सुबह करीब 6 बजे सहकर्मी ने देखा शव, एसपी वैभव शर्मा समेत कई वरीय अधिकारी पहुंचे मौके पर; एफएसएल टीम ने जुटाए वैज्ञानिक साक्ष्य, मौत की वजह अब भी स्पष्ट नहीं
Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले के नवगछिया पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में शनिवार, 24 अक्टूबर की सुबह दरोगा योगेश कुमार का शव फंदे से लटका मिलने से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस विभाग के वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से उनके सहकर्मियों के बीच शोक और हैरानी का माहौल है। फिलहाल मौत के कारणों का खुलासा नहीं हो सका है।
सुबह करीब छह बजे सहकर्मी ने देखा शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब छह बजे एक सहकर्मी पुलिस पदाधिकारी योगेश कुमार के सरकारी क्वार्टर पर पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कमरे में योगेश कुमार का शव फंदे से लटका हुआ देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस लाइन और वरीय अधिकारियों को घटना की सूचना दी गई।
सूचना मिलने के बाद नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा, एसडीपीओ सईम रजा और मुख्यालय डीएसपी समेत कई पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने क्वार्टर का निरीक्षण किया और घटना से जुड़े तथ्यों की जानकारी जुटाई। इसके बाद मामले की जांच की प्रक्रिया शुरू की गई।
एसपी कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत थे योगेश कुमार
योगेश कुमार मूल रूप से बांका जिले के बौंसी प्रखंड अंतर्गत बाराहाट क्षेत्र के रहने वाले थे। वह नवगछिया एसपी कार्यालय की अपराध शाखा में कार्यरत थे। उनका कार्यस्थल नवगछिया पुलिस जिला मुख्यालय में था और वह पुलिस लाइन स्थित सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे।
बताया जा रहा है कि हाल ही में विभागीय पदोन्नति के तहत उन्हें जमादार से सहायक अवर निरीक्षक (एएसआई) के पद से अवर निरीक्षक (एसआई यानी दरोगा) के पद पर प्रोन्नति मिली थी। इस अवसर पर नवगछिया एसपी वैभव शर्मा ने एक कार्यक्रम में उनके कंधे पर नए पद का बैज लगाकर उन्हें सम्मानित किया था।
पदोन्नति के कुछ ही दिनों बाद उनकी मौत की खबर सामने आने से पुलिस विभाग में शोक का माहौल है। हालांकि, पदोन्नति और उनकी मौत के बीच किसी तरह के संबंध की पुष्टि नहीं हुई है।
एफएसएल टीम ने घटनास्थल से जुटाए साक्ष्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को बुलाया गया। टीम ने मौके पर पहुंचकर आवश्यक वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, ताकि घटना से जुड़ी परिस्थितियों की जांच में मदद मिल सके।
साक्ष्यों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से संबंधित सरकारी क्वार्टर को सील किए जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस सभी उपलब्ध साक्ष्यों और घटनास्थल की परिस्थितियों के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
घटना की सूचना मिलने के बाद मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंचे। इस दुखद घटना से परिवार और परिचितों के बीच शोक का माहौल है।
मौत की वजह पर सस्पेंस, जांच के बाद ही होगा खुलासा
फिलहाल दरोगा योगेश कुमार की मौत के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इस संबंध में अभी कोई अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
घटनास्थल से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्य, अन्य परिस्थितिजन्य तथ्य और पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच के लिए महत्वपूर्ण होंगे। इनकी पड़ताल के बाद ही मौत की वजह को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इस मामले में पुलिस विभाग की ओर से विस्तृत आधिकारिक बयान सामने आने का इंतजार है। फिलहाल नवगछिया पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।


