)
- आयुष शर्मा (सेमडोरिया, महाराजगंज, उत्तर प्रदेश)
- देवचंद्र परनामी (खजौली, मधुबनी)
- परमेश्वर राम (महाराजगंज, सीवान)
- संजन कुमार दास (खजौली, मधुबनी)
- काशीनाथ मंडल (हरवा, 24 परगना, पश्चिम बंगाल)
- नंदकिशोर यादव (रुद्रपुर, मधुबनी) (साथ ही 3 महिला कर्मियों को भी गिरफ्तार किया गया है)
पॉक्सो और बंधुआ मजदूरी की सख्त धाराओं में केस दर्ज
मामले में पुलिस ने कोई ढिलाई न बरतते हुए महिला थाना में कांड संख्या – 64/26 दर्ज की है। आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अलावा:
- POCSO Act (धारा 13/14)
- JJ Act (धारा 79)
- Bonded Labour System Abolition Act (धारा 16/17/18) लगा दी गई है।
सभी पुरुष आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। वहीं रेस्क्यू की गई 40 बच्चियों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश कर उनके सुरक्षित पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
ऑपरेशन को अंजाम देने वाली पुलिस टीम
- रश्मि कुमारी (अपर पुलिस अधीक्षक – मु0, मधुबनी)
- अंकुर कुमार (पुलिस उपाधीक्षक, साइबर थाना)
- सुनील कुमार (प्रभारी AHTU)
- अमित कुमार (प्रभारी CCTNS)
- शमशाद आलम (पर्यवेक्षी पदाधिकारी, नगर थाना)
- रीना भारती (थानाध्यक्ष, महिला थाना)
- रंजू कुमारी (महिला थाना)
पुलिस की दोटूक चेतावनी: “नाबालिग बच्चों का शोषण करने वाले, जबरन नाच-गाने के धंधे में धकेलने वाले और मानव तस्करी करने वाले माफियाओं को बख्शा नहीं जाएगा। यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है, नेटवर्क से जुड़े बाकी लोगों का भी सफाया होगा।”


