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सूबे में खादी को नई उड़ान : चरखा-करघा पर 90% अनुदान, सस्ती दर पर लोन सुविधा

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पटना, 23 सितंबर।बिहार सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और पारंपरिक खादी उद्योग को नई पहचान दिलाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। राज्य में अब खादी संस्थानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर चरखा और करघा उपलब्ध कराया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य खादी उद्योग को पुनर्जीवित करना और गांवों में स्वरोजगार व आत्मनिर्भरता के अवसरों को बढ़ावा देना है।

सरकारी योजना के तहत खादी संस्थाओं को बेहद कम लागत पर चरखे और करघे दिए जा रहे हैं। इसके साथ ही 40 हजार रुपये प्रति चरखा की दर से मात्र 4 प्रतिशत वार्षिक ब्याज पर लोन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इस ऋण योजना से बुनकर अपनी उत्पादन क्षमता को बढ़ा पाएंगे और बड़े बाजारों में प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे।

राज्य सरकार का कहना है कि यह कदम न केवल आत्मनिर्भर भारत अभियान और वोकल फॉर लोकल की दिशा में सहायक होगा बल्कि खादी को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय बाजारों में नई पहचान दिलाने का मार्ग भी प्रशस्त करेगा।

खादी केवल एक वस्त्र नहीं, बल्कि भारत की संस्कृति, आत्मसम्मान और सतत विकास का प्रतीक मानी जाती है। आज यह पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का माध्यम भी बन चुकी है। सरकार का मानना है कि यदि ग्रामीण स्तर पर खादी उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा तो बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा इससे जुड़कर आत्मनिर्भर बनेंगे।

खादी उद्योग से जुड़ने से गांवों में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलेगी और रोजगार की संभावनाएं बढ़ेंगी। साथ ही, पलायन जैसी समस्याओं को कम करने में भी यह पहल कारगर साबित होगी।

इच्छुक खादी संस्थान और बुनकर इस योजना का लाभ लेने के लिए अधिक जानकारी kvibbihar.com पर प्राप्त कर सकते हैं।

पटना जिला दस्तावेज निबंधन और राजस्व संग्रह में पूरे बिहार में नंबर वन

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पटना, 23 सितंबर।बिहार में दस्तावेज निबंधन और राजस्व संग्रह के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की गई है। अप्रैल 2025 से 17 सितंबर तक के केवल पांच महीनों में पूरे राज्य में कुल 7 करोड़ 57 लाख से अधिक दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे राज्य सरकार को 3,418 करोड़ 52 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस उपलब्धि में पटना जिला सबसे आगे रहा, जहां अकेले 53 लाख दस्तावेजों का निबंधन कर 609 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व राज्य सरकार को मिला।

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग द्वारा जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार, दस्तावेज निबंधन प्रक्रिया अब शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में मजबूत हुई है। राजधानी पटना की यह उपलब्धि पूरे राज्य के लिए एक मिसाल बन गई है।

अन्य जिलों का प्रदर्शन

पटना के बाद मोतिहारी में 45 लाख दस्तावेजों का निबंधन हुआ, जिससे 179 करोड़ 51 लाख रुपये की आय हुई। वहीं मुजफ्फरपुर ने 43 लाख दस्तावेजों के निबंधन से 185 करोड़ 84 लाख रुपये का राजस्व अर्जित किया। बेतिया जिले में 34 लाख दस्तावेज निबंधित हुए, जिससे 94 करोड़ 59 लाख रुपये की आय हुई।
इसके अलावा मधुबनी और समस्तीपुर जिलों में 32-32 लाख दस्तावेजों का निबंधन किया गया, जिससे क्रमशः 98 करोड़ 3 लाख रुपये और 115 करोड़ 87 लाख रुपये का राजस्व राज्य को प्राप्त हुआ।

राजस्व संग्रह में सुधार का संकेत

आंकड़े बताते हैं कि बिहार में निबंधन प्रक्रिया अब तेजी से डिजिटल और पारदर्शी हो रही है। शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में भी लोग संपत्ति और जमीन से जुड़े दस्तावेजों के निबंधन को लेकर पहले से ज्यादा जागरूक हो रहे हैं। इसका सीधा फायदा राज्य सरकार को राजस्व में वृद्धि के रूप में मिल रहा है।

राज्य सरकार का मानना है कि दस्तावेज निबंधन में यह लगातार बढ़ोतरी न केवल सरकारी खजाने को मजबूत कर रही है, बल्कि आम लोगों को भी अधिक सुरक्षित और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध करा रही है। आने वाले समय में इसमें और तेजी लाने की तैयारी की जा रही है।

