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मोतीचक दियारा में सनसनी : अज्ञात अपराधियों ने वृद्ध की ईंट-पत्थर से कुचल कर की निर्मम हत्या

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड के महेशी पंचायत अंतर्गत मोतीचक दियारा क्षेत्र में शुक्रवार की सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। अज्ञात अपराधियों ने एक वृद्ध की ईंट-पत्थर से बेरहमी से हत्या कर शव को गंगा किनारे फेंक दिया। इस वारदात से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

घटना की सूचना मिलते ही सुल्तानगंज थानाध्यक्ष मृत्युंजय कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर फोरेंसिक टीम की मदद से जांच शुरू की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि मृतक की पहचान मोतीचक गांव निवासी जयप्रकाश मंडल के रूप में की गई है। उन्हें अज्ञात अपराधियों ने गंगा किनारे ईंट-भट्टा के समीप ईंट-पत्थर से कुचल कर मौत के घाट उतार दिया।

पुलिस का कहना है कि हत्या की वजहों का अभी खुलासा नहीं हो पाया है। मृतक के परिजनों से लिखित आवेदन लेकर अज्ञात अपराधियों की तलाश शुरू कर दी जाएगी। फिलहाल पुलिस आसपास के इलाके में गहन छानबीन कर रही है और सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।

इस घटना से मृतक के परिवार में कोहराम मच गया है। परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है और पूरे गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि अपराधियों ने जिस बेरहमी से वारदात को अंजाम दिया है, उससे साफ है कि हत्या किसी गहरी रंजिश या साजिश का नतीजा हो सकती है।

पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। वहीं, इस घटना के बाद ग्रामीणों ने इलाके में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है ताकि ऐसी वारदातें दोबारा न हो सकें।

वैशाली पुलिस का बड़ा एक्शन : 21 लाख की साइबर ठगी करने वाला शातिर अपराधी गिरफ्तार

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Bihar News: वैशाली जिले की साइबर थाना पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर साइबर अपराधी को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी साइबर फ्रॉड के एक बड़े मामले से जुड़ी हुई है, जिसमें अपराधियों ने सरकारी योजनाओं और पेंशन रिब्यूलक के नाम पर लोगों को झांसा देकर लाखों रुपये ठग लिए थे।

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, घटना 18 जुलाई 2025 को सामने आई थी, जब बलिया जिले के निवासी विनोद कुमार, जो हाजीपुर नगर क्षेत्र में किराए के मकान में रह रहे थे, ने साइबर थाना वैशाली में आवेदन दिया। शिकायत में बताया गया कि 14 जुलाई 2025 को किसी अज्ञात नंबर द्वारा पेंशन रिब्यूलक के नाम पर लिंक भेजकर उनके खाते से 21 लाख रुपये की ठगी कर ली गई।

इस मामले में साइबर थाना हाजीपुर ने कांड संख्या 20/26/25 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया। जांच के क्रम में पुलिस ने पता लगाया कि बेगूसराय जिले के विक्की कुमार (पिता विनोद पासवान, ग्राम-पचम्मा, थाना-मुफस्सिल) साइबर ठगी में शामिल है। अपराधी भोले-भाले लोगों को सरकारी योजनाओं के नाम पर झांसा देता था और उनके बैंक खातों को फर्जी तरीके से इस्तेमाल करता था। इसके लिए वह झारखंड से प्राप्त एटीएम कार्डों का उपयोग करता था, जिन्हें राकेश कुमार नामक शख्स से खरीदा जाता था।

पुलिस ने बताया कि विक्की कुमार और उसके साथी लोगों को लिंक भेजकर उनके खातों से पैसे निकालते थे। बाद में यह राशि गिरोह के अन्य सदस्यों के जरिए एटीएम से निकाली जाती थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को बेगूसराय से गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि ठगी से प्राप्त धनराशि विभिन्न एटीएम कार्डों के माध्यम से निकाली जाती थी।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान विक्की कुमार, पिता विनोद पासवान, ग्राम-पचम्मा, थाना-मुफस्सिल, जिला-बेगूसराय के रूप में हुई है। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश में जुटी है।

