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पटना में ‘जीरो पावर कट’ की तैयारी: चार नए पावर सब स्टेशन से 5 लाख लोगों को मिलेगी निर्बाध बिजली

आसोपुर, जगनपुरा (खेमनीचक), बिहटा और उसरी में बन रहे आधुनिक पीएसएस; हर स्टेशन पर 10 एमवीए के दो ट्रांसफॉर्मर, ओवरलोड की समस्या से मिलेगी बड़ी राहत

Patna News: राजधानी पटना में इस बार गर्मी के मौसम में बिजली कटौती और ओवरलोड की समस्या से निपटने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। शहर में चार नए पावर सब स्टेशन (पीएसएस) तेजी से तैयार किए जा रहे हैं, जिनसे करीब 5 लाख से अधिक आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। लक्ष्य साफ है—पीक डिमांड के दौरान भी ‘जीरो पावर कट’ सुनिश्चित करना।
कहां बन रहे हैं नए पावर सब स्टेशन?
बिजली आपूर्ति करने वाली एजेंसी पटना इलेक्ट्रिक सप्लाई अंडरटेकिंग (पेसू) के अनुसार—
पेसू पश्चिमी क्षेत्र में आसोपुर, उसरी और बिहटा में नए पीएसएस बनाए जा रहे हैं।
पेसू पूर्वी क्षेत्र में जगनपुरा (खेमनीचक) इलाके में पावर सब स्टेशन का निर्माण अंतिम चरण में है।
पेसू के जीएम दिलीप कुमार सिंह ने बताया कि हर साल बढ़ती मांग को देखते हुए नए-नए पीएसएस जोड़े जा रहे हैं, ताकि अधिकतम खपत के समय भी सप्लाई प्रभावित न हो।
10 एमवीए के दो-दो ट्रांसफॉर्मर, मजबूत होगा ग्रिड
हर नए पावर सब स्टेशन में 10 एमवीए क्षमता के दो पावर ट्रांसफॉर्मर लगाए जा रहे हैं। आसोपुर पावर सब स्टेशन बनकर तैयार हो चुका है और वहां ट्रांसफॉर्मर को चार्जिंग में इंस्टॉल भी कर दिया गया है। इससे लोकल फीडरों पर लोड संतुलित होगा और ट्रिपिंग/लो-वोल्टेज की समस्या में कमी आएगी।
1000 मेगावाट पार कर चुकी है गर्मियों की खपत
पिछले दो वर्षों में गर्मियों के दौरान पटना शहर में रोजाना बिजली खपत 1000 मेगावाट से अधिक रही है। इस वर्ष अनुमान है कि पीक डिमांड 1200–1400 मेगावाट तक पहुंच सकती है। राज्य स्तर पर भी गर्मियों में खपत 10,000 मेगावाट के आसपास दर्ज की गई थी, जिसे उत्तर और दक्षिण बिहार की बिजली कंपनियों ने सफलतापूर्वक मैनेज किया।
क्यों जरूरी थे नए पीएसएस?
तेजी से बढ़ती आबादी और नए आवासीय-व्यावसायिक कनेक्शन
एसी, कूलर और अन्य उपकरणों के कारण पीक डिमांड में उछाल
पुराने फीडरों पर ओवरलोड की समस्या
शहर में फिलहाल 75 से अधिक पावर सब स्टेशन कार्यरत हैं, लेकिन बढ़ती मांग को देखते हुए नए स्टेशन जोड़ना अनिवार्य हो गया था।
क्या मिलेगा फायदा?
ओवरलोड और ट्रिपिंग में कमी
वोल्टेज फ्लक्चुएशन से राहत
पीक ऑवर में भी निर्बाध आपूर्ति
5 लाख से अधिक उपभोक्ताओं को सीधा लाभ
गर्मियों से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड का यह कदम राजधानी में विश्वसनीय बिजली आपूर्ति की दिशा में बड़ा बदलाव साबित हो सकता है। अब नजर इस बात पर है कि बढ़ती मांग के बीच सिस्टम कितना स्थिर और प्रभावी रहता है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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