Patna News: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज सुशासन की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित हॉल में भव्य ‘राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम’ का शुभारंभ किया. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने न केवल कार्यक्रम की शुरुआत की, बल्कि सचिवालय में नवनिर्मित अत्याधुनिक ‘आवेदन प्राप्ति केंद्र’ के शिलापट्ट का अनावरण किया और देशरत्न मार्ग से मुख्यमंत्री सचिवालय के आवेदन प्राप्ति केंद्र तक बने नए ‘सहयोग पथ’ का भी उद्घाटन किया.
समस्याओं के निष्पादन से जनता संतुष्ट हो, तभी सार्थक होगा ‘सहयोग’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह से जनसेवा के संकल्प के साथ काम कर रही है. उन्होंने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए कहा, “हर एक शिकायत का निष्पक्ष, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. सहयोग शिविरों का लक्ष्य तभी पूरा होगा जब दूर-दराज से आने वाली जनता अपने मामलों के निष्पादन से पूरी तरह संतुष्ट होकर लौटे.”
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक शिथिलता पर कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी कि जो भी अधिकारी या कर्मचारी जनता की समस्याओं को सुलझाने में सहयोग नहीं करेंगे या कार्य में लापरवाही बरतेंगे, उनके खिलाफ तत्काल और सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी.
पहले ही दिन 100 मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा
आज आयोजित हुए इस राज्य स्तरीय सहयोग शिविर में कुल 129 आवेदन दर्ज किए गए. इनमें से 100 आवेदक स्वयं उपस्थित हुए, जिनके मामलों का मौके पर ही त्वरित एवं पारदर्शी तरीके से निष्पादन कर दिया गया. अपनी जटिल समस्याओं का समाधान पाकर जहानाबाद के एन०के० सिंह, मुजफ्फरपुर के राजीव कुमार, बेगुसराय की प्रतिमा कुमारी, शेखपुरा के प्रिंस कुमार, सीवान की अनीता देवी और अररिया की आरती देवी सहित कई लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री के प्रति भावुक होकर आभार व्यक्त किया.
फ्री बिजली और सोलर योजना को लेकर सीएम के बड़े निर्देश
मुख्यमंत्री ने बिजली और पर्यावरण के क्षेत्र में चल रही महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री सोलर योजना’ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया. उन्होंने बताया कि इस योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ दिया जा रहा है. इसके साथ ही, यदि कोई उपभोक्ता 126 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन करता है, तो उसे उसका आर्थिक लाभ (कमाई) भी मिलेगा. सीएम ने आम जनता से अपील की कि वे अपनी छतों पर सोलर प्लेट लगाएं और सौर ऊर्जा का अधिक से अधिक उपयोग कर आत्मनिर्भर बनें.
पेंशन धारकों के लिए खुशखबरी: अगले माह की 10 तारीख तक खातों में आएगी राशि
पेंशन से जुड़े मामलों पर संवेदनशीलता दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि जिन पात्र लाभार्थियों को अभी तक पेंशन का लाभ नहीं मिल पाया है या जिनके आवेदन किसी वजह से लंबित हैं, उनका तुरंत निपटारा किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को समय-सीमा देते हुए कहा कि आगामी माह की 10 तारीख तक हर हाल में सभी लंबित पेंशन धारकों को राशि उपलब्ध करा दी जाए.
दस्तावेजों की कमी पर सीधे रिजेक्ट नहीं होंगे आवेदन
अक्सर देखा जाता है कि कागजात पूरे न होने पर अधिकारी आवेदनों को तुरंत खारिज कर देते हैं। इस पर रोक लगाते हुए मुख्यमंत्री ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाने की बात कही. उन्होंने कहा कि यदि किसी आवेदन में दस्तावेजों की कमी पाई जाती है, तो उसे सीधे अस्वीकृत (रिजेक्ट) न किया जाए. बल्कि संबंधित आवेदक को नोटिस देकर आवश्यक दस्तावेज जमा करने का उचित अवसर दिया जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति तकनीकी कारणों से सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे.
सड़क निर्माण में आएगी तेजी और 30 दिनों में समस्याओं का अंत
मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि बरसात का मौसम खत्म होते ही राज्य में नई सड़कों के निर्माण कार्य को पूरी तेजी से शुरू किया जाए. उन्होंने अधिकारियों को आम नागरिकों के साथ सम्मानजनक और संवेदनशील व्यवहार करने की हिदायत दी. सीएम ने स्पष्ट किया कि सहयोग शिविरों के माध्यम से लोगों की समस्याओं का 30 दिनों के भीतर समाधान मिलना चाहिए. अंचल (CO) और ब्लॉक (BDO) स्तर पर होने वाले निष्पादन की निगरानी खुद SDO, DCLR, जिलाधिकारी (DM) और प्रमंडलीय आयुक्त करेंगे, जबकि विभागों के सचिव भी लगातार इन निर्णयों की समीक्षा करेंगे.
वरिष्ठ मंत्रियों और शीर्ष अधिकारियों की रही गरिमामयी मौजूदगी
इस महत्वपूर्ण उद्घाटन कार्यक्रम में बिहार के उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव सहित संबंधित विभागों के कई मंत्रीगण उपस्थित रहे. प्रशासनिक मोर्चे पर मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार, और मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव लोकेश कुमार सिंह सहित कई आला अधिकारी मौजूद थे. साथ ही, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के जिला पदाधिकारी (DM) और वरिष्ठ अधिकारी भी इस कार्यक्रम से सीधे जुड़े रहे.