इस कार्रवाई से साइबर अपराधियों के नेटवर्क को तोड़ने में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय, वैशाली ने कहा है कि ऐसे अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जाएगा।

सितंबर से महिलाओं के खाते में आएंगे 10 हजार,नीतीश सरकार ने किया बड़ा ऐलान।

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Bihar News: बिहार की नीतीश सरकार ने महिला सशक्तिकरण को नई गति देने के उद्देश्य से एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ऐलान किया है कि सितंबर 2025 से राज्य की महिलाओं के बैंक खातों में 10-10 हजार रुपये की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। इस पहल का मकसद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके लिए रोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर उपलब्ध कराना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2005 में सरकार बनने के बाद से ही महिला सशक्तिकरण उनकी प्राथमिकता रही है। इसी क्रम में कई योजनाओं के जरिए महिलाओं को शिक्षा, रोजगार और उद्यमिता से जोड़ने का कार्य किया गया। नई योजना “मुख्यमंत्री महिला रोजगार सृजन योजना” के अंतर्गत महिलाओं को एकमुश्त आर्थिक सहायता दी जाएगी ताकि वे अपनी पसंद का व्यवसाय या रोजगार शुरू कर सकें।

इस योजना के तहत सरकार ने स्पष्ट किया है कि –

  1. प्रत्येक पात्र महिला को 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में दी जाएगी।
  2. इच्छुक महिलाएं ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया शुरू होते ही उद्योग विभाग एवं जिला उद्योग केंद्र की ओर से प्रशिक्षण और आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया जाएगा।
  3. नवंबर 2025 से महिलाओं को खातों में राशि का हस्तांतरण प्रारंभ कर दिया जाएगा।
  4. रोजगार शुरू करने के छह माह के भीतर यदि महिला चाहे तो 2 लाख रुपये तक का अतिरिक्त ऋण भी प्राप्त कर सकेगी।
  5. राज्य में महिला उद्यमियों द्वारा तैयार उत्पादों की बिक्री के लिए हर जिले में हाट-बाजार की व्यवस्था की जाएगी।

नीतीश कुमार ने भरोसा जताया कि यह योजना न केवल महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि परिवारों को भी संबल प्रदान करेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं के रोजगार और व्यवसाय से जुड़ने पर परिवार की आय बढ़ेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

जनता दल (यू) ने इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम करार दिया है। पार्टी का मानना है कि इस योजना से बिहार की लाखों महिलाएं रोजगार से जुड़ेंगी और स्वरोजगार का मार्ग प्रशस्त होगा।

इस घोषणा के बाद ग्रामीण इलाकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि यदि सरकार की ओर से आर्थिक मदद और प्रशिक्षण समय पर मिला तो वे स्वरोजगार को नई ऊंचाई तक ले जा सकती हैं।

यह योजना आने वाले समय में न केवल महिलाओं की स्थिति को बेहतर करेगी बल्कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण साबित होगी।

मानवता की सेवा का संकल्प लेकर मनाया गया डॉ. रितेश कुमार राणा का स्वर्णिम 50वां जन्मदिन

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Bhagalpur News: ह्यूमन राइट प्रोटेक्शन कमीशन के नेशनल वाइस प्रेसिडेंट डॉ. रितेश कुमार राणा का 50वां जन्मदिन भागलपुर के एक निजी होटल में बड़े ही भव्य और यादगार अंदाज में मनाया गया। यह अवसर केवल जन्मदिन का उत्सव ही नहीं बल्कि सम्मान और प्रेरणा का भी मंच बना। केक कटिंग, सांस्कृतिक कार्यक्रम और समाजहित में योगदान देने वाले लोगों के सम्मान ने इस समारोह को विशेष बना दिया।

