Patna News: बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी सिंचाई परियोजनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। Pratyay Amrit की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में नार्थ कोयल जलाशय परियोजना और मंडई वीयर परियोजना की प्रगति की समीक्षा की गई तथा समय सीमा के भीतर कार्य पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए।
बैठक में बताया गया कि नार्थ कोयल जलाशय परियोजना बिहार के सूखाग्रस्त इलाकों — Aurangabad और Gaya — के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। 162 किलोमीटर लंबी इस परियोजना में दोनों जिलों में लगभग 90 प्रतिशत भूमि अधिग्रहण का कार्य पूरा हो चुका है। शेष कार्य को औरंगाबाद में 30 अप्रैल तक और गया में मई तक हर हाल में पूरा करने का लक्ष्य तय किया गया है।
समीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ पैकेजों में निर्माण कार्य की गति धीमी है, जिस पर मुख्य सचिव ने संवेदक एजेंसियों को मैनपावर और मशीनरी बढ़ाकर काम तेज करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को नियमित स्थल निरीक्षण कर प्रगति की निगरानी करने को भी कहा गया।
वहीं Mandaee Weir Project (फल्गु नदी पर) की प्रगति संतोषजनक बताई गई। यह परियोजना Jehanabad, Nalanda और Patna जिले के कई प्रखंडों को सिंचाई सुविधा प्रदान करेगी। अब तक 73 प्रतिशत भौतिक कार्य पूरा हो चुका है और मुआवजा भुगतान सहित अन्य कार्य सुचारू रूप से चल रहे हैं।
सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं के पूरा होने से सूखाग्रस्त क्षेत्रों में सिंचाई की समस्या दूर होगी और कृषि उत्पादन को नई गति मिलेगी। प्रशासन ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि गर्मी और आगामी मॉनसून को देखते हुए परियोजनाओं का समय पर पूरा होना अत्यंत आवश्यक है।
बैठक में जल संसाधन, वित्त और योजना विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा संबंधित जिलों के डीएम भी शामिल हुए।
बिहार की दो बड़ी सिंचाई परियोजनाओं की समीक्षा, समय सीमा में काम पूरा करने के सख्त निर्देश
मुख्य सचिव की सख्ती — नार्थ कोयल जलाशय और मंडई वीयर परियोजनाओं को गर्मी-मॉनसून से पहले पूरा करने का लक्ष्य
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