Homeबिहारकृषि अनुसंधान किसानों की ज़रूरतों पर आधारित हो: डॉ. एम. एल. जाट

कृषि अनुसंधान किसानों की ज़रूरतों पर आधारित हो: डॉ. एम. एल. जाट

पटना: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक एवं कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव, डॉ. एम. एल. जाट ने आज आईसीएआर के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना का दौरा किया। इस अवसर पर उन्होंने संस्थान की अनुसंधान, शिक्षा और विस्तार गतिविधियों की समीक्षा करते हुए कृषि अनुसंधान को किसानों की ज़रूरतों के अनुरूप और परिणाम-उन्मुख बनाने पर जोर दिया।

दो महत्वपूर्ण सुविधाओं का उद्घाटन

डॉ. जाट ने परिसर में बहुपयोगी विक्रय केंद्र और जलवायु-अनुकूल कृषि अनुसंधान हेतु ओपन टॉप चैम्बर जैसी उन्नत संरचनाओं का उद्घाटन किया। इसके साथ ही उन्होंने अनुसंधान फार्म, प्रयोगशालाओं, पशुधन प्रक्षेत्र और मात्स्यिकी अनुसंधान इकाइयों का निरीक्षण किया और पूर्वी भारत की जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप कृषि मॉडल को विविध और सुदृढ़ बनाने के प्रयासों की सराहना की।

संस्थान के योगदान की सराहना

संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने स्वागत भाषण में संस्थान की 25 वर्षों की उपलब्धियों को साझा किया। डॉ. जाट ने इस उपलब्धि के लिए संस्थान को बधाई दी और कहा कि पूर्वी भारत, विशेषकर बिहार, कृषि के क्षेत्र में असीम संभावनाओं से भरा है, लेकिन यहां की चुनौतियों के समाधान के लिए अनुसंधान को किसानों की आवश्यकताओं के अनुरूप बनाना होगा।

उन्नत तकनीकों के उपयोग पर बल

उन्होंने धान-परती भूमि प्रणाली, प्राकृतिक खेती, जलवायु अनुकूल कृषि, एयर-सीडिंग में ड्रोन तकनीक, और रेनआउट शेल्टर जैसी संरचनाओं के सटीक उपयोग को अनुसंधान का केंद्र बिंदु बनाने पर बल दिया। इसके अलावा, उन्होंने “एक टीम – एक कार्य” की भावना से कार्य करने और “विकसित कृषि संकल्प अभियान” में संस्थान की भागीदारी की सराहना की।

किसान संवाद और नई पहलें

डॉ. जाट ने ‘धान की सीधी बुआई में खरपतवार प्रबंधन’ विषय पर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग ले रहे किसानों से संवाद किया और इस तकनीक के प्रसार की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संस्थान की प्रमुख गतिविधियों और उपलब्धियों पर आधारित पुस्तिका “प्रयास” का विमोचन भी किया गया, जो पूर्वी भारत के सात राज्यों के सीमांत किसानों के लिए किए गए कार्यों को दर्शाती है।
साथ ही, “कौशल से किसान समृद्धि” नामक एक नई पहल की भी शुरुआत की गई, जिसका उद्देश्य किसानों के कौशल विकास के माध्यम से उनकी आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ बनाना है।

महिला कृषकों के लिए विशेष समझौता

कार्यक्रम में आम की कलमकारी से संबंधित महिला-प्रधान कृषक उत्पादक संगठन के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए, जिससे महिला कृषकों के सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में विशिष्ट जनों की उपस्थिति

इस अवसर पर डॉ. अंजनी कुमार, निदेशक, अटारी पटना; डॉ. आर.के. जाट, वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक, बीआईएसए, समस्तीपुर सहित कई प्रतिष्ठित वैज्ञानिक और कृषि विशेषज्ञ उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, आईसीएआर गीत, और छात्रों द्वारा प्रस्तुत स्वागत-संगीत के साथ हुई।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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