कार्यक्रम की शुरुआत सम्मान समारोह से हुई। इस दौरान डॉ. राणा ने भाजपा प्रदेश समिति सदस्य पवन मिश्रा, भाजपा जिला अध्यक्ष संतोष कुमार, अधिवक्ता भोला मंडल, शिक्षक राकेश कुमार समेत समाजसेवा, शिक्षा और राजनीति से जुड़े कई गणमान्य लोगों को अंगवस्त्र और महापुरुषों की तस्वीर भेंटकर सम्मानित किया। इस सम्मान का उद्देश्य समाजहित में कार्य कर रहे लोगों को प्रोत्साहित करना और दूसरों के लिए मिसाल कायम करना था।

इसके बाद मुख्य आकर्षण का पल तब आया जब डॉ. राणा ने अपने परिवार और अतिथियों की मौजूदगी में स्वर्णिम 50वें जन्मदिन का केक काटा। पूरे होटल परिसर में तालियों की गड़गड़ाहट और शुभकामनाओं की गूंज ने इस अवसर को अविस्मरणीय बना दिया।

समारोह का वातावरण सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से और भी जीवंत हो गया। स्थानीय कलाकारों ने गीत-संगीत की शानदार प्रस्तुति दी, जिससे उपस्थित लोगों ने खूब आनंद उठाया। इन प्रस्तुतियों ने न सिर्फ कार्यक्रम को मनोरंजक बनाया बल्कि इसे एक सांस्कृतिक उत्सव का स्वरूप भी प्रदान किया।

इस अवसर पर डॉ. रितेश कुमार राणा ने भावुक शब्दों में कहा कि जीवन का सबसे बड़ा उद्देश्य मानवता की सेवा है। उन्होंने समाज और मानवाधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर प्रयास करने का संकल्प लिया। डॉ. राणा ने कहा— “अगर हर इंसान मानव सेवा के लिए एक कदम आगे बढ़ाए, तो समाज और देश दोनों का कल्याण सुनिश्चित होगा।”

उन्होंने अपने 50वें जन्मदिन पर समाज के हित में कार्य करने वाले लोगों को प्रेरित करने और उन्हें आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। डॉ. राणा ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले समय में वे मानवाधिकार संरक्षण और सामाजिक उत्थान के क्षेत्र में और मजबूती से काम करेंगे।

समारोह में मौजूद लोगों ने डॉ. राणा को जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं दीं और उनके दीर्घायु जीवन तथा स्वास्थ्यपूर्ण भविष्य की कामना की।

यह आयोजन न केवल जन्मदिन का जश्न था बल्कि समाजसेवा और मानवाधिकारों की रक्षा के संकल्प को और गहरा करने का अवसर भी बना। भागलपुर की इस शाम ने यह साबित कर दिया कि जब नेतृत्व और सेवा का संगम होता है, तो उत्सव केवल व्यक्तिगत नहीं रहता बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत बन जाता है।

जमुई पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अपहरण का मामला, तीन गिरफ्तार

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जमुई: जमुई पुलिस ने अपहरण के एक गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए महज 48 घंटे के भीतर पीड़ित को सुरक्षित बरामद कर लिया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता पाई है। यह कार्रवाई झाझा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम टोलीआडीह में दर्ज अपहरण कांड संख्या 416/25 दिनांक 25.08.2025 के आधार पर की गई।

दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि झाझा थाना क्षेत्र के रहने वाले देवाशीष गांगुली, पिता-स्व0 हरिनाथ गांगुली, निवासी टोलीआडीह का अपहरण 25 अगस्त की रात लगभग 8:10 बजे कर लिया गया था। पीड़ित अपने सहयोगी सहदेव यादव के घर से लौट रहे थे तभी उन्हें जबरन उठा लिया गया। सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम का गठन किया गया।

जमुई पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में बनी इस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी निगरानी का सहारा लेते हुए छापेमारी अभियान चलाया। पुलिस की मुस्तैदी और रणनीति का परिणाम यह हुआ कि 48 घंटे के भीतर अपहृत को सुरक्षित मुक्त करा लिया गया और अपहरण कांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तार अपराधियों में मनीष कुमार, अजय कुमार और सूरज कुमार शामिल हैं, जो सभी झाझा थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं।

