
Bhagalpur News: अदानी पावर प्लांट से जुड़े भूमि अधिग्रहण, मुआवजा और पुनर्वास से संबंधित मामलों को लेकर भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने पीरपैंती प्रखंड कार्यालय में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में अदानी पावर प्लांट के वरिष्ठ अधिकारी, भागलपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार एवं जिला भू-अर्जन अधिकारी राजेश कुमार भी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान भूमि अधिग्रहण, किसानों को मुआवजा भुगतान, पुनर्वास एवं कानून-व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जिन किसानों का मुआवजा अब तक लंबित है, उन्हें जल्द से जल्द भुगतान दिलाना प्रशासन की प्राथमिकता है।
किसानों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद
बैठक के बाद डीएम ने किसान चेतना एवं उत्थान समिति के अध्यक्ष श्रवण सिंह से मुलाकात कर किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी प्रभावित किसान संपूर्ण दस्तावेज के साथ भागलपुर स्थित उनके कार्यालय में उपस्थित हों, ताकि मामलों का शीघ्र निष्पादन किया जा सके।
इसके बाद डीएम ने हरिनकोल पंचायत के वार्ड सदस्य रिज़्जू पहाड़िया से भी संवाद किया। उन्होंने अपने पूर्वजों के कब्रिस्तान के लिए वैकल्पिक भूमि की मांग रखी, जिस पर जिलाधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए उचित समाधान का आश्वासन दिया। वहीं जदयू जिला कार्यकारिणी अध्यक्ष विवेकानंद गुप्ता एवं बीस सूत्री अध्यक्ष हरेराम शर्मा से भी डीएम ने मुलाकात कर जनप्रतिनिधियों की राय जानी।
तीन प्रमुख समस्याएं चिन्हित
मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि अदानी पावर प्लांट के लिए अधिग्रहित भूमि से जुड़े मामलों में मुख्य रूप से तीन तरह की समस्याएं सामने आई हैं—
- पारिवारिक विवाद वाले मामले – जिन मामलों में एलए कोर्ट में केस लंबित है, यदि किसान आपसी सहमति से आवेदन देते हैं तो विवाद समाप्त कर मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
- मृत किसानों के आश्रितों का मुआवजा – जिन किसानों के नाम पंचाट बना था और जिनकी मृत्यु हो चुकी है, उनके आश्रितों को 50 लाख रुपये से अधिक मुआवजा मिलना है। ऐसे मामलों में राशि सीमा बढ़ाने के लिए सरकार से पत्राचार किया गया है।
- फसल नुकसान को लेकर भ्रम – डीएम ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण वर्ष 2013 में ही हो चुका है और कुछ लोग किसानों को गुमराह कर रहे हैं, जिन पर प्रशासन की पैनी नजर है।
पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी ने कहा कि पहाड़िया जनजाति के लोगों का पुनर्वास प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और उन्हें पूरे सम्मान के साथ वैकल्पिक भूमि उपलब्ध कराकर बसाया जाएगा।




