Bhagalpur News: भागलपुर और नवगछिया को जोड़ने वाले लाइफलाइन ‘विक्रमशिला सेतु’ को लेकर सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर चल रही कयासबाज़ियों पर जिला प्रशासन ने पूरी तरह विराम लगा दिया है। समाहरणालय, भागलपुर (जिला जन-सम्पर्क कार्यालय) द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 1777 के अनुसार, पुल पर छोटे और हल्के वाहनों का परिचालन पूरी तरह सुरक्षित है और यह निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
क्यों आई थी पुल पर संकट की स्थिति?
पथ निर्माण विभाग, बिहार के प्रबंध निदेशक से प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते 3 मई 2026 की मध्यरात्रि को विक्रमशिला सेतु के P2-P3 स्पैन (Span) के 34 मीटर लंबे सस्पेंडेड (Suspended) हिस्से में क्षति पहुंची थी। इसके बाद पुल पर बड़े वाहनों के आवागमन को लेकर सुरक्षात्मक कदम उठाए गए थे।
IIT पटना और BRO ने संभाली कमान, बनाए गए 4 बेली ब्रिज
पुल के क्षतिग्रस्त होने के तुरंत बाद विभागीय निर्देशों का पालन करते हुए IIT पटना की टीम से प्रारंभिक जांच कराई गई। आईआईटी पटना के जांच प्रतिवेदन के आधार पर सीमा सड़क संगठन (BRO) की टीम से तुरंत संपर्क किया गया। BRO ने तत्परता दिखाते हुए पुल के प्रभावित और संवेदनशील हिस्से (Distress Span) पर मजबूती देने के लिए 4 अदद बेली ब्रिज (Bailey Bridge) का निर्माण किया। ये बेली ब्रिज क्रमशः:
- V5-P1
- P1-P2
- P2-P3
- P3-P4 के ऊपर बनाए गए हैं, ताकि पुल का संतुलन और मजबूती बनी रहे।
गैप (Gap) बढ़ने की खबरों पर प्रशासन का बड़ा खुलासा: ‘स्थिति पहले जैसी यथावत’
आज (10 जून 2026) प्रिंट और डिजिटल मीडिया में यह खबरें तेजी से वायरल हो रही थीं कि पुल के एक्सपेंशन जॉइंट (Expansion Joint) के बीच का गैप बढ़ गया है, जिससे लोगों में डर का माहौल था। इस पर संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन और अभियंताओं (Engineers) की टीम ने त्वरित कार्रवाई की।
जांच के मुख्य बिंदु:
- हाई-टेक मॉनिटरिंग: पुल के ऊपर और नीचे से ड्रोन वीडियो और कैमरों के माध्यम से विस्तृत फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई।
- ऑन-स्पॉट मापी: स्थल पर मौजूद एक्सपर्ट अभियंताओं ने खुद जाकर एक्सपेंशन जॉइंट के गैप को मापा।
- क्या निकला नतीजा?: जांच में पाया गया कि भागलपुर की तरफ औसतन गैप 90-100mm और नवगछिया की तरफ औसतन गैप 40-50mm है। यह बिल्कुल वही माप है जो बेली ब्रिज निर्माण के दौरान विजुअल इंस्पेक्शन में पाई गई थी। यानी गैप में रत्ती भर की भी बढ़ोतरी नहीं हुई है, स्थिति पूरी तरह पहले की तरह यथावत और नियंत्रित है।
हल्के वाहनों के लिए ग्रीन सिग्नल, अफवाहों पर न दें ध्यान
संयुक्त निदेशक जनसंपर्क, भागलपुर ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए हल्के और छोटे वाहनों का परिचालन पूरी तरह सुचारू रखा जा सकता है। इसमें किसी भी प्रकार का कोई खतरा नहीं है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि वे पुल को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही किसी भी भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न दें। पुल विशेषज्ञों की निगरानी में पूरी तरह सुरक्षित है।