गिरफ्तार अपराधियों के पास से एक अपहृत वाहन (डिजायर कार – BR06BX0858) और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है, जिसका इस्तेमाल घटना को अंजाम देने में किया गया था।

इस अभियान में झाझा थाना प्रभारी, सिकंदरा, लक्ष्मीपुर व जिले के तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मियों सहित कई अधिकारी शामिल रहे। पुलिस अधीक्षक ने पूरी टीम की सराहना की और इसे जमुई पुलिस की त्वरित कार्रवाई का बेहतरीन उदाहरण बताया।

जमुई पुलिस ने कहा है कि अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस ने अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय थाना को दें ताकि अपराध पर त्वरित रोक लगाई जा सके।

राजगीर में कल से शुरू होगा हीरो पुरुष हॉकी एशिया कप 2025

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बिहार पहली बार बना एशिया कप का मेजबान, आठ शीर्ष एशियाई टीमें होंगी शामिल

पटना, 28 अगस्त। हॉकी प्रेमियों का इंतज़ार अब खत्म होने वाला है। बिहार के ऐतिहासिक शहर राजगीर में कल से 10 दिवसीय हीरो पुरुष हॉकी एशिया कप 2025 की शुरुआत होगी। मेजर ध्यानचंद की जयंती पर मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर यह टूर्नामेंट और भी खास बन गया है। एशिया कप का यह 12वाँ संस्करण है, जिसमें भारत, जापान, चीन, कज़ाकिस्तान, मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे की शीर्ष आठ टीमें भाग ले रही हैं।

बिहार में पहली बार एशिया कप

बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक-सह-सीईओ रवींद्रन शंकरन ने कहा, “यह पहली बार है जब पुरुष एशिया हॉकी कप बिहार के राजगीर में आयोजित किया जा रहा है। यह आयोजन बिहार की खेल संस्कृति और अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की मेजबानी की क्षमता को दर्शाएगा।”

उन्होंने बताया कि एशिया कप का अब तक 11 बार आयोजन हो चुका है, जिसमें दक्षिण कोरिया सबसे सफल टीम रही है। कोरिया ने 5 बार (1994, 1999, 2009, 2013 और 2022) यह खिताब जीता है। भारत ने तीन बार (2003, 2007 और 2017) कप पर कब्जा किया, जबकि पाकिस्तान भी तीन बार (1982, 1985 और 1989) चैंपियन रह चुका है।

टूर्नामेंट का महत्व

हीरो एशिया कप 2025 न केवल एशिया की श्रेष्ठता की लड़ाई है, बल्कि यह 2026 एफआईएच हॉकी विश्व कप का क्वालीफायर भी है। ऐसे में हर मैच बेहद अहम होगा। कुल 24 मैच खेले जाएँगे, जिनमें से चार मुकाबले पहले दिन ही होंगे।

पूल ए में भारत, जापान, चीन और कज़ाकिस्तान शामिल हैं। भारत अपने अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को चीन के खिलाफ करेगा। वहीं पूल बी में मलेशिया, कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे आमने-सामने होंगे।

निःशुल्क टिकट की सुविधा

हॉकी इंडिया ने प्रशंसकों को स्टेडियम तक आकर्षित करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राजगीर में होने वाले सभी मैचों के लिए प्रवेश निःशुल्क रखा गया है। दर्शक www.ticketgenie.in या हॉकी इंडिया ऐप के जरिए रजिस्ट्रेशन कर वर्चुअल टिकट प्राप्त कर सकते हैं। इसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण और अधिक से अधिक लोगों को विश्वस्तरीय हॉकी का रोमांच देखने का अवसर देना है।

हॉकी का महाकुंभ और बिहार की पहचान

राजगीर स्थित अंतर्राष्ट्रीय खेल परिसर को इस आयोजन के लिए सजाया-संवारा गया है। खिलाड़ियों की सुरक्षा और आवास की विशेष व्यवस्था की गई है। भारतीय टीम खेल परिसर में ठहरी हुई है, जबकि अन्य देशों की टीमें राजगीर के विभिन्न होटलों में ठहरी हैं।

