
भागलपुर: जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के पूर्व महानगर जिलाध्यक्ष सुड्डू साई ने नेपाल के मौजूदा हालात पर बड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जिस तरह सिक्किम राजशाही से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में शामिल होकर भारत का 22वाँ राज्य बना और आज शांति, स्थिरता तथा समृद्धि का उदाहरण पेश कर रहा है, ठीक उसी तरह नेपाल को भी अपने भविष्य के लिए गंभीरता से विकल्प तलाशना चाहिए।
सुड्डू साई ने कहा कि नेपाल लंबे समय से राजनीतिक अस्थिरता, सरकार बदलने की परंपरा और आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहा है। पड़ोसी देश भारत के साथ ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक रिश्ते प्राचीन काल से जुड़े रहे हैं। सीमा पर बसे लाखों लोग रोज़मर्रा के जीवन में भारत पर ही निर्भर हैं। ऐसे में नेपाल को भारत का 29वाँ राज्य बनने की दिशा में सोचना चाहिए। इससे न केवल नेपाल की जनता को स्थायी लोकतांत्रिक व्यवस्था और आर्थिक मजबूती मिलेगी, बल्कि भारत-नेपाल संबंध भी और अधिक सशक्त होंगे।
उन्होंने कहा कि भारत के अंतर्गत आने से नेपाल में रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत संरचनाओं का तेजी से विकास होगा। सिक्किम इसका जीता-जागता उदाहरण है, जहां आज पर्यटन, कृषि और शिक्षा क्षेत्र ने नई ऊँचाइयाँ हासिल की हैं।
सुड्डू साई का यह बयान क्षेत्र में राजनीतिक हलचल पैदा करने वाला माना जा रहा है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत सुझाव है, और इसका उद्देश्य नेपाली जनता को स्थिरता व विकास का वैकल्पिक रास्ता सुझाना है।
सुडु की इस टिप्पणी पर नेपाल और भारत दोनों में राजनीतिक बहस छिड़ने की संभावना है। अब देखना यह होगा कि पड़ोसी देश की जनता और वहाँ की राजनीतिक पार्टियाँ इस सुझाव पर कैसी प्रतिक्रिया देती हैं।




