Bhagalpur News: भागलपुर में एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बड़ा अपडेट देते हुए लोगों को राहत दी है। जिला जन-सम्पर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया है कि गैस की सप्लाई और वितरण व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए प्रशासन लगातार मॉनिटरिंग कर रहा है।
जिलाधिकारी ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रतिदिन अधिकारी गैस गोदामों का निरीक्षण कर रहे हैं। जिन क्षेत्रों में गैस की मांग ज्यादा है और बैकलॉग बढ़ा हुआ है, वहां सप्लाई को बढ़ाकर स्थिति को संतुलित किया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि अब किसी भी उपभोक्ता का गैस कनेक्शन 7 दिनों से अधिक लंबित नहीं रहेगा।
उन्होंने यह भी बताया कि हाल के दिनों में गैस की मांग अचानक बढ़ गई है। कई ऐसे उपभोक्ता, जो पहले 6 से 7 महीने में एक बार गैस लेते थे, उन्होंने भी एक साथ बुकिंग कर दी है, जिससे कुछ जगहों पर 2 से 3 दिनों की पेंडिंग देखी जा रही है। हालांकि प्रशासन इस स्थिति को तेजी से नियंत्रित कर रहा है।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने जानकारी दी कि भागलपुर में एलपीजी गैस की आपूर्ति को दोगुना कर दिया गया है। गैस की नियमित होम डिलीवरी सुनिश्चित की जा रही है ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
आंकड़ों के अनुसार, 19 मार्च को जिले में 12,733 गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं तक होम डिलीवरी के माध्यम से पहुंचाए गए। वहीं 20 मार्च को 29 गैस वितरकों की जांच भी की गई, जिससे वितरण व्यवस्था पर निगरानी और सख्त हो गई है।
प्रशासन ने साफ कहा है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है और उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे घबराएं नहीं, समय पर बुकिंग करें। उन्हें घर बैठे ही गैस की डिलीवरी मिल जाएगी।
भागलपुर में गैस सप्लाई को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। बढ़ती मांग के बावजूद आपूर्ति को संतुलित कर लोगों को राहत देने की कोशिश की जा रही है।
भागलपुर में LPG गैस को लेकर बड़ा अपडेट, जिलाधिकारी ने दी राहत भरी जानकारी
विक्रमशिला सेतु पर ‘खतरे’ की खबरों पर प्रशासन का स्पष्टीकरण, इंजीनियरों ने किया निरीक्षण
Bhagalpur News: भागलपुर के ऐतिहासिक विक्रमशिला सेतु को लेकर हाल ही में सामने आई ‘खतरे’ की खबरों के बीच प्रशासन और पुल निर्माण निगम ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। गंगा नदी में सेतु के नीचे एक फॉल्स दीवार के गिरने की घटना के बाद इंजीनियरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर विस्तृत निरीक्षण किया।
जिला जन-सम्पर्क कार्यालय द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, पुल निर्माण निगम के अभियंताओं का एक दल मौके पर पहुंचा और सेतु की संरचना का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने साफ किया कि विक्रमशिला सेतु के मुख्य स्ट्रक्चर में किसी प्रकार की कोई तकनीकी खराबी या खतरा नहीं पाया गया है।
पुल निर्माण निगम के वरीय परियोजना अभियंता श्री ज्ञान चंद्र दास ने बताया कि जिस दीवार के गिरने की बात सामने आई है, वह “फॉल्स दीवार” थी। यह दीवार पुल निर्माण के दौरान पानी के दबाव को नियंत्रित करने के लिए अस्थायी रूप से बनाई जाती है। निर्माण कार्य पूरा होने के बाद इसे हटाया जाना था, लेकिन किसी कारणवश उस समय इसे नहीं हटाया जा सका।
उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉल्स दीवार पुल के मुख्य ढांचे का हिस्सा नहीं होती है, इसलिए इसके गिरने से पुल की मजबूती या सुरक्षा पर कोई असर नहीं पड़ा है। हालांकि, जो दीवार क्षतिग्रस्त हुई है, उसे अब पूरी तरह तोड़कर हटाने की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाएगी ताकि भविष्य में किसी तरह की भ्रम या आशंका की स्थिति न बने।
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में जो आशंका बनी थी, उसे दूर करने के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय है। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया है कि सेतु पूरी तरह सुरक्षित है और यातायात पर इसका कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
विक्रमशिला सेतु को लेकर फैली अफवाहों के बीच प्रशासन की इस स्पष्टता से लोगों को राहत मिली है। तकनीकी जांच में पुल सुरक्षित पाया गया है और केवल अस्थायी संरचना को हटाने की प्रक्रिया जारी रहेगी।
भागलपुर में बदला मौसम का मिजाज, तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू
Bhagalpur News: भागलपुर में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। शुक्रवार को शहर में तेज हवा के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई, जिससे पूरा वातावरण ठंडा और सुहावना हो गया। आसमान में उमड़ते-घुमड़ते काले बादलों और गरज-चमक के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से राहत जरूर दी, लेकिन कुछ जगहों पर परेशानियां भी खड़ी कर दीं।
दोपहर बाद अचानक मौसम ने करवट ली और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। तेज हवा के कारण कई जगहों पर पेड़ों की डालियां टूटकर सड़क पर गिर गईं, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। वहीं बारिश के चलते सड़कों पर जलजमाव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
शहर के कई इलाकों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। तेज हवाओं के कारण कुछ स्थानों पर बिजली के तारों में गड़बड़ी आने की खबर है, जिससे लोगों को अस्थायी रूप से अंधेरे का सामना करना पड़ा। हालांकि बिजली विभाग की टीम स्थिति को सामान्य करने में जुटी हुई है।
मौसम में आए इस बदलाव से किसानों और आम लोगों के चेहरे पर खुशी भी देखी गई। लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से परेशान लोगों को इस बारिश ने काफी राहत दी है। वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का जमकर आनंद लिया।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ घंटों तक इसी तरह का मौसम बना रह सकता है। गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवा चलने की संभावना जताई गई है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है, खासकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
भागलपुर में हुई इस अचानक बारिश ने जहां गर्मी से राहत दी, वहीं तेज हवाओं और जलजमाव ने प्रशासन के लिए नई चुनौती भी खड़ी कर दी है। आने वाले दिनों में मौसम का यह बदला हुआ रुख लोगों के लिए राहत और सतर्कता दोनों का संकेत दे रहा है।
भागलपुर में अलविदा की नमाज़ अकीदत और एहतराम के साथ अदा
Bhagalpur News: भागलपुर में आज अलविदा की नमाज़ का आयोजन बड़े ही अकीदत और एहतराम के साथ संपन्न हुआ। जिले की मस्जिदों में नमाजियों की भारी भीड़ उमड़ी और हर तरफ इबादत का नूर और रूहानी माहौल देखने को मिला। यह अवसर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण था, बल्कि समाज में भाईचारे और एकजुटता की भावना को भी प्रबल करने वाला रहा।
