Bhagalpur News: भागलपुर के लोदीपुर थाने में औचक निरीक्षण के दौरान पाई गई गंभीर कमियों और काम में लापरवाही को लेकर वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) प्रमोद कुमार यादव ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी ने लोदीपुर थानाध्यक्ष (SHO) समेत थाने के सभी पुलिस अधिकारियों के वेतन पर रोक (वेतन धारित) लगा दी है और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का कड़ा आदेश जारी किया है।
निरीक्षण के दौरान खुली कार्यशैली की पोल
गुरुवार को वरीय पुलिस अधीक्षक, भागलपुर द्वारा लोदीपुर थाना का गहन निरीक्षण किया गया। इस दौरान एसएसपी ने थाना परिसर की साफ-सफाई, मालखाना, हाजत, शस्त्रागार, महिला हेल्प डेस्क, सीसीटीवी व्यवस्था के साथ-साथ थाने में रखे जाने वाले विभिन्न रिकॉर्ड्स (पंजियों एवं अभिलेखों) का बारीकी से जायजा लिया।
इसके अलावा, थाने में पेंडिंग मामलों (लंबित कांडों) की स्थिति, केस इन्वेस्टिगेशन की रफ्तार, वारंट एवं कुर्की-जब्ती के मामलों तथा इलाके के दागी/संदिग्ध व्यक्तियों के भौतिक सत्यापन कार्यों की भी समीक्षा की गई।
किन-किन मामलों में पाई गई लापरवाही?
समीक्षा के दौरान कई गंभीर खामियां और कार्य में शिथिलता सामने आईं:
- थाने के जरूरी अभिलेखों और पंजियों (Registers) के रखरखाव में भारी लापरवाही पाई गई।
- क्षेत्र के दागी और आपराधिक किस्म के व्यक्तियों के सत्यापन कार्य में निर्धारित नियमों का पालन नहीं किया गया।
- कई महत्वपूर्ण कांडों के अनुसंधान (Investigation) में ढिलाई और तय प्रक्रिया के उल्लंघन की बात सामने आई।
SSP का सख्त आदेश और दिशा-निर्देश
लापरवाही को अत्यंत गंभीरता से लेते हुए एसएसपी भागलपुर ने तत्काल प्रभाव से लोदीपुर थानाध्यक्ष सहित सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों का वेतन रोकने का आदेश दिया और सभी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया।
निरीक्षण के अंत में एसएसपी ने स्पष्ट चेतावनी दी कि थाने का हर कार्य और रिकॉर्ड निर्धारित नियमावली के तहत ही अपडेट होना चाहिए। उन्होंने निम्नलिखित कड़े निर्देश जारी किए:
- अनुसंधान (Investigation) के कार्यों में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- दागी और संदिग्ध लोगों का सत्यापन नियमित और असरदार तरीके से किया जाए।
- पेंडिंग केसों का तुरंत निपटारा किया जाए और फरार व वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी तेज हो।
- क्षेत्र में रात्रि गश्ती (Night Patrolling) और वाहन जांच अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जाए।
भागलपुर पुलिस प्रशासन का यह एक्शन स्पष्ट संदेश देता है कि जनता की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।


