पांचवीं मंजिल के कमरे से मोबाइल और साइबर अपराध से जुड़े दस्तावेज बरामद करने का पुलिस का दावा, गिरफ्तार युवकों ने पुलिस कार्रवाई पर उठाए गंभीर सवाल
Crime News: भागलपुर जोगसर थाना क्षेत्र के आदमपुर स्थित तपस्वी हॉस्पिटल में साइबर अपराध से जुड़े एक मामले को लेकर पुलिस ने छापेमारी कर पांच युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, हॉस्पिटल की पांचवीं मंजिल स्थित एक कमरे में छापेमारी के दौरान कई मोबाइल फोन और साइबर अपराध से संबंधित दस्तावेज बरामद किए गए हैं। मामले की जांच के लिए बरामद सामानों की तकनीकी जांच भी कराई जा रही है।
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार युवकों की पहचान कृष्णा कुमार सोनी, तेजस्वी कुमार, नरहरि प्रियदर्शी, सनत कुमार और प्रहलाद कुमार के रूप में हुई है। पुलिस का कहना है कि एक सूचना मिलने के बाद उसका सत्यापन किया गया, जिसके आधार पर विशेष टीम ने तपस्वी हॉस्पिटल में छापेमारी की। संदिग्ध गतिविधियां मिलने के बाद पांचों युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई और बाद में गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार युवकों ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इधर, गिरफ्तार युवकों ने पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि वे साइबर अपराध में शामिल नहीं हैं और उन्हें दबाव बनाकर इस मामले में फंसाया जा रहा है। युवकों ने आरोप लगाया कि इस मामले का मुख्य आरोपी डीएसपी सुधांशु का भांजा है और पुलिस उसे बचाने का प्रयास कर रही है।
गिरफ्तार युवकों का यह भी आरोप है कि पुलिस उन पर दबाव बनाकर साइबर अपराध से जोड़ने की कोशिश कर रही है। उन्होंने खुद को निर्दोष बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं
हालांकि, डीएसपी सुधांशु के भांजे को मुख्य आरोपी बताए जाने और पुलिस द्वारा उसे बचाने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। वहीं, पुलिस की ओर से इन आरोपों पर आधिकारिक रूप से क्या जवाब दिया जाता है, यह भी इस मामले में महत्वपूर्ण होगा।
फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और गिरफ्तार युवकों के आरोपों के बीच मामला उलझा हुआ है। पुलिस द्वारा बरामद किए गए मोबाइल फोन और दस्तावेजों की तकनीकी जांच के बाद यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इनका इस्तेमाल किसी साइबर अपराध में हुआ था या नहीं।
मामले में पुलिस की आगे की जांच, पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।