यह आयोजन बिहार के लिए गर्व का विषय है। इससे राज्य की छवि अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों के केंद्र के रूप में मज़बूत होगी। पिछले एक साल में बिहार ने कई बड़े टूर्नामेंट सफलतापूर्वक आयोजित किए हैं, जिनमें महिला एशियाई हॉकी चैंपियंस ट्रॉफी 2024, खेलो इंडिया यूथ गेम्स 2025 और सेपक टकराव विश्व कप 2025 शामिल हैं।

ट्रॉफी गौरव यात्रा

हॉकी के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के लिए “ट्रॉफी गौरव यात्रा” निकाली गई, जो देश के विभिन्न हिस्सों से होकर गुजरते हुए अब 29 अगस्त को राजगीर पहुँचेगी।

भागलपुर से गोरखपुर के लिए वन-वे स्पेशल ट्रेन, 920 से अधिक अतिरिक्त बर्थ की सुविधा

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Bhagalpur News: रेलवे ने यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। पूर्व रेलवे ने भागलपुर से गोरखपुर के बीच एक वन-वे स्पेशल ट्रेन चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन यात्रियों को त्योहारी सीजन और बढ़ते दबाव में राहत देगी। रेलवे की इस पहल से यात्रियों को अतिरिक्त सुविधा और लचीलापन मिलेगा, साथ ही लगभग 920 से अधिक अतिरिक्त बर्थ उपलब्ध कराए जाएंगे।

रेलवे के मुताबिक, 05097 भागलपुर–गोरखपुर वन-वे स्पेशल 28 अगस्त 2025 को भागलपुर स्टेशन से रात्रि 11:55 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन दोपहर 1:45 बजे गोरखपुर पहुँचेगी। यह ट्रेन रास्ते में 14 स्टेशनों पर ठहरेगी, जिनमें पूर्व रेलवे क्षेत्राधिकार के अंतर्गत आने वाले सुल्तानगंज, जमालपुर और अभयपुर जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं।

इस विशेष ट्रेन में यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सामान्य द्वितीय श्रेणी, स्लीपर क्लास एवं वातानुकूलित कोच लगाए गए हैं। इसका उद्देश्य अलग-अलग वर्ग के यात्रियों को यात्रा का बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है। रेलवे ने बताया कि इस ट्रेन से पूर्व बिहार और आसपास के क्षेत्रों से गोरखपुर जाने वाले यात्रियों को आसानी होगी, क्योंकि सामान्य दिनों में नियमित ट्रेनों में सीट मिलना बेहद मुश्किल होता है।

यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे ने इसकी बुकिंग की व्यवस्था भी कर दी है। टिकट पी.आर.एस. काउंटरों और इंटरनेट माध्यम (आईआरसीटीसी वेबसाइट एवं मोबाइल ऐप) के जरिए बुक की जा सकती है। रेलवे अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे समय रहते अग्रिम टिकट बुकिंग कर अपनी यात्रा सुनिश्चित करें।

पूर्व रेलवे ने बताया कि यह पहल यात्रियों की बढ़ती मांग को देखते हुए की गई है। खासकर त्योहारी सीजन में जब घर जाने वालों की संख्या बढ़ जाती है, तब इस तरह की विशेष ट्रेनों से काफी राहत मिलती है। रेलवे का प्रयास है कि अधिक से अधिक यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिल सके।

मोतिहारी पुलिस ने तीन संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिकों की तस्वीरें जारी कीं, 50 हज़ार इनाम की घोषणा

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Bihar News: मोतिहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिकों की तलाश में पोस्टर जारी किया है। पुलिस ने इन संदिग्धों पर 50,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। जारी किए गए पोस्टर में तीनों के नाम क्रमशः आदिल हुसैन, हसनैन अली और मोहम्मद उस्मान बताए गए हैं। पुलिस का कहना है कि ये तीनों संदिग्ध गतिविधियों में शामिल रहे हैं और सुरक्षा एजेंसियां लगातार इनकी खोज में जुटी हुई हैं।

