
Bhagalpur News: भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड मैदान में संचालित सैन एंड पंडित कंपनी उस समय विवादों में घिर गई, जब टिकट काउंटर पर कार्यरत एक महिला कर्मी ने कंपनी के प्रोजेक्ट डायरेक्टर और कैशियर पर छेड़खानी का गंभीर आरोप लगाया। मामला सामने आते ही पूरे परिसर में हड़कंप मच गया और यह विवाद अब महिला उत्पीड़न बनाम गबन के आरोपों के बीच फंस गया है।
पीड़ित महिला कर्मी का कहना है कि उसने सितंबर महीने में कंपनी में नौकरी ज्वाइन की थी और उसे सैंडिस कंपाउंड के प्ले ग्राउंड स्थित टिकट काउंटर पर तैनात किया गया था। महिला के अनुसार, एक दिन तेज बारिश के दौरान प्रोजेक्ट डायरेक्टर विश्वजीत सिंह ने उसे कैशियर विकास कुमार के साथ भेजा। इसी दौरान रास्ते में विकास कुमार ने कथित तौर पर उसका हाथ पकड़ लिया और आपत्तिजनक हरकत की।
महिला ने आरोप लगाया कि घटना के बाद जब उसने इसकी शिकायत प्रोजेक्ट डायरेक्टर और अन्य कर्मचारियों से की, तो न तो उसकी बात सुनी गई और न ही कोई कार्रवाई की गई। उल्टा, उसके साथ आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गई।
वहीं दूसरी ओर, प्रोजेक्ट डायरेक्टर विश्वजीत सिंह ने छेड़खानी के आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि महिला पर करीब 35 हजार रुपये के गबन का आरोप है। कंपनी के अनुसार, टिकट काउंटर की कैश जांच में रकम की कमी पाई गई थी। विश्वजीत सिंह का दावा है कि मानवीय आधार पर महिला से राशि वापस न लेने और नौकरी से अलग करने की बात कही गई थी, जिसके बाद महिला ने खुद को बचाने के लिए छेड़खानी का आरोप लगाया।
मामला तब और पेचीदा हो गया जब मंगलवार को महिला प्रोजेक्ट डायरेक्टर के चेंबर पहुंची और वहां कथित तौर पर धमकाने का आरोप भी सामने आया। इसके बाद मामला सीधे महिला थाना पहुंच गया।
महिला थाना अध्यक्ष ने बताया कि दोनों पक्षों की ओर से लिखित आवेदन प्राप्त हुए हैं। एक पक्ष गबन का आरोप लगा रहा है, जबकि दूसरा पक्ष छेड़खानी और मानसिक उत्पीड़न की शिकायत कर रहा है। पुलिस फिलहाल दोनों मामलों की गंभीरता से जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल सैंडिस कंपाउंड से जुड़ा यह मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच पर टिकी हैं, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि सच क्या है—महिला उत्पीड़न या गबन की आड़ में लगाया गया आरोप।




