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धनपाल टोला विद्यालय में भावुक विदाई, बच्चों की आंखों में छलक पड़े आंसू

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के मध्य विद्यालय धनपाल टोला में बुधवार को एक ऐसा नजारा देखने को मिला जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। विद्यालय की शिक्षिका सोनाली कुमारी के ट्रांसफर की खबर सुनते ही पूरे विद्यालय का माहौल गमगीन हो गया। बच्चों और शिक्षकों ने उन्हें आंसुओं के बीच विदाई दी।

सम्मान और विदाई का अनोखा दृश्य

विद्यालय परिसर में आयोजित विदाई समारोह में प्रधानाध्यापक मंटू प्रसाद मंडल समेत अन्य शिक्षकों ने सोनाली कुमारी को अंगवस्त्र और उपहार देकर सम्मानित किया। छात्राओं ने उन्हें फूल-मालाओं से सजाकर विदाई दी। लेकिन जैसे ही बच्चों को यह पता चला कि उनकी प्रिय शिक्षिका अब विद्यालय छोड़कर जा रही हैं, उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।

बच्चों का रोना देखकर भावुक हुईं सोनाली मैम

छोटे-छोटे बच्चे सोनाली मैम से लिपटकर जोर-जोर से रोने लगे। कई बच्चे बार-बार यही कह रहे थे कि “मैम, आप हमें छोड़कर मत जाइए।” यह दृश्य देखकर सोनाली कुमारी भी खुद को रोक नहीं पाईं और बच्चों को गले लगाकर भावुक हो गईं। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो किसी मां और बच्चों के बीच बिछड़ने का दर्द सामने आ गया हो।

पहली पोस्टिंग की यादें ताजा

सोनाली कुमारी ने बताया कि उनकी पहली पोस्टिंग 22 नवंबर 2023 को इसी विद्यालय में हुई थी। उन्होंने कहा कि इस विद्यालय के बच्चों, ग्रामीणों और सहकर्मी शिक्षकों से मिला अपार स्नेह और सहयोग उन्हें जीवनभर याद रहेगा। सोनाली मैम ने भावुक होकर कहा – “धनपाल टोला विद्यालय मेरे लिए सिर्फ कार्यस्थल नहीं, बल्कि मेरा दूसरा घर बन गया था।”

ग्रामीण और शिक्षक भी हुए भावुक

विदाई समारोह में शामिल ग्रामीणों और शिक्षकों ने भी कहा कि सोनाली कुमारी ने विद्यालय में अपनी मेहनत और लगन से शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में अहम योगदान दिया है। उनकी सादगी, समर्पण और बच्चों के प्रति प्रेम ने सभी के दिल में खास जगह बना ली है।

अनुकंपा नियुक्ति में देरी से बेहाल आश्रित, 45 दिनों से कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में अनुकंपा नियुक्ति की प्रक्रिया में हो रही देरी से मृतक कर्मियों के आश्रित गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले 45 दिनों से कई आश्रित जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक उनकी नियुक्ति संबंधी फाइलों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी है।

एक टेबल से दूसरी टेबल दौड़ाया जा रहा

आश्रितों का कहना है कि वे हर दिन उम्मीद लेकर कार्यालय पहुंचते हैं, लेकिन अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा उन्हें केवल एक टेबल से दूसरी टेबल दौड़ाया जाता है। महीनों से लगातार प्रयास के बावजूद उनकी फाइलें आगे नहीं बढ़ पा रही हैं। इससे न केवल उनके समय की बर्बादी हो रही है, बल्कि वे आर्थिक और मानसिक परेशानी से भी जूझ रहे हैं।

विभागीय लापरवाही का आरोप

पीड़ित आश्रितों ने साफ आरोप लगाया है कि विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें अपने परिवार के भरण-पोषण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। कई आश्रित परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से दबे हुए हैं। अनुकंपा नियुक्ति उनके लिए जीवनयापन का सहारा है, लेकिन प्रक्रिया में हो रही देरी ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं।

