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125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संवाद, 16 लाख लोग हुए शामिल

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पटना:  मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज 1 अणे मार्ग स्थित ‘संकल्प’ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विद्युत उपभोक्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य मुख्यमंत्री विद्युत उपभोक्ता सहायता योजना के तहत सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 125 यूनिट मुफ्त बिजली योजना की जानकारी देना और उनसे सीधा संवाद करना था।

कार्यक्रम में सुपौल, नालंदा, मुजफ्फरपुर और गया जिलों की महिला उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री से बातचीत की और योजना के लिए आभार व्यक्त किया। सुपौल की कोमल कुमारी ने कहा कि बची हुई राशि वे अपनी बेटी के खाते में जमा करेंगी। नालंदा की लीला कुमारी ने बताया कि बचत का उपयोग रसोई, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य में होगा। मुजफ्फरपुर की गुड़िया खातून ने कहा कि अब बिजली बिल ‘जीरो’ आने से बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे पाएंगी। गया की नूरजहां खातून ने भी इसे घरेलू खर्च में बड़ी राहत बताया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में राज्य में बिजली की स्थिति बेहद खराब थी, लेकिन सरकार बनने के बाद ऊर्जा क्षेत्र में बड़े सुधार किए गए। ऊर्जा विभाग का बजट बढ़ाकर सभी गांवों और टोलों में बिजली पहुंचाई गई। ‘हर घर बिजली’ निश्चय योजना को अक्टूबर 2018 में तय समय से पहले पूरा किया गया।

उन्होंने कहा कि सरकार हमेशा सस्ती दरों पर बिजली उपलब्ध कराती रही है, जबकि खरीद पर भारी खर्च आता है। अब जुलाई के बिल से लगभग 1.89 करोड़ घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जा रही है। साथ ही, सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए सभी सरकारी भवनों पर संयंत्र लगाए गए हैं और इच्छुक घरेलू उपभोक्ताओं को भी इसका लाभ दिया जाएगा।

कार्यक्रम में ऊर्जा विभाग की उपलब्धियों पर आधारित एक लघु फिल्म भी प्रदर्शित हुई। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव और विभाग के अधिकारियों को आयोजन के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उपभोक्ताओं के हित में निरंतर काम करती रहेगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, ऊर्जा सह योजना एवं विकास मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव, शीर्ष अधिकारी और सभी जिलों के जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जबकि 16 लाख से अधिक लोग वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

125 यूनिट फ्री बिजली योजना पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का संवाद कार्यक्रम, सुल्तानगंज में विधायक और उपभोक्ता रहे मौजूद

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भागलपुर:  बिहार सरकार द्वारा शुरू की गई 125 यूनिट फ्री बिजली योजना को लेकर मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से राज्य के विभिन्न जिलों के बिजली उपभोक्ताओं, जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से सीधा संवाद किया। भागलपुर के सुल्तानगंज और शाहकुंड प्रखंड में भी इस कार्यक्रम का व्यापक आयोजन हुआ।

सुल्तानगंज प्रखंड के आठ स्थानों और शाहकुंड प्रखंड के चार स्थानों पर यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। बिजली विभाग के एसडीओ रंजीत कुमार के नेतृत्व में कार्यक्रम की व्यवस्था की गई। इसमें स्थानीय विधायक प्रोफेसर ललित नारायण मंडल, विडिओ संजीव कुमार, जेई अरविंद कुमार, वार्ड पार्षद, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में बिजली उपभोक्ता उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि 1 अगस्त से बिहार में घरेलू उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक बिजली मुफ्त दी जाएगी। उन्होंने कहा कि यह कदम गरीब और मध्यम वर्गीय उपभोक्ताओं के बिजली बिल का बोझ कम करेगा और ऊर्जा उपभोग को बढ़ावा देगा। उन्होंने जनता से अपील की कि वे बिजली का दुरुपयोग न करें और इसका उपयोग सोच-समझकर करें, ताकि योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचे।

कार्यक्रम में मौजूद उपभोक्ताओं और जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के इस फैसले की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि यह योजना ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए राहत लेकर आई है।

एसडीओ रंजीत कुमार और विडिओ संजीव कुमार ने मीडिया को बताया कि मुख्यमंत्री के इस संवाद कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों को 125 यूनिट फ्री बिजली योजना के बारे में जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि विभाग इस योजना के क्रियान्वयन में पूरी तरह सक्रिय है और लाभार्थियों तक संदेश पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है।

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने उपस्थित उपभोक्ताओं को बिजली बचाने और सुरक्षा नियमों के पालन करने की सलाह दी। मौके पर दर्जनों बिजली उपभोक्ता, विभागीय अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद थे, जिन्होंने इस योजना के लिए सरकार का धन्यवाद दिया।

जमींदारी बांध टूटा, साधोपुर और आसपास के गांवों में कोसी का कहर

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भागलपुर: रंगरा प्रखंड के साधोपुर में मंगलवार सुबह बड़ा हादसा हो गया, जब जमींदारी बांध का एक हिस्सा अचानक ध्वस्त हो गया। इसके साथ ही कोसी नदी का उफनता पानी तेज़ी से निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे गांवों में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों के अनुसार, बांध में कई दिनों से पानी का दबाव बढ़ रहा था, लेकिन मरम्मत या मजबूती के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बांध टूटते ही साधोपुर, बनिया, भवानीपुर और आसपास की बस्तियां सबसे पहले प्रभावित हुईं। खेत, घर और सड़कों पर पानी भरने लगा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि पानी का यह बहाव जारी रहा तो नवगछिया शहर और राष्ट्रीय राजमार्ग 31 (एनएच-31) भी खतरे में आ सकता है, जिससे स्थानीय और दूरगामी यातायात ठप पड़ने की आशंका है।

गांवों में लोग अपने घरों से सामान निकालने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग विशेष रूप से भयभीत हैं, जबकि पशुपालक मवेशियों को सुरक्षित ले जाने में संघर्ष कर रहे हैं। कई जगहों पर पानी की गहराई लगातार बढ़ रही है, जिससे हालात और गंभीर हो रहे हैं।

स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। सीओ और पुलिस टीम मौके पर मौजूद हैं और नावों की व्यवस्था की जा रही है। जल संसाधन विभाग के इंजीनियर भी टूटे हिस्से का निरीक्षण कर रहे हैं, हालांकि तेज धारा के कारण तत्काल मरम्मत संभव नहीं है।

ग्रामीणों ने बांध की समय पर मरम्मत न होने पर नाराजगी जताई है, वहीं प्रशासन का कहना है कि पानी के फैलाव को रोकने और प्रभावित लोगों की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।

अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया तो यह बाढ़ साधोपुर से लेकर नवगछिया और एनएच-31 तक गंभीर असर डाल सकती है।

बाढ़ में टापू बना तिलकामांझी विश्वविद्यालय, नाव ही बनी सहारा

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भागलपुर: गंगा के बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर स्थित तिलकामांझी विश्वविद्यालय (टीएमबीयू) को चारों ओर से पानी से घेर लिया है। बाढ़ का पानी लगातार विश्वविद्यालय परिसर में प्रवेश कर रहा है, जिससे यहां पढ़ाई और प्रशासनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो गए हैं।

विश्वविद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर विभागीय भवनों तक चारों ओर पानी ही पानी है। हालात इतने बिगड़ गए हैं कि आवागमन का एकमात्र साधन अब नाव बन गया है। शिक्षक, कर्मचारी और छात्र जरूरी कार्यों के लिए पानी के तेज बहाव के बीच जोखिम उठाकर नाव से आ-जा रहे हैं। कई कर्मचारी रोज़ कागजात, फाइलें और जरूरी सामान नाव के सहारे विभागों तक पहुंचा रहे हैं।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, विश्वविद्यालय के आसपास की सड़कों पर कमर-भर पानी भर चुका है। प्रशासनिक कार्यों से लेकर पुस्तकालय तक पहुंचना भी अब चुनौती बन गया है। बाढ़ के कारण परिसर में स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ गए हैं, क्योंकि मच्छरों और गंदे पानी से संक्रमण का डर बना हुआ है।

छात्रों का कहना है कि परीक्षा और कक्षाओं के शेड्यूल पर भी इसका असर पड़ रहा है। कई महत्वपूर्ण दस्तावेज सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन पानी के लगातार बढ़ते स्तर ने विश्वविद्यालय को मानो एक टापू में बदल दिया है।

