Bhagalpur News: 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के पावन अवसर पर रविवार को रेशम नगरी भागलपुर के ऐतिहासिक सैंडिस कंपाउंड स्थित इंडोर स्टेडियम में एक भव्य और गौरवमयी योग कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस ऐतिहासिक आयोजन में प्रशासनिक अधिकारियों से लेकर आम नागरिकों तक, हर वर्ग में योग को लेकर एक अभूतपूर्व उत्साह और ऊर्जा देखने को मिली।
मुख्य आकर्षण एवं प्रशासनिक उपस्थिति
कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस गौरवशाली क्षण में जिले के तमाम वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी योग की महत्ता को रेखांकित करने के लिए मंच पर और जनमानस के बीच मौजूद रहे।
उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
- किसलय कुशवाहा (नगर आयुक्त)
- दिनेश राम (अपर समाहर्ता)
- राकेश रंजन (अपर समाहर्ता, विधि-व्यवस्था)
- मोनू कुमार (जिला योजना पदाधिकारी)
- देवेंद्र कुमार (कोषागार पदाधिकारी) साथ ही जिले के अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक, पुलिस अधिकारी, शिक्षाविद, सामाजिक कार्यकर्ता और भारी संख्या में आम नागरिकों ने एक साथ मिलकर योगाभ्यास किया।
‘योग भारत की वैश्विक देन’: जिलाधिकारी का संबोधन
उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने योग के महत्व पर विशेष प्रकाश डाला। उन्होंने गर्व व्यक्त करते हुए कहा:
”योग का विकास, अनुसंधान और इसकी समृद्ध परंपरा पूरी तरह से भारत की देन है। आज वैश्विक स्तर पर पूरी दुनिया भारतीय योग पद्धति के लोहा को मान रही है और इसे अपनी जीवनशैली का हिस्सा बना रही है।”
सफलता के लिए मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य अनिवार्य
डीएम महोदय ने स्पष्ट किया कि योग को केवल एक शारीरिक व्यायाम के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि:
- यह शरीर के साथ-साथ मन को भी स्वस्थ और संतुलित रखता है।
- जब मन और शरीर दोनों का तालमेल सही होता है, तभी व्यक्ति अपने कार्यक्षेत्र (चाहे वह व्यवसाय हो, सरकारी नौकरी हो या सामाजिक दायित्व) में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कर सकता है।
जिलाधिकारी ने साझा किया अपना ‘फिटनेस सीक्रेट’
अपने संबोधन के दौरान जिलाधिकारी ने एक प्रेरक दृष्टिकोण साझा करते हुए अपने व्यक्तिगत जीवन का अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि उनके दिनभर की अद्भुत ऊर्जा और कार्यक्षमता (Productivity) का सबसे बड़ा राज नियमित योगाभ्यास ही है। उन्होंने वहां मौजूद हर नागरिक से अपील की कि वे योग को केवल एक दिन का उत्सव न बनाकर अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाएं और प्रतिदिन योग करने का संकल्प लें।
खेल बनाम योग: क्यों है योग सबसे खास?
खेलकूद और योग की तुलना करते हुए उन्होंने एक बेहद महत्वपूर्ण वैज्ञानिक पहलू समझाया:
- खेलकूद: शरीर के कुछ विशेष अंगों या मांसपेशियों को ही सक्रिय कर पाते हैं।
- योग: संपूर्ण शरीर को सक्रिय करता है और हमारे आंतरिक अंगों (Internal Organs) को दीर्घायु और स्वस्थ रखने में अद्वितीय भूमिका निभाता है। यह व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक तीनों स्तरों पर सशक्त बनाता है।
विशेषज्ञों की देखरेख में हुआ योगाभ्यास
सैंडिस कंपाउंड का इंडोर स्टेडियम आज सुबह पूरी तरह योगमय नजर आया। कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षित और अनुभवी योग शिक्षकों के मार्गदर्शन में उपस्थित लोगों ने विभिन्न योगासनों, ध्यान और प्राणायाम (जैसे अनुलोम-विलोम, कपालभाति) का अभ्यास किया। योग सत्र के अंत में सभी प्रतिभागियों ने देश और समाज के कल्याण के साथ-साथ खुद को निरोग रखने के लिए प्रतिदिन योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का दृढ़ संकल्प लिया।