गुहार लगाई जिला शिक्षा पदाधिकारी से

आश्रितों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से गुहार लगाई है कि उनकी फाइलों का जल्द से जल्द निष्पादन किया जाए और उन्हें अनुकंपा के तहत नियुक्ति प्रदान की जाए। उनका कहना है कि अगर जल्द ही नियुक्ति नहीं मिली तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाने को मजबूर होंगे।

परिवार पर बढ़ा बोझ

कई आश्रितों ने बताया कि घर में कमाने वाला व्यक्ति अब नहीं रहा। ऐसे में पूरा परिवार उनकी नियुक्ति पर टिका हुआ है। बच्चों की पढ़ाई से लेकर घरेलू खर्च तक सब प्रभावित हो रहे हैं। समय पर नियुक्ति नहीं मिलने से परिवार के सामने भरण-पोषण का संकट गहराता जा रहा है।

परवत्ता में नशेड़ी युवक का कुदाल से हमला, थाने की लापरवाही पर पीड़ित ने उठाए सवाल

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भागलपुर जिले के परवत्ता थाना क्षेत्र के साहू परवत्ता गांव में सोमवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब गांव के ही एक युवक ने नशे की हालत में अपने पड़ोसी छोटू कुमार पर कुदाल से हमला कर दिया। इस घटना में छोटू कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक इलाज के बाद मायागंज अस्पताल रेफर किया गया है।

छह दिनों से मिल रही थी धमकी

घायल छोटू कुमार ने बताया कि हमलावर युवक मिथुन कुमार नशे का आदी है और पिछले छह दिनों से लगातार उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा था। इसी संबंध में उन्होंने 25 अगस्त को परवत्ता थाना में आवेदन भी दिया था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। पीड़ित का आरोप है कि अगर पुलिस समय पर कदम उठाती तो आज उन्हें इस हमले का शिकार नहीं होना पड़ता।

थाने में तीन घंटे बैठाए रखा

हमले के बाद घायल अवस्था में जब छोटू कुमार थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज करानी चाही, तो थानेदार ने उन्हें करीब तीन घंटे तक थाने में ही बैठाए रखा। इस दौरान उनकी हालत बिगड़ती रही और सिरदर्द बढ़ता गया। काफी देर बाद जब उन्होंने तेज दर्द की शिकायत की, तब जाकर पुलिस ने उन्हें इलाज के लिए अनुमंडल अस्पताल नवगछिया भेजा, जहां से डॉक्टरों ने गंभीर स्थिति देखते हुए मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया।

पुलिस पर मिलीभगत का आरोप

पीड़ित छोटू कुमार ने थाना प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि परवत्ता पुलिस आरोपी मिथुन कुमार के साथ मिली हुई है, इसलिए उनके आवेदन पर कोई सुनवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस निष्पक्ष कार्रवाई करती तो यह वारदात टल सकती थी।

ग्रामीणों में आक्रोश

गांव के लोगों ने भी आरोपी मिथुन कुमार पर कई गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वह हमेशा नशे की हालत में गांव में उत्पात मचाता रहता है और लोगों को परेशान करता है। कई बार शिकायत करने के बावजूद पुलिस की चुप्पी ने ग्रामीणों के गुस्से को और बढ़ा दिया है। ग्रामीणों ने मांग की है कि आरोपी पर कड़ी कार्रवाई की जाए ताकि गांव में शांति कायम हो सके।

समान काम-समान वेतन की मांग पर भागलपुर में सड़क पर उतरे होमगार्ड जवान, सरकार को दी चेतावनी

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में बुधवार को उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब बड़ी संख्या में होमगार्ड जवान अपनी मांगों को लेकर सड़क पर उतर आए। जवानों ने समान काम के बदले समान वेतन की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया और नीतीश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शनकारी जवानों का कहना था कि वे बिहार पुलिस के साथ कंधे से कंधा मिलाकर विधि-व्यवस्था संभालते हैं। अपराध नियंत्रण से लेकर चुनावी ड्यूटी, वीआईपी सुरक्षा से लेकर आपदा प्रबंधन तक हर जिम्मेदारी निभाते हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें सुविधाओं और वेतन में बराबरी का हक नहीं दिया जा रहा है।

