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पीरपैंती के लकड़ाकोल में पुलिस और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प, कहलगांव डीएसपी समेत कई घायल

सिविल ड्रेस में पहुंची पुलिस पर ग्रामीणों ने अपराधी समझकर किया पथराव, मौके से पिस्टल और जिंदा कारतूस बरामद, तनावपूर्ण माहौल



भागलपुर, 26 जुलाई 2025: भागलपुर जिले के पीरपैंती थाना क्षेत्र अंतर्गत लकड़ाकोल गांव में बीती रात पुलिस और ग्रामीणों के बीच भीषण हिंसक झड़प हो गई। इस घटना में कहलगांव के डीएसपी समेत कई पुलिसकर्मी और ग्रामीण घायल हो गए हैं। सभी घायलों को इलाज के लिए मायागंज अस्पताल, भागलपुर में भर्ती कराया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रात करीब एक बजे तीन-चार थानों की पेट्रोलिंग टीम के साथ कहलगांव डीएसपी लकड़ाकोल पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पुलिस ने बिना चेतावनी अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी, जिसे ग्रामीणों ने बाहरी अपराधियों का हमला समझा और आत्मरक्षा में पथराव एवं लाठी-डंडों से जवाब दिया।

ग्रामीणों ने पुलिस की एक गाड़ी को घेर लिया, जबकि दो अन्य वाहन मौके से फरार हो गए। घेराव की गई गाड़ी से ग्रामीणों ने चार लोगों को पकड़ लिया, जिनमें एक पुलिसकर्मी सज्जाद, एक ड्राइवर और दो अन्य पुलिसकर्मी शामिल हैं।

घटना की सूचना मिलते ही शिवनारायणपुर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान पुलिस को घटनास्थल से गाड़ी के कागजात, एक पिस्टल, 56 खोखा और कुछ जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं।

एक ग्रामीण युवक ने बताया कि इस विवाद के पीछे विजय भगत नामक व्यक्ति से जुड़ा पुराना लेनदेन मामला भी हो सकता है। युवक का कहना है कि उसने विजय भगत को गाड़ी दी थी, जिसकी कीमत अब तक नहीं चुकाई गई। पंचायत में 30 लाख रुपये भुगतान की बात हुई थी, लेकिन वह अमल में नहीं आया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिसकर्मी सिविल ड्रेस में थे, जिससे ग्रामीणों को संदेह हुआ कि वे अपराधी हैं। घटना के बाद कुछ संदिग्ध चप्पल-जूते और पिस्टल छोड़कर मौके से फरार हो गए।

इस घटना में दोनों पक्षों को चोटें आई हैं और गांव में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि सिविल ड्रेस में आए पुलिसकर्मियों ने निर्दोष लोगों को भी पीटा।

अब सवाल यह उठ रहा है कि सरकार और पुलिस प्रशासन इस घटना पर क्या कदम उठाएंगे। क्या दोषियों पर कार्रवाई होगी या यह मामला भी लंबी जांच की भेंट चढ़ जाएगा?


सुभद्रा देवी, ग्रामीण:
“हमलोगों को लगा कि अपराधी हमला कर दिए हैं। पुलिस अगर वर्दी में रहती तो हम पहचान लेते। बिना बात के गोली चलाना गलत है।”

नीतीश कुमार, ग्रामीण:
“गांव में पहले से ही तनाव था। पुराना विवाद भी था। हम चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर कार्रवाई हो।”

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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