
Bhagalpur: भागलपुर के टाउन हॉल से जमीन से जुड़े हजारों पीड़ितों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद में उमड़े जनसैलाब के बीच 2600 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए हैं। बिहार के उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने स्पष्ट किया है कि एक–एक आवेदन पर विधिसम्मत कार्रवाई होगी और इसकी पूरी जानकारी आवेदकों को सीधे उनके मोबाइल फोन पर दी जाएगी।
दरअसल राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार सरकार द्वारा आयोजित भूमि सुधार जनकल्याण संवाद कार्यक्रम ने भागलपुर में ऐतिहासिक भागीदारी दर्ज की। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित इस संवाद में जिलेभर से 2600 से अधिक लोगों ने जमीन से जुड़ी अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। उपमुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सभी आवेदनों पर पारदर्शी और विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने बताया कि जनसंवाद में प्रतीकात्मक रूप से अंचलवार पांच–पांच मामलों को मंच पर लाकर संबंधित अधिकारियों के सामने फरियादियों की समस्याएं सुनी गईं, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि शेष आवेदन नजरअंदाज होंगे। संवाद में प्राप्त सभी आवेदनों को जिलास्तर पर स्कैन कर कंप्यूटर सिस्टम में अपलोड किया जाएगा। प्रत्येक आवेदक को रजिस्ट्रेशन के दौरान दिए गए मोबाइल नंबर पर कार्रवाई की क्रमवार जानकारी भेजी जाएगी, ताकि लोगों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि 14 जनवरी के बाद सभी मामलों की दोबारा विस्तृत समीक्षा की जाएगी। उन्होंने फरियादियों से धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार का स्पष्ट लक्ष्य जनता की वास्तविक परेशानियों को दूर करना है। यही कारण है कि कड़ाके की ठंड के बावजूद राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की टीम पूरे राज्य में सक्रिय रूप से जनसंवाद कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रधान सचिव सीके अनिल और सचिव गोपाल मीणा के नेतृत्व में विभागीय टीमें जिले–जिले जाकर लोगों की समस्याएं सुन रही हैं और समाधान की दिशा में ठोस कदम उठा रही हैं। सरकार का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि जमीन से जुड़े विवादों, दाखिल–खारिज, परिमार्जन, अतिक्रमण और अन्य मामलों का समयबद्ध और न्यायपूर्ण समाधान करना है।
उपमुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शिता, जवाबदेही और आम जनता का विश्वास है। भूमि सुधार जनकल्याण संवाद अब आम लोगों के लिए उम्मीद का मंच बन चुका है, जहां उन्हें न सिर्फ सुना जा रहा है, बल्कि हर शिकायत पर ठोस कार्रवाई का भरोसा भी मिल रहा है।