कोर्ट के आदेश का हवाला

जवानों ने बताया कि हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट दोनों ने स्पष्ट किया है कि समान काम के लिए समान वेतन मिलना चाहिए, लेकिन 2018 के बाद से सरकार ने इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की है। उनका आरोप है कि सरकार बार-बार आश्वासन देती है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

आंदोलन को बताया “करो या मरो की लड़ाई”

प्रदर्शन के दौरान गुस्साए जवानों ने साफ चेतावनी दी कि अगर जल्द उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो वे अपनी राइफल और गोली सरकार को लौटा देंगे और पटना में आमरण अनशन पर बैठ जाएंगे। जवानों का कहना था कि अब यह आंदोलन उनके लिए “करो या मरो की लड़ाई” बन चुका है।

सरकार पर दबाव बढ़ाने की रणनीति

जवानों ने आगे कहा कि बिहार पुलिस की तरह ही उन्हें भी समान वेतन और सुविधाएँ मिलनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार अनदेखी के कारण उनका धैर्य टूट चुका है। इस बार वे तब तक पीछे नहीं हटेंगे जब तक सरकार उनकी मांगों को मान नहीं लेती।

इलाके में अफरा-तफरी का माहौल

होमगार्ड जवानों का यह विरोध प्रदर्शन देखते ही देखते उग्र होता चला गया। इलाके में बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई और स्थिति पर काबू पाने के लिए स्थानीय पुलिस बल को भी अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ी।

भागलपुर में फ्लैट से युवक का सड़ा-गला शव बरामद, इलाके में मचा हड़कंप

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Bhagalpur News: भागलपुर शहर के जोगसर थाना क्षेत्र में बुधवार को उस समय सनसनी फैल गई जब तपस्वी नर्सिंग होम के पास स्थित एक किराए के फ्लैट से युवक का सड़ा-गला शव बरामद हुआ। मृतक की पहचान आरा निवासी रोहित पांडे के रूप में हुई है, जो भागलपुर में शेयर मार्केट का कारोबार करता था और कई वर्षों से उसी फ्लैट में अकेले रह रहा था।

दरवाजा अंदर से बंद मिला, भाई ने दी पुलिस को सूचना

जानकारी के मुताबिक, रोहित पांडे से बीते कई दिनों से संपर्क नहीं हो पा रहा था। छोटे भाई ने जब फोन पर बात न होने पर घर जाकर देखा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। बार-बार खटखटाने के बावजूद जब दरवाजा नहीं खुला तो उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी।

जोगसर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और फ्लैट का दरवाजा तोड़कर भीतर प्रवेश किया। अंदर घुसते ही तेज बदबू फैल गई। तलाशी के दौरान पुलिस ने बाथरूम से युवक का शव बरामद किया, जो पूरी तरह से सड़-गल चुका था।

मां बिहार पुलिस में इंस्पेक्टर

स्थानीय सूत्रों के अनुसार मृतक की मां बिहार पुलिस में इंस्पेक्टर के पद पर आरा में पदस्थापित हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। फिलहाल शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

कई दिनों पुराना हो सकता है शव

पुलिस का कहना है कि शव की स्थिति को देखकर अंदाजा लगाया जा रहा है कि युवक की मौत कई दिन पहले हुई होगी। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा।

इलाके में दहशत और चर्चाओं का दौर

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के इलाके में भारी भीड़ जुट गई। स्थानीय लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चाएँ होने लगीं। किसी ने इसे आत्महत्या बताया तो कुछ लोगों ने आशंका जताई कि यह हत्या भी हो सकती है। पुलिस हर एंगल से जांच में जुटी हुई है।

पुलिस की जांच जारी

जोगसर थाना प्रभारी ने बताया कि फिलहाल घटना की गहन जांच की जा रही है। मृतक के मोबाइल, कॉल डिटेल और अन्य व्यक्तिगत जानकारियों को खंगाला जा रहा है ताकि मौत की असली वजह सामने आ सके।

