Patna News: बिहार सरकार ने मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना के माध्यम से राज्य के दिव्यांगजनों के लिए उद्यमिता और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कदम उठाया है। इस योजना के तहत पात्र दिव्यांग लाभुकों को प्रति इकाई परियोजना लागत अधिकतम 10 लाख रुपये तक ऋण और अनुदान दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई सरकार ने सात निश्चय-3 के तहत रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी है। इसके अंतर्गत राज्य में 1 करोड़ रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से विभिन्न योजनाएं और उद्योग स्थापना के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी रणनीति के तहत दिव्यांग व्यक्तियों में स्वरोजगार और उद्यमिता को प्रोत्साहित करने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
लाभार्थी इस योजना के लिए आवेदन करने के लिए उद्योग विभाग के पोर्टल https://udyami.bihar.gov.in� के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। स्वीकृति मिलने पर परियोजना के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये ऋण अथवा अनुदान के रूप में प्रदान किए जाएंगे।
उद्योग विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजना का उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को स्वरोजगार के लिए सशक्त बनाना और उन्हें आर्थिक रूप से स्वतंत्र करना है। इसके साथ ही राज्य में रोजगार सृजन और छोटे उद्योगों की स्थापना को भी बढ़ावा मिलेगा।
इस पहल से न केवल दिव्यांग व्यक्तियों को अपने व्यवसाय स्थापित करने का अवसर मिलेगा, बल्कि राज्य में स्वरोजगार और उद्यमिता का व्यापक विकास भी सुनिश्चित होगा।
मुख्यमंत्री दिव्यांगजन योजना के तहत बिहार के उद्यमियों को मिलेगा 10 लाख तक ऋण एवं अनुदान
उद्योग विभाग के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर लाभुक कर सकते हैं लाभ | स्वरोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए सरकार की पहल

