Patna News: बिहार को कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर और आधुनिक बनाने के संकल्प के साथ आज पटना के सूचना भवन में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने विभाग की उपलब्धियों का लेखा-जोखा पेश करते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार किसानों को केवल ‘अन्नदाता’ नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था की ‘रीढ़’ मानती है।
मुख्य आकर्षण: कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव
प्रेस वार्ता के दौरान मंत्री जी और विभाग के वरीय अधिकारियों ने बिहार की कृषि व्यवस्था में आए बड़े बदलावों को रेखांकित किया:
* कृषि रोड मैप का जादू: उत्पादन और उत्पादकता में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
* डिजिटल सशक्तिकरण: DBT और पारदर्शी व्यवस्था के जरिए बिचौलियों का अंत।
* स्मार्ट खेती: जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक पद्धति पर जोर।
* उद्यमिता को उड़ान: मखाना प्रोसेसिंग और कृषि स्टार्टअप्स के लिए नई योजनाएं।
मंत्री का संकल्प: “खेती अब सम्मानजनक पेशा”
मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के मार्गदर्शन में “कृषि रोड मैप” ने छोटे और सीमांत किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाया है। उन्होंने घोषणा की कि विधानमंडल सत्र के बाद विभाग सीधे खेतों तक पहुँचेगा और ‘किसान-वैज्ञानिक-युवा’ संवाद के जरिए ज़मीनी स्तर पर नई रणनीति तैयार की जाएगी।
> “हमारा लक्ष्य बिहार के किसान को केवल खेती तक सीमित रखना नहीं, बल्कि उन्हें कृषि-उद्यमी (Agri-entrepreneur) बनाना है।” — राम कृपाल यादव, कृषि मंत्री
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विभागीय अधिकारियों ने साझा की भविष्य की योजनाएं
| अधिकारी | मुख्य घोषणा / पहल |
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| नर्मदेश्वर लाल (प्रधान सचिव) | ‘कृषि कर्मण पुरस्कार’ के जरिए मिली राष्ट्रीय पहचान और फसल विविधीकरण पर जोर। |
| सौरभ सुमन यादव (कृषि निदेशक) | धान, गेहूं, मक्का के बाद अब दलहन-तिलहन पर विशेष फोकस। उर्वरकों की कोई कमी नहीं। |
| अभिषेक कुमार (निदेशक उद्यान) | मखाना उत्पादन के लिए जल्द मिलेगी आधुनिक पॉपिंग मशीन; क्लस्टर खेती को बढ़ावा। |
| शैलेन्द्र कुमार (अपर सचिव) | बाज़ार प्रांगणों का आधुनिकीकरण और e-NAM पोर्टल से ऑनलाइन व्यापार की सुविधा। |
तकनीक और बाजार का संगम
कृषि विभाग अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर मूल्य संवर्धन (Value Addition) पर काम कर रहा है। कोल्ड चेन अवसंरचना और प्रोसेसिंग यूनिट्स के विकास से किसानों को उनकी उपज का सही दाम मिलेगा। साथ ही, e-NAM के माध्यम से बिहार का किसान अब घर बैठे देश की किसी भी मंडी में अपनी फसल बेच सकेगा।
प्रेस वार्ता का समापन इस विश्वास के साथ हुआ कि बिहार का कृषि क्षेत्र अब तकनीक, पारदर्शिता और नवाचार के साथ एक नए युग में प्रवेश कर चुका है। सरकार की प्राथमिकता स्पष्ट है—लागत में कमी और मुनाफे में बढ़ोतरी।
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