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बिहार कृषि विभाग को सीआईपीएस नवाचार पुरस्कार : ‘खेत से भाग्य तक’ पहल और डीबीटी प्लेटफॉर्म ने दिलाई राष्ट्रीय पहचान

पटना: बिहार के कृषि विभाग ने नवाचार और पारदर्शिता के क्षेत्र में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने आज श्रीनगर के पंडित भजन सोपोरी सभागार में आयोजित भव्य समारोह में बिहार कृषि विभाग को सार्वजनिक प्रणालियों में नवाचार केंद्र (CIPS) नवाचार पुरस्कार 2024 से सम्मानित किया। यह सम्मान दो प्रमुख श्रेणियों—“ग्रामीण विकास” और “आईटी”—में प्रदान किया गया।

“ग्रामीण विकास” श्रेणी में “खेत से भाग्य तक – मखाना के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को सशक्त बनाना” पहल को चुना गया, जबकि “आईटी” श्रेणी में विभाग द्वारा विकसित डीबीटी (प्रत्यक्ष लाभ अंतरण) ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को नवाचार पुरस्कार मिला। कृषि विभाग, बिहार के प्रधान सचिव श्री पंकज कुमार ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। इस अवसर पर निदेशक उद्यान श्री अभिषेक कुमार और संयुक्त निदेशक (शस्य) फसल एवं प्रक्षेत्र डॉ. राजेश कुमार भी मौजूद रहे।

माननीय उपराज्यपाल श्री मनोज सिन्हा ने बिहार कृषि विभाग की पहल की सराहना करते हुए कहा कि मखाना उत्पादन ने बिहार को वैश्विक पहचान दिलाई है और यह ग्रामीण समुदायों के सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने डीबीटी प्लेटफॉर्म की पारदर्शिता और सफलता को किसानों तक लाभ पहुँचाने की दिशा में आदर्श मॉडल बताया।

उप मुख्यमंत्री सह कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने इस उपलब्धि को राज्य की बड़ी सफलता बताते हुए कहा कि यह सम्मान बिहार के किसानों को सशक्त बनाने और कृषि क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

मखाना से ग्रामीण सशक्तिकरण

“खेत से भाग्य तक” पहल के अंतर्गत मखाना की खेती के वैज्ञानिक विस्तार, प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना और निर्यात संवर्धन पर विशेष जोर दिया गया। इस प्रयास से बिहार के किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। मखाना को सुपरफूड के रूप में वैश्विक पहचान दिलाने से ग्रामीण समुदायों को आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती मिली है।

डीबीटी प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता

बिहार कृषि विभाग ने सरकारी सब्सिडी के लिए पूरी तरह ऑनलाइन, आधार-आधारित पंजीकरण और आवेदन प्रणाली विकसित की है। अब तक 2 करोड़ से अधिक किसान इस प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं। लगभग 2.28 करोड़ आवेदनों के माध्यम से 4300 करोड़ रुपये से ज्यादा की सब्सिडी सीधे किसानों के खातों में हस्तांतरित की जा चुकी है। 97% से अधिक सफलता दर वाला यह प्लेटफॉर्म पारदर्शी, स्वचालित और समय-समय पर ऑडिटेड है।

बिहार का बढ़ता कदम

सीआईपीएस पुरस्कार यह साबित करता है कि बिहार कृषि एवं आईटी आधारित नवाचारों में देश का अग्रणी राज्य बन रहा है। यह उपलब्धि किसानों की आय दोगुनी करने और ग्रामीण विकास को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। बिहार का यह मॉडल अब अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा बनेगा। यह सम्मान न केवल बिहार के कृषि विभाग बल्कि पूरे राज्य के किसानों के लिए गर्व का क्षण है।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
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