Homeपॉलिटिक्सबिहार विधानसभा चुनाव 2025: भागलपुर में मीडिया को मिली सख्त हिदायतें, फेक...

बिहार विधानसभा चुनाव 2025: भागलपुर में मीडिया को मिली सख्त हिदायतें, फेक न्यूज़ और पेड न्यूज़ पर होगी कड़ी कार्रवाई

भागलपुर: आगामी बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 को लेकर भागलपुर जिला प्रशासन पूरी सतर्कता बरत रहा है। चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए मीडिया एवं एमसीएमसी कोषांग द्वारा सोमवार को प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया संस्थानों के लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए। इन दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य चुनावी माहौल में फेक न्यूज़, पेड न्यूज़ और भ्रामक प्रचार पर सख्ती से रोक लगाना है।

संयुक्त निदेशक जन संपर्क सह प्रभारी पदाधिकारी नागेंद्र कुमार गुप्ता ने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग के आदेशानुसार, किसी भी राजनीतिक दल या उम्मीदवार के पक्ष में आवश्यकता से अधिक कवरेज या प्रचार देना “पेड न्यूज़” की श्रेणी में आएगा। ऐसे मामलों में संबंधित मीडिया संस्थान को नोटिस जारी किया जाएगा, और यदि उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया तो डीएवीपी दर पर व्यय राशि उम्मीदवार या दल के खाते में जोड़ दी जाएगी।

🔹 फेक न्यूज़ पर शून्य सहिष्णुता

निर्वाचन आयोग ने फेक न्यूज़, डीप फेक कंटेंट और अफवाह फैलाने वाले मीडिया प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया है।
ईवीएम से छेड़छाड़, मतदान में धांधली, किसी वर्ग या समुदाय को मतदान से रोकने जैसी भ्रामक खबरें फैलाने पर संबंधित मीडिया एजेंसी और पत्रकार के खिलाफ आईटी एक्ट 2000 की धाराओं 67, 69, 79 समेत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई धाराओं — जैसे धारा 171, 175, 196, 197, 299, 302, 336(2), 340(2), 353 आदि के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

🔹 विज्ञापनों के लिए पूर्व स्वीकृति अनिवार्य

चुनाव प्रचार से जुड़े सभी इलेक्ट्रॉनिक विज्ञापन को प्रसारण से पहले राज्य स्तरीय या जिला स्तरीय एमसीएमसी समिति से प्रमाणित कराना अनिवार्य किया गया है।
प्रचार सामग्री के अनुमोदन के लिए आवेदन 96 घंटे पहले इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से जमा करना होगा।
इसी तरह, मतदान की तिथि या उसके एक दिन पूर्व किसी भी विज्ञापन को प्रकाशित करने से पहले एमसीएमसी समिति की अनुमति लेना जरूरी है।

🔹 निष्पक्ष कवरेज की अपील

मीडिया से अपील की गई है कि वे चुनाव कवरेज में संतुलन और निष्पक्षता बनाए रखें। धर्म, जाति, लिंग, वर्ग या समुदाय के आधार पर विद्वेष फैलाने वाली किसी भी रिपोर्टिंग पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 की प्रासंगिक धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाएगी।

प्रभारी पदाधिकारी ने कहा कि लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन निष्पक्षता ही उसकी सबसे बड़ी पहचान है। इसलिए चुनावी अवधि में सभी मीडिया संस्थान जिम्मेदारी और सत्यनिष्ठा के साथ समाचार प्रसारित करें।

विजय सिन्हा
विजय सिन्हाhttp://silktvnews.com
Hindi News, हिंदी न्यूज, Latest News in Hindi, Aaj ki Taaja Khabar पढ़ें SilkTVNews पर.
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular