Patna News: बिहार के नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पंचायतों के निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के लिए राहत की बड़ी खबर है। बिहार सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री नीतीश मिश्रा ने राज्य के शहरी निकायों के जनप्रतिनिधियों को हर महीने मिलने वाले नियत भत्ते के भुगतान के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के प्रथम चार माह की सहायक अनुदान राशि स्वीकृत कर दी है। सरकार द्वारा कुल 4.81 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि जारी की गई है।
”सशक्त निकाय, समृद्ध शहर” हमारा संकल्प: नीतीश मिश्रा
राशि की स्वीकृति देते हुए नगर विकास एवं आवास मंत्री नीतीश मिश्रा ने कहा कि राज्य सरकार नगर निकायों को प्रशासनिक और वित्तीय रूप से मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
मंत्री नीतीश मिश्रा का बयान: “नगर निकाय हमारी लोकतांत्रिक शासन व्यवस्था की सबसे बुनियादी और मजबूत इकाइयाँ हैं। स्थानीय स्तर पर नागरिकों की समस्याओं को सुलझाने और विकास को जमीन पर उतारने में इन जनप्रतिनिधियों की भूमिका सबसे अहम होती है। यही वजह है कि उनके निर्धारित भत्तों का समय पर भुगतान करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।”
किस निकाय को मिला कितना बजट? (आंकड़े एक नजर में)
जनप्रतिनिधियों के भत्तों को समय पर सुनिश्चित करने के लिए विभाग ने पूरी राशि का वर्गीकरण इस प्रकार किया है:
निकाय का प्रकार | निकायों की संख्या | स्वीकृत सहायक अनुदान राशि | लाभार्थी जनप्रतिनिधि |
|---|---|---|---|
नगर निगम (Municipal Corporations) | 18 | ₹1,00,54,000 (एक करोड़ चौवन हजार रुपये) | महापौर, उपमहापौर एवं सभी वार्ड पार्षद |
नगर परिषद (Municipal Councils) | 89 | ₹2,17,64,000 (दो करोड़ सत्रह लाख चौंसठ हजार रुपये) | सभापति, उपसभापति एवं सभी वार्ड पार्षद |
नगर पंचायत (Town Panchayats) | 153 | ₹1,54,92,000 (एक करोड़ चौवन लाख बानवे हजार रुपये) | अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं सभी वार्ड पार्षद |
पटना नगर निगम (Patna Ward) | विशेष | ₹8,38,000 (आठ लाख अड़तीस हजार रुपये) | पटना के मेयर, डिप्टी मेयर और वार्ड पार्षद |
सुशासन और जवाबदेही पर सरकार का विशेष ध्यान
मंत्री नीतीश मिश्रा ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में बिहार सरकार शहरी स्थानीय निकायों को अधिक सक्षम, जवाबदेह और प्रभावी बनाने की दिशा में चौतरफा काम कर रही है। शहरों में बेहतर नागरिक सुविधाएं जैसे- साफ-सफाई, ड्रेनेज सिस्टम और सड़कों का जाल बिछाने के लिए निकायों को जरूरी वित्तीय संसाधन समय पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि इस स्वीकृत राशि से जनप्रतिनिधियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने क्षेत्रों के विकास और जनता की सेवा में और अधिक ऊर्जा और प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।


