Bhagalpur News: बिहार के भागलपुर जिले के सुल्तानगंज प्रखंड से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहाँ फोरलेन निर्माण के बाद अपने ही गाँव के लिए ‘पहुंच पथ’ (सड़क संपर्क) की मांग को लेकर ग्रामीणों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सुल्तानगंज प्रखंड के गनगनिया पंचायत स्थित घोरघट के खड़िया पिपरा मुख्य चौक पर ग्रामीणों ने एनएच-80 (NH-80) को पूरी तरह जाम कर दिया है और अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए हैं।
फोरलेन बनने से बढ़ी मुसीबत, गांव का संपर्क कटा
ग्रामीणों का साफ तौर पर कहना है कि जब से फोरलेन का निर्माण हुआ है, तब से खड़िया पिपरा गांव के लोगों के लिए मुख्य मार्ग तक आने-जाने का रास्ता बेहद मुश्किल हो गया है। गांव को जोड़ने वाली पहुंच पथ न होने के कारण रोजमर्रा के कामों, स्कूली बच्चों और आपातकालीन स्थितियों में मरीजों को ले जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
PM से लेकर CM तक गुहार, पर हाथ लगी सिर्फ निराशा
आक्रोशित ग्रामीणों ने बताया कि यह उनकी कोई नई मांग नहीं है। इससे पहले भी कई बार जिला प्रशासन से लेकर शासन तक गुहार लगाई जा चुकी है।
- ग्रामीणों के मुताबिक, वे मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, संबंधित मंत्रियों और स्थानीय विधायक को भी लिखित आवेदन सौंप चुके हैं।
- पूर्व में जिला प्रशासन की ओर से सिर्फ खोखले आश्वासन मिले, लेकिन धरातल पर कोई काम नहीं हुआ।
- प्रशासन की इसी वादाखिलाफ़ी से तंग आकर आखिरकार ग्रामीणों को सड़क पर उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।
“जब तक भागलपुर और मुंगेर के जिला पदाधिकारियों (DM) की ओर से लिखित आश्वासन नहीं मिल जाता, तब तक यह सड़क जाम और आंदोलन समाप्त नहीं होगा।”
— आंदोलनरत ग्रामीण
प्रशासनिक अमला मौके पर, समझाने की कोशिशें नाकाम
सड़क जाम और एनएच-80 पर वाहनों की लंबी कतारों की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए सुल्तानगंज के बीडीओ (BDO) संजीव कुमार और थानाध्यक्ष धनंजय कुमार भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने-बुझाने और जाम खुलवाने का काफी प्रयास किया, लेकिन ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े हुए हैं। खबर लिखे जाने तक गतिरोध बरकरार है और सड़क पर आवागमन ठप है।
मुखिया का बयान
“फोरलेन निर्माण के बाद से इस इलाके के ग्रामीणों का जीवन नरक बन गया है। पहुंच पथ (सड़क संपर्क) नहीं होने से हजारों की आबादी प्रभावित है। प्रशासन को तुरंत लिखित रूप में इसका समाधान देना होगा, वरना यह आंदोलन और उग्र होगा।”
— सुनील सिंह, मुखिया, ग्राम पंचायत करहरिया, भागलपुर