पटना – 53 लाख दस्तावेज, 609 करोड़ रुपये राजस्व

मोतिहारी – 45 लाख दस्तावेज, 179.51 करोड़ रुपये राजस्व

मुजफ्फरपुर – 43 लाख दस्तावेज, 185.84 करोड़ रुपये राजस्व

75 लाख महिलाओं को मिलेंगे 10-10 हजार रुपये, 26 सितंबर को होगा ऐतिहासिक शुभारंभ

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पटना, 23 सितंबर।बिहार की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में राज्य सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत पहली किस्त की राशि 26 सितंबर को जारी होगी। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑनलाइन माध्यम से कार्यक्रम से जुड़ेंगे, जबकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पटना में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे।

इस योजना के तहत राज्य की 75 लाख महिलाओं के बैंक खाते में 10-10 हजार रुपये सीधे डीबीटी के माध्यम से भेजे जाएंगे। कुल मिलाकर 7,500 करोड़ रुपये की राशि महिलाओं के बीच वितरित की जाएगी। योजना का उद्देश्य महिलाओं को स्वरोजगार और छोटे व्यवसायों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत और स्वावलंबी बनाना है।

ग्रामीण विकास विभाग ने सभी जिलों के डीएम को इस कार्यक्रम को उत्सव के रूप में मनाने के निर्देश दिए हैं। 38 जिला मुख्यालय, 534 प्रखंड, 1680 संकुल स्तरीय संघ और 70 हजार ग्राम संगठनों में कार्यक्रम का सीधा प्रसारण होगा। जीविका समूहों की लाखों महिलाएं इसमें शामिल होंगी।

योजना के तहत पात्र परिवारों की एक महिला को यह राशि दी जाएगी। पहली किस्त की मदद से महिलाएं खेती, पशुपालन, हस्तशिल्प, सिलाई-बुनाई या छोटे उद्यम शुरू कर सकती हैं। इसके बाद छह महीने में इन्हें 2 लाख रुपये तक की अतिरिक्त सहायता भी मिलेगी।

अब तक ग्रामीण क्षेत्र से 1 करोड़ 7 लाख जीविका दीदियों और शहरी क्षेत्र से 4.66 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है। आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है ताकि अधिकतम महिलाएं इसका लाभ उठा सकें।

यह योजना न केवल महिलाओं को स्वरोजगार दिलाएगी, बल्कि परिवार की आर्थिक स्थिति को भी सुदृढ़ करेगी। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिलाओं के बीच इस योजना ने नई उम्मीद जगाई है। सरकार का दावा है कि यह पहल बिहार की महिलाओं को आर्थिक सशक्तिकरण की नई राह पर ले जाएगी।

राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025 में पटना की समृद्धि बनी सर्वश्रेष्ठ युवा प्रबंधक

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नई दिल्ली। ऑल इंडिया मैनेजमेंट एसोसिएशन (AIMA) द्वारा आज आयोजित युवा प्रबंधकों के लिए राष्ट्रीय प्रतियोगिता 2025 में सुश्री समृद्धि ने सर्वश्रेष्ठ युवा प्रबंधक का प्रतिष्ठित पुरस्कार जीत कर एक गौरवपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। इस सफलता से न केवल समृद्धि का व्यक्तिगत करियर चमका है, बल्कि बिहार राज्य के लिए भी यह गर्व का अवसर है। समृद्धि पटना की रहने वाली हैं और वर्तमान में BOSCH लिमिटेड में सीनियर इंजीनियर के पद पर पुणे में कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा प्रबंधकों ने भाग लिया था, जहां समृद्धि ने अपनी रणनीतिक सोच, प्रबंधन कौशल और नवीन विचारों से निर्णायक समिति को प्रभावित किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान दिलाया।

समृद्धि पटना की रहने वाली हैं और वर्तमान में BOSCH लिमिटेड में सीनियर इंजीनियर के पद पर पुणे में कार्यरत हैं। इस प्रतियोगिता में देशभर के युवा प्रबंधकों ने भाग लिया था, जहां समृद्धि ने अपनी रणनीतिक सोच, प्रबंधन कौशल और नवीन विचारों से निर्णायक समिति को प्रभावित किया। उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन ने उन्हें प्रतियोगिता में सर्वोच्च स्थान दिलाया।

