Patna News: राज्य में अंचलाधिकारियों, राजस्व अधिकारियों और राजस्व कर्मचारियों की चल रही हड़ताल के बावजूद आम लोगों के राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित न हों, इसके लिए Revenue and Land Reforms Department Bihar ने व्यापक वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की है। उप मुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री Vijay Kumar Sinha ने गुरुवार को कहा कि सरकार की पहली प्राथमिकता है कि जनता को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और जमीन से जुड़े आवश्यक कार्य नियमित रूप से चलते रहें।
हड़ताल की स्थिति में भी विभागीय कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रशासनिक स्तर पर आवश्यक कदम उठाए गए हैं। इसके तहत राजस्व कर्मचारियों के कार्य पंचायत सचिवों को सौंपे गए हैं, जबकि अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी हड़ताल पर होने पर प्रखंड विकास पदाधिकारियों (बीडीओ) को जिम्मेदारी दी गई है। इसका उद्देश्य है कि आम नागरिकों को दाखिल-खारिज, परिमार्जन, ई-मापी और अन्य सेवाएं समय पर मिलती रहें।
बीडीओ और पंचायत सचिवों को मिली जिम्मेदारी
उपमुख्यमंत्री ने बताया कि दाखिल-खारिज, परिमार्जन और ई-मापी जैसे महत्वपूर्ण कार्यों के निष्पादन के लिए विशेष डिजिटल मॉड्यूल तैयार कर सभी जिलाधिकारियों को उपलब्ध कराया गया है। इसमें कार्य करने की पूरी प्रक्रिया वीडियो और लिखित निर्देशों के माध्यम से समझाई गई है। इससे नए दायित्व निभा रहे पंचायत सचिव और बीडीओ बिना किसी भ्रम के कार्य कर सकेंगे।
साथ ही, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता और अपर समाहर्ता (राजस्व) को विशेष निगरानी और सहायता देने का निर्देश दिया गया है, ताकि किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
हड़ताल के बीच राजस्व सेवाएं जारी रखने के निर्देश
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभाग की पूरी निगरानी राज्य स्तर से की जा रही है और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने जिलों में व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करें। बिहार सरकार पारदर्शी, जवाबदेह और जनोन्मुख राजस्व प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है। हड़ताल जैसी परिस्थितियों में भी आम नागरिकों के जमीन से जुड़े कार्य बिना रुकावट जारी रहेंगे और लोगों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।


