Bhagalpur News: पूर्व रेलवे के मालदा मंडल अंतर्गत नाथनगर रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत एक परित्यक्त शिशु बालिका का सुरक्षित उद्धार कर मानवता की मिसाल पेश की है। यह कार्रवाई रेल यात्रियों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए संचालित रेल मदद प्रणाली के माध्यम से प्राप्त सूचना के आधार पर की गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार प्लेटफॉर्म संख्या 02 पर करीब 15 से 30 दिन की एक नवजात बच्ची लावारिस अवस्था में पाई गई थी। सूचना मिलते ही आरपीएफ टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शिशु को सुरक्षित संरक्षण में लिया। आसपास मौजूद यात्रियों एवं लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन बच्ची के अभिभावक या कोई दावा करने वाला सामने नहीं आया।
यह पूरी कार्रवाई मंडल रेल प्रबंधक मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन और मंडल सुरक्षा आयुक्त आशिम कुमार कुल्लू के पर्यवेक्षण में संपन्न हुई। शिशु की सुरक्षा और उचित देखभाल सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ ने तुरंत चाइल्डलाइन भागलपुर को सूचना दी।
विधि अनुसार आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद नवजात बालिका को आगे की देखभाल, संरक्षण और पुनर्वास के लिए चाइल्डलाइन प्राधिकरण को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया। आरपीएफ की इस संवेदनशील और त्वरित कार्रवाई की सराहना की जा रही है।
रेलवे अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” का उद्देश्य रेलवे परिसरों में पाए जाने वाले लावारिस, गुमशुदा या संकटग्रस्त बच्चों को सुरक्षित संरक्षण प्रदान करना है। यह घटना दर्शाती है कि रेलवे सुरक्षा बल न केवल यात्री सुरक्षा बल्कि बाल संरक्षण के प्रति भी पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है।
नाथनगर स्टेशन पर लावारिस नवजात का, आरपीएफ की तत्परता से बची मासूम की जान
ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत रेलवे सुरक्षा बल की मानवीय पहल; प्लेटफॉर्म पर मिली 15–30 दिन की शिशु बालिका को चाइल्डलाइन को सौंपा गया
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