1 नवंबर को दोपहर 1:30 बजे से शुरू होगी कला और संस्कृति की अनूठी प्रदर्शनी, स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियों की होगी बिक्री; मंजूषा कला को मिलेगा नया बाजार और कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच।
Bhagalpur News: अंग प्रदेश की गौरवशाली सांस्कृतिक विरासत और प्राचीन लोकचित्रकला मंजूषा कला को नई पहचान दिलाने की दिशा में भागलपुर में एक और महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। दीपावली और छठ महापर्व के उत्सवी माहौल के बीच रविवार, 1 नवंबर को भागलपुर संग्रहालय परिसर में छठी ‘मंजूषा हटिया’ का आयोजन किया जाएगा। इस बार हटिया में दीपावली और छठ महापर्व से जुड़ी विशेष लोककलाकृतियां लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार की गई विभिन्न कलाकृतियों की प्रदर्शनी के साथ उनकी बिक्री भी की जाएगी।
कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, जिला प्रशासन भागलपुर और भागलपुर संग्रहालय के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अंग प्रदेश की पारंपरिक मंजूषा कला का संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार करना है। कार्यक्रम दोपहर 1:30 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। इसमें शहरवासी, कला प्रेमी और पर्यटक स्थानीय कलाकारों की रचनात्मकता को करीब से देख सकेंगे और सीधे कलाकारों से उनकी कलाकृतियां खरीद भी सकेंगे।
दीपावली और छठ की झलक मंजूषा चित्रों में
इस बार की मंजूषा हटिया का सबसे खास आकर्षण दीपावली और छठ महापर्व से प्रेरित कलाकृतियां होंगी। कलाकारों ने इन दोनों प्रमुख त्योहारों की सांस्कृतिक परंपराओं, लोक आस्था और उत्सवी वातावरण को मंजूषा चित्रशैली के माध्यम से अपनी कलाकृतियों में उकेरा है। इन चित्रों में अंग क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ भारतीय पर्व-त्योहारों की परंपराओं की झलक देखने को मिलेगी।
प्रदर्शनी में पारंपरिक मंजूषा चित्रों के अलावा आधुनिक सोच और नए प्रयोगों से तैयार कलात्मक उत्पाद भी प्रदर्शित किए जाएंगे। इससे कला प्रेमियों को मंजूषा कला के पारंपरिक स्वरूप के साथ उसके नए और आकर्षक रूपों को भी देखने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय कलाकारों को मिलेगा सीधे बाजार से जुड़ने का मौका
मंजूषा हटिया केवल कला प्रदर्शनी और बिक्री का आयोजन नहीं है, बल्कि स्थानीय कलाकारों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से कलाकारों को अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित करने, ग्राहकों से सीधे जुड़ने और अपने उत्पादों के लिए बाजार तलाशने का अवसर मिल रहा है।
प्रत्येक महीने के प्रथम रविवार को आयोजित होने वाली इस हटिया ने स्थानीय कलाकारों के लिए एक नियमित मंच तैयार किया है। इससे पारंपरिक कला को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ-साथ कलाकारों की रचनात्मक प्रतिभा को भी प्रोत्साहन मिल रहा है।
अर्पणा किशोर और प्रियंबदा प्रियदर्शिनी संभाल रहीं आयोजन की जिम्मेदारी
इस कार्यक्रम की संयोजक युवा मंजूषा कलाकार अर्पणा किशोर और वरिष्ठ कलाकार प्रियंबदा प्रियदर्शिनी हैं। दोनों कलाकार स्थानीय कलाकारों की भागीदारी सुनिश्चित करने और प्रदर्शनी को व्यवस्थित एवं आकर्षक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
आयोजन का व्यापक उद्देश्य मंजूषा कला को केवल पारंपरिक चित्रकला तक सीमित नहीं रखना, बल्कि इसे लोगों के दैनिक जीवन से जोड़ना भी है। इसके जरिए नई पीढ़ी को अंग प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से परिचित कराने और पारंपरिक कलाकारों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर तैयार करने का प्रयास किया जा रहा है।
जिला प्रशासन ने शहरवासियों से की भागीदारी की अपील
जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी भागलपुर अंकित रंजन ने कला प्रेमियों, शहरवासियों और आम नागरिकों से मंजूषा हटिया में शामिल होने की अपील की है। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि वे स्थानीय कलाकारों की कलाकृतियों को देखें, उनसे सीधे खरीदारी करें और अंग प्रदेश की इस गौरवशाली लोककला के संरक्षण एवं संवर्धन में अपनी भागीदारी निभाएं।
जिला प्रशासन की यह पहल स्थानीय कलाकारों को पहचान दिलाने के साथ-साथ भागलपुर की सांस्कृतिक विरासत को व्यापक मंच प्रदान करने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
कब और कहां लगेगी मंजूषा हटिया?
- दिनांक: 1 नवंबर 2026, रविवार
- समय: दोपहर 1:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक
- स्थान: भागलपुर संग्रहालय परिसर, भागलपुर
- आयोजन: कला एवं संस्कृति विभाग, बिहार सरकार, जिला प्रशासन भागलपुर एवं भागलपुर संग्रहालय
अब भागलपुरवासियों के पास अपनी स्थानीय लोककला को करीब से देखने, कलाकारों की मेहनत को सराहने और अंग संस्कृति की विरासत को आगे बढ़ाने का एक अच्छा अवसर है। आइए, मंजूषा हटिया में पहुंचकर स्थानीय कलाकारों का उत्साह बढ़ाएं।
रिपोर्ट: SILK TV, भागलपुर