पोस्टर के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को यदि इन तीनों के बारे में कोई जानकारी मिलती है या ये कहीं नजर आते हैं, तो वह तुरंत नज़दीकी थाना या डायल-112 पर सूचना दे सकता है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जानकारी देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इनाम की राशि भी प्रदान की जाएगी।

जानकारी के मुताबिक, संदिग्धों की तस्वीरें उनके पासपोर्ट की कॉपी से जारी की गई हैं। मोतिहारी पुलिस अधीक्षक ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि संदिग्धों की पहचान होते ही तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

इस मामले में पुलिस ने दो संपर्क नंबर – 9431822988 और 9031827100 भी जारी किए हैं, जिन पर सीधे तौर पर सूचना दी जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि सीमा क्षेत्र होने की वजह से मोतिहारी जिला हमेशा से सुरक्षा एजेंसियों के लिए संवेदनशील माना जाता है। ऐसे में इन संदिग्धों की तलाश और भी अहम हो जाती है।

गौरतलब है कि बिहार पुलिस और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां पिछले कई दिनों से सीमावर्ती इलाकों में संदिग्धों की गतिविधियों पर नजर रख रही हैं। पुलिस का कहना है कि संदिग्धों के खिलाफ ठोस सबूत हाथ लगे हैं, जिसके बाद इनाम की घोषणा की गई है।

मोतिहारी पुलिस ने आम जनता को भरोसा दिलाया है कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद है और किसी भी संदिग्ध को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की जानकारी तुरंत पुलिस तक पहुंचाएं।

रोहतास पुलिस की सख्त दबिश का असर : 25 अभियुक्तों ने न्यायालय में किया आत्मसमर्पण

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Bihar News: रोहतास जिले में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में रोहतास पुलिस द्वारा लगातार चलाए जा रहे सघन अभियान का बड़ा परिणाम सामने आया है। पुलिस की दबिश और सक्रिय रणनीति से बचने के बजाय कुल 25 अभियुक्तों ने विभिन्न मामलों में न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया। यह उपलब्धि न केवल पुलिस की सतर्कता को दर्शाती है, बल्कि अपराधियों के बीच गहरी दहशत का भी संकेत है।

दबिश से अपराधियों में हड़कंप

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, रोहतास के निर्देश पर विभिन्न थानों की टीमों ने लगातार छापेमारी और दबिश अभियान चलाया। इसके चलते लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्तों के सामने कोई दूसरा विकल्प नहीं बचा और उन्होंने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने स्पष्ट किया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

किन-किन अभियुक्तों ने किया आत्मसमर्पण

  • कचकड़ थाना क्षेत्र में वारंटी आरोपी विनोद तिवारी, मुकेश तिवारी सहित अन्य अभियुक्तों ने आत्मसमर्पण किया।
  • तिलौथू थाना क्षेत्र से वारंटी आरोपी दयाराम पांडेय, संजय देवी, अवधेश पांडेय, अशोक पांडेय सहित कई अन्य ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।
  • सहरथुआ थाना के मामले में आरोपी राजेश कुमार, नित्यानंद प्रसाद, मोहन कुमार आदि ने आत्मसमर्पण कर दिया।
  • तिलौथू थाना से ही रामबली कुमार साह, शंकर कुमार साह समेत अन्य ने आत्मसमर्पण किया।
  • दिनारा थाना कांड संख्या 323/25 के तहत नामजद आरोपी निलम देवी, रामप्रकाश सिंह ने आत्मसमर्पण किया।
  • बड़हरी थाना कांड संख्या 102/24 और 66/24 में नामजद अभियुक्त अशोक बिंद, नरेश साह, अजय महतो, प्रमोद सिंह, प्रियंका देवी सहित कुल 10 अभियुक्तों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण किया।