कटघर जलजमाव से बेहाल, दर्जनों घर प्रभावित – नगर निगम से त्वरित कार्रवाई की माँग

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भागलपुर: भागलपुर शहर के दक्षिणी क्षेत्र स्थित कटघर मोहल्ला इन दिनों गंभीर जलजमाव की समस्या से जूझ रहा है। पिछले एक महीने से मोहल्ले की सड़कों पर नाले का गंदा पानी जमा हुआ है। उचित निकासी व्यवस्था न होने के कारण यह पानी अब घर-घर तक पहुँच चुका है और लोगों का जीवन नारकीय हो गया है।

कटघर के समाजवासियों का कहना है कि घरों से निकलने वाला गंदा पानी सीधे सड़कों पर भर जाता है और कई जगहों पर यह घुटनों तक जमा हुआ है। इस वजह से लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मोहल्ले की गलियों में कीचड़, दुर्गंध और मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। छोटे बच्चों, महिलाओं और बुज़ुर्गों के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक बन गई है और स्वास्थ्य संकट का खतरा मंडरा रहा है।

स्थानीय निवासी विजय सिंह, अविनाश सिंह, ऋषभ राज सिंह (भगवा क्रांति के अध्यक्ष), ठाकुर जी, प्रभात झा, शशांक सिंह सहित लगभग 200 घरों के लोग इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। लोगों ने बताया कि बारिश का मौसम तो बीत चुका है, लेकिन नगर निगम की लापरवाही के कारण पानी की निकासी का कोई ठोस इंतज़ाम नहीं किया गया है। नालों की सफाई और जल निकासी के अभाव में गंदा पानी लगातार मोहल्ले में ठहरा हुआ है।

ऋषभ राज सिंह और कुणाल सिंह ने बताया कि गंदे पानी और कीचड़ की वजह से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं और बुज़ुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना भी मुश्किल हो गया है। वहीं, अविनाश सिंह और प्रभात झा ने कहा कि मच्छरों के प्रकोप से डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। लोग खुलेआम बीमारियों के चपेट में आने के डर से जी रहे हैं।

कटघर मोहल्ले के लोगों ने नगर निगम से तत्काल कदम उठाने की माँग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो यह समस्या और गंभीर हो सकती है। स्थानीय लोगों ने नालों की साफ-सफाई, स्थायी निकासी मार्ग और जलजमाव हटाने के लिए पंपिंग व्यवस्था की मांग की है।

समाजवासियों ने स्पष्ट कहा कि “स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना ही सबसे बड़ी सेवा है। नगर निगम को इस पर त्वरित और ठोस कार्रवाई करनी चाहिए।”

कटघर निवासी  ऋषभ राज सिंह, कुणाल सिंह, आर्यन सिंह, अविनाश सिंह, शशांक सिंह, विजय सिंह, ठाकुर जी और प्रभात झा ने संयुक्त रूप से इस समस्या के समाधान की अपील की है।

कटघर के लोगों की यह आवाज़ प्रशासन तक पहुँचेगी या नहीं, यह आने वाला समय बताएगा, लेकिन फिलहाल यह जलजमाव पूरे मोहल्ले के लिए सबसे बड़ी समस्या बन चुका है।

भागलपुर में “मेरा रेशम मेरा अभिमान” अभियान के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण, तसर रेशम कताई और रीलिंग तकनीक पर जोर

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भागलपुर: मेरा रेशम मेरा अभिमान (एम.आर.एम.ए.) अभियान के तहत आज भागलपुर के रेशम भवन, जीरो माइल में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन केंद्रीय रेशम बोर्ड, सी.एस.टी.आर.आई., रेशम तकनीकी सेवा केंद्र, भागलपुर ने महाप्रबंधक सह सहायक उद्योग निदेशक (रेशम) एवं जिला नोडल अधिकारी, एम.आर.एम.ए. के सहयोग से किया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य तसर रेशम रीलिंग और कताई प्रौद्योगिकियों के प्रति प्रतिभागियों को जागरूक करना और उन्हें आधुनिक तकनीक से जोड़ना था।

