Patna News: बिहार सरकार राज्य को टेक्नोलॉजी, नवाचार और न्यू एज इकोनॉमी का प्रमुख केंद्र बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रही है। इसी उद्देश्य से गठित तीन शीर्ष समितियों की दूसरी महत्वपूर्ण बैठक 11 मार्च 2026 को नई दिल्ली स्थित Bihar Bhawan में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता बिहार सरकार के मुख्य सचिव Pratyay Amrit ने की।
बैठक में राज्य में प्रौद्योगिकी आधारित विकास को गति देने, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करने और युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर सृजित करने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बिहार को पूर्वी भारत के एक बड़े टेक हब के रूप में विकसित करने के रोडमैप पर विचार किया गया।
टेक्नोलॉजी आधारित बड़े प्रोजेक्ट्स पर फोकस
बैठक में सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग, ग्लोबल कैपेसिटी सेंटर, मेगा टेक सिटी और फिन-टेक सिटी जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स की संभावनाओं पर गंभीरता से विचार किया गया। इन परियोजनाओं के माध्यम से बिहार को टेक्नोलॉजी और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में एक मजबूत पहचान दिलाने की योजना बनाई जा रही है।
इसके अलावा स्टार्टअप और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए राज्य की मौजूदा नीतियों की समीक्षा की गई और नए सुधारों की आवश्यकता पर भी चर्चा हुई, ताकि युवा उद्यमियों को बेहतर अवसर मिल सकें।
बिहार को ग्लोबल बैकएंड हब बनाने की तैयारी
बैठक में अगले पांच वर्षों के भीतर बिहार को ग्लोबल बैकएंड हब और ग्लोबल वर्कप्लेस के रूप में विकसित करने की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। इसके तहत विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, उद्योग जगत के साथ साझेदारी और निवेश को बढ़ावा देने के उपायों पर विस्तार से विचार किया गया।
मुख्य सचिव Pratyay Amrit ने कहा कि बिहार सरकार का लक्ष्य राज्य में निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करना है ताकि देश और विदेश के निवेशक यहां उद्योग स्थापित करने के लिए आगे आएं। उन्होंने कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में प्रतिभाशाली युवा, तेजी से विकसित होती आधारभूत संरचना और निवेश समर्थक नीतियां बिहार को निवेश के लिए आकर्षक गंतव्य बना रही हैं।
स्टार्टअप और न्यू एज इकोनॉमी को मिलेगा बढ़ावा
उद्योग विभाग के सचिव और Bihar Industrial Area Development Authority (BIADA) के प्रबंध निदेशक Kundan Kumar ने बताया कि राज्य सरकार बिहार को टेक्नोलॉजी कंपनियों, स्टार्टअप्स और सेवा क्षेत्र से जुड़े उद्योगों के लिए एक मजबूत केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
वहीं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के सचिव Abhay Kumar Singh ने राज्य सरकार के एआई मिशन से जुड़ी पहलों पर चर्चा करते हुए कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और उभरती डिजिटल तकनीकों के क्षेत्र में बिहार के पास व्यापक संभावनाएं हैं, जिनसे बड़े पैमाने पर रोजगार सृजित किए जा सकते हैं।
बड़े निवेश और यूनिकॉर्न स्टार्टअप पर जोर
बैठक में बड़े निवेश (लार्ज टिकट इन्वेस्टमेंट) को आकर्षित करने की आवश्यकता पर भी बल दिया गया। इसके साथ ही एआई, डीप टेक, फिनटेक, एग्रीटेक और हेल्थटेक जैसे क्षेत्रों में काम कर रहे स्टार्टअप्स को तेजी से विकसित कर यूनिकॉर्न बनाने की दिशा में सहयोग देने पर भी चर्चा हुई।
विशेषज्ञों और उद्योग जगत की भागीदारी
बैठक में वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव Anand Kishore, कृषि विभाग के प्रधान सचिव Narmdeshwar Lal, वित्त विभाग की सचिव Rachna Patil, उद्योग निदेशक Mukul Kumar Gupta समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विधायक Ruhail Ranjan और Abhishek Anand सहित विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भी बैठक में भाग लिया।
स्टार्टअप इकोसिस्टम से जुड़े कई प्रमुख उद्यमियों ने भी अपने विचार साझा किए, जिनमें Shashank Kumar (DeHaat), Shradha Sharma (YourStory), Arunabh Sinha (UClean), Gaurav Kumar (Yubi/Vivriti) और Azhar Iqubal (Inshorts) शामिल थे।
बैठक के दौरान सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार, उद्योग जगत, शिक्षण संस्थानों और स्टार्टअप इकोसिस्टम के बीच मजबूत समन्वय स्थापित कर बिहार को प्रौद्योगिकी, नवाचार और निवेश का एक प्रमुख केंद्र बनाया जा सकता है।