अलविदा की नमाज़ में शामिल होने के लिए मुस्लिम समुदाय के लोग दिन के 12 बजे से ही मस्जिदों में पहुंचने लगे थे। नमाज-ए-जुमा अदा करने से पूर्व मस्जिदों में अलविदाई खुतबा दिया गया। भीखनपुर जामा मस्जिद के इमाम, कारी नसीम अहमद अशरफी ने उपस्थित नमाजियों के बीच तकरीर की। इमाम ने कहा कि आज बरकतों का महीना हमसे विदा हो रहा है और रमज़ान की फ़ज़ीलत सभी महीनों से अधिक है। उन्होंने बताया कि रमज़ान का महीना केवल रोज़ा और इबादत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इंसानियत, भाईचारे और समाज में सहयोग की भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।
अलविदा की नमाज़ के दौरान मस्जिदों में नमाजियों ने दिल खोलकर दुआ की कि मुल्क में अमन, शांति और तरक्की बनी रहे। नमाज़ के पश्चात लोगों ने आपसी संवाद और भाईचारे को मजबूत करने के लिए एक-दूसरे को गले लगाया और खुशहाली की दुआ मांगी।
इस मौके पर विभिन्न आयु वर्ग के लोग शामिल हुए। बुजुर्गों ने अनुभव साझा किया, युवा और बच्चे रूहानी माहौल का हिस्सा बने। मस्जिदों की प्रार्थना के दौरान उपस्थित लोग एकजुट होकर समाज में शांति और सह-अस्तित्व की भावना को मजबूती प्रदान कर रहे थे।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के धार्मिक आयोजन न केवल समाज में भाईचारे और सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं, बल्कि लोगों में आध्यात्मिक और मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। अलविदा की नमाज़ ने भागलपुर में धार्मिक अनुशासन, अनुकरणीय व्यवहार और समाजिक मेल-जोल का संदेश भी दिया।
विक्रमशिला सेतु पर गहराया संकट: एक पिलर की सुरक्षा दीवार ध्वस्त, दो अन्य क्षतिग्रस्त; प्रशासन में मचा हड़कंप
Bhagalpur News: बिहार की लाइफलाइन और गंगा नदी पर बने प्रसिद्ध विक्रमशिला सेतु को लेकर एक बेहद चिंताजनक खबर सामने आ रही है। पुल के पिलर संख्या 16 से 20 के बीच स्थित तीन पिलरों की सुरक्षा दीवार (प्रोटेक्शन वॉल) को भारी नुकसान पहुँचा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि एक पिलर की दीवार पूरी तरह ढह चुकी है, जबकि दूसरे का हिस्सा टूटकर हवा में लटक रहा है।
मुख्य पिलर के ढांचे को पहुँच सकता है गंभीर नुकसान
विशेषज्ञों और इंजीनियरों का मानना है कि टूटकर लटक रही प्रोटेक्शन वॉल के भारी हिस्से अगर बार-बार मुख्य पिलर से टकराएंगे, तो इससे पुल के मुख्य ढांचे (Main Structure) को स्थायी नुकसान पहुँच सकता है। पानी के तेज बहाव, बड़े जहाजों या भारी नावों के सीधे टकराव से पिलर में कंपन (Vibration) या दरार (Crack) आने का खतरा बढ़ गया है।
क्यों जरूरी है पिलर की प्रोटेक्शन वॉल?
प्रोटेक्शन वॉल, जिसे तकनीकी भाषा में ‘फॉल्स वॉल’ भी कहा जाता है, पिलर की नींव (Well Foundation) के लिए एक ढाल की तरह काम करती है। इसके मुख्य कार्य निम्नलिखित हैं:
- मिट्टी का कटाव रोकना: यह दीवार पिलर के नीचे की मिट्टी और बालू को पानी के झोंकों से खिसकने से रोकती है।
- पानी के करंट को मोड़ना: बरसात और बाढ़ के समय यह पानी की तेज धार को पिलर से दूर डाइवर्ट करती है।
- वजन और संतुलन: एक प्रोटेक्शन वॉल का वजन लगभग 1000 किलोग्राम (25 मन) होता है। इसके टूटने से पिलर के संतुलन और सुरक्षा घेरे पर असर पड़ता है।
प्रशासनिक कार्रवाई और आधिकारिक रिपोर्ट
मामला उजागर होने के बाद NH विभाग (नेशनल हाईवे) के अधिकारियों की टीम ने स्टीमर की सहायता से क्षतिग्रस्त पिलरों का जायजा लिया है। कार्यपालक अभियंता साकेत कुमार रोशन ने पुष्टि की है कि:
- पिलर संख्या 16 से 20 के बीच नुकसान की रिपोर्ट तैयार की गई है।
- इस संबंध में एक विस्तृत रिपोर्ट मुख्यालय को भेज दी गई है ताकि जल्द मरम्मत शुरू हो सके।
- जरूरत पड़ने पर पुल पर भारी वाहनों (Heavy Vehicles) के परिचालन पर रोक लगाने पर भी विचार किया जा रहा है ताकि किसी भी अनहोनी को टाला जा सके।
क्या पुल के गिरने का खतरा है?