स्थानीय प्रशासन ने नावों की व्यवस्था की है, लेकिन उनकी संख्या सीमित है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने अपील की है कि गैर-जरूरी यात्राएं फिलहाल टाल दी जाएं और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।

बाढ़ की यह स्थिति न केवल शिक्षा व्यवस्था में बाधा डाल रही है, बल्कि विश्वविद्यालय से जुड़े हजारों लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को भी प्रभावित कर रही है।

“जमालपुर में तिरंगे की गूंज: सैकड़ों बाइक सवारों ने भरी देशभक्ति की हुंकार”

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मालदा: आज़ादी का अमृत महोत्सव एवं ‘हर घर तिरंगा अभियान – 2025’ के द्वितीय चरण के अंतर्गत, मालदा मंडल के डीज़ल शेड, जमालपुर द्वारा एक भव्य बाइक रैली का आयोजन किया गया। यह रैली मंडल रेल प्रबंधक, मालदा मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में आयोजित हुई।

रैली की शुरुआत डीज़ल शेड, जमालपुर से हुई और जमालपुर स्टेशन तक निकाली गई। इसमें स्थानीय नागरिकों, स्टेशन मास्टर, रेलवे सुरक्षा बल (RPF), बिहार पुलिस के जवानों तथा विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों सहित लगभग 200 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। रैली का नेतृत्व वरिष्ठ डीएमई/डी, श्री के. के. दास ने किया। प्रतिभागियों ने तिरंगा हाथों में लेकर, देशभक्ति के नारों—‘भारत माता की जय’ और ‘वंदे मातरम्’—से पूरे वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

इस रैली का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान, एकता और सामुदायिक सौहार्द को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की याद दिलाते हुए देश के प्रति जिम्मेदारी और गर्व की भावना जागृत की गई।

डीज़ल शेड, जमालपुर के अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के आयोजन न केवल राष्ट्रीय एकता को मजबूत करते हैं बल्कि समाज में देशभक्ति की भावना को नई ऊर्जा भी प्रदान करते हैं। ‘हर घर तिरंगा अभियान’ के जरिए हर नागरिक को अपने घर पर तिरंगा फहराने और इसके सम्मान को बनाए रखने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

यह आयोजन जमालपुर में देशभक्ति, उत्साह और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बन गया, जिसने सभी को एक स्वर में राष्ट्रप्रेम का संदेश देने का अवसर प्रदान किया।

गोपालपुर में सामुदायिक रसोई का डीडीसी-एसडीएम ने किया निरीक्षण, खुद चखकर जांची भोजन की गुणवत्ता

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भागलपुर: बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत कार्यों की निगरानी के तहत उप विकास आयुक्त (डीडीसी) भागलपुर  प्रदीप कुमार सिंह और एसडीएम नवगछिया ऋतुराज प्रताप सिंह ने सोमवार को गोपालपुर प्रखंड में संचालित सामुदायिक रसोई केंद्र का निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान दोनों अधिकारियों ने केंद्र में चल रही रसोई व्यवस्था का विस्तार से जायजा लिया। उन्होंने रसोई में बनाए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की जांच करने के लिए स्वयं भोजन किया और इसे संतोषजनक पाया। अधिकारियों ने रसोई कर्मचारियों को साफ-सफाई और पोषण मानकों का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए, ताकि बाढ़ प्रभावित परिवारों को स्वच्छ और पौष्टिक भोजन समय पर उपलब्ध हो सके।

इस मौके पर डीडीसी प्रदीप कुमार सिंह ने कहा कि जिला प्रशासन का प्राथमिक लक्ष्य है कि कोई भी प्रभावित परिवार भूखा न रहे। वहीं, एसडीएम नवगछिया ने स्थानीय प्रशासन और रसोई संचालकों को निरंतर निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण बनाए रखने का निर्देश दिया।

गौरतलब है कि गोपालपुर सहित नवगछिया अनुमंडल के विभिन्न क्षेत्रों में बाढ़ राहत के तहत कई सामुदायिक रसोई केंद्र संचालित किए जा रहे हैं, जिनमें प्रतिदिन हजारों लोगों को मुफ्त भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि राहत कार्य तब तक जारी रहेंगे जब तक बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य नहीं हो जाती।

