Patna News: पटना के प्रसिद्ध पैथोलॉजिस्ट डॉ. प्रभात रंजन ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिहार की प्रतिष्ठा एक नई ऊँचाई पर पहुंचा दी है। कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन (CMA) द्वारा प्रदान किए जाने वाले प्रतिष्ठित फेलोशिप अवार्ड से उन्हें सम्मानित किया गया है। यह सम्मान उन्हें हैदराबाद में आयोजित CMA के वार्षिक सम्मेलन में प्रदान किया गया, जिसका मुख्य विषय एआई आधारित आधुनिक चिकित्सा सेवाएँ और डिजिटल हेल्थकेयर का विस्तार था।
इस समारोह में भारत के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत द्वारा उन्हें सम्मानित किया गया। अवसर पर उपस्थित कॉमनवेल्थ मेडिकल एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. जे. ए. जयलाल ने सार्वजनिक रूप से बिहार में स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में डॉ. रंजन के काम को “असाधारण और प्रेरणादायक” बताते हुए विशेष रूप से सराहा।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि कोरोना महामारी के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किया गया योगदान, कैंसर जागरूकता अभियान, ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ती जांच सुविधाओं का विस्तार—ये सभी कार्य सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए उत्कृष्ट मिसाल हैं।
डॉ. प्रभात रंजन, डायग्नोस्टिक एंड रिसर्च सेंटर, पटना के निदेशक होने के साथ-साथ बिहार में आधुनिक प्रयोगशाला परीक्षण, कैंसर स्क्रीनिंग, ग्रामीण कैंप और डिजिटल रिपोर्टिंग सिस्टम की पहल करने वाले प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल हैं।
सम्मान मिलने के बाद अपनी प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. रंजन ने इसे “बिहार के स्वास्थ्य क्षेत्र, मरीजों और मेडिकल कर्मियों के नाम समर्पित” किया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य केवल रोगों का पता लगाना नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाना, आधुनिक सुविधाएँ पहुँचाना और स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक विश्वसनीय बनाना है।
उन्होंने बताया कि आने वाले समय में वह अत्याधुनिक डिजिटल पैथोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित जांच प्रणाली को बिहार में और तेजी से लागू करने की दिशा में कार्य करेंगे, जिससे ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों तक उन्नत स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँच सके।
इस अंतरराष्ट्रीय सम्मान ने न केवल बिहार के चिकित्सा क्षेत्र को नई पहचान दी है, बल्कि यह संदेश भी दिया है कि समर्पण और नवाचार के दम पर कोई भी राज्य स्वास्थ्य सेवाओं में अग्रणी बन सकता है।