कार्यक्रम में कुल 27 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। प्रशिक्षण का संचालन रेशम तकनीकी सेवा केंद्र के वैज्ञानिक-बी आकाश शर्मा और प्रभारी वैज्ञानिक-सी त्रिपुरारी चौधरी ने किया। श्री शर्मा ने प्रतिभागियों को एम.आर.एम.ए. अभियान का व्यावहारिक अवलोकन कराया और बताया कि उन्नत मशीनों की मदद से तसर रेशम धागे की गुणवत्ता में कैसे सुधार लाया जा सकता है। वहीं, श्री चौधरी ने तकनीकी सत्र के दौरान पारंपरिक तरीकों और आधुनिक तकनीकों की तुलना प्रस्तुत की। उन्होंने विस्तार से बताया कि किस प्रकार आधुनिक रीलिंग और कताई प्रक्रियाएँ बेहतर किस्म का धागा उपलब्ध कराती हैं और बाजार में उनकी अधिक व्यावसायिक मांग रहती है।

इस अवसर पर महाप्रबंधक सह सहायक उद्योग निदेशक (रेशम), भागलपुर एवं जिला नोडल अधिकारी, एम.आर.एम.ए., सुश्री खुशबू कुमारी भी उपस्थित रहीं। उन्होंने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि रेशम उद्योग भागलपुर की पहचान है और आधुनिक तकनीकों को अपनाकर न केवल उत्पाद की गुणवत्ता सुधारी जा सकती है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए जा सकते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों को कौशल विकास को प्राथमिकता देने और रोजगार सृजन की दिशा में कदम बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रतिभागियों ने सक्रिय रूप से हिस्सा लिया और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। सभी ने इस कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण से रेशम उद्योग को नई दिशा मिलेगी और छोटे उद्यमियों से लेकर बड़े रेशम उत्पादकों तक को इसका लाभ होगा।

यह एक दिवसीय प्रशिक्षण न केवल तकनीकी जानकारी प्रदान करने वाला कार्यक्रम साबित हुआ, बल्कि इसने भागलपुर के पारंपरिक रेशम उद्योग को आधुनिकता से जोड़ने का भी कार्य किया। “मेरा रेशम मेरा अभिमान” अभियान के तहत आयोजित यह पहल स्थानीय स्तर पर कौशल विकास, आत्मनिर्भरता और रोजगार सृजन की दिशा में एक मजबूत कदम है।

भागलपुर में जिला पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी की बैठक, कांजी हाउस निर्माण और जागरूकता अभियान पर जोर

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Bhagalpur News: भागलपुर में जिला पशु क्रूरता निवारण सोसाइटी की बैठक मंगलवार को उप विकास आयुक्त  प्रदीप कुमार सिंह की अध्यक्षता में उनके कार्यालय कक्ष में संपन्न हुई। इस बैठक का उद्देश्य जिले में पशु क्रूरता की रोकथाम, इसके लिए आवश्यक ढाँचे का विकास और जागरूकता को बढ़ावा देना था।

बैठक की शुरुआत जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. अंजली कुमारी सिन्हा ने सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के स्वागत के साथ की। कार्यकारिणी समिति के विभिन्न सदस्यों ने बैठक में अपने सुझाव और प्रस्ताव प्रस्तुत किए।

सबसे पहले डॉ. संतोष कुमार, प्रभारी सहायक कुक्कुट पदाधिकारी, भागलपुर ने जिला में पशु क्रूरता के मामलों में पकड़े गए पशुओं के रखरखाव के लिए कांजी हाउस (पशु आश्रय गृह) निर्माण का प्रस्ताव रखा। यह पहल न केवल बेघर और पीड़ित पशुओं को सुरक्षित आश्रय देगी, बल्कि जिले में पशु कल्याण के लिए एक ठोस व्यवस्था भी सुनिश्चित करेगी।

