बाढ़ का पानी, जर्जर भवन और चोरी की घटनाओं से आक्रोशित कार्यकर्ताओं की कुलपति से तीखी नोकझोंक; समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी।
Bhagalpur News: तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय (TMBU) में छात्रावासों की दयनीय स्थिति और छात्र समस्याओं की अनदेखी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा है। विभिन्न मांगों को लेकर देर शाम बड़ी संख्या में एबीवीपी कार्यकर्ता सीधे कुलपति आवास पहुंच गए और कुलपति के सामने अपनी समस्याओं और आक्रोश को रखा।
25 दिनों से बाढ़ के पानी में घिरे हॉस्टल, कमरों तक पहुंचा पानी
कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि परिसर स्थित छात्रावासों की हालत अत्यंत जर्जर हो चुकी है। हॉस्टलों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम न होने के कारण आए दिन चोरी की वारदातें हो रही हैं।
इसके अलावा, पिछले करीब 25 दिनों से छात्रावास बाढ़ के पानी से घिरे हुए हैं। स्थिति यह हो गई कि पीजी (PG) महिला छात्रावास में बाढ़ का पानी छात्राओं के कमरों तक प्रवेश कर गया, जिससे उन्हें भारी कठिनाइयों और असुरक्षा का सामना करना पड़ा।
“ज्ञापन देने के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई, मुलाकात का नहीं मिलता समय”
एबीवीपी नेताओं का आरोप है कि हॉस्टलों की इन विकट समस्याओं को लेकर कुलपति को कई बार स्मार-पत्र और ज्ञापन सौंपा गया, लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। कार्यकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि जब भी छात्र प्रतिनिधि अपनी समस्याओं को लेकर कुलपति से मिलने विश्वविद्यालय जाते हैं, तो उन्हें मिलने का समय तक नहीं दिया जाता है।
कुलपति आवास में घुसने से रोका गया, काफी मशक्कत के बाद पहुंचे अंदर
देर शाम कार्यकर्ताओं को सूचना मिली कि कुलपति अपने आवास पर विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों व कर्मियों के साथ बैठक कर रहे हैं। इसके बाद कार्यकर्ता गोलबंद होकर सीधे कुलपति आवास पहुंचे।
आरोप है कि शुरुआत में कार्यकर्ताओं को आवास के अंदर प्रवेश करने से रोकने का प्रयास किया गया, जिससे वहां काफी देर तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। भारी मशक्कत और विरोध-प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ता आवास के अंदर दाखिल हो सके और कुलपति के समक्ष अपनी मांगें रखीं।
5 दिन का अल्टीमेटम, पुलिस भी मौके पर पहुंची
एबीवीपी ने विश्वविद्यालय प्रशासन को 5 दिनों का अल्टीमेटम देते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तय समय-सीमा के भीतर छात्रावासों की समस्याओं और जलजमाव का स्थायी समाधान नहीं किया गया, तो संगठन पूरे विश्वविद्यालय में उग्र और चरणबद्ध आंदोलन करने को बाध्य होगा।
इधर, कुलपति आवास पर कार्यकर्ताओं के अचानक हंगामा करने की सूचना मिलते ही विश्वविद्यालय थाना की पुलिस भी स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पहुंची।