इंजीनियरों के अनुसार, विक्रमशिला सेतु के पिलर गंगा नदी में लगभग 60 मीटर नीचे तक धंसे हुए हैं। इस कारण फिलहाल पुल के गिरने का तत्काल खतरा कम है। हालांकि, विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रोटेक्शन वॉल को तुरंत दुरुस्त नहीं किया गया, तो बाढ़ के समय पानी अंदर घुसने से मिट्टी खिसक सकती है, जिससे भविष्य में पुल की नींव कमजोर हो जाएगी।
समय रहते कदम उठाना अनिवार्य
विक्रमशिला सेतु भागलपुर को सीमांचल और कोसी क्षेत्र से जोड़ने वाला एकमात्र प्रमुख मार्ग है। रोजाना हजारों की संख्या में छोटे-बड़े वाहन इस पर निर्भर हैं। स्थानीय निवासियों और यात्रियों की मांग है कि सरकार और विभाग इस मामले को गंभीरता से लें और युद्ध स्तर पर मरम्मत कार्य शुरू करें, अन्यथा यह पूरे अंग क्षेत्र के लिए एक बड़े परिवहन संकट का कारण बन सकता है।
पूर्णिया में मेला दिखाने के बहाने गैंगरेप और हत्या, मुख्य आरोपी गिरफ्तार, शव बरामद
Purnia News: पूर्णिया जिले के डगरूआ थाना क्षेत्र अंतर्गत विश्वासपुर के पास NH-31 किनारे नमस्कार होटल के पीछे 18 वर्षीय युवती का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका चतरा गांव, पंचायत रामपुर, वार्ड संख्या 4 की निवासी बताई जा रही है। परिजनों के अनुसार, युवती 11 मार्च की रात करीब 11:30 बजे घर से निकली थी और उसके बाद लापता हो गई थी।
परिवार का आरोप है कि गांव के ही कुछ युवकों ने उसे प्रेम जाल में फंसाकर बुलाया और सामूहिक दुष्कर्म के बाद उसकी हत्या कर दी। पहले ही युवती की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि पुलिस ने समय पर ठोस कार्रवाई नहीं की, जिससे यह दर्दनाक घटना घटित हो गई।
पुलिस जांच के दौरान मोबाइल चैट और व्हाट्सऐप के जरिए अहम सुराग मिले। तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पुलिस ने आरोपी सचिन (लगभग 20 वर्ष) को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह पिछले चार महीनों से युवती के संपर्क में था। घटना वाली रात उसने युवती को अपने दोस्तों के साथ मेला दिखाने के बहाने बुलाया।
जैसा कि आरोपी ने बताया, मेला दिखाने के बहाने युवती को एक दुकान में ले जाया गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया गया। उसके बाद अन्य दोस्तों ने भी दबाव बनाया। जब युवती विरोध करने लगी, तो झड़प हुई और उसे मौत के घाट उतार दिया गया। घटना के बाद सबूत मिटाने के लिए शव को खेत में छिपा दिया गया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर लिया। एफएसएल टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और सबूत जुटाए।
घटना की खबर फैलते ही ग्रामीणों में आक्रोश भड़क गया। उन्होंने करीब 4-5 घंटे तक NH-31 जाम कर सड़क पर प्रदर्शन किया। बाद में प्रशासन और पुलिस के समझाने-बुझाने पर जाम समाप्त कराया गया।
शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज, पूर्णिया भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। परिजन दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं और न्याय की उम्मीद कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की गंभीर परीक्षा हैं। ग्रामीणों और प्रशासन के सहयोग से ही ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव है।
भागलपुर में भीषण ट्रैफिक जाम, एंबुलेंस और स्कूल बसें फंसीं, लोगों का गुस्सा फूटा
Bhagalpur News: भागलपुर स्मार्ट सिटी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या ने गंभीर रूप ले लिया है। शुक्रवार को तातारपुर रोड पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई, जिससे लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जब्बारचक चौक से तातारपुर चौक तक करीब एक घंटे तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं और सड़क पर गाड़ियां रेंगने को मजबूर दिखीं।
