HomeSportsझालमुड़ी बेचने वाले का बेटा प्रिंस कुमार करेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत...

झालमुड़ी बेचने वाले का बेटा प्रिंस कुमार करेगा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व, भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में हुआ चयन

आर्थिक तंगी भी नहीं तोड़ पाई हौसले की उड़ान, किलकारी बिहार बाल भवन में प्रशिक्षण लेकर प्रिंस ने हासिल की बड़ी उपलब्धि; अब अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश का तिरंगा लहराने का सपना, आर्थिक सहयोग की दरकार।

Bhagalpur News: कहते हैं कि प्रतिभा किसी सुविधा की मोहताज नहीं होती। अगर मन में कुछ कर गुजरने का जुनून हो और मेहनत करने का हौसला हो, तो बड़ी से बड़ी मुश्किल भी सफलता का रास्ता नहीं रोक सकती। इस कहावत को भागलपुर के प्रिंस कुमार ने सच कर दिखाया है। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है और पिता झालमुड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं, लेकिन इन परिस्थितियों के बावजूद प्रिंस ने अपने सपनों को टूटने नहीं दिया। लगातार मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर उनका चयन भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में हुआ है। अब प्रिंस अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर देश, बिहार और भागलपुर का नाम रोशन करने की तैयारी में हैं।

प्रिंस की यह उपलब्धि सिर्फ एक खिलाड़ी की सफलता नहीं, बल्कि उन हजारों युवाओं के लिए उम्मीद की किरण है, जो सीमित संसाधनों के बीच बड़े सपने देखते हैं। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने का मौका मिलने के बाद भी प्रिंस के सामने आर्थिक चुनौती खड़ी है। उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए आर्थिक सहयोग की जरूरत है, ताकि उनकी मेहनत और प्रतिभा को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचने का पूरा अवसर मिल सके।

किलकारी बिहार बाल भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में साझा की गई सफलता की जानकारी

प्रिंस कुमार की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को लेकर भागलपुर के कंपनीबाग स्थित किलकारी बिहार बाल भवन परिसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान प्रशिक्षकों और संस्थान से जुड़े पदाधिकारियों ने प्रिंस की सफलता की जानकारी साझा की। उनकी उपलब्धि से संस्थान में खुशी का माहौल है। प्रिंस ने अपने प्रदर्शन से यह साबित किया है कि प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को सही मार्गदर्शन और प्रशिक्षण मिले, तो वे राष्ट्रीय ही नहीं, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना सकते हैं।

किलकारी बिहार बाल भवन में कई वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे प्रिंस ने खेल के प्रति निरंतर मेहनत और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में उनका चयन भागलपुर के खेल जगत के लिए भी गर्व की बात है।

झालमुड़ी बेचकर परिवार चलाते हैं पिता, बेटे के सपनों को पूरा करने की है उम्मीद

प्रिंस की सफलता के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी जुड़ा हुआ है। उनके पिता दीपक मंडल झालमुड़ी बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। सीमित आमदनी के बावजूद उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पूरा करने के लिए हर संभव प्रयास किया है। परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत नहीं होने के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भाग लेने की तैयारी करना अब एक बड़ी चुनौती बन गया है।

एक ओर बेटे ने अपनी मेहनत से भारतीय टीम में जगह बनाकर परिवार को गर्व का अवसर दिया है, तो दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए जरूरी आर्थिक संसाधन जुटाना परिवार के लिए मुश्किल साबित हो रहा है। ऐसे में प्रिंस को सहयोग की जरूरत है, ताकि आर्थिक तंगी उनकी उपलब्धि के रास्ते में बाधा न बन सके।

प्रिंस के पिता को उम्मीद है कि उनका बेटा आने वाले समय में और बेहतर प्रदर्शन करेगा तथा परिवार के साथ-साथ देश का गौरव बढ़ाएगा। उनके लिए बेटे का भारतीय टीम में चयन किसी बड़े सपने के साकार होने जैसा है।

प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने बताया मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ी

प्रशिक्षक कुंदन कुमार ने बताया कि प्रिंस बेहद मेधावी, मेहनती और प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं। उन्होंने लगातार अभ्यास और अपने खेल के प्रति समर्पण के बल पर भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में चयन हासिल किया है। प्रिंस की इस सफलता के पीछे वर्षों की मेहनत और प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण योगदान है।

प्रशिक्षक के अनुसार, प्रिंस में आगे बढ़ने की पूरी क्षमता है। लेकिन परिवार की कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण उन्हें अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भेजना चुनौतीपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शहर के गणमान्य लोगों, समाजसेवियों और खेल प्रेमियों से सहयोग लेकर प्रिंस को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेलने के लिए भेजने का प्रयास किया जाएगा।

प्रशिक्षक को विश्वास है कि यदि प्रिंस को आवश्यक सहयोग और अवसर मिले, तो वह अपने खेल से देश और भागलपुर का नाम रोशन कर सकते हैं।

साहिल राज ने की उज्ज्वल भविष्य की कामना

किलकारी बिहार बाल भवन से जुड़े पदाधिकारी साहिल राज ने भी प्रिंस की उपलब्धि पर खुशी जताई और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रिंस आने वाले समय में अपने प्रदर्शन को और बेहतर बनाएंगे तथा खेल के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल करेंगे।

प्रिंस का चयन उन बच्चों के लिए भी प्रेरणादायक है, जो संसाधनों की कमी के कारण अपने सपनों को पूरा करने में कठिनाइयों का सामना करते हैं। उनकी सफलता बताती है कि मेहनत, अनुशासन और सही प्रशिक्षण के सहारे मुश्किल परिस्थितियों में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

अब प्रिंस को आर्थिक सहयोग का इंतजार, अंतरराष्ट्रीय मंच पर तिरंगा लहराने का सपना

भारतीय पेनकैक सिलाट टीम में चयन के बाद प्रिंस कुमार के सामने अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर है। लेकिन इस अवसर को हकीकत में बदलने के लिए आर्थिक सहयोग जरूरी है। प्रशिक्षक और संस्थान से जुड़े लोग समाज के सक्षम लोगों तथा समाजसेवियों से मदद जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।

भागलपुर के इस होनहार खिलाड़ी की कहानी समाज के सामने एक बड़ा सवाल भी खड़ा करती है कि क्या आर्थिक तंगी किसी प्रतिभाशाली खिलाड़ी के सपनों के आड़े आनी चाहिए? झालमुड़ी बेचकर परिवार चलाने वाले पिता के बेटे ने अपनी मेहनत से भारतीय टीम तक का सफर तय किया है। अब जरूरत है कि समाज भी उसके संघर्ष में साथ खड़ा हो।

प्रिंस कुमार की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि प्रतिभा अमीरी या गरीबी की मोहताज नहीं होती। सही अवसर, उचित मार्गदर्शन और समय पर आर्थिक सहयोग मिले, तो साधारण परिवार से आने वाला युवा भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का प्रतिनिधित्व कर सकता है।

अब देखना यह है कि भागलपुर के लोग और समाजसेवी प्रिंस की इस उपलब्धि को आगे बढ़ाने में कितना सहयोग देते हैं, ताकि झालमुड़ी बेचकर परिवार का जीवनयापन करने वाले पिता का बेटा अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का तिरंगा लहराने का अपना सपना पूरा कर सके।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Bhāgalpur
light rain
23.7 ° C
23.7 °
23.7 °
68%
1.9m/s
100%
Thu
24 °
Fri
23 °
Sat
31 °
Sun
31 °
Mon
31 °

Most Popular