समृद्धि के पिता, वीरेन्द्र कुमार शुक्ल, बिहार सरकार के अधीन उप निदेशक और मुख्यमंत्री के जनसंपर्क पदाधिकारी के रूप में कार्यरत हैं, जबकि माता पल्लवी शुक्ल गृहणी हैं। परिवार ने उनकी इस उपलब्धि पर खुशी व्यक्त की और कहा कि समृद्धि ने देश और राज्य का नाम रोशन किया है।

समृद्धि की यह उपलब्धि युवा वर्ग के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो यह साबित करती है कि कड़ी मेहनत, समर्पण और नेतृत्व कौशल से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में समृद्धि जैसे युवा प्रबंधक देश और उद्योग क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

इस पुरस्कार ने न केवल सुश्री समृद्धि के करियर को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि बिहार के युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपने कौशल का लोहा मनवा सकते हैं।

भागलपुर रेलवे स्टेशन पर वाणिज्य कर विभाग की बड़ी कार्रवाई: लाखों का बिना बिल का सामान जब्त

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Bhagalpur News: भागलपुर से बड़ी खबर है। वाणिज्य कर विभाग ने रेलवे स्टेशन पर छापेमारी कर लाखों रुपए मूल्य का रेडीमेड कपड़ा और खिलौने जब्त किए हैं। यह कार्रवाई राज्य कर संयुक्त आयुक्त सुश्री मिनी के नेतृत्व में की गई, जिन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि कोलकाता से भारी मात्रा में बिना पक्की बिल का सामान भागलपुर लाया जा रहा है।

सूचना मिलते ही सुश्री मिनी ने एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया और रेलवे स्टेशन पर सघन निगरानी के बाद कार्रवाई को अंजाम दिया। टीम ने रेडीमेड कपड़े और बच्चों के खिलौने सहित कई अन्य वस्तुएं जब्त कीं, जिनकी अनुमानित कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है।

संयुक्त आयुक्त सुश्री मिनी ने बताया कि अगर संबंधित व्यापारी पक्की रसीद के साथ अपना सामान प्रस्तुत करते हैं, तो वह उन्हें लौटाया जाएगा। लेकिन अगर बिल प्रस्तुत नहीं किया गया, तो उनके खिलाफ जुर्माने और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस कार्रवाई से न केवल रेलवे स्टेशन पर बल्कि व्यापारियों के बीच भी हड़कंप मच गया है।

वाणिज्य कर विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना बिल और टैक्स चोरी करने वालों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और भविष्य में भी ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने व्यापारियों को चेतावनी दी कि सभी वस्तुओं के लेन-देन में बिल और टैक्स नियमों का पालन अवश्य करें।

इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि राज्य सरकार और वाणिज्य कर विभाग अवैध व्यापार और टैक्स चोरी को कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे। अधिकारियों का कहना है कि रेलवे स्टेशन जैसे व्यस्त स्थानों पर भी नियमित निरीक्षण किया जाएगा ताकि किसी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोकने में सफलता मिल सके।

सुश्री मिनी ने यह भी बताया कि विभाग आगे भी ऐसे छापेमारी अभियान जारी रखेगा और सभी व्यापारियों को कानूनी नियमों का पालन करने के लिए सतर्क किया जाएगा। इस कार्रवाई ने साफ कर दिया कि कानून का पालन न करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं बची है।

भागलपुर: डीडीसी एवं सिटी एसपी ने सन्हौला का किया निरीक्षण, मुख्यमंत्री की यात्रा की तैयारियों का लिया जायजा

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Bhagalpur News: उप विकास आयुक्त भागलपुर प्रदीप कुमार सिंह और सिटी एसपी भागलपुर शुभांक मिश्रा ने आज सन्हौला का दौरा कर आगामी मुख्यमंत्री की प्रस्तावित यात्रा एवं कार्यक्रम की तैयारियों का जायजा लिया। इस निरीक्षण में जिला प्रशासन, पुलिस विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी मौजूद रहे।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल, मंच निर्माण, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण, पार्किंग और आपातकालीन सेवाओं की तैयारियों का विस्तृत अवलोकन किया। मौके पर ही विभिन्न विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए ताकि मुख्यमंत्री की यात्रा के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो और सभी व्यवस्थाएं सुचारु रूप से संचालित हों।

उप विकास आयुक्त  प्रदीप कुमार सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम स्थल पर सफाई, पेयजल, शौचालय, विद्युत व्यवस्था और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पूरी तैयारी समय पर सुनिश्चित की जाए। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने का विशेष निर्देश दिया।