बैठक के दौरान पुलिस उपाधीक्षक नवगछिया और भागलपुर सदर ने पशु क्रूरता नियमावली की प्रति उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने कार्यकारिणी समिति में शामिल सभी सदस्यों के मोबाइल नंबर साझा करने का भी अनुरोध किया। जिला पशुपालन कार्यालय ने आश्वासन दिया कि यह जानकारी शीघ्र ही उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यकारिणी समिति के अन्य सदस्यों ने सुझाव दिया कि जिला स्तर पर एक विशेष जागरूकता कार्यशाला आयोजित की जाए, जिसमें पशु क्रूरता से संबंधित कानूनों और नियमों की जानकारी दी जा सके। इस पर उप विकास आयुक्त ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए आयोजन की सहमति दी और इसे जल्द ही आयोजित करने का भरोसा दिलाया।

बैठक में जिला पशुपालन विभाग से डॉ. अमीन अंसारी, डॉ. गोपाल कृष्ण कन्हैया, श्री अनिल कुमार साह, श्री अनिमेष चंद्र और श्री दीपक कुमार सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा सोसाइटी के सदस्य श्री वेद व्यास, श्री अमित कुमार, श्री गौतम कुमार और वन प्रमंडल भागलपुर के अधिकारी भी शामिल हुए।

इस बैठक ने स्पष्ट किया कि जिले में पशु क्रूरता की रोकथाम के लिए प्रशासन गंभीर है और ठोस कदम उठाने की दिशा में काम कर रहा है। कांजी हाउस निर्माण, नियमों की जानकारी और जागरूकता कार्यशालाओं के माध्यम से जिले में पशु संरक्षण और कल्याण को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

बिहार कृषि विश्वविद्यालय में “मिलेट्स कॉर्नर” का शुभारंभ, नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम

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भागलपुर: बिहार कृषि विश्वविद्यालय (बीएयू), सबौर के खाद्य विज्ञान एवं फसलोत्तर प्रौद्योगिकी विभाग में आज “मिलेट्स कॉर्नर” का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह, भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी, विभिन्न वैज्ञानिक, डीन, निदेशक और विभागाध्यक्ष मौजूद रहे।

समारोह के दौरान विभाग द्वारा विकसित मिलेट-आधारित नवीन उत्पादों का प्रदर्शन किया गया। इनमें कुकीज़, केक, कपकेक जैसे बेकरी प्रोडक्ट्स के साथ-साथ बेल, नींबू, अनानास, आम और अमरूद से बने जूस, जैम, जेली और चटनी जैसे कई नए उत्पाद शामिल थे। ये सभी प्रोडक्ट्स विभाग की अनुसंधान क्षमता, उद्यमिता को बढ़ावा देने की सोच और बाज़ार-आधारित प्रौद्योगिकी के विकास का उदाहरण हैं।

मिलेट्स कॉर्नर की स्थापना विभागाध्यक्ष डॉ. मोहम्मद वसीम सिद्दीकी के नेतृत्व में हुई, जिसका उद्देश्य छात्रों और वैज्ञानिकों द्वारा विकसित उत्पादों को एक ही मंच पर प्रस्तुत करना और किसानों व उद्यमियों को नवाचार की ओर प्रेरित करना है। इस पहल से स्थानीय स्तर पर उद्यमिता को बढ़ावा मिलेगा और युवाओं को खाद्य प्रसंस्करण में नए अवसर मिलेंगे।

जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने इस पहल की सराहना करते हुए सुझाव दिया कि विश्वविद्यालय को अपने उत्पादों की पहुँच बढ़ाने के लिए सैंडिस कंपाउंड में आउटलेट खोलना चाहिए। उन्होंने कहा कि मिलेट्स (मोटे अनाज) का उत्पादन कम खाद और कम संसाधनों में संभव है, जिससे यह किसानों के लिए लाभकारी फसल बन सकती है। उन्होंने इसे स्वास्थ्य के लिए भी बेहद फायदेमंद बताया और लोगों को दैनिक आहार में मिलेट्स को शामिल करने की अपील की।