हालात इतने गंभीर थे कि एंबुलेंस और स्कूल बसें भी जाम में फंस गईं। इससे मरीजों के इलाज में देरी हुई और बच्चों को स्कूल पहुँचने में मुश्किलें आईं। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने खुद ही यातायात को संभालने की कोशिश की, लेकिन जाम इतना बड़ा था कि स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई।
स्थानीय लोगों ने इस मामले में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि शहर में लगाए गए कैमरे सिर्फ चालान काटने तक सीमित हैं, जबकि जाम जैसी गंभीर समस्या को हल करने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जा रहा है। “हम रोज़ाना इस समस्या से जूझ रहे हैं, लेकिन प्रशासन सिर्फ रूटीन जांच और चालान तक सीमित रह जाता है,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।
दोपहर करीब एक बजे जाम की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन हरकत में आया। तातारपुर थाना और ट्रैफिक पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद यातायात को सामान्य किया। पुलिस ने बताया कि आने वाले समय में ऐसे ट्रैफिक जाम को रोकने के लिए रोड पर और चौक-चौराहों पर अधिक निगरानी और ट्रैफिक कंट्रोल के इंतजाम किए जाएंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि भागलपुर जैसे तेजी से विकसित हो रहे शहरों में ट्रैफिक जाम जैसी समस्या सामान्य है, लेकिन इसका समाधान स्मार्ट और व्यवस्थित ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़क चौड़ीकरण और डिजिटल निगरानी के बेहतर उपयोग से ही किया जा सकता है।
मालदा मंडल आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई: ₹1 करोड़ मूल्य की चोरी की संपत्ति बरामद
Malda Division: पूर्व रेलवे के Malda Division RPF ने यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में एक बार फिर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मालदा मंडल की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने हाल ही में एक त्वरित अभियान चलाकर दो संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार किया और बड़ी मात्रा में चोरी की संदिग्ध संपत्ति बरामद की। बरामद सामान में सोने और चांदी के आभूषणों के साथ नकदी भी शामिल है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग ₹1 करोड़ बताई जा रही है।
यह अभियान मालदा मंडल के मंडल रेल प्रबंधक, श्री मनीष कुमार गुप्ता के मार्गदर्शन में ऑपरेशन यात्री सुरक्षा और ऑपरेशन अमानत के तहत संचालित किया गया। श्री आशिम कुमार कुल्लू, मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ, मालदा के पर्यवेक्षण में आरपीएफ, जीआरपी और सीआईबी की संयुक्त टीम ने भागलपुर स्टेशन पर समन्वित अभियान चलाया।
19 मार्च 2026 को प्राप्त खुफिया सूचना के आधार पर ट्रेन संख्या 13071 हावड़ा–जमालपुर सुपरफास्ट एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म संख्या 04 पर पहुंची। आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने कोच संख्या S-07 में सघन जांच की। जांच के दौरान दो संदिग्ध व्यक्तियों को पकड़ा गया।
व्यक्तिगत तलाशी और आगे की जांच में एक व्यक्ति से कटर ब्लेड, सोने जैसा लॉकेट और मोबाइल फोन बरामद हुआ, जबकि दूसरे व्यक्ति से सोने जैसा लॉकेट मिला। इसके बाद एक संदिग्ध स्थान पर तलाशी अभियान चलाया गया, जहां बड़ी मात्रा में संदिग्ध चोरी की संपत्ति बरामद हुई।
बरामद सामान में शामिल थे:
सोने के आभूषण: कंगन, चेन, लॉकेट, मंगलसूत्र, झुमके, नथ, अंगूठियां
चांदी के आभूषण: पायल, चेन, कंगन, सिक्के, अंगूठियां
एक पीतल का कंगन और विदेशी एवं भारतीय मुद्रा
सभी गिरफ्तार व्यक्तियों और बरामद सामग्री को आगे की आवश्यक कार्रवाई हेतु संबंधित अधिकारियों को सुपुर्द कर दिया गया है। अन्य संदिग्धों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच जारी है।