सिटी एसपी  शुभांक मिश्रा ने सुरक्षा प्रबंधन की समीक्षा करते हुए पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान सुरक्षा और शांति सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम तत्काल प्रभाव से उठाए जाएं।

निरीक्षण के बाद दोनों अधिकारियों ने स्थानीय पदाधिकारियों के साथ बैठक कर बिंदुवार प्रगति की समीक्षा की और आवश्यकता अनुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने जोर दिया कि यह कार्यक्रम केवल प्रशासनिक नहीं बल्कि जनसंपर्क की दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। इसलिए सभी विभाग हर पहलू पर विशेष ध्यान दें ताकि आमजन को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

अंततः डीडीसी और सिटी एसपी ने यह आश्वासन दिया कि मुख्यमंत्री की यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया गया कि तय समय सीमा के भीतर सभी तैयारियां पूर्ण हों और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो।

सबौर के फतेहपुर में दो समुदायों की भिड़ंत से मचा बवाल, एसएसपी ने संभाली कमान

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के सबौर प्रखंड के फतेहपुर में सोमवार की शाम अचानक तनाव का माहौल बन गया। मामूली विवाद ने सामुदायिक रंग ले लिया और देखते ही देखते दो समुदाय आमने-सामने आ गए। स्थिति को बिगड़ने से रोकने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) खुद मौके पर पहुंचे और हालात को काबू में लिया। फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है।

घटना की शुरुआत फतेहपुर बाजार में हुई, जब एक बाइक सवार युवक और टोटो चालक के बीच साइड मांगने को लेकर कहासुनी हो गई। पहले तो बात गाली-गलौज तक सीमित रही, लेकिन कुछ ही मिनटों में दोनों पक्षों में हाथापाई और पथराव शुरू हो गया। देखते-देखते भीड़ जुट गई और विवाद ने सामुदायिक तनाव का रूप ले लिया।

सूचना मिलते ही स्थानीय थाने की पुलिस घटनास्थल पर पहुंची, लेकिन स्थिति गंभीर होती देख उच्च अधिकारियों को सूचित किया गया। एसएसपी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और खुद कमान संभालते हुए लोगों को समझाया। पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया और इलाके में फ्लैग मार्च निकालकर गश्त तेज कर दी।

इस झड़प में दोनों पक्षों से कई लोग घायल हो गए, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने बताया कि घायलों की स्थिति फिलहाल खतरे से बाहर है। घटना के बाद से बाजार की दुकानें समय से पहले बंद हो गईं और लोग घरों में सिमट गए। हालांकि, पुलिस की सक्रियता से हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे।

एसएसपी ने स्पष्ट किया कि किसी भी सूरत में शांति व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी। उपद्रवियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। वहीं, सदर एसडीओ विकास कुमार और सीटी डीएसपी अजय कुमार चौधरी ने भी घटनास्थल का जायजा लिया और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।

प्रशासन ने अफवाहों से बचने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पुलिस का दावा है कि हालात पूरी तरह नियंत्रण में हैं और लोगों को भयमुक्त वातावरण देने के लिए लगातार गश्त और फ्लैग मार्च जारी रहेगा।

भागलपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ब्राउन सुगर नेटवर्क ध्वस्त, चार तस्कर गिरफ्तार, नकदी और नशा बरामद

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। कहलगांव से सटे शिवनारायणपुर थाना क्षेत्र के मथुरापुर गांव में विशेष छापेमारी अभियान चलाकर पुलिस ने ब्राउन सुगर के गोरखधंधे का पर्दाफाश किया। इस दौरान बिहार और झारखंड से जुड़े चार धंधेबाजों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से भारी मात्रा में नशे का सामान और नकदी बरामद की है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष टीम ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में भनोज राम के किराए के मकान पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान मो. तारिक अनवर, मो. अस्वाज, गौरव कुमार और विक्की सिंह नामक चार आरोपियों को पकड़ा गया। इनके पास से 40 ग्राम ब्राउन सुगर, ₹1,40,500 नकद, चार एंड्रॉइड मोबाइल, एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और कई आपत्तिजनक सामान बरामद हुए। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से भागलपुर और आसपास के इलाकों में ब्राउन सुगर की सप्लाई कर रहा था।

