Patna News: बिहार में बिजली राजस्व संग्रहण को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को Bihar State Power Holding Company Limited के अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक एवं ऊर्जा सचिव Manoj Kumar Singh की अध्यक्षता में Vidyut Bhawan Patna में दोनों बिजली वितरण कंपनियों की महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में बिजली बिल की वसूली की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई और बकायेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में ऊर्जा सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि डिफॉल्टर उपभोक्ताओं की सूची नियमित रूप से अपडेट की जाए और बड़े बकायेदारों पर विशेष निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि राजस्व हानि को रोका जा सके।
बकायेदारों पर चलेगा विशेष अभियान
बैठक के दौरान अधिकारियों को राजस्व संग्रहण तेज करने के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया। साथ ही यह भी कहा गया कि जहां भी डबल कनेक्शन या अनियमितता के मामले सामने आएं, वहां तुरंत कार्रवाई की जाए। सरकार का लक्ष्य है कि बिजली विभाग को होने वाले राजस्व नुकसान को कम किया जाए और भुगतान व्यवस्था को मजबूत बनाया जाए।
वितरण कंपनियों को दिया गया लक्ष्य
बैठक में South Bihar Power Distribution Company Limited और North Bihar Power Distribution Company Limited को 31 मार्च तक 100-100 करोड़ रुपये का राजस्व संग्रहण करने का लक्ष्य दिया गया है। इसके लिए अधिकारियों को जमीनी स्तर पर निगरानी बढ़ाने और बकाया वसूली की प्रक्रिया को तेज करने का निर्देश दिया गया।
ऊर्जा सचिव ने कहा कि राजस्व संग्रहण में सुधार से बिजली व्यवस्था को और मजबूत बनाया जा सकेगा तथा उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। बैठक में राज्य की दोनों वितरण कंपनियों के कई वरीय अधिकारी भी उपस्थित रहे और राजस्व बढ़ाने के उपायों पर चर्चा की गई।