पुलिस की रणनीति और असर

पुलिस ने इन अभियुक्तों के खिलाफ वारंट जारी होने के बाद सघन अभियान चलाया और लगातार निगरानी करते हुए उन्हें दबाव में रखा। पुलिस की इस रणनीति ने अपराधियों के बीच भय का माहौल उत्पन्न कर दिया। अदालत में आत्मसमर्पण करने वाले अधिकांश अभियुक्त हत्या, मारपीट, दुष्कर्म, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों में संलिप्त बताए जा रहे हैं।

पुलिस की अपील

रोहतास पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अपराधियों के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। पुलिस का लक्ष्य सिर्फ अपराधियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करना है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे अपराधियों के खिलाफ सूचना देने में संकोच न करें और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।

पटना पुलिस की सख्त कार्रवाई : गंभीर मामलों में 49 अपराधियों को सजा, अदालत ने सुनाई कठोर सज़ाएं

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पटना:  SSP  पटना  कार्तिकेय के. शर्मा के निर्देशन में अपराध नियंत्रण और गंभीर मामलों में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान का बड़ा परिणाम सामने आया है। पटना पुलिस ने बीते जुलाई माह में लगातार निगरानी और ठोस सबूतों के आधार पर विभिन्न गंभीर व जघन्य अपराधों में संलिप्त आरोपितों को अदालत से दोषसिद्ध कराते हुए सजा दिलाई है। यह उपलब्धि न्यायिक प्रक्रिया को तीव्र एवं परिणाममूलक बनाने की दिशा में एक बड़ी सफलता मानी जा रही है।

सख्त मॉनिटरिंग से मिली सफलता

पटना पुलिस ने कोर्ट की कार्यवाही पर विशेष निगरानी रखते हुए अभियोजन पक्ष, लोक अभियोजक, कस्टोडियन पुलिस पदाधिकारी एवं अन्य संबंधित अधिकारियों के सहयोग से आवश्यक गवाही एवं साक्ष्य को समय पर प्रस्तुत कराया। इसके परिणामस्वरूप, कुल 49 गंभीर व जघन्य मामलों में त्वरित सुनवाई पूरी हुई और आरोपियों को कड़ी सजाएं सुनाई गईं।

दीदारगंज कांड में उम्रकैद

थाना दीदारगंज कांड संख्या 50/10, धारा 302 भा.द.वि. (हत्या) के मामले में माननीय न्यायालय ए.डी.जे.-V, पटना सिटी ने गुगनुग प्रसाद व अन्य आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। यह फैसला 15 जुलाई 2025 को आया।

अन्य मामलों में भी कठोर दंड

  • थाना कोतवाली कांड संख्या 645/19 में लक्ष्मी बेसरा को हत्या के मामले में आजीवन कारावास एवं ₹20,000 अर्थदंड।
  • थाना पीरबहोर कांड संख्या 16/15 में श्याम नारायण मिश्रा को 10 वर्ष का कारावास और ₹10,000 जुर्माना।
  • थाना धनरुआ कांड संख्या 254/16 में बिद्याकांत सिंह को आजीवन कारावास और ₹10,000 जुर्माना।
  • थाना दानापुर कांड संख्या 171/23 में सोनू कुमार को दुष्कर्म के मामले में 10 वर्ष का कारावास और ₹20,000 जुर्माना।
  • थाना पीरबहोर कांड संख्या 48/21 में अमरेश कुमार व अन्य को 7 से 10 वर्ष तक की सजा और अर्थदंड।
  • थाना पत्रकारनगर कांड संख्या 204/13 में लालदेव सहनी सहित अन्य को 3 वर्ष की सजा और ₹10,000 जुर्माना।
  • थाना चौक कांड संख्या 357/18 में राजेश कुमार को 3 वर्ष का कारावास व ₹5,000 जुर्माना।

पुलिस की प्राथमिकता

पटना पुलिस ने नागरिकों को आश्वस्त किया है कि अपराध के खिलाफ यह सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने कहा कि हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता केवल अपराधियों को सजा दिलाना ही नहीं, बल्कि समाज में सुरक्षा और विश्वास की भावना को और मजबूत करना है।