भागलपुर में बाढ़ राहत कार्य तेज, 141 कम्युनिटी किचन से अब तक 3 लाख से ज्यादा लोगों को भोजन

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भागलपुर: जिले में बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए जिला प्रशासन पूरी मुस्तैदी से राहत कार्य चला रहा है। छह प्रखंड—नारायणपुर, रंगरा चौक, सुल्तानगंज, शाहकुंड, नाथनगर और सबौर—गंभीर रूप से बाढ़ से प्रभावित हैं, जबकि जगदीशपुर, कहलगांव और पीरपैंती में आंशिक असर देखा जा रहा है। इन सभी क्षेत्रों में 141 सामुदायिक किचन संचालित हो रहे हैं, जिनमें नाथनगर में 38, सुल्तानगंज में 34, सबौर में 25, शाहकुंड में 20, रंगरा चौक व इस्माइलपुर में 6-6, तथा जगदीशपुर, कहलगांव और पीरपैंती में 2-2 किचन शामिल हैं।

इन सामुदायिक किचनों में प्रतिदिन हजारों लोगों को निःशुल्क भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है। केवल सोमवार को सुबह 94,324 और शाम में 1,30,328 लोगों को भोजन दिया गया। अब तक कुल 3,13,618 बाढ़ पीड़ित राहत केंद्रों पर भोजन प्राप्त कर चुके हैं।

बाढ़ प्रभावित इलाकों में आवाजाही के लिए प्रशासन ने 69 नावें लगाई हैं। वहीं, 6,325 परिवारों को पॉलिथीन शीट का वितरण किया गया है, ताकि वे अस्थायी आश्रय बना सकें। बचाव कार्य में अब तक 8,252 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इसके लिए नवगछिया में 2, सबौर और कहलगांव में 1-1 एनडीआरएफ टीम, तथा सुल्तानगंज में 2, नाथनगर में 2 और शाहकुंड में 1 एसडीआरएफ टीम तैनात की गई है।

राहत शिविरों में अस्थायी शौचालय, चिकित्सा शिविर, पेयजल टैंकर, चापाकल, पशु चारा, पशु चिकित्सा शिविर, सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की गई है। प्रत्येक शिविर के लिए नोडल पदाधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो वहां की जरूरतों और व्यवस्थाओं पर लगातार निगरानी रख रहे हैं।

तटबंधों की सुरक्षा के लिए बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल नवगछिया और भागलपुर लगातार बाढ़-निरोधात्मक कार्य कर रहा है। साथ ही, जिले के तीनों अनुमंडल में ग्रामीण कार्य विभाग अपनी-अपनी सड़कों की निगरानी कर रहा है, ताकि यातायात बाधित न हो।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी स्वयं सुबह और शाम बाढ़ की स्थिति की समीक्षा और राहत कार्यों का अनुश्रवण कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में किसी भी तरह की कमी या लापरवाही न हो और हर जरूरतमंद तक तुरंत सहायता पहुंचे।

संयुक्त निदेशक, जन संपर्क, भागलपुर

नवगछिया सैदपुर दुर्गा मंदिर के पास गंगा कटाव तेज, बड़ा हादसा टलना मुश्किल

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भागलपुर: नवगछिया प्रखंड के सैदपुर दुर्गा मंदिर के पास गंगा नदी का कटाव लगातार तेज़ होता जा रहा है, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, नदी का बहाव इतनी तेज़ी से किनारे को तोड़ रहा है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

कटाव की रफ्तार को देखते हुए मंदिर परिसर और आसपास की बस्तियों पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। कई परिवार अपने घर और सामान सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की तैयारी में जुट गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि हालात दिन-ब-दिन बिगड़ते जा रहे हैं, और यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो मंदिर समेत कई घर नदी में समा सकते हैं।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि कटाव रोकने के लिए पथरीकरण या अन्य प्रभावी उपाय तुरंत किए जाएं। कई ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि अगर स्थिति को नियंत्रण में नहीं लाया गया, तो यह क्षेत्र जल्द ही गंभीर आपदा का शिकार हो सकता है।