कुलपति डॉ. डी.आर. सिंह ने युवाओं, किसानों और उद्यमियों को खाद्य प्रसंस्करण की आधुनिक तकनीक से जोड़ने पर बल दिया और कहा कि विश्वविद्यालय सतत आजीविका और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

डॉ. सिद्दीकी ने बताया कि मिलेट्स कॉर्नर छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए अपने उत्पाद प्रदर्शित करने का मंच बनेगा और आने वाले समय में यह पहल स्थानीय उद्यमिता और किसानों की आमदनी बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

मिलेट्स कॉर्नर का उद्घाटन न केवल विश्वविद्यालय के लिए एक अहम उपलब्धि है बल्कि यह पूरे बिहार में उद्यमिता, स्वास्थ्य और कृषि नवाचार की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

हॉकी के रंग में रंगा बिहार: राजगीर में 29 अगस्त से शुरू होगा हीरो एशिया कप 2025

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Patna News: बिहार पहली बार एक अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन का गवाह बनने जा रहा है। 29 अगस्त से 7 सितंबर तक राजगीर के अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर में प्रतिष्ठित हीरो एशिया कप 2025 हॉकी टूर्नामेंट का आयोजन होगा। इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर पटना के पाटलिपुत्र खेल परिसर में आज प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें खेल विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. बी. राजेंदर, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रन शंकरण, भारतीय हॉकी टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह और प्रशिक्षक क्रेग फुल्टन उपस्थित रहे।

हीरो एशिया कप 2025 में भारत, चीन, जापान, चीनी ताइपे, मलेशिया, कोरिया, कजाखिस्तान और बांग्लादेश की टीमें भाग लेंगी। टूर्नामेंट का यह 12वां संस्करण है। अब तक दक्षिण कोरिया 5 बार खिताब जीतकर सबसे सफल टीम रही है, जबकि भारत और पाकिस्तान ने तीन-तीन बार चैंपियनशिप अपने नाम की है।

दर्शकों के लिए टूर्नामेंट पूरी तरह निःशुल्क रखा गया है। हालांकि सुरक्षा और व्यवस्था के मद्देनजर टिकट ticketgenie ऐप के माध्यम से 26 अगस्त से बुक करने होंगे।

विशेष कार्यक्रम

29 अगस्त को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की जयंती पर राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर टूर्नामेंट का उद्घाटन होगा। इसके अलावा 30 अगस्त को “हॉकी विद हरमनप्रीत” कार्यक्रम रखा गया है, जिसमें आसपास के गांवों के बच्चे भारतीय कप्तान से हॉकी सीखेंगे। 31 अगस्त को “संडे ऑन साइकिल” के तहत भारतीय खिलाड़ी और स्थानीय युवक 5 किमी की साइकिल यात्रा करेंगे, जिसका उद्देश्य स्वास्थ्य, पर्यावरण और खेल संस्कृति को बढ़ावा देना है।

ट्रॉफी गौरव यात्रा

हॉकी के जुनून को जन-जन तक पहुंचाने के लिए 17 अगस्त से शुरू हुई ट्रॉफी गौरव यात्रा बिहार के सभी 38 जिलों समेत झारखंड, ओडिशा, दिल्ली, चंडीगढ़ और असम तक पहुंची। 29 अगस्त को इसका समापन राजगीर में होगा।

भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने कहा –
“बिहार की धरती पर खेलने को लेकर हम बेहद उत्साहित हैं। राजगीर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का टर्फ विश्वस्तरीय है और हमें भरोसा है कि यहां से भविष्य में कई नए हॉकी चैंपियन निकलेंगे।”

बिहार के लिए गर्व का क्षण

हीरो एशिया कप 2025 का आयोजन बिहार के लिए न केवल खेल जगत में एक मील का पत्थर है, बल्कि यह राज्य की पर्यटन, संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय छवि को भी नई पहचान देगा। राजगीर का यह भव्य हॉकी परिसर अब वैश्विक खेल मानचित्र पर बिहार का नाम दर्ज कराने जा रहा है।