Bhagalpur News: भागलपुर जिले के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (आरपीएफ) की मानवीय संवेदनशीलता और सतर्कता का एक प्रेरणादायक उदाहरण सामने आया है। साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर ट्रेन (गाड़ी संख्या 63431) के एक डिब्बे में बाथरूम के समीप लावारिस हालत में पड़े एक नवजात शिशु को आरपीएफ जवानों ने सुरक्षित बरामद कर उसकी जान बचाई। इस घटना के बाद स्टेशन परिसर में हड़कंप मच गया, वहीं स्थानीय लोगों ने आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई की सराहना की।
मिली जानकारी के अनुसार, नाथनगर स्टेशन पर ड्यूटी के दौरान आरपीएफ के हेड कांस्टेबल राजेश कुमार और कांस्टेबल शैलेंद्र कुमार ट्रेन की नियमित जांच कर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर बाथरूम के पास पड़े एक नवजात शिशु पर पड़ी। शिशु को देखकर दोनों जवान तुरंत सक्रिय हो गए और बिना समय गंवाए उसे अपने संरक्षण में ले लिया। प्रारंभिक देखभाल के बाद शिशु को सुरक्षित रूप से आरपीएफ पोस्ट लाया गया, जहां उसकी स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि घटना की सूचना तत्काल चाइल्ड लाइन को दे दी गई है, ताकि शिशु की उचित देखभाल और आगे की प्रक्रिया पूरी की जा सके। फिलहाल नवजात की पहचान नहीं हो सकी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि उसे किसने और किन परिस्थितियों में ट्रेन में छोड़ दिया। रेलवे पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि समय पर की गई सतर्कता किसी की जिंदगी बचा सकती है। आरपीएफ जवानों की तत्परता से एक मासूम को नया जीवन मिला, जिससे आम लोगों में राहत और संतोष का माहौल है। प्रशासन ने भी इस सराहनीय कार्य के लिए आरपीएफ कर्मियों की प्रशंसा की है।
यह घटना समाज के लिए एक भावनात्मक संदेश भी छोड़ती है कि मानवता और संवेदनशीलता आज भी जीवित है।
नाथनगर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन से मिला नवजात, आरपीएफ की तत्परता से बची मासूम की जान
भागलपुर के नाथनगर रेलवे स्टेशन पर साहिबगंज-जमालपुर पैसेंजर के बाथरूम के पास लावारिस हालत में मिला शिशु; आरपीएफ ने सुरक्षित संरक्षण में लेकर चाइल्ड लाइन को सौंपा
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