Bhagalpur News: गंगा नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर ने भागलपुर के दियारा इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। निचले इलाकों में बाढ़ का पानी तेजी से फैलने के कारण शंकरपुर और दिलदारपुर दियारा समेत कई गांवों में जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। कई जगहों पर शहर से संपर्क टूट गया है, जिससे ग्रामीणों के सामने आवागमन के साथ-साथ भोजन और जरूरी सामान की भी समस्या खड़ी हो गई है।
बाढ़ का पानी घरों में प्रवेश करने के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार अपना घर छोड़कर ऊंचे और सुरक्षित स्थानों की ओर पलायन करने को मजबूर हैं। लोग अपने साथ बच्चों, बुजुर्गों और जरूरी सामान को लेकर सुरक्षित जगहों पर शरण ले रहे हैं। कई परिवार प्लास्टिक और तिरपाल के सहारे खुले आसमान के नीचे किसी तरह दिन-रात गुजार रहे हैं।
भोजन और जलावन का संकट बढ़ा
बाढ़ ने प्रभावित परिवारों के सामने सबसे बड़ी चुनौती भोजन की खड़ी कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि सीमित संसाधनों में एक वक्त का खाना बनाकर उसी से दो वक्त गुजारा करना पड़ रहा है। वहीं, बाढ़ के पानी के कारण जलावन की भारी कमी हो गई है। कई परिवारों के पास खाना पकाने के लिए लकड़ी तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कुछ लोग सत्तू खाकर दिन गुजारने को मजबूर हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक बाढ़ के दौरान उनके घर और घरेलू सामान पानी में घिर जाते हैं। हर साल उन्हें अपना घर छोड़कर ऊंचे स्थानों पर जाना पड़ता है, लेकिन लंबे समय से चली आ रही इस समस्या का स्थायी समाधान अब तक नहीं हो सका है।
राहत की उम्मीद में बाढ़ पीड़ित
बाढ़ प्रभावित लोगों ने प्रशासन और सरकार से तत्काल राहत पहुंचाने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि प्रभावित इलाकों में पर्याप्त मात्रा में भोजन, पीने का पानी, जलावन, दवा और अन्य जरूरी राहत सामग्री उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, आवागमन बाधित होने वाले इलाकों में नाव की व्यवस्था बढ़ाने की भी जरूरत है, ताकि लोगों को जरूरी सामान और स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
गंगा के जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के बीच दियारा क्षेत्र के ग्रामीण अब प्रशासन की राहत व्यवस्था पर नजर टिकाए हुए हैं। लोगों को उम्मीद है कि बाढ़ की इस मुश्किल घड़ी में उन्हें जल्द राहत मिलेगी और उनके लिए सुरक्षित आश्रय तथा भोजन की पर्याप्त व्यवस्था की जाएगी।