एसडीपीओ पिरपैंती डॉ. अर्जुन कुमार गुप्ता ने बताया कि यह छापेमारी नशे के खिलाफ अभियान में बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि इलाके में नशे की लत तेजी से फैल रही थी और इस नेटवर्क के कारण युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित हो रहा था। इस कार्रवाई से तस्करों के नेटवर्क को करारा झटका लगा है और आगे भी ऐसे तत्वों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।

छापेमारी टीम में मुफस्सिल थाना प्रभारी राजेश कुमार चौहान, एएसआई प्रियंका कुमारी, विपिन प्रसाद, स्टाफ बोच्च कुमार, कैलाश मेडल, सैप गंगासागर दुबे और रमेश कुमार शामिल थे। टीम की त्वरित कार्रवाई से पुलिस को न सिर्फ नशे का जाल तोड़ने में सफलता मिली, बल्कि इलाके में विश्वास और सुरक्षा का संदेश भी गया है।

स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि प्रशासन लगातार ऐसे कदम उठाए, ताकि युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाया जा सके। यह मामला एक बार फिर साफ करता है कि संगठित अपराध और नशे के कारोबार को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई बेहद जरूरी है।

अकबरनगर में जमीन विवाद ने लिया हिंसक रूप: रास्ते के झगड़े में बाप-बेटी गंभीर रूप से घायल

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Bhagalpur News: भागलपुर जिले के अकबरनगर थाना क्षेत्र के इंग्लिश चिचरान गांव में मंगलवार को पारिवारिक जमीन विवाद ने हिंसक रूप धारण कर लिया। घर के रास्ते को लेकर चार भाइयों के बीच लंबे समय से चला आ रहा विवाद अचानक इतना बढ़ गया कि मारपीट तक की नौबत आ गई। इस झगड़े में धनराज ठाकुर और उनकी पुत्री अंशु कुमारी बुरी तरह घायल हो गए। दोनों को गंभीर हालत में मायागंज अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है।

जानकारी के अनुसार, मृतक बागेश्वर ठाकुर की संपत्ति को लेकर उनके चार बेटों के बीच वर्षों से तनाव चला आ रहा है। कई बार विवाद के हालात बने, लेकिन सोमवार को रास्ते को लेकर हुई कहासुनी ने उग्र रूप ले लिया। आरोप है कि पवन कुमार और कुंदन कुमार ने अपने ही रिश्तेदार धनराज ठाकुर और उनकी बेटी अंशु पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल धनराज ठाकुर दैनिक मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। घटना के बाद उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन विजय ठाकुर ने बताया कि परिवार में लंबे समय से जायदाद को लेकर कलह बनी हुई थी, लेकिन अब स्थिति जानलेवा हो चुकी है।

घटना की सूचना मिलते ही अकबरनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना ने एक बार फिर पारिवारिक विवादों से उपजे हिंसक माहौल पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते पंचायत या प्रशासन दखल देता तो शायद यह घटना टल सकती थी।

विक्रमशिला पुल पर भीषण हादसा: ट्रक की चपेट में आए दंपत्ति, पत्नी की मौत, पति गंभीर

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Bhagalpur News: भागलपुर के विक्रमशिला पुल पर कल शाम करीब 5 बजे दिल दहला देने वाला सड़क हादसा हो गया। जानकारी के अनुसार पुल के 29 नंबर पाया के पास एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दंपत्ति को टक्कर मार दी। इस दर्दनाक दुर्घटना में पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को आनन-फानन में मायागंज अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रक काफी तेज गति से आ रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे दंपत्ति की मोटरसाइकिल का संतुलन बिगड़ा और वे हादसे का शिकार हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं घायल पति ने अस्पताल में बताया कि घटना कुछ ही सेकंड में घट गई। “हमें समझ ही नहीं आया कि ट्रक कितनी स्पीड में था,” उन्होंने रोते हुए कहा।

घटना की सूचना मिलते ही मृतका के परिजनों में कोहराम मच गया। परिजन अस्पताल और घटनास्थल पर रो-रोकर बेहाल दिखे। वहीं स्थानीय लोगों में गुस्सा भड़क गया और उन्होंने कुछ देर के लिए पुल पर जाम लगाने की कोशिश की। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर भीड़ को शांत कराया और ट्रक को बरारी थाना पुलिस ने जप्त कर लिया।

इस हादसे ने एक बार फिर विक्रमशिला पुल की बदहाल यातायात व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल पर आए दिन इसी तरह की घटनाएं होती रहती हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों ने मांग की है कि पुल पर यातायात नियंत्रण और स्पीड चेकिंग की ठोस व्यवस्था की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।