Bhagalpur News: भागलपुर के बरारी डीवीसी (DVC) परिसर में ‘बिहार बिजली मजदूर यूनियन’ का दो दिवसीय 14वां राज्य सम्मेलन बेहद सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस सम्मेलन में पूरे बिहार से बड़ी संख्या में बिजली मजदूर यूनियन के सदस्यों, संविदा कर्मियों और शीर्ष पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान बिजली विभाग के कर्मचारियों के शोषण के खिलाफ आवाज उठाने, उनके जायज अधिकारों की रक्षा करने और संगठन की नींव को और अधिक मजबूत बनाने को लेकर विस्तृत रणनीति तैयार की गई।
🤝 “एकता में ही शक्ति है”: सभी बिजली यूनियनों को एक मंच पर लाने का संकल्प
सम्मेलन को संबोधित करते हुए बिहार बिजली मजदूर यूनियन के भागलपुर जिला अध्यक्ष अर्जुन प्रसाद ने कर्मचारियों में नया जोश भरा। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आज के दौर में मजदूरों को अपने हक के लिए एकजुट होना बेहद जरूरी है।
- सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य: जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस 14वें राज्य सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सूबे के सभी छोटे-बड़े बिजली मजदूर यूनियनों को एक मंच पर लाना है, ताकि बिजली कर्मियों की आवाज को सरकार और प्रबंधन के सामने मजबूती से रखा जा सके।
- हक की लड़ाई: उन्होंने जोर देकर कहा, “मजदूरों की एकता से ही उनकी बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। जब तक हम संगठित नहीं होंगे, तब तक हमारे अधिकारों की अनदेखी होती रहेगी।”
⚡ बिजली कर्मियों की समस्याओं और सुरक्षा पर गंभीर मंथन
सम्मेलन में मौजूद विभिन्न जिलों से आए वक्ताओं ने बिजली कर्मियों, विशेषकर फील्ड में काम करने वाले लाइनमैन और संविदा कर्मियों (आउटसोर्सिंग स्टाफ) की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। वक्ताओं ने निम्नलिखित मुख्य बिंदुओं पर चर्चा की:
- कार्यस्थल पर सुरक्षा: चौबीसों घंटे जान जोखिम में डालकर काम करने वाले बिजली कर्मियों को बेहतर सुरक्षा उपकरण (Safety Gears) मुहैया कराने की मांग की गई।
- उचित मानदेय और भत्ते: संविदा पर काम कर रहे कर्मियों के लिए समान काम-समान वेतन और समय पर मानदेय भुगतान का मुद्दा भी गरमाया रहा।
- संगठन का विस्तार: सम्मेलन के आखिरी सत्र में संगठन को पंचायत और प्रखंड स्तर तक मजबूत बनाने का संकल्प लिया गया, ताकि किसी भी कर्मी के साथ अन्याय होने पर तुरंत सांगठनिक कार्रवाई की जा सके।