इधर, जिला प्रशासन ने स्थिति की जानकारी मिलने के बाद तकनीकी टीम को स्थल निरीक्षण के लिए भेजने की बात कही है। अधिकारियों का कहना है कि कटाव प्रभावित क्षेत्र में अस्थायी रोकथाम कार्य शुरू करने पर विचार किया जा रहा है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

गंगा किनारे बसे इलाकों में हर साल बरसात के मौसम में कटाव का खतरा बढ़ जाता है, लेकिन इस बार सैदपुर में स्थिति और भी गंभीर हो गई है। लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही स्थायी समाधान निकाला जाएगा, जिससे उनके घर, मंदिर और जीवन सुरक्षित रह सके।

बाढ़ पीड़ितों के बीच लोजपा रामविलास के विजय यादव का लगातार दौरा, विधायक की गैरमौजूदगी पर जताया आक्रोश

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भागलपुर: जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में लोजपा रामविलास के प्रदेश सचिव विजय यादव लगातार सक्रिय हैं और पीड़ितों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। वे प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर हालात का जायजा ले रहे हैं और जिला प्रशासन से लगातार समन्वय बनाकर राहत कार्यों को तेज करने की मांग कर रहे हैं।

विजय यादव ने बताया कि कई इलाकों में बाढ़ के कारण बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ऐसे स्थानों पर उन्होंने तत्काल जिला प्रशासन से बात कर बिजली की व्यवस्था बहाल कराई। उन्होंने कहा कि बाढ़ पीड़ितों को किसी भी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को सतर्क और तत्पर रहना चाहिए।

नाथनगर क्षेत्र के दौरे के दौरान विजय यादव ने स्थानीय विधायक की अनुपस्थिति पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि हालांकि विधायक अस्वस्थ हैं, लेकिन ऐसी स्थिति में उनके द्वारा किसी प्रतिनिधि को भेजा जाना चाहिए था, जो बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर लोगों की समस्याएं सुन सके और समाधान करवा सके। उन्होंने कहा कि विधायक की गैरमौजूदगी से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी है और लोग खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।

विजय यादव ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को प्राथमिकता से हल करें और राहत सामग्री, चिकित्सा सुविधा एवं सुरक्षित ठिकानों की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि लोजपा रामविलास पार्टी हर समय जनता के साथ खड़ी है और इस संकट की घड़ी में उनका साथ कभी नहीं छोड़ेगी।

AIMIM में शामिल हुए दिलशाद अहमद, प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने दिलाई सदस्यता

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पटना/भागलपुर: पश्चिमी चंपारण के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता दिलशाद अहमद अब सक्रिय राजनीति में कदम रख चुके हैं। उन्होंने पटना स्थित AIMIM के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता ग्रहण की।

सदस्यता दिलाने का कार्य AIMIM बिहार प्रदेश अध्यक्ष एवं अमौर विधानसभा के विधायक अख्तरुल इमान ने किया। इस अवसर पर राष्ट्रीय प्रवक्ता एडवोकेट आदिल हसन और जेनरल सेक्रेटरी इंजीनियर आफताब अहमद भी मौजूद थे। कार्यक्रम में सरताज आलम की भी उपस्थिति रही।

सदस्यता ग्रहण के बाद दिलशाद अहमद ने कहा कि वे प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल इमान और राष्ट्रीय प्रवक्ता आदिल हसन के मार्गदर्शन में पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत करने के लिए काम करेंगे। पिछले 10 वर्षों से वे सामाजिक मुद्दों, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी खामियों, तथा किसानों की परेशानियों को उठाते रहे हैं।

दिलशाद अहमद ने नरकटियागंज चीनी मिल के खिलाफ किसानों के हित में “गाना सत्याग्रह” आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई थी। उनका मानना है कि जनता की जरूरत के समय उनके साथ खड़ा रहना ही सच्ची राजनीति है।

उन्होंने कहा कि इस बार बिहार में AIMIM एक नया इतिहास रचेगी और नरकटियागंज विधानसभा की नई कहानी लिखी जाएगी। साथ ही उन्होंने जनता से अपील की कि वे AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व में हक और इंसाफ की लड़ाई को मजबूत करें।

कार्यक्रम के अंत में दिलशाद अहमद ने AIMIM नेतृत्व को बुके और शॉल देकर सम्मानित किया।